IRAN और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब 45 दिन के सीजफायर (युद्धविराम) को लेकर बातचीत चल रही है। दोनों देशों के बीच हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि अगले 48 घंटे को बेहद अहम माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, अगर इस दौरान कोई समझौता नहीं हो पाता है, तो ईरान पर बड़े सैन्य हमले हो सकते हैं। यही वजह है कि दुनिया की नजरें इस समय इस बातचीत पर टिकी हुई हैं।
बताया जा रहा है कि दोनों देशों के अधिकारी बैकडोर चैनल्स के जरिए लगातार संपर्क में हैं, ताकि किसी तरह टकराव को टाला जा सके। हालांकि अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
इस पूरे घटनाक्रम से आम लोगों में भी चिंता बढ़ गई है। अगर हालात बिगड़ते हैं, तो इसका असर सिर्फ ईरान और अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और तेल की कीमतों पर भी पड़ेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सीजफायर हो जाता है, तो यह शांति की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। लेकिन अगर बातचीत फेल होती है, तो हालात और ज्यादा खराब हो सकते हैं।
फिलहाल सभी की निगाहें अगले 48 घंटे पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि दुनिया शांति की ओर बढ़ेगी या एक बड़े संघर्ष की ओर।
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