राजधानी दिल्ली (Delhi) में लगातार गंभीर होते वायु प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए, जिनका उद्देश्य राजधानी की जहरीली हवा को साफ करना है।
800 प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियां होंगी बंद
सरकार ने आदेश दिया है कि दिल्ली (Delhi) में चल रही लगभग 800 प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों (फैक्ट्रियों) को तुरंत बंद किया जाएगा। जो फैक्ट्रियां बिना अनुमति या पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करते हुए संचालित हो रही हैं, उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के सील किया जाएगा। इस कार्रवाई की जिम्मेदारी नगर निगम (MCD) और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) को सौंपी गई है।
सड़कों पर केवल DTC बसें
प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए सरकार ने निजी वाहनों पर सख्ती करते हुए बड़ा फैसला लिया है।
अब दिल्ली की सड़कों पर मुख्य रूप से केवल दिल्ली परिवहन निगम (DTC) की बसें ही चलेंगी। लोगों से अपील की गई है कि वे निजी वाहनों का इस्तेमाल न करें और सार्वजनिक परिवहन को अपनाएं। इससे वाहनों से निकलने वाले धुएं में बड़ी कमी आने की उम्मीद है।
PUC नियमों का सख्त पालन
वाहनों के लिए पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट को लेकर अब किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।
बिना वैध PUC के पकड़े जाने पर पूरा चालान काटा जाएगा और लोक अदालतों में भी जुर्माना माफ नहीं किया जाएगा।
ई-रिक्शा और ट्रैफिक पर नियंत्रण
सरकार ई-रिक्शाओं के लिए नई गाइडलाइंस लाने जा रही है ताकि अव्यवस्थित ट्रैफिक को नियंत्रित किया जा सके। इससे जाम की समस्या कम होगी और अप्रत्यक्ष रूप से प्रदूषण पर भी असर पड़ेगा।
GRAP-IV के तहत आपात कदम
दिल्ली में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंचने के कारण GRAP-IV (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) लागू किया गया है। इसके तहत:
- निर्माण कार्यों पर रोक
- दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम की सलाह
- वाहनों की आवाजाही पर कड़े प्रतिबंध
- स्कूलों और कार्यालयों में उपस्थिति सीमित
सरकार की अपील
दिल्ली सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे:
- सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें
- अनावश्यक वाहन चलाने से बचें
- प्रदूषण नियंत्रण नियमों का पालन करें
सरकार का कहना है कि ये सख्त फैसले अस्थायी हैं लेकिन जनता की सेहत के लिए बेहद जरूरी हैं। स्थिति सामान्य होने तक इन नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा।
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