महाराष्ट्र के खेल मंत्री और एनसीपी के वरिष्ठ नेता मनिकराव कोकाटे (Manikrao Kokate) का इस्तीफा राज्य गवर्नर आचार्य देवव्रत (Governor Acharya Devvrat) ने 19 दिसंबर 2025 को स्वीकार कर लिया है। यह कदम तब आया जब उनके खिलाफ एक पुराने धोखाधड़ी (Fraud Case) मामले में कोर्ट ने दोषसिद्धि की पुष्टि की।
इस्तीफे की वजह
1995 में ईडब्ल्यूएस (EWS) आवास योजना में फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करने के आरोप में नाशिक की सत्र अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया और दो साल की सजा के साथ जुर्माना लगाया। इस फैसले के बाद राजनीतिक और कानूनी दबाव बढ़ने के कारण कोकाटे ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।
इस्तीफा प्रक्रिया और मंत्रालय का बंटवारा
मनिकराव कोकाटे ने अपना इस्तीफा उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Deputy CM Ajit Pawar) को सौंपा। इसे सिद्धांत रूप में स्वीकार कर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (CM Devendra Fadnavis) को भेजा गया। इस्तीफा स्वीकार होने से पहले ही उनके सभी मंत्री पद और विभाग अजित पवार को सौंप दिए गए थे।
कानूनी स्थिति
मनिकराव कोकाटे ने बॉम्बे हाईकोर्ट में स्थगन (Stay) याचिका दाखिल की है। सुनवाई 19 दिसंबर को हुई। नाशिक पुलिस मुंबई में उनके खिलाफ वारंट लेकर पहुँची थी, लेकिन इलाज और स्वास्थ्य कारणों से गिरफ्तारी अभी स्थगित है।
राजनीतिक और समाजिक प्रतिक्रिया
विपक्ष ने उन्हें विधायिका से अयोग्य घोषित करने की मांग की है। मनिकराव कोकाटे नाशिक जिले की सिन्नर विधानसभा सीट से विधायक हैं। उनके विभागों में खेल, युवा कल्याण और अल्पसंख्यक विकास शामिल थे।
मनिकराव कोकाटे का यह मामला 1990 के दशक से जुड़ा है। आरोप था कि उन्होंने EWS फ्लैट हासिल करने के लिए फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल किया था। लंबे समय से चल रहे कानूनी विवाद के बाद अब उनका राजनीतिक भविष्य अनिश्चित नजर आता है।
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