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India in Semifinal सैमसन से बुमराह तक, इन 5 खिलाड़ियों ने बदला गेम

Indian क्रिकेट टीम का सेमीफाइनल तक पहुंचना सिर्फ एक उपलब्धि नहीं, बल्कि जज्बे, धैर्य और सही समय पर चमकने वाले खिलाड़ियों की कहानी है। इस पूरे टूर्नामेंट में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन पांच खिलाड़ियों ने ऐसे मौके पर जिम्मेदारी संभाली जब टीम को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। करो या मरो मैच में सैमसन का कमाल वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबला India के लिए “करो या मरो” जैसा था। ऐसे दबाव भरे मैच में Sanju Samson ने साहसिक बल्लेबाजी कर सबका दिल जीत लिया। टीम शुरुआती झटकों से उबर ही रही थी कि सैमसन ने तेजी से रन बनाते हुए पारी को संभाल लिया। उनके शॉट्स में आत्मविश्वास साफ नजर आ रहा था। यह पारी सिर्फ रन नहीं थी, बल्कि टीम के लिए नई उम्मीद थी। पाकिस्तान मैच में बुमराह की धार भारत-पाकिस्तान मुकाबला हमेशा भावनाओं से भरा होता है। इस हाई-वोल्टेज मैच में Jasprit Bumrah ने गेंद से जादू बिखेरा। नई गेंद से विकेट निकालकर उन्होंने विपक्षी टीम पर दबाव बना दिया। डेथ ओवर्स में उनकी सटीक यॉर्कर ने मैच का रुख पूरी तरह भारत की तरफ मोड़ दिया। ऐसे मौकों पर उनका शांत स्वभाव और सटीक लाइन-लेंथ टीम के लिए बड़ी ताकत साबित हुई। ईशान किशन की अहम पारी उसी मुकाबले में Ishan Kishan ने भी बल्ले से शानदार योगदान दिया। उन्होंने शुरुआत से ही सकारात्मक इरादा दिखाया और स्ट्राइक रोटेट करते हुए टीम को स्थिरता दी। जब स्टेडियम में शोर चरम पर था, तब किशन ने संयम से खेलते हुए भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। बड़े मंच पर कोहली का अनुभव जब भी टीम दबाव में होती है, तो नजरें अक्सर Virat Kohli पर टिक जाती हैं। इस टूर्नामेंट में भी उन्होंने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई। मुश्किल हालात में साझेदारी बनाना और पारी को अंत तक ले जाना, यही उनकी खासियत है। उनके अनुभव ने मिडिल ऑर्डर को मजबूती दी। रोहित की कप्तानी और आक्रामक शुरुआत कप्तान Rohit Sharma ने पूरे अभियान में सकारात्मक सोच के साथ टीम का नेतृत्व किया। पावरप्ले में तेज रन बनाकर उन्होंने विपक्षी टीम पर दबाव बनाया। गेंदबाजों का सही समय पर इस्तेमाल और मैदान पर शांत रवैया, उनकी कप्तानी की पहचान रहा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Arjun Tendulkar

Arjun Tendulkar Pre-Wedding अंबानी होस्ट बने, सचिन तेंदुलकर की दिल छू लेने वाली बात चर्चा में

भारतीय क्रिकेट के “भगवान” कहे जाने वाले Sachin Tendulkar इन दिनों एक अलग ही वजह से सुर्खियों में हैं। इस बार चर्चा किसी रिकॉर्ड या मैच की नहीं, बल्कि उनके बेटे Arjun Tendulkar की शादी की है। अर्जुन की प्री-वेडिंग सेलिब्रेशन ने सोशल मीडिया पर जबरदस्त हलचल मचा दी है। Jamnagar में शुरू हुई Wedding Festivities Arjun Tendulkar और Saaniya Chandhok की शादी की रस्में गुजरात के खूबसूरत शहर Jamnagar में शुरू हुईं। यह समारोह बेहद भव्य लेकिन पारिवारिक माहौल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक गणेश पूजा से हुई, जिसके बाद संगीत और अन्य रस्मों का दौर चला। इस खास आयोजन की मेजबानी देश के प्रमुख उद्योगपति Mukesh Ambani और Nita Ambani ने की। समारोह में करीबी रिश्तेदारों और चुनिंदा मेहमानों की मौजूदगी ने इसे और खास बना दिया। जब सचिन बोले – “बेटा अब बड़ा हो गया है” प्री-वेडिंग फंक्शन का सबसे भावुक पल तब आया जब सचिन तेंदुलकर ने मंच से अपने बेटे के लिए दिल छू लेने वाली बात कही। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा,“जब बेटा किसी लड़की को घर लाकर मिलवाता है, तब समझ आता है कि वह सच में बड़ा हो गया है।” उनकी आवाज़ में एक पिता का गर्व भी था और हल्की सी भावुकता भी। उन्होंने अर्जुन और उनकी होने वाली पत्नी के रिश्ते की सराहना करते हुए कहा कि दोनों के बीच सच्चा प्यार और आपसी सम्मान है। मैदान पर हमेशा संयमित दिखने वाले सचिन इस मौके पर एक आम पिता की तरह भावुक नजर आए। यही बात लोगों के दिल को छू गई। सोशल मीडिया पर Viral हुआ Video सचिन तेंदुलकर की यह स्पीच सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। फैंस लगातार कमेंट कर रहे हैं कि यह पल हर पिता के दिल से जुड़ा हुआ है। क्रिकेट के महानायक को एक स्नेही और गर्वित पिता के रूप में देखना लोगों के लिए बेहद खास रहा। कब है शादी? सूत्रों के अनुसार अर्जुन तेंदुलकर की शादी 5 मार्च 2026 को होने वाली है। प्री-वेडिंग फंक्शन के बाद अब सभी को इस शाही शादी का इंतजार है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rinku Singh

Cricketer Rinku Singh Father Passes Away 3 दिन अस्पताल में रहीं मंगेतर प्रिया सरोज

भारतीय क्रिकेटर Rinku Singh के परिवार पर दुखों का गहरा साया छा गया है। उनके पिता का निधन हो गया है, जिसके बाद अलीगढ़ समेत खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार, रिंकू सिंह (Rinku Singh) के पिता का इलाज नोएडा के एक अस्पताल में चल रहा था। पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत नाजुक बताई जा रही थी। डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही थी, लेकिन आखिरकार उन्हें बचाया नहीं जा सका। निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर नोएडा से अलीगढ़ लाया गया, जहां परिवार और रिश्तेदारों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार की तैयारियां की गईं। संघर्ष के दिनों के साथी थे पिता Rinku Singh का जीवन संघर्ष की मिसाल रहा है। अलीगढ़ की साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर भारतीय क्रिकेट टीम तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था। इस पूरे सफर में उनके पिता ने हर कदम पर उनका साथ दिया। आर्थिक चुनौतियों और कठिन हालात के बावजूद उन्होंने बेटे के सपनों को कभी टूटने नहीं दिया। आज जब रिंकू ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई है, ऐसे समय में पिता का साथ छूट जाना उनके लिए बेहद भावुक पल है। परिवार के करीबी लोगों का कहना है कि रिंकू अपने पिता से बेहद जुड़े हुए थे। मंगेतर प्रिया सरोज ने निभाया साथ इस मुश्किल घड़ी में रिंकू सिंह की मंगेतर Priya Saroj लगातार परिवार के साथ रहीं। बताया जा रहा है कि वह पिछले तीन दिनों से अस्पताल में मौजूद थीं और परिवार को हौसला दे रही थीं। उनके इस सहयोग की परिवार और परिचितों ने सराहना की है। खेल जगत में शोक रिंकू सिंह के पिता के निधन की खबर सामने आते ही क्रिकेट प्रेमियों और खेल जगत के लोगों ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त किया। प्रशंसकों ने परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए इस दुखद घड़ी में मजबूती की कामना की है। Rinku Singh के लिए यह समय बेहद कठिन है। एक बेटे के लिए पिता का साया उठ जाना जिंदगी की सबसे बड़ी क्षति होती है। पूरा देश उनके साथ खड़ा है और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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India

Semifinal का Ticket आज तय? Team India के Match के साथ Points Table का बड़ा Game

क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं है, यह जज़्बात है। और आज वही जज़्बात चरम पर हैं। ICC Men’s T20 World Cup में आज का दिन India national cricket team के लिए बेहद अहम है। एक तरफ मैदान पर मुकाबला है, तो दूसरी तरफ पॉइंट्स टेबल का गणित। दोनों का नतीजा मिलकर तय करेगा कि भारत का सेमीफाइनल का सपना कितना मजबूत है। मैदान पर असली परीक्षा: भारत vs जिम्बाब्वे आज India की भिड़ंत Zimbabwe national cricket team से है। कागज़ पर भले ही भारत मजबूत दिखे, लेकिन टी20 क्रिकेट में कोई भी टीम छोटी नहीं होती। इस मैच में भारत के लिए तीन बातें सबसे ज्यादा जरूरी हैं: फैंस की उम्मीदें सिर्फ जीत से नहीं, बल्कि दमदार जीत से जुड़ी हैं। क्योंकि यहां हर रन आगे चलकर काम आ सकता है। बाहर भी चल रहा है बड़ा खेल क्रिकेट प्रेमियों की नजर सिर्फ इस मैच पर नहीं है। आज West Indies cricket team और South Africa national cricket team के बीच होने वाला मुकाबला भी भारत के लिए उतना ही अहम है। अगर समीकरण भारत के पक्ष में जाता है तो सेमीफाइनल की राह आसान हो सकती है। लेकिन अगर उल्टा हुआ, तो नेट रन रेट का खेल सब पर भारी पड़ सकता है। यही टी20 की खूबसूरती और क्रूरता दोनों है। Net Run Rate क्यों बना है Game Changer? टी20 वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट में अक्सर टीमें बराबर अंकों पर आ जाती हैं। ऐसे में नेट रन रेट ही फैसला करता है कि कौन आगे बढ़ेगा और कौन घर लौटेगा। इसलिए आज भारत के लिए सिर्फ जीत नहीं, बल्कि बड़ी जीत की जरूरत है। हर चौका, हर छक्का और हर विकेट मायने रखेगा। फैंस की धड़कनें तेज सोशल मीडिया पर माहौल गरम है। हर कोई कैलकुलेटर लेकर बैठा है। कोई कह रहा है “पहले अपना मैच जीतो”, तो कोई दूसरे मुकाबले की अपडेट पर नजर गड़ाए हुए है। यही तो क्रिकेट है — जहां 22 खिलाड़ी मैदान पर खेलते हैं, लेकिन करोड़ों दिल साथ धड़कते हैं। निष्कर्ष: दो मैच, एक सपना आज टीम इंडिया एक नहीं, दो मैच खेल रही है।एक मैदान पर, जहां प्रदर्शन से कहानी लिखी जाएगी।दूसरा मैदान के बाहर, जहां नतीजे और आंकड़े भविष्य तय करेंगे। अब देखना यह है कि क्या भारत अपने खेल से सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर पाएगा। फैंस की उम्मीदें आसमान पर हैं — और आज का दिन उस उम्मीद की असली परीक्षा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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England

Semifinal Race Update England अंदर, Pakistan की राह मुश्किल SL vs NZ करो या मरो

टूर्नामेंट अपने सबसे रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है। जहां एक ओर England cricket team ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है, वहीं दूसरी ओर Pakistan national cricket team की राह अब काफी मुश्किल हो गई है। क्रिकेट फैंस के लिए यह वक्त उत्साह, तनाव और उम्मीदों से भरा हुआ है। इंग्लैंड का दमदार प्रदर्शन इंग्लैंड ने पूरे टूर्नामेंट में संतुलित खेल दिखाया। टॉप ऑर्डर की जिम्मेदार बल्लेबाजी और गेंदबाजों की सटीक लाइन-लेंथ ने टीम को लगातार बढ़त दिलाई। महत्वपूर्ण मुकाबलों में दबाव को संभालते हुए टीम ने साबित किया कि बड़े मंच पर अनुभव कितना मायने रखता है। इसी स्थिरता का परिणाम है कि इंग्लैंड ने बिना किसी गणित के सीधे सेमीफाइनल का टिकट हासिल कर लिया। पाकिस्तान की मुश्किल डगर पाकिस्तान के लिए स्थिति अब सीधी नहीं रही। सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए टीम को अपने बचे हुए मैच बड़े अंतर से जीतने होंगे। इसके साथ ही उसे अन्य टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना पड़ेगा। नेट रन रेट का समीकरण भी अहम भूमिका निभाएगा। ऐसे में खिलाड़ियों के साथ-साथ फैंस की नजरें भी अब दूसरे मुकाबलों पर टिकी हुई हैं। हर रन और हर विकेट अब पाकिस्तान के भविष्य से जुड़ चुका है। आज का हाई-वोल्टेज मुकाबला आज Sri Lanka national cricket team और New Zealand national cricket team के बीच होने वाला मुकाबला बेहद अहम है। यह मैच दोनों टीमों के लिए करो या मरो जैसा है। जो जीतेगा, उसकी सेमीफाइनल की उम्मीदें मजबूत होंगी। हारने वाली टीम के लिए आगे की राह लगभग बंद हो सकती है। क्रिकेट का यही रोमांच इसे खास बनाता है। कभी समीकरण आसान दिखते हैं तो कभी एक मैच सब कुछ बदल देता है। फिलहाल इंग्लैंड बेफिक्र है, पाकिस्तान उम्मीदों के सहारे है और श्रीलंका-न्यूजीलैंड की भिड़ंत पूरे टूर्नामेंट की दिशा तय कर सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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T20

T20 World Cup 2026 India की बड़ी हार, ICC में 3 साल बाद टूटा जीत का सिलसिला

आईसीसी टूर्नामेंट में लगातार जीत की लय में चल रही टीम इंडिया को आखिरकार हार का सामना करना पड़ा। 2023 के बाद यह पहला मौका है जब भारत किसी ICC इवेंट में पराजित हुआ है। T20 वर्ल्ड कप 2026 में South Africa national cricket team ने भारत को 76 रनों से हराकर उसकी 17 मैचों की जीत का सिलसिला तोड़ दिया। यह मुकाबला सिर्फ एक हार नहीं, बल्कि कई रिकॉर्ड्स और सबक भी साथ लेकर आया। 17 मैचों की Winning Streak खत्म भारत ICC टूर्नामेंट्स में लगातार 17 मुकाबले जीत चुका था। 2023 वनडे विश्व कप फाइनल में Australia national cricket team से मिली हार के बाद टीम ने शानदार वापसी की थी। टी20 वर्ल्ड कप और अन्य बड़े मैचों में भारत अजेय रहा। लेकिन इस बार कहानी अलग थी। मैदान पर शुरुआत से ही टीम दबाव में नजर आई। मैच का पूरा हाल: कहां फिसली टीम इंडिया? दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 187/7 का मजबूत स्कोर खड़ा किया। मध्यक्रम में David Miller ने 35 गेंदों पर 63 रन बनाकर पारी को संभाला और अंत में तेजी से रन जोड़े। लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम कभी भी मैच में मजबूत स्थिति में नहीं दिखी। शुरुआती विकेट जल्दी गिर गए और रन गति लगातार बढ़ती गई। पूरी टीम 111 रन पर ऑलआउट हो गई। बड़े टूर्नामेंट में ऐसा दबाव कम ही देखने को मिलता है। T20 में दूसरी सबसे बड़ी हार 76 रनों से मिली यह हार टी20 इंटरनेशनल में भारत की दूसरी सबसे बड़ी हार है। इससे पहले 2019 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 80 रनों से हार मिली थी। टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में रनों के लिहाज से यह भारत की सबसे बड़ी हार मानी जा रही है। Bumrah की चमक, टीम की निराशा हार के बावजूद एक नाम जिसने उम्मीद जगाई, वह था Jasprit Bumrah। उन्होंने 3 विकेट लेकर विपक्षी बल्लेबाजों को बांधे रखा। टूर्नामेंट में वह भारत के लिए हाईएस्ट विकेट टेकर बनकर उभरे हैं। उनकी लाइन और लेंथ हमेशा की तरह सटीक रही, लेकिन बल्लेबाजी की कमजोरी भारी पड़ गई। Semifinal Race पर असर इस हार से भारत का नेट रन रेट प्रभावित हुआ है। सेमीफाइनल की दौड़ अब पहले जितनी आसान नहीं रही। अगले मुकाबलों में टीम को सिर्फ जीत ही नहीं, बल्कि बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी।
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PAK

सुपर-8 का पहला मैच आज PAK vs NZ टूर्नामेंट में न्यूजीलैंड पर भारी पड़ा पाकिस्तान

टी20 वर्ल्ड कप के Super-8 स्टेज की शुरुआत एक हाई-वोल्टेज मुकाबले से हुई, जहां Pakistan national cricket team और New Zealand national cricket team आमने-सामने हैं। दोनों टीमें शानदार फॉर्म में हैं, लेकिन मौजूदा लय को देखते हुए पाकिस्तान थोड़ा आगे दिखाई दे रहा है। क्रिकेट फैंस के लिए यह मुकाबला किसी फाइनल से कम नहीं माना जा रहा। ग्रुप स्टेज से सुपर-8 तक का सफर पाकिस्तान ने ग्रुप स्टेज में संतुलित और आत्मविश्वास भरा खेल दिखाया। टीम ने बल्लेबाजी में आक्रामकता और गेंदबाजी में अनुशासन का बेहतरीन तालमेल पेश किया। दूसरी ओर न्यूजीलैंड ने भी प्रोफेशनल अंदाज़ में मैच जीते, लेकिन कुछ मुकाबलों में उन्हें कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ा। Super-8 में पहुंचते ही हर टीम की रणनीति बदल जाती है, क्योंकि अब एक-एक मैच से सेमीफाइनल का रास्ता तय होता है। Sahibzada Farhan: Pakistan की सबसे बड़ी ताकत इस टूर्नामेंट में अगर किसी एक खिलाड़ी ने लगातार सुर्खियां बटोरी हैं, तो वह हैं साहिबजादा फरहान। वह मौजूदा सीजन के टॉप रन-स्कोरर बनकर उभरे हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने टीम को तेज शुरुआत दी है और कई बार मैच का रुख शुरुआती ओवरों में ही पाकिस्तान की ओर मोड़ दिया है। फरहान की खासियत यह है कि वह सिर्फ बड़े शॉट ही नहीं लगाते, बल्कि स्ट्राइक रोटेट कर पारी को संभालते भी हैं। यही संतुलन उन्हें खास बनाता है। जब वह क्रीज पर होते हैं, तो विपक्षी कप्तान की रणनीति साफ तौर पर बदलती दिखती है। गेंदबाजी में भी दम पाकिस्तान की तेज गेंदबाजी यूनिट पावरप्ले और डेथ ओवर्स में घातक साबित हुई है। वहीं स्पिनर्स ने बीच के ओवरों में रन गति को नियंत्रित रखा। न्यूजीलैंड की टीम अपनी सधी हुई गेंदबाजी और बेहतरीन फील्डिंग के लिए जानी जाती है, लेकिन पाकिस्तान के आक्रामक टॉप ऑर्डर के सामने उन्हें अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी। मौसम और मैच का रोमांच मुकाबले से पहले मौसम को लेकर भी चर्चा है। अगर बारिश दखल देती है तो मैच का समीकरण बदल सकता है। ऐसे में टॉस और शुरुआती 6 ओवर काफी अहम रहेंगे। छोटे मुकाबले में तेज रन गति और विकेट बचाना दोनों टीमों के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। क्या कहता है मोमेंटम? क्रिकेट सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं है, यह मोमेंटम और आत्मविश्वास का भी खेल है। इस समय पाकिस्तान के पास दोनों चीजें मौजूद हैं। हालांकि न्यूजीलैंड जैसी अनुभवी टीम को हल्के में लेना भूल होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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T20 - India से हार के बाद बदला पाकिस्तान का गेम प्लान: बाबर की बैटिंग पोजीशन बदली

T20 – India से हार के बाद बदला पाकिस्तान का गेम प्लान: बाबर की बैटिंग पोजीशन बदली

India से मिली करारी हार के बाद पाकिस्तान टीम में हलचल तेज हो गई है। टीम मैनेजमेंट ने तुरंत रणनीति में बदलाव करते हुए प्लेइंग इलेवन और बैटिंग ऑर्डर में बड़े फैसले लिए हैं। सबसे बड़ा फैसला लिया गया है स्टार बल्लेबाज Babar Azam को लेकर। उन्हें नंबर 4 की पोजीशन से हटाकर नीचे भेजने का फैसला किया गया है। वहीं तेज गेंदबाज Shaheen Shah Afridi को टीम से बाहर कर दिया गया है। कोच ने क्या कहा? पाकिस्तान टीम के कोच ने साफ कहा कि यह बदलाव दबाव में नहीं बल्कि रणनीति के तहत किया गया है। उनका कहना है कि टीम को बेहतर संतुलन देने और मैच की परिस्थितियों के अनुसार यह फैसला लिया गया है। कोच के मुताबिक, “हम हार से सीख रहे हैं। कुछ फैसले टीम के हित में जरूरी थे। आगे के मैचों में बेहतर प्रदर्शन हमारी प्राथमिकता है।” हार के बाद बढ़ा दबाव भारत के खिलाफ हार के बाद पाकिस्तान टीम और कप्तान पर सवाल उठने लगे थे। फैंस सोशल मीडिया पर लगातार टीम चयन और रणनीति को लेकर प्रतिक्रिया दे रहे थे। ऐसे में टीम मैनेजमेंट ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि बदलाव ही आगे बढ़ने का रास्ता है। क्या बदलेगी किस्मत? अब देखने वाली बात यह होगी कि नई रणनीति पाकिस्तान को जीत दिला पाती है या नहीं। बाबर की नई बैटिंग पोजीशन और शाहीन की गैरमौजूदगी टीम पर कितना असर डालेगी, यह आने वाले मुकाबलों में साफ हो जाएगा। क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, जज़्बात भी है। हार के बाद संभलना ही असली टीम की पहचान होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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BCCI

India–Bangladesh Cricket Relations BCCI के साथ रिश्ते सुधारने की नई पहल

भारत और Bangladesh के बीच क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, बल्कि भावनाओं और प्रतिस्पर्धा का अनोखा संगम रहा है। अब बांग्लादेश की नई सरकार ने संकेत दिए हैं कि वह भारत के साथ अपने खेल संबंधों को मजबूत करना चाहती है। हाल ही में नियुक्त खेल मंत्री ने साफ कहा कि पड़ोसी देशों के साथ दोस्ताना रिश्ते बनाना उनकी प्राथमिकता है, और इसी कड़ी में भारत के साथ क्रिकेट सहयोग को नई दिशा देने की कोशिश की जाएगी। BCCI के साथ तालमेल बढ़ाने पर जोर भारत में क्रिकेट संचालन की जिम्मेदारी संभालने वाली संस्था Board of Control for Cricket in India (BCCI) के साथ बेहतर तालमेल को इस पहल का अहम हिस्सा माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच होने वाली द्विपक्षीय सीरीज़, एशिया कप जैसे टूर्नामेंट और अन्य अंतरराष्ट्रीय मुकाबले आपसी समन्वय पर निर्भर करते हैं। ऐसे में रिश्तों में सुधार का सीधा असर क्रिकेट शेड्यूल और आयोजनों पर पड़ सकता है। क्रिकेट से बढ़ेगी नजदीकी भारत और बांग्लादेश के मैच हमेशा हाई-वोल्टेज माने जाते हैं। स्टेडियम में दर्शकों की गूंज और टीवी पर रिकॉर्ड दर्शक संख्या इस बात का प्रमाण है कि दोनों देशों के बीच क्रिकेट का रिश्ता बेहद मजबूत है। पिछले कुछ वर्षों में मैदान पर कड़ी टक्कर देखने को मिली है, जिससे प्रतिस्पर्धा और भी दिलचस्प हुई है। अब अगर प्रशासनिक स्तर पर सहयोग बढ़ता है, तो खिलाड़ियों को ज्यादा अवसर मिलेंगे, नई सीरीज़ की संभावनाएं बनेंगी और फैंस को और रोमांचक मुकाबले देखने को मिल सकते हैं। स्पोर्ट्स डिप्लोमेसी का बढ़ता महत्व खेल कूटनीति आज वैश्विक स्तर पर रिश्तों को मजबूत करने का प्रभावी जरिया बन चुकी है। बांग्लादेश के खेल मंत्री का बयान इसी सोच को दर्शाता है कि खेल के माध्यम से विश्वास और सहयोग बढ़ाया जा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Super-8 की 7 टीमें तय, आज होगा आखिरी फैसला: नामीबिया जीता तो पाकिस्तान बाहर

Super-8 की 7 टीमें तय, आज होगा आखिरी फैसला: नामीबिया जीता तो पाकिस्तान बाहर

Super-8 राउंड की 7 टीमें तय हो चुकी हैं, लेकिन 8वीं टीम का फैसला आज होने वाले मुकाबले से होगा। अगर नामीबिया जीत दर्ज करता है, तो पाकिस्तान की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो सकती है। क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें अब इसी मैच पर टिकी हुई हैं, क्योंकि यह मुकाबला कई टीमों की किस्मत तय करेगा। कौन-कौन सी टीमें पहुंचीं सुपर-8 में? अब तक जिन टीमों ने सुपर-8 में जगह बनाई है, उनमें शामिल हैं: अब सबकी नजर 8वीं टीम पर है। पाकिस्तान की बढ़ी टेंशन Pakistan की टीम के लिए हालात आसान नहीं हैं। अगर नामीबिया जीत जाता है, तो पाकिस्तान सुपर-8 की दौड़ से बाहर हो जाएगा। ऐसे में पाकिस्तानी फैंस की धड़कनें तेज हो गई हैं। टीम की किस्मत अब दूसरे मुकाबले के नतीजे पर निर्भर है, जो क्रिकेट की अनिश्चितता को और भी दिलचस्प बना रहा है। सुपर-8 का संभावित शेड्यूल सुपर-8 राउंड में टीमें दो ग्रुप में बांटी जाएंगी। हर टीम अपने ग्रुप की बाकी टीमों से मुकाबला करेगी। मैचों का पूरा शेड्यूल आधिकारिक घोषणा के बाद जारी किया जाएगा। फैंस में उत्साह देशभर में क्रिकेट फैंस इस रोमांचक मुकाबले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। हर कोई जानना चाहता है कि कौन सी टीम आखिरी सीट हासिल करेगी और किसका सफर यहीं खत्म होगा। टी-20 वर्ल्ड कप में हर मैच नई कहानी लिख रहा है, और आज का मुकाबला भी किसी बड़े उलटफेर से कम नहीं होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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रानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन

भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट हो गई। घटना सुबह करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। सामान चढ़ाने और यात्रियों के आने-जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ गया, जिसके चलते ट्रेन करीब 29 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। आरोप है कि पैंट्री कर्मचारियों ने एकजुट होकर यात्रियों पर हमला किया। विवाद के दौरान कर्मचारियों द्वारा चेन पुलिंग किए जाने की बात भी सामने आई है। बताया गया कि ट्रेन रानी कमलापति स्टेशन पर पहले ही निर्धारित समय से 3 घंटे 33 मिनट की देरी से पहुंची थी। जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया विवाद घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और यात्रियों व पैंट्री कर्मचारियों के बीच चल रहे विवाद को शांत कराया। जीआरपी टीआई अमित शर्मा के मुताबिक, पीड़ित यात्री बेंगलुरु जा रहा था। उन्होंने बताया कि रानी कमलापति स्टेशन पर इस मामले में शिकायत नहीं मिली। वहीं, नागपुर में जीरो पर प्रकरण दर्ज किए जाने की सूचना है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित जीआरपी के स्तर पर की जाएगी।

मध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव

मध्यप्रदेश में पारंपरिक और आंचलिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार करीब साढ़े सात करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी कर रही है। खेल विभाग ने इसके लिए छोटे शहरों में प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना बनाई है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 330 विकासखंडों में हर साल पारंपरिक खेल महोत्सव आयोजित किए जाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेलों को संरक्षण देना और ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान करना है। सरकार की इस पहल से स्थानीय खेलों को प्रतियोगिताओं और व्यवस्थित प्रशिक्षण के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। पिट्ठू से मलखंभ तक, कई खेल होंगे शामिल प्रस्तावित योजना में पिट्ठू, गदा और साइकिल रेस जैसे पारंपरिक व आंचलिक खेलों को शामिल किया गया है। इसके अलावा कबड्डी, खो-खो, पैदल चाल, तीरंदाजी और मलखंभ जैसे खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। खेल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पारंपरिक खेल महोत्सव में विकासखंड स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इन स्पर्धाओं के लिए पूरे प्रदेश में एक समान नियम तैयार किए जाएंगे, ताकि खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के समान अवसर मिल सकें। छोटे शहरों में खुलेंगे प्रशिक्षण केंद्र खेल विभाग का मानना है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कई पारंपरिक खेल लंबे समय से स्थानीय संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। हालांकि, इन खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को अक्सर औपचारिक प्रशिक्षण और बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर नहीं मिल पाता। प्रस्तावित प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से ऐसे खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण देने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। आधुनिक खेलों से जोड़ने की भी तैयारी खेल विभाग इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करेगा। इसके बाद उन्हें आगे के प्रशिक्षण के लिए तैयार करने की योजना है। विभाग पारंपरिक खेलों से जुड़ी प्रतिभाओं को आधुनिक खेल व्यवस्था से जोड़ने के विकल्पों पर भी काम कर रहा है। इस पहल के जरिए पारंपरिक खेलों को नई पहचान देने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। पारंपरिक खेलों के केंद्र स्थापित किए जाएंगे: विश्वास सारंग खेल मंत्री विश्वास सारंग के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न अंचलों में कई देशी खेल प्रचलित हैं, लेकिन उन्हें बड़े पैमाने पर खेलने के अवसर सीमित हैं। अब इनके केंद्र स्थापित कर इन खेलों को बढ़ावा देने की योजना है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित योजना में टीम आधारित और व्यक्तिगत, दोनों तरह के खेलों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।

एशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए

जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने 24 मेडल जीते, जिनमें 5 गोल्ड, 6 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक 9 गोल्ड, 11 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए हैं। दूसरे दिन एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारत ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज तीनों मेडल जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। वहीं, निषाद कुमार ने हाई जंप में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। सिमरन शर्मा और दीप्ति जीवनजी ने भी क्रमशः 200 मीटर और 400 मीटर रेस में गोल्ड मेडल अपने नाम किए। शूटिंग में मनीष नरवाल ने सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही उन्होंने 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक्स के लिए कोटा भी हासिल किया। डिस्कस थ्रो में भारत का क्लीन स्वीप पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों पदक जीतकर अपना दबदबा कायम किया। देवेंद्र कुमार ने 781 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। राकेश ने 771 पॉइंट्स लेकर सिल्वर, जबकि प्रदीप कुमार ने 669 पॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस मुकाबले की खास बात यह रही कि प्रदीप कुमार ने 51.15 मीटर का सबसे लंबा थ्रो किया, इसके बावजूद उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला। इसकी वजह यह है कि इस स्पर्धा में अलग-अलग तरह की शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी एक साथ मुकाबला करते हैं। इसमें F43, F44, F62 और F64 कैटेगरी के खिलाड़ी शामिल थे। खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति और थ्रो करने की क्षमता में अंतर होने के कारण उनके प्रदर्शन का आकलन रजा पॉइंट्स सिस्टम के आधार पर किया जाता है। इस प्रणाली में खिलाड़ी की कैटेगरी के अनुसार प्रदर्शन को अंक दिए जाते हैं, जिससे अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के परिणामों की निष्पक्ष तुलना की जा सके। निषाद कुमार ने हाई जंप में जीता दूसरा गोल्ड भारतीय पैरा-एथलीट निषाद कुमार ने पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में 2.02 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता। यह इन गेम्स में उनका दूसरा गोल्ड है। इससे पहले वह लॉन्ग जंप में भी पहला स्थान हासिल कर चुके हैं। हाई जंप में खिलाड़ियों को एक निश्चित ऊंचाई पर रखी बार को बिना गिराए पार करना होता है। हर सफल प्रयास के बाद बार की ऊंचाई बढ़ाई जाती है और सबसे अधिक ऊंचाई पार करने वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। T47 पैरा-एथलेटिक्स की वह श्रेणी है, जिसमें हाथ से जुड़ी शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। निषाद की इस उपलब्धि से भारत के पदक अभियान को मजबूती मिली है। प्रणव सूरमा को गोल्ड, राम रतन सिंह ने जीता सिल्वर पुरुषों की डिस्कस थ्रो F51/F52/F53 स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रणव सूरमा ने 932 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि राम रतन सिंह 809 पॉइंट्स लेकर दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें सिल्वर मेडल मिला। प्रणव ने अपने छह प्रयासों में 11.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। इस स्पर्धा में भी अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तुलना रजा पॉइंट्स के आधार पर की जाती है। इसलिए केवल थ्रो की दूरी के आधार पर विजेता तय नहीं होता। प्रणव और राम रतन के अंकों ने उन्हें क्रमशः पहला और दूसरा स्थान दिलाया। भारत की पदक तालिका पर नजर दूसरे दिन के शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। एथलेटिक्स में लगातार मिल रही सफलताओं और शूटिंग में मनीष नरवाल की उपलब्धि ने भारतीय अभियान को नई गति दी है। प्रतियोगिता के अगले दिनों में भी भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
SBI

SBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर मिलने का मामला सामने आया है। बैंक की शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड में व्यक्तिगत जानकारी उजागर होने की पहचान की गई है। इनमें नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पते जैसी जानकारियां शामिल हैं। इस खबर के सामने आने के बाद ग्राहकों की डेटा सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है। SBI ने कहा है कि इस घटना से बैंक के सामान्य कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन और सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। वहीं, डेटा कहां से आया, कितने ग्राहकों की जानकारी प्रभावित हुई और इसके पीछे क्या वजह रही, इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए जांच की जा रही है। SBI Data Leak: कैसे सामने आया डेटा लीक का मामला? बैंक के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को उसे अपने Threat Intelligence Service Provider, Defence Cyber Agency और भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) से डार्क वेब पर ग्राहकों का डेटा उपलब्ध होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद SBI ने शुरुआती स्तर पर करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इस प्रक्रिया में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड ऐसे मिले, जिनमें व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी मौजूद थी। हालांकि, डार्क वेब पर मिले सभी रिकॉर्ड के बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। बैंक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि डेटा कितना वास्तविक है और किस माध्यम से बाहर पहुंचा। ग्राहकों की कौन-सी निजी जानकारी हुई उजागर? शुरुआती जांच में सामने आए रिकॉर्ड में ग्राहकों से जुड़ी कई तरह की जानकारियां शामिल बताई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: इनमें से कुछ जानकारियों का इस्तेमाल साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, किसी ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी पता होने पर ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में ग्राहकों के बैंक खातों से पैसे निकलने या किसी खास तरह की धोखाधड़ी होने की पुष्टि नहीं हुई है। SBI ने जांच के लिए उठाए जरूरी कदम डेटा लीक की जानकारी मिलने के बाद बैंक ने अपने साइबर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए। साथ ही, मामले की विस्तृत जांच के लिए CERT-In से सूचीबद्ध एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया गया है। जांच में यह पता लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है कि डेटा का स्रोत क्या था, जानकारी कैसे उजागर हुई और इससे ग्राहकों की सुरक्षा पर कितना असर पड़ सकता है। बैंक के अनुसार, जांच के नतीजों के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल डेटा लीक के पीछे किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। क्या SBI ग्राहकों के बैंक खाते खतरे में हैं? डेटा लीक की खबर सुनकर ग्राहकों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या उनके बैंक खाते सुरक्षित हैं? यहां एक बात समझना जरूरी है। ग्राहकों का नाम, मोबाइल नंबर या पता सामने आने का मतलब यह नहीं है कि उनके बैंक खाते भी हैक हो गए हैं। निजी जानकारी का उजागर होना और खाते से पैसे निकलना दो अलग-अलग बातें हैं। SBI ने कहा है कि इस घटना से उसके मुख्य कामकाज और सेवाओं पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ा है। हालांकि, निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करके फर्जी कॉल, मैसेज और ऑनलाइन ठगी की कोशिश की जा सकती है। इसलिए ग्राहकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। Data Leak के बाद ग्राहकों को क्या करना चाहिए? डिजिटल बैंकिंग के दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में SBI ग्राहकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। 1. OTP और PIN किसी को न बताएं: बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाला व्यक्ति भी आपसे OTP, ATM PIN या CVV मांगे, तो जानकारी साझा न करें। 2. संदिग्ध लिंक से बचें: KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने या रिफंड मिलने के नाम पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें। 3. बैंक खाते पर नजर रखें: अपने खाते के लेनदेन की नियमित जांच करें। कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। 4. फर्जी कॉल से सावधान रहें: अगर कोई व्यक्ति बैंकिंग जानकारी बताकर आपका भरोसा जीतने की कोशिश करे, तो उसकी पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। 5. साइबर ठगी होने पर शिकायत करें: वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन या भारत सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। ध्यान रखें कि किसी ठग के पास आपकी कुछ निजी जानकारी होने का मतलब यह नहीं है कि वह बैंक का अधिकृत प्रतिनिधि है। SBI Data Leak मामले में अब आगे क्या होगा? फिलहाल SBI डेटा लीक मामले की जांच जारी है। बैंक यह पता लगाने में जुटा है कि डार्क वेब पर उपलब्ध जानकारी कहां से आई और घटना का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है। जांच पूरी होने के बाद ही डेटा लीक की वजह और ग्राहकों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर ज्यादा स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। तब तक ग्राहकों के लिए अपनी बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखना और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहना सबसे जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Delhi HighCourt

Delhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi HighCourt) में बुधवार, 21 अक्टूबर को CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों नेताओं ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ाई गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणियों के बाद दोनों ने अपनी याचिका वापस ले ली। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की बेंच ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब इस मामले में दूसरी कानूनी प्रक्रिया अपनाने का विकल्प मौजूद है, तो सीधे हाईकोर्ट का रुख क्यों किया गया। कोर्ट ने दोनों नेताओं की ओर से शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के आरोपों पर भी टिप्पणी की। Jantar Mantar Protest Case: क्या है पूरा मामला? सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया था। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया था। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर उस स्थान पर प्रवेश किया था, जिसे प्रदर्शन स्थल के रूप में पहले ही अधिसूचित सूची से हटा दिया गया था। इसके बाद दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। शुरुआत में उनकी हिरासत पांच दिन के लिए तय की गई थी। 19 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ाने का आदेश दिया था। इसी फैसले को चुनौती देते हुए दोनों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। Court Remarks: बॉन्ड की शर्तों पर क्या कहा? सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड और उसके कथित उल्लंघन को लेकर सवाल उठाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि बैरिकेडिंग तोड़ने जैसी घटना के बाद दूसरे लोगों के भी नियमों का उल्लंघन करने की आशंका बढ़ सकती है। दोनों नेताओं की ओर से पेश वकील ने हिरासत बढ़ाने के आदेश और जमानतदारों से जुड़ी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका पक्ष था कि दोनों ने आवश्यक जमानतदार पेश किए थे, इसके बावजूद उन्हें हिरासत में रखा गया। हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले में उपलब्ध वैकल्पिक कानूनी उपाय अपनाने की बात कही। इसके बाद दोनों नेताओं की ओर से याचिका वापस लेने का फैसला किया गया। याचिका वापस लेने का क्या मतलब है? सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका वापस लिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि हाईकोर्ट ने हिरासत बढ़ाने के आदेश को सही ठहरा दिया है। अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय दिए बिना याचिका वापस लेने की अनुमति दी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को पहले स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष चल रही प्रक्रिया के नतीजे का इंतजार करने और जरूरत पड़ने पर उचित अपीलीय मंच का रुख करने की सलाह दी। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और मजिस्ट्रेट के समक्ष होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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