भारत की बेटी Nandini Gupta अब Miss World 2025 की रेस में हैं।
ये वही कॉन्टेस्ट है जिसे एक जमाने में धर्म और संस्कृति के खिलाफ बताया गया था। लेकिन आज वही मिस वर्ल्ड, ग्लैमर और सामाजिक सरोकारों का सबसे बड़ा मंच बन चुका है।
राजस्थान की रहने वाली 20 साल की Nandini Gupta ने अपनी मेहनत और हौसले से भारत का नाम रोशन किया है। छोटे शहरों से निकलकर आज नंदिनी जैसे युवाओं का अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचना, एक नई सोच और बदले हुए भारत की तस्वीर है।
साल 1951 में जब मिस वर्ल्ड की शुरुआत हुई थी, तब इसे सिर्फ एक बिकिनी शो माना गया। इतना विरोध हुआ कि पोप तक ने इसे “धर्म विरोधी” बता दिया। लेकिन वक़्त के साथ इस कॉन्टेस्ट का चेहरा बदला। अब ये सिर्फ सुंदरता नहीं, बल्कि सेवा, शिक्षा और समाज के प्रति योगदान का मंच बन गया है।
“ब्यूटी विद पर्पस” यानी मकसद वाली सुंदरता—मिस वर्ल्ड का यही नारा अब हर कंटेस्टेंट की पहचान बन चुका है।
Nandini ने बचपन से सपना देखा था कि वह कुछ ऐसा करें जिससे भारत को गर्व हो। उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ मॉडलिंग और सोशल वर्क को भी बराबर महत्व दिया। मिस इंडिया का ताज जीतने के बाद अब उनकी नजरें मिस वर्ल्ड खिताब पर टिकी हैं।
वो कहती हैं, “अगर मैं एक छोटे शहर से निकलकर यहां तक आ सकती हूं, तो देश की हर लड़की अपने सपनों को सच कर सकती है।”
भारत ने अब तक 6 बार मिस वर्ल्ड का खिताब जीता है—रीता फारिया (1966), ऐश्वर्या राय (1994), डायना हेडन (1997), युक्ता मुखी (1999), प्रियंका चोपड़ा (2000), और मानुषी छिल्लर (2017)। अब सबकी निगाहें नंदिनी पर हैं।
क्या वो सातवीं बार भारत के लिए ये ताज ला पाएंगी?
देश की करोड़ों बेटियों के लिए नंदिनी एक उम्मीद बन चुकी हैं। उनका सफर ये बताता है कि सोच बदलती है, तो समाज भी बदलता है।
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