पहलगाम में आतंक का कहर: रायपुर के कारोबारी दिनेश मिरानिया की गोली मारकर हत्या, परिवार के सामने हुई वारदात
जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत पहलगाम में मंगलवार का दिन खून से लाल हो गया। छुट्टियां मनाने गए रायपुर के स्टील कारोबारी दिनेश मिरानिया की आतंकियों ने उनके परिवार के सामने बेरहमी से हत्या कर दी। घटना बैसरन घाटी में हुई, जहाँ वह पत्नी और बच्चों के साथ शादी की सालगिरह मना रहे थे।
दिनेश मिरानिया की पत्नी नेहा, बेटा शौर्य और बेटी लक्षिता के सामने ही आतंकियों ने उनका नाम पूछा और फिर गोली चला दी। गोली लगने के बाद उन्हें सेना के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

हमले के बाद अफरा-तफरी का माहौल
हमले की खबर मिलते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सेना ने तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया और पहलगाम को खाली कराया गया। सभी दुकानों और पर्यटक स्थलों को बंद कर दिया गया। पर्यटकों को होटल में सुरक्षित ठहराया गया है।
पीड़ित परिवार से मिले गृह मंत्री, PM और राहुल गांधी की प्रतिक्रिया
गृह मंत्री अमित शाह ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी और कहा कि आतंकियों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी घटना की कड़ी निंदा की है और पीड़ितों के साथ संवेदना जताई है।
राज्य सरकार का ऐलान – मृतकों को मुआवजा
जम्मू-कश्मीर सरकार ने इस आतंकी हमले में मारे गए लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। गंभीर घायलों को 2 लाख और मामूली घायलों को 1 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।

हमले में 27 टूरिस्टों की मौत, लश्कर-ए-तैयबा ने ली जिम्मेदारी
इस आतंकी हमले में कुल 27 लोगों की जान चली गई, जिनमें विदेशी पर्यटक और कई राज्यों से आए लोग शामिल हैं। हमला दोपहर करीब 2:45 बजे हुआ। आतंकियों ने एक-एक कर पर्यटकों से नाम पूछे और उन्हें गोली मार दी। इस जघन्य हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा ने ली है।
https://deshharpal.com/ की संवेदना
DeshHarpal शोक संतप्त परिवार के साथ इस दुख की घड़ी में खड़ा है और शांति की कामना करता है। हमारी अपील है कि आतंक के खिलाफ देश एकजुट हो, ताकि फिर कभी किसी का परिवार इस तरह ना उजड़े।
