23 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की आपात बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में भारत की सुरक्षा और पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय निम्नलिखित हैं:
- सिंधु जल संधि का निलंबन: भारत ने पाकिस्तान के साथ 1960 में हुई सिंधु जल संधि को अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दिया है। यह निर्णय पाकिस्तान को कड़ा संदेश देने के उद्देश्य से लिया गया है।
- SAARC वीज़ा छूट का निलंबन: भारत ने SAARC देशों के नागरिकों को दी जाने वाली वीज़ा छूट को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जिससे पाकिस्तान के नागरिकों को भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
- भारत में पाकिस्तानी दूतावास का बंद होना: भारत सरकार ने नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास को बंद करने का निर्णय लिया है, जिससे दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों में कटौती होगी।
- अटारी-वाघा बॉर्डर का बंद होना: भारत ने पंजाब के अटारी-वाघा बॉर्डर को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का निर्णय लिया है, जिससे दोनों देशों के बीच यातायात और व्यापारिक गतिविधियाँ प्रभावित होंगी।
- आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि भारत आतंकियों और उनके समर्थकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि जो भी इस हमले के पीछे हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। ABP Live
यह बैठक लगभग तीन घंटे तक चली और इसमें लिए गए निर्णयों से स्पष्ट है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के कड़े कदम
