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जहर खाने से पहले बेटे को भेजी प्रॉपर्टी की डिटेल:आखिरी वीडियो में बोले- डॉ. जहीर ने मजबूर किया, बजरंग दल मेरा बदला ले

सूदखोरों की प्रताड़ना से तंग आकर शाजापुर के दिनेश कुंभकार ने खाया जहर, वीडियो में कही ये बात शाजापुर के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी दिनेश कुंभकार ने सूदखोरों की प्रताड़ना से तंग आकर जहर खा लिया। यह घटना गुरुवार शाम ग्राम सनकोटा में हुई। जहर खाने के बाद उन्होंने अपने बेटे योजीत को फोन कर इसकी जानकारी दी। परिजनों ने तुरंत 108 एंबुलेंस की मदद से उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए इंदौर रेफर कर दिया गया। वीडियो में लगाए गंभीर आरोप दिनेश कुंभकार घरों में जाकर इंजेक्शन लगाने का काम करते हैं। जहर खाने से पहले उन्होंने एक वीडियो बनाया, जिसमें उन्होंने लगातार प्रताड़ना की बात कही और बजरंग दल से बदला लेने की गुहार लगाई। वीडियो में दिनेश ने कहा—“मैं डॉ. दिनेश… डॉ. जहीर मुझे बहुत प्रताड़ित कर रहा था। रोज-रोज मुझे परेशान कर रहा था। रमजान का महीना समझकर मैं उसे छोड़ता रहा, लेकिन उसने मुझे जहर खाने पर मजबूर कर दिया।” “मैं बजरंग दल की टीम से कहता हूं कि मेरा बदला ले, जय श्री राम, जय सियाराम।” पुलिस ने शुरू की जांच इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। दिनेश द्वारा लगाए गए आरोपों की वास्तविकता की पुष्टि करने के लिए पुलिस वीडियो और अन्य सबूतों की जांच कर रही है। दिनेश कुंभकार ने सूदखोरों की प्रताड़ना से तंग आकर गुरुवार शाम जहर खा लिया। इससे पहले उन्होंने अपने बेटे योजीत को वॉट्सऐप पर विस्तृत जानकारी भेजी, जिसमें उन्होंने अपने बैंक खातों, गिरवी रखे गहनों और संपत्तियों का जिक्र किया। बैंकों में बीमा और गिरवी रखे गहनों की जानकारी दी दिनेश ने अपने मैसेज में बताया कि—🔹 यूनिटी बैंक, बंधन बैंक और भारत बैंक में उनका बीमा है।🔹 कैपरी बैंक में गोल्ड लोन और मंगलसूत्र गिरवी रखा गया है।🔹 ज्योतिनगर में संदीप सोनी के पास 265 ग्राम की पायजेब रखी है।🔹 राधास्वामी आश्रम के सामने उनका 22×40 का प्लॉट है। सूदखोरों का नाम लेकर लगाए गंभीर आरोप दूसरे वॉट्सऐप मैसेज में दिनेश ने कुछ लोगों का जिक्र करते हुए बताया कि—🔸 पप्पू विश्वकर्मा, सीताराम विश्वकर्मा, भागीरथ जी टेंट हाउस, ज्योतिनगर की आंटी जी और जितेन पोंटिंग की मां से उन्होंने पैसे लिए थे और मूल राशि से अधिक ब्याज चुका दिया था।🔸 इसके बावजूद ये लोग उन्हें परेशान कर रहे थे और दुकान बंद करवाने की धमकी दे रहे थे।🔸 दिनेश ने प्रशासन से अपने बच्चों के लिए इन सूदखोरों से पैसे वापस दिलाने की गुहार लगाई। बेटे ने किया बड़ा खुलासा जिला अस्पताल में दिनेश के बेटे योजीत ने बताया कि उनके पिता लगातार सूदखोरों के उत्पीड़न से परेशान थे। उन्होंने कहा—🗣️ “पापा ने बताया था कि ये लोग उन्हें धमका रहे हैं और दुकान बंद करवाने की कोशिश कर रहे हैं। हमने इनका ब्याज चुका दिया है, लेकिन फिर भी ये हमें परेशान कर रहे हैं।” पुलिस जांच में जुटी 🔹 लालघाटी थाना प्रभारी अर्जुन सिंह मुजाल्दे ने बताया कि डॉक्टरों ने दिनेश को इंदौर रेफर कर दिया है और परिवार के लोग उनके साथ गए हैं।🔹 मामले की जांच की जा रही है और आरोपों की सत्यता की पुष्टि की जाएगी। ➡️ क्या प्रशासन इन सूदखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा? इस मामले पर आपकी क्या राय है?https://deshharpal.com से जुड़ें और ताज़ा खबरों के लिए हमें Instagram, Twitter और Facebook पर फॉलो करें
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राजस्व मंत्री बोले- अगला चुनाव नहीं लड़ूंगा:घुटनों का ऑपरेशन करवाना है; इछावर में कहा- अंतिम सांस तक सेवा करता रहूंगा

मध्य प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने की बड़ी घोषणा, अगला विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे मध्य प्रदेश के राजस्व मंत्री और इछावर के विधायक करण सिंह वर्मा ने स्वास्थ्य कारणों के चलते अगला विधानसभा चुनाव न लड़ने की घोषणा की है। उन्होंने यह ऐलान इछावर में मुक्तिधाम के भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान किया। घुटनों की सर्जरी कराएंगे, लेकिन कार्यकाल पूरा करेंगे मंत्री वर्मा ने बताया कि लंबे समय से घुटनों में दर्द की समस्या बनी हुई है, जिस वजह से डॉक्टरों ने उन्हें सर्जरी कराने की सलाह दी है। हालांकि, मजाकिया अंदाज में उन्होंने कहा,“अभी मेरी उम्र ही क्या है? मंत्री बने सिर्फ एक साल चार महीने ही हुए हैं। कार्यकाल पूरा करना है, जनता की सेवा जारी रहेगी।” इछावर को सुंदर बनाने का संकल्प कार्यक्रम में मंत्री वर्मा ने किसानों की समस्याओं पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि सोयाबीन के कम दाम और नामांतरण की दिक्कतों को दूर करने के लिए दिल्ली में तहसील साइबर लॉन्च किया गया है। मंत्री वर्मा ने इछावर को सुंदर बनाने और अंतिम समय तक जनता की सेवा करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि वे इछावर के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं और अपनी जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हटेंगे। कार्यक्रम में कौन-कौन रहा मौजूद? इस भूमि पूजन कार्यक्रम में कई प्रमुख नेता और अधिकारी शामिल हुए, जिनमें—✅ सीहोर जिला भाजपा अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा✅ भाजपा नेता सन्नी महाजन✅ जिला उपाध्यक्ष कैलाश सुराना✅ इछावर नगर परिषद अध्यक्ष देवेंद्र वर्मा सहित कई स्थानीय लोग उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ, किसानों के लिए नई योजनाओं का ज़िक्र मंत्री वर्मा ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का ज़िक्र करते हुए कहा कि उनकी नीतियां किसानों के लिए वरदान साबित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री को पता है कि किसानों की फसल कब बिक रही है, इसलिए उनके लिए साइबर तहसील योजना शुरू की गई है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि—🔹 किसान सम्मान निधि योजना से किसानों को आर्थिक सहायता मिल रही है।🔹 शिवराज सरकार ने 5000 मकानों का निर्माण कराया है।🔹 हर मकान का निर्माण सुनिश्चित कराया जाएगा।🔹 इछावर को सुंदर और स्वच्छ बनाया जाएगा। ‘अंतिम सांस तक सेवा करूंगा’ मंत्री वर्मा ने स्पष्ट किया कि हालांकि वे अगला विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन जनता की सेवा अंतिम समय तक जारी रहेगी। उन्होंने कहा—“मेरे घुटनों की जांच करवाई है, ऑपरेशन करवाना पड़ेगा, इसलिए चुनाव नहीं लड़ूंगा। लेकिन जब तक संभव होगा, तब तक काम करूंगा। इछावर को सुंदर बनाकर जाऊंगा प्रधानमंत्री मोदी का यह फैसला राजनीति में कोई नया संकेत देता है? अपनी राय हमें कमेंट में बताएं। Deshharpal से जुड़ें और ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
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SupremeCourtHearingControversy; Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर लगाई रोक, कहा- ‘टिप्पणी असंवेदनशील और अमानवीय’

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक फैसले पर रोक लगाते हुए उसकी कड़ी आलोचना की। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि किसी नाबालिग लड़की के ब्रेस्ट पकड़ना और उसके पायजामे का नाड़ा तोड़ना रेप या ‘अटेम्प्ट टु रेप’ की श्रेणी में नहीं आता। सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को ‘असंवेदनशील’ और ‘अमानवीय दृष्टिकोण’ बताया है। सुप्रीम कोर्ट की कड़ी प्रतिक्रिया जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस एजी मसीह की पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा, “यह बहुत गंभीर मामला है और जिस जज ने यह फैसला दिया, उसकी तरफ से बहुत असंवेदनशीलता दिखाई गई। हमें यह कहते हुए बहुत दुख हो रहा है कि फैसला लिखने वाले में संवेदनशीलता की पूरी तरह से कमी थी।” सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और अन्य पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इससे पहले मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर स्वतः संज्ञान लिया था। यह फैसला आते ही कानूनी विशेषज्ञों, राजनेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे को गंभीर मानते हुए तुरंत सुनवाई का निर्णय लिया। केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी सुप्रीम कोर्ट के रुख का समर्थन किया। उन्होंने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने खुद लिया संज्ञान “कुछ फैसलों को रोकने के पीछे महत्वपूर्ण कारण होते हैं, और यह उनमें से एक है।” हाईकोर्ट का विवादास्पद फैसला इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था, “किसी लड़की के निजी अंग पकड़ लेना, उसके पायजामे का नाड़ा तोड़ देना और जबरन उसे पुलिया के नीचे खींचने की कोशिश करना रेप या ‘अटेम्प्ट टु रेप’ की श्रेणी में नहीं आता।” हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद महिला संगठनों और कानूनी विशेषज्ञों ने इसकी आलोचना करते हुए कहा कि यह पीड़िता के अधिकारों का हनन करता है और यौन उत्पीड़न को हल्के में लेने जैसा है। न्यायपालिका पर उठे सवाल यह मामला देश में महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनी ढांचे को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे फैसले अपराधियों को बचाव का आधार दे सकते हैं और महिलाओं के प्रति हो रहे अपराधों के खिलाफ न्याय मिलने में बाधा बन सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से अब पीड़िता को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। इस मामले की अगली सुनवाई जल्द ही होने की संभावना है। (देश हरपल की विशेष रिपोर्ट)
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बिलासपुर में पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 10 थानेदारों के तबादले; तोरवा TI लाइन अटैच

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए एसएसपी रजनेश सिंह ने पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया है। जारी आदेश के मुताबिक, 10 निरीक्षकों समेत अन्य पुलिस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। तोरवा थाना प्रभारी रजनीश सिंह को कामकाज में खराब प्रदर्शन के चलते लाइन अटैच किया गया है। वहीं, तारबाहर थाना प्रभारी रविशंकर तिवारी को सिविल लाइन थाने की जिम्मेदारी दी गई है। सिविल लाइन थाना प्रभारी किशोर केंवट को सिरगिट्टी थाने भेजा गया है। बताया जा रहा है कि जिले के कुछ थानों के प्रभारियों के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद एसएसपी ने यह कदम उठाया। सनीप रात्रे को तारबाहर थाने की जिम्मेदारी जारी आदेश के अनुसार, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले से हाल ही में स्थानांतरित होकर आए निरीक्षक सनीप रात्रे को तारबाहर थाने का प्रभारी बनाया गया है। जिला विशेष शाखा में पदस्थ निरीक्षक अजय साहू को बिल्हा थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस विभाग में किए गए इस फेरबदल के तहत कई थाना प्रभारियों को नई जिम्मेदारी दी गई है, जबकि कुछ अधिकारियों को थानों से हटाकर दूसरी शाखाओं में पदस्थ किया गया है। खराब प्रदर्शन के चलते तोरवा TI लाइन अटैच एसएसपी रजनेश सिंह ने थाना प्रभारियों को उनके कामकाज को लेकर पहले ही स्पष्ट निर्देश दिए थे। इसके बावजूद तोरवा थाना प्रभारी रजनीश सिंह के प्रदर्शन को संतोषजनक नहीं माना गया। इसके बाद उन्हें लाइन अटैच कर दिया गया। उनकी जगह सीएसपी सिटी कोतवाली कार्यालय में पदस्थ निरीक्षक विवेक पांडेय को तोरवा थाने का प्रभार सौंपा गया है। किशोर केंवट को फिर मिली सिरगिट्टी थाने की जिम्मेदारी तबादला आदेश के मुताबिक, सिविल लाइन थाना प्रभारी किशोर केंवट को एक बार फिर सिरगिट्टी थाने की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, सिरगिट्टी थाना प्रभारी वाईपी सिंह को हटाकर जिला विशेष शाखा का प्रभारी बनाया गया है। बिल्हा थाना प्रभारी तोप सिंह नवरंग को सिटी कोतवाली में पदस्थ किया गया है। गौरतलब है कि सिटी कोतवाली थाना प्रभारी देवेंश सिंह राठौर का जिले से बाहर तबादला हो चुका है। अनिल अग्रवाल को चकरभाठा थाने का प्रभार निरीक्षक अनिल अग्रवाल लंबे समय तक लाइन में पदस्थ रहे। इसके बाद उन्हें एसपी कार्यालय में समंस-वारंट और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स में जिम्मेदारी दी गई थी। अब उन्हें चकरभाठा थाने का प्रभारी बनाया गया है। वहीं, निरीक्षक भावेश शेंडे को अनिल अग्रवाल की जगह पदस्थ किया गया है। अनिल अग्रवाल के बेलगहना में पदस्थ रहने के दौरान उनके खिलाफ शिकायतें मिलने की बात सामने आई थी। बिलासपुर में सब-इंस्पेक्टर के रूप में तैनाती के दौरान भी उनके खिलाफ शिकायतें किए जाने का उल्लेख है। सहायक उपनिरीक्षक का भी तबादला जारी आदेश के अनुसार, सहायक उपनिरीक्षक शोभनाथ यादव को जिला विशेष शाखा से सिरगिट्टी थाने में पदस्थ किया गया है। पुलिस विभाग में हुए इस फेरबदल के बाद जिले के कई थानों की जिम्मेदारी नए अधिकारियों को सौंपी गई है। इसका उद्देश्य थानों के कामकाज में सुधार और कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाना बताया गया है।

दिलजीत दोसांझ के फैंस के लिए राहत, दिल्ली में 30 अक्टूबर के कॉन्सर्ट को मिली मंजूरी

पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ के प्रशंसकों के लिए राहत की खबर है। दिल्ली में 30 अक्टूबर को होने वाले उनके कॉन्सर्ट को दिल्ली पुलिस और नागरिक प्रशासन से मंजूरी मिलने की जानकारी सामने आई है। आयोजकों की ओर से सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की विस्तृत योजना पेश किए जाने के बाद कार्यक्रम के आयोजन का रास्ता साफ हो गया है। समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कॉन्सर्ट के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) और जरूरी अनुमतियां दिए जाने की पुष्टि की है। सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था पर जताई गई थी चिंता इससे पहले पुलिस ने कॉन्सर्ट के दौरान सुरक्षा इंतजामों और शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को लेकर चिंता जताई थी। इन मुद्दों पर पर्याप्त जानकारी नहीं मिलने के कारण शुरुआत में आयोजन की अनुमति देने से इनकार किया गया था। अनुमति को लेकर बने गतिरोध को दूर करने के लिए पिछले कुछ दिनों में आयोजकों और पुलिस अधिकारियों के बीच कई दौर की बैठकें हुईं। इन बैठकों में आयोजकों ने कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश और निकास के रास्तों, आपातकालीन निकासी, भीड़ नियंत्रण और पार्किंग व्यवस्था से जुड़ी योजनाएं प्रस्तुत कीं। मंजूरी के बाद तैयारियां तेज कॉन्सर्ट को मंजूरी मिलने के बाद आयोजकों ने कार्यक्रम की तैयारियां तेज कर दी हैं। 30 अक्टूबर को होने वाले इस लाइव शो को लेकर दिल्ली और आसपास के इलाकों में दिलजीत दोसांझ के प्रशंसकों के बीच उत्साह है। कार्यक्रम के दौरान दर्शकों की सुरक्षा और सुविधाओं का ध्यान रखना आयोजकों तथा प्रशासन की प्राथमिकता होगी। भीड़ प्रबंधन और यातायात पर रहेगा जोर कॉन्सर्ट में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए भीड़ का सुचारु प्रबंधन, आपातकालीन निकासी और यातायात व्यवस्था महत्वपूर्ण रहेगी। पुलिस और संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों को कार्यक्रम के दौरान इन व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देना होगा।

नेहा बोरा की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट आज सुनाएगा फैसला, ₹10 हजार के बांड को दी है चुनौती

दिल्ली में SIR के खिलाफ प्रदर्शन से जुड़े मामले में AISA अध्यक्ष नेहा बोरा की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट आज फैसला सुनाएगा। नेहा ने अदालत में दलील दी है कि 16 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन से उनका कोई संबंध नहीं था और उन्होंने शांति भंग करने वाली कोई गतिविधि नहीं की। नेहा ने कार्यकारी मजिस्ट्रेट की ओर से जारी उस नोटिस को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें शांति बनाए रखने के लिए 10 हजार रुपये का निजी बांड भरने को कहा गया है। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की अदालत ने गुरुवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। 16 अक्टूबर को हिरासत में ली गई थीं नेहा बोरा नेहा बोरा को 16 अक्टूबर को मंडी हाउस से कनॉट प्लेस की ओर मार्च के दौरान हिरासत में लिया गया था। यह मार्च CJP के ‘लहरा दो तिरंगा’ कार्यक्रम से जुड़ा था। उन्हें अगले दिन रिहा कर दिया गया था। इसके बाद 18 अक्टूबर को उन्हें विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की ओर से नोटिस मिला। इसमें 10 हजार रुपये का निजी बांड भरने और शांति बनाए रखने की शर्त रखी गई थी। नोटिस में जंतर-मंतर के आसपास बार-बार प्रदर्शन होने का भी उल्लेख किया गया, जबकि जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाया जा चुका है। नोटिस में आरोप लगाया गया कि निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद नेहा ने लोगों को कनॉट प्लेस जाने के लिए उकसाया था। नेहा के वकील की 5 प्रमुख दलीलें नेहा बोरा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने अदालत में कई दलीलें पेश कीं। केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस ने क्या कहा? केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) चेतन शर्मा ने दलीलों का विरोध किया। लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने दावा किया कि नेहा ने बार-बार नियमों का उल्लंघन किया और ऐसे 12 उल्लंघनों का उल्लेख किया। केंद्र की ओर से कहा गया कि विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने उपलब्ध सामग्री पर दो बार विचार किया था। जांच अधिकारी से मिली जानकारी की पुष्टि करने के बाद ही नोटिस जारी किया गया। सरकार बदलने की मांग पर भी हुई बहस सुनवाई के दौरान सरकार बदलने की मांग को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच बहस हुई। नेहा के वकील ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार बदलने की मांग करना गलत नहीं है। इसके जवाब में ASG चेतन शर्मा ने कहा कि सरकारें वोट के जरिए बदलती हैं, न कि दिल्ली के केंद्र में जुटने वाले कथित ‘उपद्रवी तत्वों’ के जरिए। अदालत ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर उठाया सवाल सुनवाई के दौरान अदालत ने इस बात पर चिंता जताई कि जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को बुरा मानकर उससे अच्छे व्यवहार का बांड भरने के लिए कहना उसकी प्रतिष्ठा को प्रभावित कर सकता है। अदालत ने इस मुद्दे को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार से भी जोड़कर देखा। अब नेहा बोरा की याचिका पर हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार है।

छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 49 ट्रेनें 27 नवंबर से 17 दिसंबर तक रद्द, साउथ बिहार एक्सप्रेस भी प्रभावित

छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली रेलगाड़ियों से सफर करने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। रेलवे के झारसुगुड़ा पैसेंजर यार्ड में काम के चलते 27 नवंबर से 17 दिसंबर 2026 तक अलग-अलग तारीखों में 49 एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस का परिचालन राउरकेला तक सीमित रहेगा, जबकि उत्कल एक्सप्रेस के रूट में भी बदलाव किया गया है। कुछ लंबी दूरी की ट्रेनें भी प्रभावित होंगी। वहीं, पुणे-हावड़ा आजाद हिंद एक्सप्रेस 14 दिसंबर को निर्धारित समय से दो घंटे देरी से रवाना होगी। साउथ बिहार एक्सप्रेस राउरकेला तक ही चलेगी रेलवे के दिए गए विवरण के मुताबिक, आरा-दुर्ग और दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस का परिचालन निर्धारित तारीखों पर आंशिक रूप से रद्द रहेगा। इस बदलाव के कारण इन तारीखों पर दुर्ग और राउरकेला के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है। आजाद हिंद एक्सप्रेस दो घंटे देरी से चलेगी 14 दिसंबर 2026 को पुणे से रवाना होने वाली 12129 पुणे-हावड़ा आजाद हिंद एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से दो घंटे देरी से चलेगी। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि स्टेशन के लिए निकलने से पहले ट्रेन की अपडेटेड स्थिति और प्रस्थान समय की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें। सफर से पहले ट्रेन का स्टेटस जरूर जांचें रेलवे यार्ड में होने वाले काम के कारण ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया जा रहा है। ऐसे में यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों को अपनी ट्रेन की तारीख, रूट और समय की पुष्टि कर लेनी चाहिए। ट्रेन की ताजा स्थिति जानने के लिए रेलवे की आधिकारिक पूछताछ सेवा NTES या हेल्पलाइन नंबर 139 का इस्तेमाल किया जा सकता है।

Jio Platforms IPO का आज आखिरी दिन, 20 गुना सब्सक्राइब होने का दावा; GMP से ₹1,377 पर लिस्टिंग के संकेत

Jio Platforms के IPO में बोली लगाने का आज आखिरी दिन है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, इश्यू अब तक करीब 20 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। संस्थागत निवेशकों की ओर से जबरदस्त मांग देखने को मिली है, जबकि रिटेल निवेशकों का हिस्सा 2.69 गुना सब्सक्राइब हुआ है। दावा किया जा रहा है कि यह IPO एक करोड़ आवेदन का आंकड़ा पार करने वाला दुनिया का पहला इश्यू बन गया है। इससे पहले यह रिकॉर्ड Waaree Energies के नाम था, जिसके IPO को करीब 97 लाख आवेदन मिले थे। नोट: IPO के सब्सक्रिप्शन आंकड़े, आवेदन संख्या और बोली की अंतिम समयसीमा को निवेश करने से पहले आधिकारिक एक्सचेंज या रजिस्ट्रार की वेबसाइट पर जरूर जांच लें। पहले दिन ही 3 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ था IPO दिए गए आंकड़ों के अनुसार, IPO के पहले दिन यानी 21 अक्टूबर को ही इश्यू 3.02 गुना सब्सक्राइब हो गया था। 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले 59.68 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिली थीं। दूसरे दिन संस्थागत निवेशकों की मजबूत भागीदारी के चलते सब्सक्रिप्शन का आंकड़ा 3.50 गुना से आगे निकल गया था। इसके बाद भी इश्यू में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने का दावा किया गया है। IPO में न्यूनतम ₹13,428 लगाने होंगे Jio Platforms IPO का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर बताया गया है। दिए गए विवरण के मुताबिक, एक लॉट में 12 शेयर शामिल हैं। अपर प्राइस बैंड के आधार पर एक लॉट के लिए निवेशकों को ₹13,428 लगाने होंगे। वहीं, अधिकतम 14 लॉट यानी 168 शेयरों के लिए आवेदन करने पर करीब ₹1.88 लाख की राशि लगेगी। आवेदन से पहले आधिकारिक IPO दस्तावेजों में लॉट साइज और निवेश की सीमा की पुष्टि करना जरूरी है। GMP के आधार पर ₹1,377 पर लिस्टिंग का अनुमान IPO की लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में शेयर का प्रीमियम (GMP) ₹258 प्रति शेयर, यानी करीब 23% बताया गया है। अगर अपर प्राइस बैंड ₹1,119 और GMP ₹258 को जोड़ें, तो संभावित लिस्टिंग कीमत ₹1,377 बनती है। हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम अनौपचारिक संकेतक है। इसके आधार पर लिस्टिंग कीमत या मुनाफे की गारंटी नहीं दी जा सकती। वास्तविक कीमत लिस्टिंग के दिन बाजार की परिस्थितियों और निवेशकों की मांग पर निर्भर करेगी। एंकर निवेशकों से ₹8,110 करोड़ जुटाने का दावा दिए गए विवरण के अनुसार, Jio Platforms इस IPO के जरिए कुल ₹30,213 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। इश्यू खुलने से पहले एंकर निवेशकों को शेयर आवंटित करके ₹8,110 करोड़ जुटाए जाने की जानकारी दी गई है। एंकर निवेशकों को आवंटन के बाद आम निवेशकों और अन्य पात्र श्रेणियों के लिए करीब ₹22,103 करोड़ का शुद्ध इश्यू रहने का दावा किया गया है। IPO से मिलने वाली रकम का कहां होगा इस्तेमाल? IPO से जुटाई जाने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी की प्रमुख सब्सिडियरी Reliance Jio Infocomm Limited (RJIL) के कर्ज के भुगतान के लिए किए जाने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा, राशि का एक हिस्सा सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों पर भी खर्च किया जाएगा। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, इश्यू के बाद प्रमोटर और प्रमोटर समूह की हिस्सेदारी 66.43% से घटकर 64.48% रह सकती है। वहीं, सार्वजनिक शेयरधारिता 33.57% से बढ़कर 35.52% होने का अनुमान है। क्या होती है एंकर बुक? IPO में एंकर बुक संस्थागत निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्सा होता है। इसमें म्यूचुअल फंड, विदेशी संस्थागत निवेशक और बीमा कंपनियों जैसे बड़े निवेशकों को आम जनता के लिए IPO खुलने से पहले शेयर आवंटित किए जा सकते हैं। एंकर निवेशकों की भागीदारी से इश्यू के प्रति संस्थागत मांग का संकेत मिल सकता है। हालांकि, बड़े निवेशकों का निवेश भी इस बात की गारंटी नहीं है कि शेयर की लिस्टिंग पर मुनाफा ही होगा या भविष्य में उसका प्रदर्शन अच्छा रहेगा।

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