इंदौर के लसूड़िया स्थित सागर समृद्धि अपार्टमेंट में हुई इस दर्दनाक घटना ने एक खुशहाल परिवार को पलभर में बिखेर दिया। इस हादसे का सबसे मार्मिक पहलू वे छोटे-छोटे बच्चे हैं, जिन्हें दो दिन तक यह तक नहीं बताया गया कि उनकी मां अब इस दुनिया में नहीं रहीं।
मासूम बेटे का इंतजार: “मम्मा आएंगी तब ही खाना खाऊंगा”
पति सौरभ पांडे ने बताया कि घटना के बाद जब बड़े बेटे ने फोन कर खाने के लिए पूछा, तो उन्होंने उसे समझाया कि “मम्मा की तबीयत ठीक नहीं है, दो दिन में आ जाएंगी।”
इस पर बेटे ने मासूमियत से कहा—“मम्मा आ जाएंगी तब ही खाना खाऊंगा…”
दो दिन बाद जब मां की पार्थिव देह घर पहुंची, तब बच्चों को सच्चाई बताई गई। यह सुनते ही दोनों बच्चे फूट-फूटकर रो पड़े। छोटा बेटा अब भी यह समझ नहीं पा रहा कि उसकी मां हमेशा के लिए उसे छोड़कर चली गई है।

मां के जन्मदिन पर खुशियां मनाने की थी तैयारी
सौरभ ने बताया कि जिस दिन यह हादसा हुआ, उसी दिन उन्होंने डीबी प्राइड में नया फ्लैट बुक किया था। संयोग से उस दिन शंपा की मां का जन्मदिन भी था, इसलिए वे इसे एक अच्छा और शुभ कदम मान रहे थे। लेकिन उसी दिन घटी इस घटना ने सारी खुशियां छीन लीं।
जिस घर में पूजा हुई, वहीं से निकली अंतिम यात्रा
नवंबर में पूरे परिवार ने इसी फ्लैट में गृह प्रवेश की पूजा की थी। लेकिन अब उसी घर से शंपा की अंतिम यात्रा निकली। सौरभ कहते हैं—“ऐसा लगा जैसे हमारे परिवार में बम फट गया हो… एक मिनट में सब खत्म हो गया।”
पहले मां का निधन, अब यह हादसा
सौरभ के मुताबिक, तीन महीने पहले ही शंपा की मां का ब्रेन हेमरेज से निधन हुआ था। परिवार अभी उस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि यह दूसरी बड़ी त्रासदी सामने आ गई।
AIRBNB विवाद के बाद बदलने लगा मन
सागर समृद्धि अपार्टमेंट में शिफ्ट होने के बाद सौरभ को सोसाइटी के व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां उन्हें पता चला कि बिल्डिंग में AIRBNB के जरिए कुछ संदिग्ध गतिविधियों को लेकर विवाद चल रहे हैं।
रंगपंचमी के आसपास इस जानकारी के बाद परिवार ने तय किया था कि वे फ्लैट बेच देंगे या किराए पर दे देंगे। हालांकि शुरुआत में लगा कि हालात सामान्य हो जाएंगे, लेकिन एक हफ्ते पहले हुए विवाद के बाद उन्होंने तुरंत नया फ्लैट देखने का फैसला कर लिया और ऑनलाइन विज्ञापन भी डाल दिया था।
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