आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGस्पोर्ट्सSreesanth का बयान: Team India में Dhoni जैसा Mentor की जरूरत, Gambhir पर उठे सवालBREAKINGबिज़नेसStock Market Crash IT सेक्टर टूटा, Accenture के संकेत से निवेशकों को बड़ा नुकसानBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़JD Vance का सबसे बड़ा Political Gamble! Iran Deal सफल रही तो बन सकते हैं अगले राष्ट्रपतिBREAKINGदेश-हरपलRam Mandir Donation Case: चढ़ावा विवाद के बीच Ayodhya पहुंचे CM Yogi, SIT जांच पर दिया बड़ा बयानBREAKINGदेश-हरपलJharkhand Election राज्यसभा नतीजों के बाद INDIA गठबंधन में दरार की चर्चा तेजBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़अमेरिकी Vice President का बड़ा बयान: इजराइल दुनिया में पड़ रहा अकेलाBREAKINGदेश-हरपलTej Pratap Controversy: गर्लफ्रेंड की बेटी से मिलने पहुंचे तेजप्रताप? FIR के बाद बढ़ा विवादBREAKINGप्रदेशIndia Weather मानसून की धीमी चाल से बढ़ी टेंशन, 19 राज्यों में कम बारिश का असरBREAKINGस्पोर्ट्सSreesanth का बयान: Team India में Dhoni जैसा Mentor की जरूरत, Gambhir पर उठे सवालBREAKINGबिज़नेसStock Market Crash IT सेक्टर टूटा, Accenture के संकेत से निवेशकों को बड़ा नुकसानBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़JD Vance का सबसे बड़ा Political Gamble! Iran Deal सफल रही तो बन सकते हैं अगले राष्ट्रपतिBREAKINGदेश-हरपलRam Mandir Donation Case: चढ़ावा विवाद के बीच Ayodhya पहुंचे CM Yogi, SIT जांच पर दिया बड़ा बयानBREAKINGदेश-हरपलJharkhand Election राज्यसभा नतीजों के बाद INDIA गठबंधन में दरार की चर्चा तेजBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़अमेरिकी Vice President का बड़ा बयान: इजराइल दुनिया में पड़ रहा अकेलाBREAKINGदेश-हरपलTej Pratap Controversy: गर्लफ्रेंड की बेटी से मिलने पहुंचे तेजप्रताप? FIR के बाद बढ़ा विवादBREAKINGप्रदेशIndia Weather मानसून की धीमी चाल से बढ़ी टेंशन, 19 राज्यों में कम बारिश का असर

Imran Khan को लेकर चल रही अटकलों पर पाकिस्तान सरकार ने तोड़ी चुप्पी, बताया पूर्व PM का हाल

Table of Content

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री Imran Khan को लेकर लगातार अफवाहें और अटकलें चल रही थीं—कभी उनकी सेहत को लेकर सवाल उठे, तो कभी जेल में उनके साथ हो रही कथित बदसलूकी की चर्चाएं सामने आईं।
इन सबके बीच अब पाकिस्तान सरकार ने पहली बार खुलकर बयान दिया है और इमरान खान की स्थिति को लेकर साफ जानकारी साझा की है।

सरकार ने बताया कि इमरान खान जेल में सुरक्षित और स्वस्थ हैं। उनकी नियमित जांच और देखभाल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर फैल रही कई बातें तथ्यों पर आधारित नहीं हैं, इसलिए लोगों से अफवाहों पर भरोसा न करने की अपील की गई है।

इस बीच जेल प्रशासन ने भी बयान जारी किया है। उनका कहना है कि इमरान खान को जेल में कोई परेशानी नहीं दी जा रही है, उन्हें सभी सुविधाएं नियमों के अनुसार उपलब्ध कराई जा रही हैं। जेल अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनकी निगरानी कड़ी सुरक्षा में की जा रही है और उनकी सेहत पर पूरी तरह ध्यान दिया जा रहा है।

इमरान खान के समर्थकों में इस बयान के बाद थोड़ी राहत जरूर आई है, लेकिन उनके भविष्य को लेकर सवाल अभी भी बरकरार हैं।
हालांकि, फिलहाल इतना तय है कि इमरान खान सुरक्षित हैं और सरकार उनकी स्थिति पर नजर रखे हुए है।

हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

Neha Pandey

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Editor's Picks

Sreesanth

Sreesanth का बयान: Team India में Dhoni जैसा Mentor की जरूरत, Gambhir पर उठे सवाल

भारतीय क्रिकेट में एक बार फिर बड़ी बहस छिड़ गई है। पूर्व तेज गेंदबाज़ Sreesanth ने टीम इंडिया के मौजूदा सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा है कि टीम को सिर्फ कोचिंग नहीं, बल्कि MS Dhoni जैसे शांत और समझदार मेंटर की जरूरत है। उन्होंने साथ ही Gautam Gambhir की कोचिंग स्टाइल पर भी टिप्पणी की है, जिससे क्रिकेट फैंस के बीच चर्चा तेज हो गई है। Sreesanth ने क्या कहा? Sreesanth का कहना है कि आज के समय में सिर्फ नेट प्रैक्टिस और टेक्निकल ट्रेनिंग काफी नहीं है। खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत रखने वाला सिस्टम ज्यादा जरूरी है। उनके अनुसार: उनका इशारा साफ था कि क्रिकेट अब सिर्फ स्किल का खेल नहीं रहा, बल्कि माइंडसेट का भी खेल बन चुका है। MS Dhoni को क्यों बताया “Perfect Mentor”? Sreesanth ने MS Dhoni की leadership style की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि धोनी जैसे खिलाड़ी टीम में एक अलग ही शांति लेकर आते हैं। Dhoni के बारे में उन्होंने कहा: इसी वजह से Sreesanth का मानना है कि Team India को Dhoni जैसा mentor system चाहिए। Gautam Gambhir की Coaching पर सवाल Gautam Gambhir की coaching approach पर बात करते हुए Sreesanth ने कहा कि उनका तरीका काफी सख्त और सीधा है। उनकी चिंता थी कि: हालांकि उन्होंने यह भी माना कि हर कोच का अपना तरीका होता है और इसका सम्मान किया जाना चाहिए। क्यों शुरू हुई यह नई बहस? यह पूरा मामला ऐसे समय पर सामने आया है जब India national cricket team लगातार अपने performance और team management को लेकर चर्चा में रहती है। क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आज के दौर में: सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया Sreesanth के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर फैंस बंट गए हैं। कुछ लोगों का कहना है कि Dhoni जैसा calm leadership model ही सही रास्ता है, जबकि कुछ फैंस Gautam Gambhir की strict coaching approach का समर्थन कर रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Stock Market

Stock Market Crash IT सेक्टर टूटा, Accenture के संकेत से निवेशकों को बड़ा नुकसान

Accenture के ताज़ा बिजनेस अपडेट और कमजोर ग्लोबल IT डिमांड के संकेतों ने दुनिया भर के बाजारों में चिंता बढ़ा दी है। इसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) पर पड़ा, जहां IT सेक्टर में भारी गिरावट देखने को मिली। शेयर बाजार की शुरुआत ही दबाव में रही और कुछ ही घंटों में निवेशकों की संपत्ति में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। IT स्टॉक्स में तेज बिकवाली ने पूरे बाजार का मूड खराब कर दिया। IT सेक्टर में अचानक बड़ी गिरावट क्यों आई? Accenture के आउटलुक में स्लोडाउन के संकेत मिलने के बाद यह डर बढ़ गया कि ग्लोबल टेक डिमांड आने वाले समय में कमजोर रह सकती है। इसी वजह से: TCS, Infosys और Wipro जैसे बड़े शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। निवेशकों को ₹2 लाख करोड़ का झटका बाजार में अचानक आई इस गिरावट का सबसे बड़ा असर निवेशकों की वेल्थ पर पड़ा। शुरुआती अनुमान के मुताबिक: करीब ₹2 लाख करोड़ से ज्यादा का मार्केट कैप खत्म हो गयाछोटे और बड़े दोनों निवेशकों को नुकसानपोर्टफोलियो में अचानक गिरावट से चिंता बढ़ी गिरावट के पीछे असली कारण क्या हैं? मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार इस गिरावट के पीछे कई ग्लोबल फैक्टर्स हैं: इन सबने मिलकर बाजार में “risk-off mood” बना दिया। आगे बाजार कैसा रह सकता है? विशेषज्ञों का मानना है कि: हालांकि, कुछ निवेशक इस गिरावट को लंबी अवधि के लिए “buy the dip opportunity” भी मान रहे हैं। आम निवेशक के लिए सीख इस तरह की ग्लोबल खबरें दिखाती हैं कि बाजार सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि भावनाओं और भरोसे से भी चलता है। अचानक आई गिरावट डराती जरूर है, लेकिन समझदारी से लिया गया फैसला ही लंबे समय में फायदा देता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
JD Vance

JD Vance का सबसे बड़ा Political Gamble! Iran Deal सफल रही तो बन सकते हैं अगले राष्ट्रपति

अमेरिका और ईरान के बीच हुई शांति वार्ता ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। लेकिन इस समझौते से सबसे ज्यादा चर्चा जिस नेता की हो रही है, वह हैं अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance। कभी विदेश नीति पर सख्त रुख रखने वाले वेंस आज ईरान के साथ हुई Peace Deal का सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह समझौता सिर्फ अमेरिका और ईरान के रिश्तों का मामला नहीं है, बल्कि JD Vance के राजनीतिक भविष्य की भी बड़ी परीक्षा बन गया है। अगर यह पहल सफल रहती है तो वेंस 2028 के राष्ट्रपति चुनाव के सबसे मजबूत दावेदार बन सकते हैं। वहीं अगर समझौता टूटता है तो इसका असर सीधे उनके राजनीतिक करियर पर पड़ सकता है। 60 दिन का अहम दौर, दुनिया की नजरें टिकीं ईरान और अमेरिका के बीच बनी सहमति के बाद अब 60 दिनों का महत्वपूर्ण समय शुरू हो चुका है। इस दौरान दोनों देशों को समझौते की शर्तों का पालन करना होगा और आगे की बातचीत के लिए भरोसे का माहौल तैयार करना होगा। अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि शुरुआती संकेत सकारात्मक हैं और दोनों पक्ष समझौते को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध दिखाई दे रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा और प्रतिबंधों जैसे कई जटिल मुद्दे अभी भी समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। JD Vance क्यों बने समझौते का चेहरा? इस पूरी प्रक्रिया में JD Vance ने सक्रिय भूमिका निभाई है। शुरुआती बातचीत से लेकर अंतिम सहमति तक वे लगातार वार्ता के पक्ष में खड़े रहे। उन्होंने सार्वजनिक मंचों पर भी इस समझौते का बचाव किया और इसे अमेरिका के हित में बताया। व्हाइट हाउस के भीतर भी वेंस को इस डील का प्रमुख रणनीतिकार माना जा रहा है। यही कारण है कि समझौते की सफलता का श्रेय भी उन्हें मिल सकता है और असफलता की स्थिति में सबसे ज्यादा सवाल भी उन्हीं पर उठेंगे। राष्ट्रपति पद की दौड़ में मिल सकता है बड़ा फायदा अमेरिकी राजनीति में विदेश नीति हमेशा से महत्वपूर्ण मुद्दा रही है। यदि ईरान के साथ यह समझौता लंबे समय तक कायम रहता है और मध्य-पूर्व में स्थिरता आती है, तो JD Vance की छवि एक प्रभावशाली और सफल नेता के रूप में मजबूत होगी। विश्लेषकों का मानना है कि ऐसी स्थिति में वे रिपब्लिकन पार्टी के भीतर राष्ट्रपति पद की दौड़ में सबसे आगे निकल सकते हैं। यह समझौता उन्हें राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी पहचान दिला सकता है। लेकिन खतरा भी उतना ही बड़ा जहां एक ओर इस डील से वेंस को बड़ा राजनीतिक लाभ मिल सकता है, वहीं दूसरी ओर जोखिम भी कम नहीं है। अमेरिकी राजनीति में कई नेता पहले ही इस समझौते पर सवाल उठा चुके हैं। उनका कहना है कि ईरान पर भरोसा करना जल्दबाजी हो सकती है। यदि आने वाले दिनों में समझौता विफल होता है, तनाव दोबारा बढ़ता है या ईरान शर्तों का उल्लंघन करता है, तो विपक्ष और आलोचक सीधे JD Vance को जिम्मेदार ठहरा सकते हैं। ऐसे में उनका राष्ट्रपति बनने का सपना भी प्रभावित हो सकता है। क्या बदल सकता है अमेरिकी राजनीति का भविष्य? फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि ईरान Peace Deal कितना सफल होगी। लेकिन इतना तय है कि आने वाले कुछ सप्ताह JD Vance के राजनीतिक करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाले हैं। दुनिया की निगाहें इस समझौते पर टिकी हैं। अगर शांति कायम रहती है तो JD Vance अमेरिकी राजनीति के अगले बड़े सितारे बन सकते हैं। लेकिन यदि यह पहल विफल रही, तो यही समझौता उनके करियर की सबसे बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Ram Mandir

Ram Mandir Donation Case: चढ़ावा विवाद के बीच Ayodhya पहुंचे CM Yogi, SIT जांच पर दिया बड़ा बयान

राम मंदिर (Ram Mandir) में चढ़ावे को लेकर सामने आए कथित गड़बड़ी और चोरी के आरोपों के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे। मामले के सार्वजनिक होने के बाद यह उनका पहला दौरा माना जा रहा है। अयोध्या पहुंचते ही उन्होंने रामलला के दर्शन किए और जांच को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि SIT पूरी निष्पक्षता के साथ काम कर रही है और जल्द ही सच सामने आएगा। राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक है। ऐसे में चढ़ावे से जुड़े विवाद ने श्रद्धालुओं के बीच भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्यमंत्री के दौरे को इसी वजह से काफी अहम माना जा रहा है। रामलला के दर्शन के बाद अधिकारियों के साथ समीक्षा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले रामलला के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर और अयोध्या में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और चल रही जांच की स्थिति पर भी चर्चा की गई। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जांच प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनाए रखी जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। “दूध का दूध, पानी का पानी करेगी SIT” मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से देख रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि विशेष जांच दल (SIT) तथ्यों के आधार पर जांच कर रही है और रिपोर्ट आने के बाद सच्चाई सबके सामने होगी। योगी ने कहा कि अगर जांच में किसी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि राम मंदिर जैसे आस्था के केंद्र से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता है। क्या है पूरा मामला? राम मंदिर के चढ़ावे और उससे जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड में कथित अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई थी। SIT पिछले कई महीनों के दस्तावेजों, खातों और लेन-देन की बारीकी से जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, अब तक करीब 100 कर्मचारियों और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। जांच टीम ने लगभग 11 महीने के रिकॉर्ड और दस्तावेजों को खंगाला है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं चढ़ावे के प्रबंधन में कोई गड़बड़ी तो नहीं हुई। हालांकि अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की नजर जांच रिपोर्ट पर राम मंदिर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। ऐसे में इस मामले की जांच को लेकर लोगों की दिलचस्पी लगातार बनी हुई है। श्रद्धालु चाहते हैं कि जो भी सच्चाई हो, वह पूरी पारदर्शिता के साथ सामने आए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद यह साफ संकेत मिला है कि सरकार मामले को अंत तक पहुंचाने के पक्ष में है और किसी भी तरह की अनियमितता को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Jharkhand

Jharkhand Election राज्यसभा नतीजों के बाद INDIA गठबंधन में दरार की चर्चा तेज

Jharkhand Rajya Sabha Election Result 2026 ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। कांग्रेस उम्मीदवार की हार के बाद INDIA गठबंधन के भीतर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। चुनाव परिणाम आते ही कांग्रेस नेताओं ने सहयोगी दलों पर सवाल उठाने शुरू कर दिए, जबकि RJD और CPI(ML) ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। ऐसे में यह चुनाव सिर्फ एक सीट की हार-जीत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गठबंधन की एकजुटता पर भी सवाल खड़े कर गया है। कांग्रेस को लगा बड़ा झटका झारखंड की राज्यसभा सीटों के लिए हुए चुनाव में JMM उम्मीदवार बैजनाथ राम और NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने जीत हासिल की। वहीं कांग्रेस उम्मीदवार को उम्मीद के विपरीत हार का सामना करना पड़ा। यह नतीजा इसलिए चौंकाने वाला माना जा रहा है क्योंकि विधानसभा में INDIA गठबंधन के पास पर्याप्त संख्या बल होने का दावा किया जा रहा था। चुनाव परिणाम आने के बाद कांग्रेस खेमे में निराशा साफ दिखाई दी। पार्टी नेताओं का मानना है कि कहीं न कहीं वोटों का गणित बिगड़ा, जिसके कारण यह हार सामने आई। हार के बाद शुरू हुआ आरोपों का दौर राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि क्या चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग हुई। कांग्रेस के कुछ नेताओं ने संकेत दिए कि गठबंधन के भीतर से ही पार्टी को पूरा समर्थन नहीं मिला। हालांकि किसी दल का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया गया, लेकिन RJD और CPI(ML) के विधायकों को लेकर सवाल उठने लगे। कांग्रेस समर्थकों का कहना है कि अगर सभी वोट तय रणनीति के अनुसार पड़े होते, तो परिणाम अलग हो सकता था। RJD ने दिया जवाब कांग्रेस के आरोपों के बाद RJD ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। पार्टी नेताओं ने साफ कहा कि उनके सभी विधायकों ने गठबंधन धर्म का पालन किया और कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में ही मतदान किया। RJD का कहना है कि हार के लिए दूसरों को जिम्मेदार ठहराने के बजाय कांग्रेस को अपने राजनीतिक प्रबंधन की समीक्षा करनी चाहिए। पार्टी नेताओं ने यह भी कहा कि बिना किसी ठोस सबूत के आरोप लगाना सही नहीं है। CPI(ML) ने भी आरोपों को बताया बेबुनियाद CPI(ML) ने भी कांग्रेस की आशंकाओं को खारिज कर दिया। पार्टी का दावा है कि उसके विधायकों ने पहले से तय रणनीति के अनुसार मतदान किया था। नेताओं का कहना है कि चुनाव परिणाम के बाद पैदा हुई निराशा में इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। परिमल नाथवानी की जीत बनी चर्चा का विषय इस चुनाव का सबसे बड़ा आकर्षण NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी की जीत रही। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी जीत ने झारखंड की राजनीति में कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। चुनाव से पहले भी राजनीतिक हलकों में यह चर्चा थी कि मुकाबला अपेक्षा से ज्यादा दिलचस्प हो सकता है। नतीजों ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी है। INDIA Alliance के सामने नई चुनौती झारखंड राज्यसभा चुनाव का परिणाम INDIA गठबंधन के लिए एक चेतावनी की तरह देखा जा रहा है। लोकसभा और विधानसभा चुनावों से पहले सहयोगी दलों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत महसूस की जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि गठबंधन के भीतर मौजूद असंतोष को समय रहते दूर नहीं किया गया, तो आने वाले चुनावों में इसका असर देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.