प्रधानमंत्री मोदी का सीजफायर के बाद संबोधन: ऑपरेशन सिंदूर की गूंज
Operation Sindoor: PM Modi’s Powerful Address After Ceasefire with Pakistan
नई दिल्ली: पाकिस्तान के साथ संघर्षविराम (Ceasefire) के 51 घंटे बाद सोमवार रात 8 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया। 22 मिनट के इस भाषण में प्रधानमंत्री ने पहलगाम हमला, ऑपरेशन सिंदूर, सीजफायर, आतंकवाद, सिंधु जल समझौता और PoK पर खुलकर बात की।
ऑपरेशन सिंदूर: आतंक के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई
प्रधानमंत्री ने कहा, “जिन आतंकियों ने हमारी मां-बहनों का सिंदूर मिटाया, हमने उन्हें मिटा दिया।” ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत की सेनाओं ने पाकिस्तान में आतंकवाद के ठिकानों पर सटीक प्रहार किया। इस कार्रवाई में 100 से अधिक खूंखार आतंकवादी मारे गए। प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकी अब जान चुके हैं कि भारत की बेटियों के माथे से सिंदूर हटाने का अंजाम क्या होता है।
सीजफायर: पाकिस्तान की गुहार और भारत का रुख
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पाकिस्तान की गुहार पर भारत ने संघर्षविराम की सहमति दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ने मिलिट्री एक्शन को केवल स्थगित किया है, समाप्त नहीं। आगे की कार्रवाई पाकिस्तान के रवैये पर निर्भर करेगी।
पहलगाम हमला: आतंक का वीभत्स चेहरा
22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा किए गए बर्बर हमले ने देश और दुनिया को झकझोर दिया था। छुट्टियां मना रहे मासूम लोगों को बेरहमी से मारना आतंक का घिनौना चेहरा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह हमारे देश के सद्भाव को तोड़ने की कोशिश थी।
आतंकवाद पर भारत की स्पष्ट नीति
प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की कड़ी नीति का जिक्र करते हुए कहा कि अब आतंक और टॉक एक साथ नहीं चल सकते। भारत ने आतंक के ठिकानों पर निर्णायक प्रहार कर आतंकियों को मिटा दिया है।
सिंधु जल समझौता और PoK पर भारत का रुख
प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते। पाकिस्तान से बात केवल आतंकवाद और PoK पर ही होगी। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान को बचना है तो उसे अपने टेरर इन्फ्रास्ट्रक्चर का सफाया करना होगा।
ऑपरेशन सिंदूर: तीन स्पष्ट संदेश
- आतंकी हमला हुआ तो मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
- न्यूक्लियर ब्लैकमेल सहन नहीं किया जाएगा।
- आतंक को पनाह देने वाली सरकारों को अलग नहीं देखा जाएगा।
पीएम का संदेश: शांति के लिए शक्ति जरूरी
बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि शांति का मार्ग शक्ति से होकर गुजरता है। उन्होंने सेना के साहस और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि भारत की एकता आतंकवाद के खिलाफ सबसे बड़ी शक्ति है।
