Vrindavan से आई यह खबर दिल को झकझोर देने वाली है। एक साधारण सी धार्मिक सैर अचानक मातम में बदल गई, जब यमुना नदी में श्रद्धालुओं से भरी नाव हादसे का शिकार हो गई।
इस दर्दनाक दुर्घटना में अब तक 11 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 4 लोग अभी भी लापता हैं।
भजन से चीखों तक… कुछ ही पलों में बदल गया माहौल
शुक्रवार का दिन था। लोग **Yamuna River में नाव की सवारी का आनंद ले रहे थे, कुछ भजन गा रहे थे, तो कुछ मोबाइल में यादें कैद कर रहे थे।
लेकिन अचानक नाव डगमगाने लगी। चश्मदीद बताते हैं कि इससे पहले कोई कुछ समझ पाता, नाव पलट गई और चारों तरफ चीख-पुकार मच गई।
हादसे की वजह: एक के बाद एक बड़ी लापरवाही
प्रारंभिक जांच में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं:
- नाव में क्षमता से ज्यादा लोग सवार थे
- किसी के पास लाइफ जैकेट नहीं थी
- नाव की हालत भी ठीक नहीं बताई जा रही
- बताया जा रहा है कि नाव एक अस्थायी पुल से टकराई
इन सब कारणों ने मिलकर इस हादसे को और भी भयावह बना दिया।
250 गोताखोरों की मदद से जारी है तलाश
हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया।
- NDRF और SDRF की टीमें मौके पर मौजूद
- करीब 250 गोताखोर नदी में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं
- देर रात तक तलाश जारी रही
प्रशासन का कहना है कि जब तक आखिरी लापता व्यक्ति नहीं मिल जाता, ऑपरेशन बंद नहीं होगा।
नाव मालिक का गैरजिम्मेदाराना रवैया
सबसे हैरान करने वाली बात ये रही कि हादसे के बाद नाव मालिक मौके से फरार हो गया।
हालांकि, पुलिस ने बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है।
परिवारों में पसरा मातम
इस हादसे ने कई घरों की खुशियां छीन लीं। जो लोग कुछ देर पहले हंसते-गाते नजर आ रहे थे, वही अब अपने परिवारों से हमेशा के लिए दूर हो गए।
घायलों का इलाज चल रहा है और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया गया है।
प्रशासन सख्त, जांच शुरू
- हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं
- दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी
- पीड़ितों को मुआवजा देने की प्रक्रिया जारी
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