18 दिसंबर 2025 का दिन भारतीय सर्राफा बाज़ार के लिए बेहद खास बन गया। चांदी ने ऐसा रिकॉर्ड बनाया, जो पहले कभी नहीं देखा गया था। वहीं सोना भी ऊँचे दामों पर टिके रहने में कामयाब रहा। सोना-चांदी की कीमतों में आई इस तेज़ हलचल ने आम निवेशकों से लेकर बड़े ट्रेडर्स तक सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
Silver Price Today: चांदी पहली बार ऑल टाइम हाई पर
आज चांदी की कीमतों ने नया इतिहास रच दिया। घरेलू बाज़ार में चांदी ₹2 लाख प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गई, जो अब तक का सबसे ऊँचा स्तर माना जा रहा है। कमोडिटी एक्सचेंज पर भी चांदी में ज़बरदस्त तेज़ी देखने को मिली।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भी चांदी मजबूती के साथ $65 प्रति औंस से ऊपर ट्रेड करती दिखी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह उछाल अचानक नहीं आया, बल्कि इसके पीछे कई बड़े कारण हैं।
चांदी की कीमत बढ़ने के प्रमुख कारण:
- वैश्विक स्तर पर चांदी की सप्लाई में कमी
- सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर से मजबूत औद्योगिक मांग
- वैश्विक अनिश्चितता के चलते निवेशकों का Safe Haven Assets की ओर झुकाव
इन सभी कारणों ने मिलकर चांदी को रिकॉर्ड ऊँचाई तक पहुंचा दिया।
Gold Price Update: सोना ऊँचाई पर, लेकिन रफ्तार थोड़ी धीमी
सोने की कीमतें भी आज ऊँचे स्तर पर बनी रहीं। दिल्ली सहित देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोना करीब ₹1.34 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करता नजर आया। हालांकि कुछ जगहों पर हल्की गिरावट या स्थिरता भी देखी गई।
विशेषज्ञ मानते हैं कि ऊँचे भाव पर पहुंचने के बाद सोने में profit booking देखने को मिलना स्वाभाविक है। इसके बावजूद, सोना अभी भी निवेशकों के भरोसेमंद विकल्प के रूप में बना हुआ है।
सोने की कीमतों को प्रभावित करने वाले फैक्टर:
- अमेरिकी डॉलर और ब्याज दरों को लेकर संकेत
- वैश्विक आर्थिक हालात
- महंगाई और भू-राजनीतिक तनाव
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि चांदी में आई तेजी केवल शॉर्ट-टर्म नहीं है। इंडस्ट्रियल डिमांड और सप्लाई गैप के कारण आगे भी इसमें उतार-चढ़ाव के साथ मजबूती बनी रह सकती है। वहीं सोना लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अब भी एक सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है।
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