Assam विधानसभा चुनाव 2026 का माहौल अब पूरी तरह गर्म हो चुका है, और प्रधानमंत्री Narendra Modi की गोगामुख रैली ने चुनावी बहस को नई दिशा दे दी है। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि “कांग्रेस के राजकुमार की हार की सेंचुरी अब तय है।” राजनीतिक गलियारों में इसे कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर सीधा तंज माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि असम की जनता एक बार फिर भाजपा-एनडीए पर भरोसा जताएगी और राज्य में जीत की hat-trick लगेगी। उनका कहना था कि पिछले कुछ वर्षों में असम ने जिस तेजी से विकास देखा है, वह अब रुकने वाला नहीं है।
Tea से Chip तक: Assam Growth Model पर बड़ा फोकस
रैली का सबसे चर्चित हिस्सा वह रहा जब पीएम मोदी ने कहा कि अब असम की पहचान सिर्फ tea gardens तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह राज्य “Tea and Chip” economy के रूप में भी जाना जाएगा।
यह बयान सिर्फ एक राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि राज्य के भविष्य के औद्योगिक विजन की झलक भी माना जा रहा है। असम लंबे समय से अपनी चाय के लिए दुनिया भर में मशहूर रहा है, लेकिन अब सरकार इसे semiconductor, electronics manufacturing और tech investment hub के रूप में भी आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है।
यही वजह है कि भाजपा इस चुनाव में विकास को सिर्फ सड़क, बिजली और पानी तक सीमित न रखकर technology-driven economy के रूप में पेश कर रही है।
Congress पर Identity और Security को लेकर निशाना
अपने भाषण में पीएम मोदी ने असम की सांस्कृतिक पहचान, घुसपैठ और सुरक्षा जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि असम की अस्मिता और परंपरा की रक्षा भाजपा सरकार की प्राथमिकता रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा इस बार भी identity politics + development narrative के मिश्रण के साथ चुनाव मैदान में उतर रही है, जो पहले भी राज्य में उसके लिए फायदेमंद रहा है।
Tea Garden Visit ने जोड़ा Emotional Human Touch
रैली के बाद प्रधानमंत्री का डिब्रूगढ़ के चाय बागान पहुंचना और महिला श्रमिकों से बातचीत करना लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। उन्होंने खुद चाय की पत्तियां तोड़ीं, श्रमिकों से हालचाल पूछा और उनके काम को सराहा।
यही वह पल था जिसने पूरे चुनावी संदेश में एक human touch जोड़ दिया।
असम में चाय उद्योग केवल व्यापार नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की रोज़ी-रोटी और पीढ़ियों की पहचान से जुड़ा हुआ है। ऐसे में यह दौरा सीधे लोगों की भावनाओं से जुड़ता दिखा।
Assam Election 2026 में किस ओर जाएगा मुकाबला?
126 सीटों वाली असम विधानसभा में इस बार मुकाबला दिलचस्प होता दिख रहा है। भाजपा जहां development, security और identity के मुद्दों को मजबूती से उठा रही है, वहीं कांग्रेस राहत, सामाजिक न्याय और स्थानीय मुद्दों के सहारे चुनावी जमीन मजबूत करने की कोशिश में है।
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