पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर गर्मी बढ़ गई है। Trinamool Congress (TMC) ने आरोप लगाया है कि जब उनके नेता चुनाव से जुड़े मुद्दों को लेकर Election Commission of India (EC) के पास पहुंचे, तो उन्हें सिर्फ 5 मिनट के भीतर ही बाहर कर दिया गया।
TMC नेताओं का कहना है कि वे SIR (Special Intensive Revision) को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराने गए थे। उनका आरोप है कि आयोग ने उनकी बात ठीक से सुनी भी नहीं और उन्हें जल्दबाजी में बाहर जाने को कह दिया।
इस घटना के बाद TMC ने चुनाव आयोग के रवैये पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि अगर उनकी बात ही नहीं सुनी जाएगी, तो निष्पक्ष चुनाव कैसे संभव होंगे।
वहीं, चुनाव आयोग ने इन आरोपों को गंभीरता से लिया है, लेकिन साफ कहा है कि इस बार पश्चिम बंगाल में चुनाव पूरी तरह “भयमुक्त और निष्पक्ष” होंगे। आयोग का कहना है कि वह हर मतदाता को सुरक्षित माहौल देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
राजनीतिक माहौल को देखते हुए माना जा रहा है कि आने वाले चुनावों में राज्य में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो सकता है। आम जनता की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या इस बार चुनाव वास्तव में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष हो पाएंगे।
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