Goa की रात, संगीत और छुट्टियों की खुशी अचानक मातम में बदल गई। अर्पोरा के लोकप्रिय नाइटक्लब Birch by Romeo Lane में आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई। इन मृतकों में दिल्ली के एक ही परिवार के चार सदस्य भी शामिल थे, जो पहली बार गोवा घूमने आए थे।
कैसे शुरू हुआ हादसा?
शनिवार की देर रात क्लब के अंदर डांस शो चल रहा था। उसी दौरान स्पेशल इफेक्ट्स के लिए cold pyro guns चलाए गए। इनसे निकली चिंगारियां बांस और फाइबर की छत को छू गईं।
कुछ ही सेकंड में आग फैल गई और धुआं पूरे क्लब में भरने लगा।
क्लब में लगभग 200 लोग थे। तेज़ आग, घबराहट और संकरे एग्जिट गेट्स के कारण कई लोग बाहर नहीं निकल पाए।
Delhi family की दिल दहला देने वाली कहानी
दिल्ली के करावल नगर से आए परिवार के लिए यह पहला Goa ट्रिप था। वे 4 दिसंबर को पहुंचे थे और सोमवार को वापस लौटने वाले थे।
हादसे में जान गंवाने वाले:
- अनिता जोशी
- कमला जोशी
- सरोज जोशी
- विनोद कुमार (जिन्होंने आख़िरी पल में परिवार को बचाने के लिए दोबारा अंदर जाने की कोशिश की)
परिवार की एकमात्र सदस्य भावना जोशी किसी तरह बच गईं।
घर पर इंतज़ार कर रही बुजुर्ग मां को अभी तक यह खबर नहीं दी गई है, क्योंकि परिवार को डर है कि वह सदमे को सहन नहीं कर पाएंगी।
बाकी मृतक कौन थे?
हादसे में मारे गए लोगों में 20 लोग क्लब में काम करने वाले कर्मचारी थे।
वे अलग-अलग राज्यों और नेपाल से आए थे।
बहुत से लोग लकड़ी और फर्नीचर के बीच फंस गए, जो तेज़ी से जलने लगा।
जांच, कार्रवाई और सवाल
हादसे के बाद:
- गोवा सरकार ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए
- क्लब से जुड़े कुछ प्रॉपर्टीज सील कर दिए गए
- देश भर में बार और क्लबों की फायर सेफ्टी चेकिंग तेज कर दी गई
सबसे बड़ा सवाल यही है:
क्या इतनी बड़ी त्रासदी रोकी जा सकती थी?
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है:
- आतिशबाज़ी जैसी चीज़ें अंदर नहीं होनी चाहिए
- एग्जिट गेट चौड़े होने चाहिए
- छत और सजावट non-flammable material से होनी चाहिए
लेकिन कई जगहों पर नियम किताबों में लिखे रहते हैं, ज़मीन पर नहीं।
छुट्टियों की जगह मातम
जो लोग Goa में छुट्टियां, संगीत और आज़ादी की रात मनाने आए थे, वे कुछ ही घंटों में दर्द, धुआं और चीखों के बीच घिर गए।
कई परिवार आज सिर्फ यात्रियों की नहीं, यादों की तलाश में हैं।
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