अमेरिका ने अपने H-1B वीजा (H-1B Visa) सिस्टम में बड़ा बदलाव किया है। अब पुरानी रैंडम लॉटरी सिस्टम को समाप्त कर दिया गया है और उच्च वेतन (High-Paid) और उच्च कौशल (High-Skilled) वाले कर्मचारियों को वीजा में प्राथमिकता दी जाएगी।
नया H-1B Selection Process
इस बदलाव के अनुसार, वीजा आवेदकों का चयन अब वेतन और कौशल स्तर के आधार पर किया जाएगा। इसका मतलब यह है कि जो उम्मीदवार अधिक वेतन प्राप्त करेंगे और जिनके पास विशेष तकनीकी या पेशेवर कौशल होंगे, उन्हें वीजा मिलने की संभावना अधिक होगी।
सभी वेतन स्तरों के उम्मीदवार अभी भी पात्र हैं, लेकिन कम वेतन वाले नए कर्मचारियों या फ्रेशर्स के लिए अवसर कम हो सकते हैं।
क्यों किया गया यह बदलाव?
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह कदम अमेरिकी मजदूरी बाजार की सुरक्षा और देश की आर्थिक प्राथमिकताओं के अनुरूप विदेशी कर्मचारियों का चयन सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। नियोक्ताओं को अब कम वेतन वाले विदेशी कर्मचारियों की बजाय हायर स्किल और हायर पेड कर्मचारियों पर ध्यान केंद्रित करना होगा।
लागू होने की तारीख
- यह नया नियम 27 फरवरी 2026 से लागू होगा।
- यह FY 2027 H-1B visa cap season पर लागू होगा, जिसमें पंजीकरण मार्च 2026 में शुरू होने की संभावना है।
H-1B Visa पर इसका प्रभाव
- सिनियर और अनुभवी प्रोफेशनल्स के लिए मौके बढ़ेंगे।
- फ्रेशर्स और कम वेतन वाले पदों पर अवसर कम होंगे।
- भारत जैसे देशों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण, क्योंकि भारतीय नागरिक H-1B वीजा का बड़ा हिस्सा हैं।
व्यापक नजरिया
यह बदलाव अमेरिकी प्रशासन की मजदूरी संरक्षण नीति और इमिग्रेशन नियंत्रण के हिस्से के रूप में आया है। पिछले वर्षों में H-1B Visa पर फीस बढ़ोतरी और अतिरिक्त वेरिफिकेशन जैसी अन्य नीतियां भी लागू की गई हैं।
हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
