आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलINDIA Bloc Protest: राहुल गांधी का छात्रों से आह्वान, 1 नवंबर को दिल्ली में होगा बड़ा मार्च◆BREAKINGदेश-हरपलUP Government Job Rules: प्रदर्शन में शामिल होने पर जाएगी नौकरी? जानें नए नियम◆BREAKINGबिज़नेसStock Market Today: US Fed के फैसले से शेयर बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स में उछाल◆BREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Spain Train Crash: दो हाईस्पीड ट्रेनों की टक्कर, मैड्रिड में हिंसक प्रदर्शन◆BREAKINGदेश-हरपलCancer Injection Price: महंगे इंजेक्शन की कीमत में 91% की कटौती, 9 नवंबर से नई दरें◆BREAKINGदेश-हरपलKarnataka SIR Update: कर्नाटक में 99 लाख वोटरों के नाम कटे, कांग्रेस मंत्री के बयान से चर्चा तेज◆BREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Israel Election 2026: नेतन्याहू और आइजनकोट बहुमत से दूर, 19 सीटों पर Arab Parties की नजर◆BREAKINGदेश-हरपलCyclone Arnab Update: आंध्र-ओडिशा में तबाही, MP समेत कई राज्यों में Rain Alert◆BREAKINGदेश-हरपलINDIA Bloc Protest: राहुल गांधी का छात्रों से आह्वान, 1 नवंबर को दिल्ली में होगा बड़ा मार्च◆BREAKINGदेश-हरपलUP Government Job Rules: प्रदर्शन में शामिल होने पर जाएगी नौकरी? जानें नए नियम◆BREAKINGबिज़नेसStock Market Today: US Fed के फैसले से शेयर बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स में उछाल◆BREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Spain Train Crash: दो हाईस्पीड ट्रेनों की टक्कर, मैड्रिड में हिंसक प्रदर्शन◆BREAKINGदेश-हरपलCancer Injection Price: महंगे इंजेक्शन की कीमत में 91% की कटौती, 9 नवंबर से नई दरें◆BREAKINGदेश-हरपलKarnataka SIR Update: कर्नाटक में 99 लाख वोटरों के नाम कटे, कांग्रेस मंत्री के बयान से चर्चा तेज◆BREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Israel Election 2026: नेतन्याहू और आइजनकोट बहुमत से दूर, 19 सीटों पर Arab Parties की नजर◆BREAKINGदेश-हरपलCyclone Arnab Update: आंध्र-ओडिशा में तबाही, MP समेत कई राज्यों में Rain Alert◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Latest Posts

AI Stocks

US Market Crash AI Stocks में भारी गिरावट, मंदी की आशंका गहराई

अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर संकट के बादल गहराने लगे हैं। अमेरिका के शेयर बाजार में गुरुवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों में डर का माहौल बन गया है।S&P 500 में 1.1%, Nasdaq Composite में 2%, और Dow Jones Industrial Average में करीब 0.8% की भारी गिरावट हुई। यह गिरावट सिर्फ एक दिन की नहीं, बल्कि US Economy के लिए Warning Signal मानी जा रही है। AI Stocks Crash: टेक सेक्टर में ‘Bubble Burst’ की आशंका पिछले कुछ महीनों से AI (Artificial Intelligence) सेक्टर के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखी जा रही थी। कंपनियों के वैल्यूएशन आसमान छू रहे थे, लेकिन अब हालात बदल गए हैं।AI कंपनियों के शेयर अचानक गिरने लगे हैं और निवेशकों को डर है कि कहीं यह AI Bubble फट न जाए (AI Bubble Burst)।बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, कई टेक कंपनियों के ग्रोथ आंकड़े उनके वैल्यूएशन के मुकाबले बेहद कम हैं, जिससे AI Stocks में Correction Phase शुरू हो चुका है। 1.53 Lakh Americans ने खोई Job – 20 साल की सबसे बड़ी छंटनी रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2025 में करीब 1.53 लाख लोगों की नौकरियां गईं, जो पिछले 20 वर्षों में सबसे ज्यादा है।यह आंकड़ा बताता है कि अमेरिकी कंपनियां लागत कम करने और मंदी की तैयारी में जुट गई हैं।रोजगार में यह भारी गिरावट अर्थव्यवस्था की कमजोरी को और बढ़ा सकती है। 38 Trillion Dollar का Debt – बढ़ा आर्थिक दबाव अमेरिका का कुल राष्ट्रीय ऋण (National Debt) अब 38 Trillion Dollar पार कर गया है, जो उसके GDP के करीब 324% तक पहुंच चुका है।इतना अधिक कर्ज सरकार, निवेशकों और वित्तीय संस्थानों – तीनों के लिए चिंता का विषय बन गया है।आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि US Economy अब Debt Trap में फँसती जा रही है। Global Impact: भारत समेत पूरी दुनिया पर पड़ेगा असर अमेरिकी बाजार की गिरावट का असर सिर्फ वॉल स्ट्रीट तक सीमित नहीं रहेगा।भारत जैसे देशों पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि भारतीय IT और टेक सेक्टर का बड़ा हिस्सा अमेरिकी निवेश और ऑर्डर पर निर्भर है।यदि अमेरिकी कंपनियां खर्च घटाती हैं, तो भारतीय एक्सपोर्ट और जॉब सेक्टर पर भी असर पड़ेगा।साथ ही, Foreign Institutional Investors (FII) भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकाल सकते हैं, जिससे Sensex और Nifty पर दबाव बढ़ सकता है। Expert Opinion: निवेशकों को बरतनी होगी सावधानी आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि AI सेक्टर में ओवरवैल्यूएशन (Overvaluation) और अमेरिकी कर्ज में तेजी से वृद्धि ने बाजार को अस्थिर बना दिया है।वे सलाह दे रहे हैं कि निवेशक इस समय High-Risk Stocks में निवेश से बचें और सुरक्षित विकल्प चुनें।क्योंकि अगर यह गिरावट जारी रही, तो यह एक Global Recession का रूप ले सकती है। अमेरिका में आई यह गिरावट सिर्फ शेयर बाजार की नहीं, बल्कि AI Revolution के Reality Check की निशानी है।बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ हफ्ते तय करेंगे कि यह गिरावट अस्थायी है या किसी बड़ी Economic Crisis की शुरुआत।दुनियाभर के निवेशक अब अमेरिकी अर्थव्यवस्था के हर कदम पर नज़र रख रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
MSCI

Today Market Highlights MSCI Index में Indian Companies की Entry से निवेशकों को उम्मीद

आज का शेयर बाजार अपडेट (Stock Market Update Today) गुरुवार, 6 नवंबर 2025 को भारतीय शेयर बाजार में हल्की गिरावट देखने को मिली। BSE Sensex और NSE Nifty दोनों सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। सुबह के कारोबार में बाजार में उतार-चढ़ाव रहा, लेकिन दिन के अंत तक मुनाफावसूली हावी रही। Sensex-Nifty की स्थिति कारोबार के दौरान Nifty 50 लगभग 25,546 अंकों पर 51 अंकों की गिरावट के साथ ट्रेड करता दिखा। वहीं, Sensex भी मामूली नुकसान के साथ बंद हुआ। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट का असर समग्र बाजार पर दिखाई दिया। सेक्टरवार रुझान (Sector-wise Trend) आज के कारोबार में Metal, Media और Energy सेक्टर में सबसे ज्यादा कमजोरी रही। दूसरी ओर, FMCG, IT, Auto और Oil & Gas सेक्टर ने बाजार को संभालने की कोशिश की। निवेशकों का फोकस प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजों पर बना हुआ है। Britannia के शानदार नतीजे (Britannia Q2 Results) Britannia Industries ने दूसरी तिमाही (Q2) में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट 23% बढ़कर ₹655 करोड़ पहुंच गया। इन मजबूत नतीजों से FMCG सेक्टर में तेजी देखने को मिली और निवेशकों को भरोसा मिला। Ola Electric और अन्य अपडेट्स Ola Electric की आय में साल-दर-साल करीब 43% की गिरावट देखने को मिली, हालांकि कंपनी का घाटा कुछ हद तक घटा है।वहीं, कई भारतीय कंपनियों के MSCI Index में शामिल होने की खबर से निवेशकों के मनोबल में सुधार देखा गया, जिससे विदेशी निवेश (FII inflows) को लेकर उम्मीदें बढ़ीं। ग्लोबल मार्केट्स का असर वैश्विक बाजारों में आज सकारात्मक रुझान रहे। जापान का Topix इंडेक्स 1.1% और दक्षिण कोरिया का Kospi 1% ऊपर रहा। एशियाई बाजारों की मजबूती ने भारतीय बाजार को सपोर्ट दिया, हालांकि घरेलू स्तर पर मुनाफावसूली ने बढ़त सीमित कर दी। निवेशकों के लिए सलाह (Investor Takeaway) विश्लेषकों का कहना है कि बाजार फिलहाल रेंज-बाउंड ट्रेडिंग में रहेगा। कंपनियों के Q2 नतीजे और अंतरराष्ट्रीय संकेत बाजार की दिशा तय करेंगे। ऐसे में निवेशकों को FMCG, Auto और IT सेक्टर में चुनिंदा शेयरों पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
SBI

Business News शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव, SBI और Mahindra के मुनाफे से निवेशकों को राहत

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) आज हल्की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। कमजोर ग्लोबल संकेतों (Global Cues) और निवेशकों की प्रॉफिट बुकिंग के चलते Sensex और Nifty दोनों इंडेक्स लाल निशान में खुले। हालांकि, SBI और Mahindra & Mahindra (M&M) के तगड़े तिमाही नतीजों (Quarterly Results) ने बाजार को कुछ हद तक सपोर्ट दिया। Sensex-Nifty में गिरावट | Stock Market Updates आज सुबह बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का Sensex लगभग 320 अंकों की गिरावट के साथ 83,657 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का Nifty 50 करीब 25,650 अंक पर ट्रेड कर रहा था, जो लगभग 0.4% की गिरावट को दर्शाता है। ग्लोबल मार्केट्स (Global Markets) में कमजोरी, अमेरिकी फ्यूचर्स में गिरावट और एशियाई बाजारों की सुस्ती ने भारतीय बाजारों की धारणा को कमजोर किया। Sector Performance: Banking, IT और Auto Stocks में गिरावट आज के कारोबार में Banking, IT और Auto सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला।हालांकि, SBI और M&M जैसे मजबूत शेयरों ने गिरावट को सीमित रखा। SBI Q2 Results: मुनाफे में 10% की बढ़त देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक State Bank of India (SBI) ने सितंबर तिमाही (Q2FY25) में शानदार प्रदर्शन किया।बैंक का नेट प्रॉफिट 10% बढ़कर ₹20,160 करोड़ हो गया है।यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से Yes Bank में हिस्सेदारी की बिक्री और लोन ग्रोथ के कारण हुई है। Mahindra & Mahindra Results: SUV Sales से तगड़ा मुनाफा ऑटो सेक्टर की दिग्गज कंपनी Mahindra & Mahindra (M&M) ने भी उम्मीद से बेहतर नतीजे दिए हैं।कंपनी का शुद्ध मुनाफा 18% बढ़कर ₹4,521 करोड़ पहुंच गया, जिसका श्रेय कंपनी की मजबूत SUV बिक्री और बढ़ती मांग को जाता है। Indian Rupee Update: डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ रुपया फॉरेक्स मार्केट में आज भारतीय रुपया (Indian Rupee) डॉलर के मुकाबले ₹88.64 प्रति डॉलर के स्तर पर ट्रेड कर रहा है।रुपये की मजबूती ने विदेशी निवेशकों (FII) के भरोसे को थोड़ी राहत दी है। Market Outlook: निवेशकों को क्या करना चाहिए? एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अक्टूबर की तेज रैली के बाद अब बाजार कंसोलिडेशन फेज में है।कमजोर ग्लोबल संकेतों के बावजूद, मजबूत कॉर्पोरेट रिजल्ट्स और स्थिर रुपया Long-Term Investors के लिए पॉजिटिव फैक्टर बने हुए हैं।हालांकि, आने वाले दिनों में Volatility बनी रह सकती है। आज के ट्रेडिंग सेशन में निवेशकों का मूड मिला-जुला रहा।जहां SBI और M&M जैसे स्टॉक्स ने मजबूती दिखाई, वहीं ग्लोबल कमजोरी ने इंडेक्स पर दबाव बनाए रखा।कुल मिलाकर, भारतीय शेयर बाजार फिलहाल स्थिर लेकिन सावधान रुख के साथ आगे बढ़ रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Sensex

Sensex और Nifty की तेजी India-US Trade Deal और Corporate Earnings की भूमिका

भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) में 23 अक्टूबर 2025 को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। BSE Sensex 700 से अधिक अंक बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया, जबकि Nifty 50 ने 26,000 का महत्वपूर्ण स्तर पार कर लिया। निवेशकों के उत्साह के पीछे कई कारण हैं, जो आज बाजार को ऊपर ले गए। 1. भारत-यूएस ट्रेड डील (India-US Trade Deal) की उम्मीद भारतीय बाजार में तेजी का सबसे बड़ा कारण है India-US Trade Deal की संभावनाएँ। संभावित समझौते के तहत भारतीय उत्पादों पर अमेरिका में लगने वाले आयात शुल्क को 50% से घटाकर लगभग 15–16% किया जा सकता है।इससे Textile, Energy और Agriculture सेक्टर को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा। 2. IT Sector में मजबूती (Infosys & IT Stocks Rally) Infosys ने ₹18,000 करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा Share Buyback प्रोग्राम घोषित किया। प्रमोटर्स नंदन नीलेकणी और सुधा मूर्ति ने बायबैक में हिस्सा न लेने का निर्णय लिया, जिसे कंपनी के भविष्य में निवेशकों का भरोसा माना जा रहा है।इस खबर के बाद Infosys शेयर में 4% से अधिक की तेजी दर्ज हुई। 3. कॉरपोरेट Earnings में सुधार (Strong Corporate Earnings) Reliance Industries और बड़े निजी बैंक की तिमाही कमाई सकारात्मक रही। मजबूत Corporate Earnings ने आर्थिक मंदी की चिंताओं को कम किया और निवेशकों का आत्मविश्वास बढ़ाया। 4. Key Sectors में तेजी (Sectoral Gains) हालांकि Realty और Oil & Gas सेक्टर में कुछ दबाव रहा, लेकिन पूरे बाजार की तेजी पर इसका असर सीमित रहा। 5. Global Market Dynamics और Domestic Factors वैश्विक बाजारों (Global Markets) में कमजोरी के बावजूद, घरेलू कारकों ने भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) को मजबूत रखा। ट्रेड डील की उम्मीद, सकारात्मक कॉरपोरेट कमाई और विभिन्न सेक्टरों में तेजी ने निवेशकों का उत्साह बढ़ाया। आज की तेजी ने यह स्पष्ट कर दिया कि India-US Trade Deal, मजबूत IT और Banking सेक्टर, और Corporate Earnings निवेशकों का भरोसा मजबूत कर रहे हैं। यदि ये कारक बने रहते हैं, तो बाजार अगले दिनों में और ऊँचाई छू सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Stocks

Diwali 2025 में Best 5 Stocks जो देंगे Shubh Returns

भारतीय शेयर बाजार ने Diwali 2025 के मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र से पहले जोरदार बढ़त दर्ज की। बीएसई सेंसेक्स 411 अंक बढ़कर 84,363.37 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50 में 133 अंकों की तेजी आई और यह 25,843 पर पहुंचा। मुहूर्त ट्रेडिंग, जो पहली बार 1957 में बीएसई में और 1992 में एनएसई में शुरू हुई, Hindu financial tradition से जुड़ी है। यह नए वित्तीय वर्ष सम्वत 2082 की शुरुआत का प्रतीक है, जहां निवेशक शुभ मुहूर्त में स्टॉक्स में निवेश कर सकते हैं। Diwali Muhurat Trading 2025 Timing Samvat 2082 में चमक सकते हैं ये Top 5 Stocks विशेषज्ञों का सुझाव: ये स्टॉक्स Diwali 2025 के मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र और नए वित्तीय वर्ष में निवेश के लिए शुभ अवसर प्रदान कर सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Sensex

दिवाली 2025 Stock Market Rally Nifty और Sensex ने बनाया नया रिकॉर्ड

दिवाली 2025 के मौके पर भारतीय शेयर बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली। 20 अक्टूबर को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का Nifty 50 लगभग 200 अंक बढ़कर 25,900 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का Sensex 1,000 अंक से अधिक बढ़कर 83,700 के करीब कारोबार कर रहा है। निवेशकों का उत्साह और बाजार का सकारात्मक माहौल इस तेजी का मुख्य कारण है। प्रमुख शेयरों में उछाल (Top Gaining Stocks) बाजार की स्थिति (Market Overview) विशेषज्ञों का मानना है कि दिवाली पर यह तेजी निवेशकों के विश्वास और उत्साह का प्रतीक है। इस मौके पर बाजार में बढ़ोतरी ने निवेशकों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है। निवेशकों के लिए टिप्स (Investor Tips) हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Sensex

Sensex-Nifty Rally: सेंसेक्स 250 अंक ऊपर, Nifty 25,100 पार FII Buying और Global Cues से तेजी

आज के शेयर बाजार में उत्साह देखने को मिला, जहाँ Sensex ने 250 अंक से अधिक की मजबूती दिखाई और Nifty ने 25,100 के स्तर को पार किया। यह तेजी मुख्य रूप से FII Buying और वैश्विक आर्थिक संकेतों (Global Cues) के कारण आई है। मुख्य कारण 1. FII Buying Momentum:विदेशी संस्थागत निवेशकों ने लगातार दूसरे दिन भारतीय शेयर बाजार में निवेश किया। मंगलवार को ₹1,440.66 करोड़ और बुधवार को ₹81.28 करोड़ की शुद्ध खरीदारी से बाजार में भरोसा बना। इस प्रवाह ने निवेशकों को सकारात्मक संकेत दिए। 2. Sectoral Gains: 3. Global Market Sentiment:अमेरिका और यूरोप से आई सकारात्मक रिपोर्टों ने वैश्विक बाजारों को सपोर्ट दिया, जिससे भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों का भरोसा बढ़ा। Technical Outlook विश्लेषकों का मानना है कि निवेशकों को गिरावट पर खरीदारी (Buy-on-Dips) की रणनीति अपनानी चाहिए। Nifty के 25,250 स्तर के ऊपर बने रहने पर नए लॉन्ग पोजीशन के मौके मिल सकते हैं। वहीं, 24,950–24,900 स्तर को मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Sensex

आज का Stock Market Sensex-Nifty 50 में तेजी, IT और Banking Sector में उछाल

भारतीय शेयर बाजार आज सकारात्मक रुझान के साथ खुला है। Sensex और Nifty 50 दोनों में मजबूती दिख रही है, जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़ा है। Market Overview आज के ट्रेडिंग सत्र में Sensex ने 150 अंक से अधिक की तेजी दर्ज की है, जबकि Nifty 50 ने 25,000 का महत्वपूर्ण स्तर पार कर लिया है। यह संकेत है कि बाजार में Bullish Momentum मजबूत है। Sectoral Performance Key Stock Performances Global Cues भारत में निवेशकों के उत्साह को International Markets से भी समर्थन मिल रहा है। अमेरिकी बाजारों में तेजी और Indian Rupee के स्थिर रहने से आज का मार्केट सकारात्मक बना हुआ है। इसके अलावा, Eli Lilly की भारत में $1 Billion निवेश योजना ने भी निवेशकों का आत्मविश्वास बढ़ाया है। Market Outlook अगर Nifty 50 अपना 25,000 का स्तर बनाए रखता है, तो आने वाले समय में और तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि, निवेशकों को सेशन के दूसरे हिस्से में Profit Booking का खतरा बना रहेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Sensex

Sensex Nifty Today Stock Market Movement, Gold Price और Rupee अपडेट

आज, 30 सितंबर 2025 को भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) में मिश्रित रुझान देखने को मिला। शुरुआती ट्रेडिंग में सेंसेक्स (Sensex) ने 100 से अधिक अंकों की तेजी दिखाई, जबकि निफ्टी (Nifty 50) 24,650 के ऊपर स्थिर रहा। इस उछाल के पीछे मुख्य रूप से Metal Sector और Pharmaceutical Stocks की मजबूती रही। धातु सेक्टर में जोरदार उछाल ताम्र (Copper) की कीमतें तीन महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं, जिससे धातु क्षेत्र (Metal Sector) के शेयरों में खरीदारी में बढ़ोतरी हुई। इससे सेंसेक्स में शुरुआती तेजी का बड़ा योगदान रहा। सोना चांदी के भाव में तेजी Gold Price आज रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुँच गया है और यह पिछले 14 वर्षों में अपने सबसे अच्छे मासिक प्रदर्शन की ओर बढ़ रहा है। अमेरिकी सरकार के संभावित शटडाउन और ब्याज दर में कटौती की उम्मीदें सोने और चांदी (Silver Price) में निवेश को आकर्षक बना रही हैं। रुपया मजबूत विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया (INR) 4 पैसे मजबूत होकर डॉलर के मुकाबले 88.71 पर ट्रेड कर रहा है, जिससे निर्यात-आयात व्यापार पर सकारात्मक असर पड़ने की संभावना है। कंपनियों का प्रदर्शन बाजार का समग्र मूड दिन की शुरुआत में तेजी के बावजूद, सेंसेक्स ने कुछ समय के लिए अपनी बढ़त खो दी और फ्लैट ट्रेडिंग की स्थिति में आ गया। निवेशक आगे आने वाले आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक घटनाओं पर नजर बनाए हुए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Sensex

Sensex Nifty Live Updates शेयर मार्केट आज का हाल 29 Sep 2025

29 सितंबर 2025 को भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में शुरुआत उत्साहजनक रही, लेकिन दिनभर में सेंसेक्स और निफ्टी (Sensex Nifty) दोनों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। वैश्विक बाजारों में मजबूती के बावजूद घरेलू कारकों ने ट्रेडिंग पर असर डाला। Sensex और Nifty का हाल आज सुबह Sensex ने तेजी के साथ ओपन किया, लेकिन दोपहर तक इसमें लगभग 500 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। Nifty 50 भी शुरुआती लाभ गंवाकर 24,650 के स्तर के नीचे कारोबार कर रहा है। सेक्टरल परफॉर्मेंस (Sector Performance) वैश्विक संकेत (Global Cues) आज एशियाई बाजारों में मजबूती रही: घरेलू कारक (Domestic Factors) हाल ही में लागू हुए GST सुधारों का असर FMCG सेक्टर पर पड़ा है। इस बदलाव के कारण इस सेक्टर में बिक्री में अस्थायी गिरावट देखने को मिली, जिससे संबंधित शेयर दबाव में आए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
1 … 9 10 11 12 13 … 18

Trending News

Editor's Picks

राहुल गांधी

INDIA Bloc Protest: राहुल गांधी का छात्रों से आह्वान, 1 नवंबर को दिल्ली में होगा बड़ा मार्च

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने छात्र संगठनों से 1 नवंबर को दिल्ली में होने वाले ‘चलो दिल्ली’ मार्च में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए युवाओं को आगे आना चाहिए और पुलिस की कार्रवाई के डर से पीछे नहीं हटना चाहिए। इस बीच, INDIA Bloc ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना विरोध तेज करने की तैयारी की है। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और वोटरों के नाम काटे जाने के मुद्दे पर चुनाव आयोग से जवाब मांगा जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर विपक्षी दल एकजुट होकर प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं। राहुल गांधी की अपील के बाद अब सबकी नजर 1 नवंबर के मार्च और उसमें छात्र संगठनों की भागीदारी पर है। Rahul Gandhi का Students से खास संदेश राहुल गांधी ने अपने संदेश में छात्र संगठनों से अपील की कि वे राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर लोकतंत्र और संविधान से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाएं। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में युवाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण है। राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज या पुलिस की कार्रवाई की आशंका से नहीं घबराने की बात भी कही। उनके इस बयान को विपक्ष के आंदोलन को मजबूत करने और युवाओं को जोड़ने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। कांग्रेस का मानना है कि छात्र और युवा इस मुद्दे को देशभर में उठाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, मार्च में कितने छात्र संगठन शामिल होंगे, इसे लेकर अंतिम तस्वीर कार्यक्रम के दिन ही साफ होगी। 1 नवंबर को Delhi में INDIA ब्लॉक का March INDIA ब्लॉक ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली आयोजित करने की तैयारी की है। इस कार्यक्रम को ‘चलो दिल्ली’ मार्च नाम दिया गया है। विपक्षी दलों का उद्देश्य कथित वोट चोरी के मुद्दे को उठाना और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग करना है। रैली को लेकर कांग्रेस और उसके सहयोगी दल अपने कार्यकर्ताओं को जुटाने में लगे हैं। विपक्ष इस कार्यक्रम के जरिए यह संदेश देना चाहता है कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवाल केवल किसी एक पार्टी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लोकतंत्र में जनता के भरोसे से भी जुड़े हैं। दिल्ली में रैली की अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा रही है। ऐसे में आयोजन के दौरान पुलिस के निर्देशों और तय शर्तों का पालन करना महत्वपूर्ण होगा। Gyanesh Kumar के खिलाफ INDIA ब्लॉक का Public Impeachment कार्यक्रम मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष का विरोध लगातार चर्चा में है। INDIA ब्लॉक ने उनके खिलाफ ‘पब्लिक महाभियोग’ नाम से एक प्रतीकात्मक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। इस कार्यक्रम के जरिए विपक्ष चुनाव आयोग की भूमिका पर अपने सवाल उठाना चाहता है। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण और वोटरों के नाम हटाए जाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल हैं। इसी आधार पर वे मुख्य चुनाव आयुक्त की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, ‘पब्लिक महाभियोग’ एक राजनीतिक और प्रतीकात्मक कार्यक्रम है। इसे मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की आधिकारिक संवैधानिक प्रक्रिया नहीं समझना चाहिए। किसी भी संवैधानिक पदाधिकारी को हटाने के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है। SIR और Vote Chori विवाद क्या है? इस पूरे विवाद के केंद्र में Special Intensive Revision यानी SIR भी है। यह मतदाता सूची की विशेष गहन समीक्षा की प्रक्रिया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम हटने और मतदाता सूची की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठे हैं। कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के दूसरे नेता चुनाव आयोग से इस मामले में स्पष्ट जवाब और पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि हर पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार मिलना चाहिए और मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी की शिकायतों की जांच होनी चाहिए। दूसरी ओर, विपक्ष के आरोपों को प्रमाणित तथ्य मानने से पहले संबंधित आधिकारिक आंकड़ों और जांच के निष्कर्षों को देखना जरूरी है। मतदाता सूची में बदलाव और कथित अनियमितताओं पर अंतिम निष्कर्ष तथ्यों के आधार पर ही निकाला जा सकता है। Delhi Police की तैयारी पर भी नजर रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था भी महत्वपूर्ण रहने वाली है। बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों के दौरान पुलिस आमतौर पर भीड़ प्रबंधन, प्रवेश-निकास और आसपास के रास्तों पर विशेष ध्यान देती है। रैली में शामिल होने वाले लोगों को आयोजन से संबंधित आधिकारिक निर्देशों का पालन करना चाहिए। वहीं, आयोजकों के लिए भीड़ को व्यवस्थित रखना और कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना अहम चुनौती होगी। 1 नवंबर का मार्च क्यों है अहम? राहुल गांधी की छात्र संगठनों से अपील और INDIA ब्लॉक की तैयारियों से साफ है कि विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक बहस के केंद्र में बनाए रखना चाहता है। एक ओर 30 अक्टूबर के लिए प्रस्तावित प्रतीकात्मक कार्यक्रम है, तो दूसरी ओर 1 नवंबर की रैली के जरिए बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मार्च में कितनी भागीदारी होती है और विपक्ष अपनी मांगों को किस तरह आगे बढ़ाता है। साथ ही, चुनाव आयोग की ओर से इन राजनीतिक आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर भी सबकी नजर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Government Job

UP Government Job Rules: प्रदर्शन में शामिल होने पर जाएगी नौकरी? जानें नए नियम

उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी (Government Job) की तैयारी कर रहे युवाओं के बीच Character Certificate और Police Verification को लेकर चर्चा तेज है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने सरकारी नौकरियों में अभ्यर्थियों के चरित्र सत्यापन से जुड़े नियम सख्त किए हैं। नई व्यवस्था में हिंसक गतिविधियों, गंभीर अपराधों और भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस खबर के सामने आने के बाद युवाओं के मन में सबसे बड़ा सवाल है कि क्या किसी आंदोलन या विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से सरकारी नौकरी का सपना टूट सकता है? इसका जवाब इतना सीधा नहीं है। सिर्फ प्रदर्शन में शामिल होने, राजनीतिक विचार रखने या FIR दर्ज होने से कोई अभ्यर्थी अपने-आप सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य नहीं हो जाता। मामले की प्रकृति और लागू नियमों के आधार पर फैसला लिया जाएगा। UP Character Verification Rules: किन मामलों में बढ़ सकती है परेशानी? नई नीति के तहत सरकारी नौकरी के लिए चयनित उम्मीदवारों के पुराने रिकॉर्ड और उनके आचरण की जांच की जाएगी। हिंसक गतिविधियों में संलिप्तता, गंभीर आपराधिक मामलों और भर्ती में धोखाधड़ी जैसी स्थितियों को गंभीरता से लिया जाएगा। इन मामलों में उम्मीदवार की पात्रता प्रभावित हो सकती है: हालांकि, हर मामले में संबंधित कानून, उपलब्ध तथ्यों और लागू सेवा नियमों को ध्यान में रखा जाएगा। क्या Protest करने पर नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी? इस नियम को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाले युवाओं को लेकर हो रही है। लोकतंत्र में अपनी बात रखना और शांतिपूर्ण विरोध करना अपने-आप में किसी उम्मीदवार को सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य नहीं बनाता। लेकिन अगर किसी मामले में हिंसक गतिविधियों या गंभीर अपराध में संलिप्तता सामने आती है, तो उसका असर चरित्र सत्यापन पर पड़ सकता है। नीति में कुछ विशेष गतिविधियों के लिए पिछले तीन वर्षों की अवधि को भी महत्व दिया गया है। ऐसे मामलों में उम्मीदवार के आचरण और उसमें आए बदलाव के प्रमाण भी प्रासंगिक हो सकते हैं। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने या किसी आंदोलन में हिस्सा लेने वाले हर युवा को नौकरी नहीं मिलेगी। FIR दर्ज होने पर क्या रुक जाएगी सरकारी नौकरी? कई बार किसी प्रदर्शन या विवाद के बाद युवाओं के खिलाफ FIR दर्ज हो जाती है। ऐसे में सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को चिंता होने लगती है कि कहीं उनका चयन रद्द न हो जाए। नई व्यवस्था में केवल FIR दर्ज होना या जांच लंबित रहना अपने-आप अयोग्यता का आधार नहीं है। संबंधित अधिकारियों को मामले की परिस्थितियों और लागू नियमों के अनुसार निर्णय लेना होगा। यदि चरित्र सत्यापन रिपोर्ट में प्रतिकूल जानकारी मिलती है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत उम्मीदवार को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जा सकता है। इसलिए केवल FIR की जानकारी के आधार पर नौकरी जाने का निष्कर्ष निकालना सही नहीं है। Police Verification के लिए तय हुई 30 दिन की समयसीमा नई नीति में पुलिस और स्थानीय अभिसूचना इकाई (LIU) के सत्यापन को समयबद्ध बनाने पर भी जोर दिया गया है। निर्धारित व्यवस्था के तहत संबंधित एजेंसियों को सत्यापन का अनुरोध मिलने के 30 दिनों के भीतर रिपोर्ट देनी होगी। इसका उद्देश्य नियुक्ति प्रक्रिया में अनावश्यक देरी कम करना है। सामान्य मामलों में पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर जांच की जा सकती है, जबकि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त जानकारी भी जुटाई जा सकती है। Character Certificate लंबित होने पर मिल सकता है नियुक्ति पत्र नई व्यवस्था में चरित्र सत्यापन की रिपोर्ट लंबित होने पर हर मामले में नियुक्ति पत्र रोकना अनिवार्य नहीं होगा। जरूरी दस्तावेज और स्व-घोषणा पत्र मिलने पर नियमानुसार औपबंधिक नियुक्ति पत्र जारी किया जा सकता है। हालांकि, उम्मीदवार की पात्रता पर गंभीर सवाल होने या पद की प्रकृति के कारण अतिरिक्त जांच जरूरी होने पर अलग प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। बाद में गलत जानकारी देने या अयोग्यता सामने आने पर नियुक्ति रद्द होने की स्थिति भी बन सकती है। नए नियमों पर विपक्ष ने भी उठाए सवाल चरित्र सत्यापन से जुड़े नए प्रावधानों पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। विपक्ष के कुछ नेताओं ने आशंका जताई है कि इन नियमों का इस्तेमाल विरोध प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ किया जा सकता है। दूसरी ओर, नीति में राजनीतिक विचारधारा और हिंसक गतिविधियों के बीच अंतर किया गया है। इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी उम्मीदवार की पात्रता का फैसला केवल राजनीतिक विचारों के आधार पर नहीं, बल्कि संबंधित तथ्यों और लागू नियमों के अनुसार किया जाना चाहिए। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को क्या करना चाहिए? अगर आप उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, तो आवेदन के समय सभी जानकारियां सही भरें। पुलिस सत्यापन या स्व-घोषणा पत्र में आपसे जो जानकारी मांगी जाए, उसे छिपाने या गलत विवरण देने से बचें। यदि आपके खिलाफ कोई मामला दर्ज है, तो उसकी वास्तविक कानूनी स्थिति समझें और जरूरत पड़ने पर कानूनी सलाह लें। केवल अफवाहों या सोशल मीडिया पर चल रहे दावों के आधार पर यह न मानें कि आपकी सरकारी नौकरी का मौका खत्म हो गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Stock Market

Stock Market Today: US Fed के फैसले से शेयर बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स में उछाल

शेयर बाजार (Stock Market) में गिरावट देखकर परेशान निवेशकों को गुरुवार को राहत मिली। अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) के ब्याज दरों पर फैसले के बाद भारतीय बाजार में खरीदारी लौट आई। सेंसेक्स 600 अंकों से ज्यादा उछल गया, जबकि निफ्टी में भी अच्छी बढ़त देखने को मिली। बाजार में अचानक आई इस तेजी ने निवेशकों का ध्यान एक बार फिर खींचा है। हालांकि, सवाल यह है कि क्या यह तेजी आगे भी जारी रहेगी या बाजार में फिर उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा? US Fed Decision: अमेरिका में क्या हुआ, जिसका दिखा असर? अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने 28 अक्टूबर को अपनी प्रमुख ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया। दरों को स्थिर रखने के फैसले के बाद वैश्विक बाजारों में निवेशकों ने राहत महसूस की। दरअसल, अमेरिका में ब्याज दरों का असर दुनियाभर के शेयर बाजारों पर पड़ता है। जब वहां ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बढ़ती है, तो विदेशी निवेशक अपने निवेश को लेकर सतर्क हो जाते हैं। इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिल सकता है। हालांकि, फेड के फैसले का मतलब यह नहीं है कि वैश्विक बाजारों की सभी चिंताएं खत्म हो गई हैं। महंगाई और आगे ब्याज दरों में संभावित बदलाव पर अभी भी नजर बनी हुई है। Sensex Today: 600 अंक से ज्यादा चढ़ा बाजार गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान खरीदारी बढ़ी। इसके बाद सेंसेक्स 600 अंकों से ज्यादा उछल गया। वहीं, निफ्टी 50 में भी तेजी देखने को मिली और इंडेक्स 22,900 के करीब पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में बाजार पर बिकवाली का दबाव था। ऐसे में अगले दिन आई तेजी ने निवेशकों को कुछ राहत दी। बाजार के प्रमुख शेयरों में खरीदारी बढ़ने से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों को सहारा मिला। हालांकि, शुरुआती कारोबार में दर्ज की गई तेजी पूरे दिन बरकरार रहे, यह जरूरी नहीं है। शेयर बाजार में कीमतें लगातार बदलती रहती हैं। Share Market Rally: बाजार में तेजी की क्या हैं बड़ी वजहें? 1. US Fed ने ब्याज दरें नहीं बढ़ाईं अमेरिकी फेड के फैसले से निवेशकों को तत्काल ब्याज दरों में बढ़ोतरी की चिंता से कुछ राहत मिली। इससे वैश्विक बाजारों की धारणा को सहारा मिला। हालांकि, आगे ब्याज दरों को लेकर फेड का रुख महत्वपूर्ण रहेगा। 2. विदेशी निवेशकों ने की खरीदारी विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की खरीदारी भी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत रही। 28 अक्टूबर को विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में करीब 872 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की थी। लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में खरीदारी होने से बाजार को समर्थन मिला। हालांकि, विदेशी निवेशकों के कुल रुख में स्थायी बदलाव हुआ है या नहीं, यह आने वाले सत्रों में स्पष्ट होगा। 3. बड़े शेयरों में बढ़ी खरीदारी बाजार की तेजी में दिग्गज कंपनियों के शेयरों की अहम भूमिका रही। रिलायंस इंडस्ट्रीज, अडानी पोर्ट्स और पावर ग्रिड जैसे शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। IT कंपनियों के शेयरों में भी कुछ जगहों पर मजबूती दर्ज की गई। जब बड़ी कंपनियों के शेयर चढ़ते हैं, तो सेंसेक्स और निफ्टी जैसे प्रमुख इंडेक्स को भी सहारा मिलता है। 4. टैक्स राहत की उम्मीदों पर नजर शेयर बाजार में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स को लेकर संभावित राहत की चर्चा भी निवेशकों के बीच बनी हुई है। हालांकि, किसी आधिकारिक घोषणा के बिना इसे सरकार का तय फैसला नहीं माना जा सकता। किन शेयरों में दिखी तेजी? गुरुवार के शुरुआती कारोबार में Adani Ports, Power Grid और Reliance Industries जैसे शेयरों पर निवेशकों की नजर रही। कुछ IT शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। दूसरी ओर, सभी शेयरों में तेजी नहीं थी। Trent सहित कुछ कंपनियों के शेयरों में दबाव देखने को मिला। इससे साफ है कि बाजार के प्रमुख इंडेक्स में बढ़त के बावजूद अलग-अलग कंपनियों का प्रदर्शन अलग रह सकता है। Crude Oil Price: कच्चा तेल बना बाजार की चिंता शेयर बाजार में तेजी के बावजूद कच्चे तेल की कीमतें चिंता का विषय बनी हुई हैं। 29 अक्टूबर की सुबह ब्रेंट क्रूड करीब 114 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा दूसरे देशों से आयात करता है। ऐसे में कच्चा तेल महंगा होने पर देश का आयात बिल बढ़ सकता है। इसका असर रुपये, महंगाई और कई कंपनियों की लागत पर पड़ सकता है। अगर तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो बाजार की तेजी पर दबाव आ सकता है। इसलिए निवेशकों के लिए केवल सेंसेक्स और निफ्टी की चाल देखना ही पर्याप्त नहीं होगा। पिछले दिन बाजार में क्यों आई थी गिरावट? 28 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। सेंसेक्स कारोबार के दौरान 1,000 अंकों के करीब गिर गया था और बाद में कुछ सुधार के बावजूद गिरावट के साथ बंद हुआ। IT शेयरों में बिकवाली, प्रमुख कंपनियों के शेयरों में कमजोरी और वैश्विक संकेतों को लेकर चिंता ने बाजार पर दबाव बनाया था। अमेरिकी फेड के फैसले से पहले निवेशक भी सतर्क नजर आ रहे थे। इसके बाद 29 अक्टूबर को खरीदारी लौटने से बाजार को राहत मिली। लेकिन एक कारोबारी दिन की तेजी से बाजार की लंबी अवधि की दिशा तय नहीं होती। आगे Share Market में क्या होगा? अब निवेशकों की नजर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, कच्चे तेल की कीमतों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी। इन कारकों के आधार पर बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। जो निवेशक शेयर बाजार में पैसा लगाने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए जरूरी है कि वे जल्दबाजी में फैसला न लें। केवल एक दिन की तेजी देखकर निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, अपनी जोखिम क्षमता और निवेश की अवधि को ध्यान में रखना चाहिए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Spain

Spain Train Crash: दो हाईस्पीड ट्रेनों की टक्कर, मैड्रिड में हिंसक प्रदर्शन

स्पेन (Spain) में दो हाईस्पीड ट्रेनों की टक्कर ने पूरे देश को झकझोर दिया है। 28 अक्टूबर को हुए इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 68 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान चलाया गया। दूसरी ओर, रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों का गुस्सा भी सामने आया। मैड्रिड में परिवहन मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन हुए और कुछ प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प हो गई। इस दौरान पुलिस पर बोतलें और पटाखे फेंके गए। शुरुआती जांच में कंप्यूटर सिस्टम की खराबी और ट्रेन को दोबारा चलाने की अनुमति देने के फैसले पर सवाल उठे हैं। स्पेन सरकार ने हादसे की विस्तृत जांच का भरोसा दिया है। आइए जानते हैं Spain Train Accident की पूरी कहानी, हादसे की वजह और अब तक सामने आए अहम अपडेट। Spain Train Crash: कहां और कैसे हुआ हादसा? यह हादसा स्पेन के टोलेडो प्रांत में उर्दा के पास मैड्रिड से सेविले जाने वाले हाईस्पीड रेल मार्ग पर हुआ। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सरकारी कंपनी Renfe की एक हाईस्पीड ट्रेन आगे चल रही निजी कंपनी Iryo की ट्रेन से टकरा गई। Iryo की ट्रेन उस समय ट्रैक पर रुकी हुई थी। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों ट्रेनों के कई डिब्बे पटरी से उतर गए। कुछ डिब्बे रेलवे लाइन के किनारे ढलान पर जा गिरे। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों को बाहर निकालने के लिए बचाव दल को काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, इस दुर्घटना में कम से कम 68 लोगों की मौत हुई है। शुरुआती रिपोर्टों में दर्जनों यात्रियों के घायल होने की जानकारी भी सामने आई। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। Signal Failure: सिग्नलिंग सिस्टम की खराबी के बाद क्या हुआ? स्पेन के परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते के शुरुआती बयान के मुताबिक, रेलवे लाइन के करीब 63 किलोमीटर के हिस्से में कंप्यूटर संबंधी खराबी के कारण LZB सुरक्षा और सिग्नलिंग सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया था। इसके बाद संबंधित ट्रेनों को रोक दिया गया। रिपोर्टों के अनुसार, रेलवे के केंद्रीय कंट्रोल सेंटर ने Renfe ट्रेन को दोबारा चलने की अनुमति दे दी। समस्या यह थी कि आगे की लाइन पर रुकने का सिग्नल सक्रिय था और Iryo की ट्रेन ट्रैक पर मौजूद थी। इसके बाद Renfe ट्रेन आगे बढ़ी और करीब 8:53 बजे दोनों ट्रेनों की टक्कर हो गई। परिवहन मंत्री ने कंट्रोल सेंटर के इस फैसले पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सुरक्षा प्रणाली में खराबी आने के बाद ट्रेन को सामान्य गति से आगे बढ़ाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए थी। ऐसी स्थिति में ट्रेन को रोकना या निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया के तहत बेहद कम गति से चलाना जरूरी होता है। हालांकि, दुर्घटना के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। हादसे के बाद Madrid में विरोध-प्रदर्शन ट्रेन हादसे के बाद मैड्रिड में लोगों ने रेलवे सुरक्षा और प्रशासन की जवाबदेही को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी परिवहन मंत्रालय के बाहर जमा हुए और सरकार से हादसे की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। कुछ प्रदर्शनकारियों ने परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते के इस्तीफे की मांग भी की। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने पुलिस पर बोतलें और पटाखे फेंके। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े सवालों के जवाब मिलने चाहिए और अगर जांच में लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। Spain Train Accident: प्रधानमंत्री ने क्या कहा? स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने हादसे पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दुर्घटना की पूरी जांच कराने और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करने का भरोसा दिया। सरकार ने 29 अक्टूबर से तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी जा रही है। प्रधानमंत्री के सामने अब दो बड़ी चुनौतियां हैं। पहली, दुर्घटना के कारणों का पता लगाना और दूसरी, लोगों का रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखना। लगातार हुए रेल हादसों के बाद सरकार से सुरक्षा उपायों की समीक्षा करने की मांग भी तेज हो गई है। रेलवे कंट्रोल सेंटर की भूमिका जांच के घेरे में इस मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि सिग्नलिंग सिस्टम में खराबी आने के बाद ट्रेन को आगे बढ़ने की अनुमति क्यों दी गई। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कंट्रोल सेंटर को उस समय क्या जानकारी मिली थी, किस आधार पर ट्रेन को दोबारा चलाने का निर्देश दिया गया और क्या निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था। इसके साथ ही दोनों ट्रेनों की वास्तविक गति, सिग्नलिंग सिस्टम के रिकॉर्ड और संबंधित कर्मचारियों के निर्देशों की भी जांच की जा रही है। फिलहाल किसी एक व्यक्ति को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराना जल्दबाजी होगी। जांच के नतीजे सामने आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इस साल दूसरा बड़ा Train Accident स्पेन में 2026 के दौरान यह दूसरा बड़ा जानलेवा रेल हादसा है। जनवरी में दक्षिणी स्पेन के अदामुज के पास हुए रेल हादसे में 46 लोगों की मौत हुई थी। उस दुर्घटना के बाद भी रेलवे सुरक्षा और रखरखाव को लेकर सवाल उठे थे। अब अक्टूबर में हुए इस हादसे ने एक बार फिर हाईस्पीड रेल नेटवर्क की सुरक्षा पर बहस तेज कर दी है। स्पेन का रेल नेटवर्क अपनी तेज रफ्तार ट्रेनों के लिए जाना जाता है, लेकिन लगातार हुई दुर्घटनाओं के बाद तकनीकी व्यवस्था और रखरखाव की समीक्षा की मांग बढ़ रही है। रेलवे सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों के लिए अब यह समझना महत्वपूर्ण होगा कि मौजूदा सिस्टम में कौन-सी कमियां थीं और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए क्या बदलाव जरूरी हैं। Spain Train Crash: अब आगे क्या होगा? फिलहाल हादसे की जांच जारी है। अधिकारियों का ध्यान सिग्नलिंग सिस्टम की खराबी, कंट्रोल सेंटर के फैसले और ट्रेन संचालन के नियमों पर है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि क्या सुरक्षा प्रक्रिया में किसी स्तर पर चूक हुई...
Cancer

Cancer Injection Price: महंगे इंजेक्शन की कीमत में 91% की कटौती, 9 नवंबर से नई दरें

कैंसर (Cancer) जैसी गंभीर बीमारी का इलाज सिर्फ शारीरिक ही नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से भी परिवारों की परीक्षा लेता है। लंबे इलाज, महंगी दवाओं और बार-बार अस्पताल जाने के खर्च के बीच सरकार का एक नया फैसला मरीजों के लिए राहत लेकर आया है। Cancer की 543 ब्रांडेड दवाओं की कीमतों में बदलाव किया गया है। इनमें एक ऐसा इंजेक्शन भी शामिल है, जिसकी कीमत करीब ₹80 हजार से घटकर ₹7,150.33 रह गई है। नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) की ओर से जारी संशोधित कीमतें 9 नवंबर 2026 से लागू होंगी। हालांकि, सभी दवाओं की कीमतों में एक जैसी कटौती नहीं हुई है। मरीजों को यह देखना होगा कि उनकी दवा नई सूची में शामिल है या नहीं। Cancer Injection Price: ₹80 हजार का इंजेक्शन अब ₹7,150 में इस फैसले में सबसे ज्यादा चर्चा Samtepa इंजेक्शन की हो रही है। 100 mg वाले इस इंजेक्शन की एक शीशी की कीमत पहले ₹80,071.86 थी, जिसे घटाकर ₹7,150.33 कर दिया गया है। इस तरह इसकी कीमत में लगभग 91% की कमी हुई है। Samtepa में Thiotepa दवा होती है। इसका इस्तेमाल कुछ विशेष प्रकार के कैंसर के इलाज और स्टेम सेल ट्रांसप्लांट से जुड़ी प्रक्रियाओं में किया जाता है। इस तरह की बड़ी कीमत कटौती से संबंधित उपचार करा रहे मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है। कैंसर की दवाओं की नई कीमतें क्या हैं? 543 ब्रांडेड दवाओं की संशोधित सूची में कई इंजेक्शन, टैबलेट और कैप्सूल शामिल हैं। कुछ प्रमुख उदाहरण नीचे दिए गए हैं। दवा का नाम पुरानी कीमत नई कीमत Samtepa 100 mg इंजेक्शन ₹80,071.86 ₹7,150.33 Palbopro 125 mg, 21 कैप्सूल ₹40,421.33 ₹2,720 Bevacizab 100 mg/4 ml इंजेक्शन ₹21,767.70 ₹5,930.13 Fulbreca 5 ml इंजेक्शन ₹26,072.16 ₹5,491 Azacytin 100 mg इंजेक्शन ₹6,337 ₹1,495.04 Fludanox इंजेक्शन ₹14,235 ₹2,432 Anarzole 1 mg, 10 टैबलेट ₹695.76 ₹73 Enuta 40 mg, 28 कैप्सूल ₹6,578.20 ₹2,232 ध्यान रखें कि कीमतें संबंधित दवा की निर्धारित स्ट्रेंथ और पैक साइज के अनुसार हैं। दवा खरीदने से पहले पैक पर लिखी MRP और नई दर की पुष्टि जरूर करें। NPPA ने कैंसर की दवाओं के दाम क्यों घटाए? दवाओं की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने 17 अक्टूबर 2026 को 137 गैर-अनुसूचित कैंसर रोधी दवाओं पर ट्रेड मार्जिन सीमित करने का फैसला किया था। इस व्यवस्था के तहत संबंधित दवाओं पर ट्रेड मार्जिन 30% तक सीमित किया गया। आसान शब्दों में समझें तो दवा बनाने वाली कंपनी से लेकर मरीज तक दवा पहुंचने के दौरान वितरण और बिक्री से जुड़े मार्जिन पर नियंत्रण रखने की कोशिश की गई है। इसका उद्देश्य दवाओं की कीमतों में अनुचित बढ़ोतरी रोकना और मरीजों को कम कीमत पर जरूरी दवाएं उपलब्ध कराना है। इस फैसले के बाद संबंधित दवाओं की कीमतों में कटौती की गई है। हालांकि, हर दवा की कीमत में बदलाव उसकी मौजूदा कीमत और लागू नियमों पर निर्भर करता है। क्या सभी कैंसर की दवाएं सस्ती हो गई हैं? इस फैसले का मतलब यह नहीं है कि कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली हर दवा की कीमत कम हो गई है। कुछ दवाओं की कीमतों में बड़ी कटौती हुई है, जबकि कुछ दवाओं के दाम में मामूली बदलाव हुआ है या कीमत पहले जैसी बनी हुई है। उदाहरण के लिए, मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ दवाओं की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। वहीं, Keytruda जैसी महंगी दवा की 100 mg शीशी की कीमत करीब ₹2.16 लाख बताई गई है। इसलिए मरीजों और उनके परिजनों को अपनी दवा का नाम, ब्रांड, स्ट्रेंथ और पैक साइज देखकर ही नई कीमत की जानकारी लेनी चाहिए। 9 नवंबर से लागू होंगी नई कीमतें NPPA की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, संशोधित कीमतें 9 नवंबर 2026 से लागू होंगी। दवा कंपनियों को नई कीमतों की जानकारी वितरकों और दवा विक्रेताओं तक पहुंचानी होगी। मरीज भी दवाओं की अधिकतम खुदरा कीमत की जानकारी आधिकारिक माध्यमों से जांच सकते हैं। इसके लिए NPPA की वेबसाइट और सरकार के Pharma Sahi Daam ऐप की मदद ली जा सकती है। कैंसर के इलाज का खर्च कितना कम होगा? कैंसर के इलाज में दवाओं के साथ जांच, अस्पताल में भर्ती, डॉक्टर की फीस और दूसरी चिकित्सा प्रक्रियाओं पर भी खर्च होता है। इसलिए किसी एक दवा की कीमत कम होने का मतलब यह नहीं है कि मरीज का पूरा इलाज भी उतने ही प्रतिशत सस्ता हो जाएगा। फिर भी, जिन मरीजों की दवाओं की कीमतों में बड़ी कटौती हुई है, उनके लिए यह बदलाव राहत देने वाला हो सकता है। खासकर लंबे समय तक इलाज कराने वाले परिवारों के लिए दवाओं पर होने वाली बचत मायने रखती है। मरीजों के लिए जरूरी सलाह: अपनी दवा की नई MRP जरूर जांचें। केवल कम कीमत देखकर डॉक्टर की सलाह के बिना दवा का ब्रांड, खुराक या इलाज न बदलें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.