मध्य प्रदेश के जबलपुर में मंगलवार शाम एक फिल्मी सीन जैसा मामला देखने को मिला, जब पुलिस और एक शातिर चोर के बीच हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ।
पुलिस से बचने तालाब में कूदा आरोपी
घटना रीवा-इतवारी एक्सप्रेस ट्रेन की है, जहां एसी कोच में एक महिला का पर्स चोरी करने की कोशिश के दौरान आरोपी हरविंदर सिंह आरपीएफ की नजर में आ गया।
जैसे ही ट्रेन सिहोरा रोड स्टेशन के पास धीमी हुई, आरोपी कूदकर भागा और खितौला इलाके के एक गहरे तालाब में कूद गया।

कमल की नाल से लेता रहा सांस
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी करीब 5 घंटे तक तालाब में छिपा रहा। वह पानी के अंदर रहते हुए कमल की डंठल (नाल) के जरिए सांस लेता रहा, जिससे पुलिस उसे ढूंढ नहीं पाई।
गोताखोरों ने किया गिरफ्तार
खितौला थाना पुलिस और गोताखोरों की टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद आखिरकार आरोपी को काई के बीच से बाहर निकाला और गिरफ्तार कर लिया।

नाम छिपाता रहा, पुरानी फोटो से खुली पोल
गिरफ्तारी के बाद आरोपी पुलिस को गुमराह करता रहा और खुद को ‘बबलू’ बताता रहा। लेकिन आरपीएफ अधिकारी को शक हुआ और पुराने रिकॉर्ड से मिलान करने पर उसकी असली पहचान सामने आ गई।
‘सन्नी’ नाम सुनते ही आरोपी टूट गया और अपनी सच्चाई कबूल कर ली।
400 से ज्यादा चोरी, कभी रहा पार्षद
जांच में सामने आया कि हरविंदर सिंह पर देशभर में 400 से ज्यादा चोरी के मामले दर्ज हैं। वह 2017 में यूपी के बिजनौर में निर्दलीय पार्षद भी रह चुका है।
2018 में उसके पास से 70 लाख रुपए के हीरे-जेवरात बरामद किए गए थे। वह अक्सर ट्रेनों के एसी कोच को निशाना बनाता था और वारदात के बाद सिम बदलकर फरार हो जाता था।
कई राज्यों की पुलिस को थी तलाश
मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में उसके खिलाफ मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और अन्य वारदातों का खुलासा होने की संभावना है।
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि अपराधी बचने के लिए कितनी चालाकी कर सकते हैं, लेकिन कानून के हाथ आखिरकार उन तक पहुंच ही जाते हैं।
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