मुंबई (Mumbai) की सियासत एक बार फिर करवट लेने को तैयार है। BMC Election 2025 से पहले जो संकेत मिल रहे हैं, वे बताते हैं कि ठाकरे परिवार की पुरानी दरार अब इतिहास बन सकती है। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे—जो सालों से अलग-अलग राजनीतिक रास्तों पर थे—अब एक साझा मंज़िल की ओर बढ़ते दिख रहे हैं: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC)।
अगर यह गठबंधन जमीन पर उतरता है, तो इसका असर सिर्फ चुनावी गणित तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि Mumbai Politics की पूरी दिशा बदल सकता है।
क्यों खास है उद्धव–राज ठाकरे की नजदीकी?
राज ठाकरे के शिवसेना से अलग होकर MNS बनाने के बाद दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक दूरी बनी रही। लेकिन समय बदला है।
- शिवसेना का विभाजन
- BMC पर दशकों पुराना दबदबा खतरे में
- BJP–Shिंदे गुट की मजबूत तैयारी
इन सबके बीच अब ठाकरे बंधुओं को लग रहा है कि मुंबई की सत्ता की चाबी साथ आए बिना हासिल करना मुश्किल है।
MaMu Formula: चुनावी रणनीति की रीढ़
इस संभावित गठबंधन की सबसे अहम रणनीति है ‘MaMu Formula’—यानी Marathi + Muslim वोट बैंक।
Mumbai के कई वार्ड ऐसे हैं जहाँ:
- मराठी मतदाता पारंपरिक रूप से शिवसेना से जुड़े रहे हैं
- मुस्लिम वोट निर्णायक भूमिका निभाता है
उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) को जहां अल्पसंख्यक वोटों में भरोसा हासिल है, वहीं राज ठाकरे की MNS शहरी मराठी वोटर पर मजबूत पकड़ रखती है। दोनों का मेल सीधे BJP और महायुति के समीकरण को चुनौती दे सकता है।
BMC Seat Sharing: फॉर्मूला तय, लेकिन पेंच बाकी
सूत्रों के मुताबिक, BMC की 227 सीटों को लेकर एक मोटा खाका तैयार है:
- Shiv Sena (UBT): 140–150 सीटें
- MNS: 60–70 सीटें
हालांकि माहिम, शिवड़ी और विक्रोली जैसे कुछ वार्डों पर दोनों दलों की दावेदारी ने बातचीत को थोड़ा मुश्किल जरूर बनाया है। लेकिन अंदरखाने यह संदेश साफ है कि सीट विवाद गठबंधन से बड़ा नहीं बनने दिया जाएगा।
Joint Rally से मिलेगा बड़ा सियासी संदेश
खबर है कि चुनाव से पहले मुंबई में 2 से 3 संयुक्त रैलियां हो सकती हैं। अगर उद्धव और राज ठाकरे एक ही मंच पर साथ दिखे, तो यह सिर्फ एक चुनावी कार्यक्रम नहीं होगा—
यह मराठी अस्मिता और भावनाओं से जुड़ा एक बड़ा राजनीतिक संकेत होगा।
दूसरी तरफ BJP–Shinde Alliance की तैयारी
इधर BJP, एकनाथ शिंदे गुट और अजित पवार की NCP भी पीछे नहीं है।
- महायुति में लगभग 150 सीटों पर सहमति बन चुकी है
- बाकी सीटों पर अंतिम फैसला शीर्ष नेतृत्व करेगा
यानी मुकाबला सीधा और कांटे का है।
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