मिडिल ईस्ट संकट के बीच ईरान और अमेरिका की बातचीत में कोई ठोस सहमति नहीं बनी। ईरान ने पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका पर सवाल उठाए, वहीं डोनाल्ड ट्रम्प ने 3 दिन में सीजफायर की चेतावनी दी।
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब और गहराता जा रहा है। कूटनीति की कोशिशें जारी हैं, लेकिन हालात अभी भी नियंत्रण से दूर नजर आ रहे हैं।
ईरान-अमेरिका बातचीत में नहीं बनी सहमति
मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत जारी है। हालांकि, अब तक किसी भी ठोस समझौते पर सहमति नहीं बन पाई है। इससे क्षेत्र में अस्थिरता बनी हुई है।
पाकिस्तान की मध्यस्थता पर ईरान ने उठाए सवा
ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रेजई ने पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान दोस्त जरूर है, लेकिन वह निष्पक्ष मध्यस्थ नहीं बन सकता।
रेजई के मुताबिक, पाकिस्तान अक्सर डोनाल्ड ट्रम्प और अमेरिका के हितों को प्राथमिकता देता है।
इस वजह से वह दोनों पक्षों के बीच संतुलन बनाने में सक्षम नहीं है।
लगातार पाकिस्तान दौरे से बढ़ी हलचल
इस बयान के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 24 घंटे में दो बार पाकिस्तान का दौरा किया।
उन्होंने इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख से मुलाकात कर शांति बहाली पर चर्चा की। यह घटनाक्रम क्षेत्रीय राजनीति को और जटिल बना रहा है।
ट्रम्प की सख्त चेतावनी: 3 दिन में फैसला करो
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है।
उन्होंने कहा कि ईरान के पास सिर्फ तीन दिन हैं, ताकि वह युद्ध खत्म करने के लिए सीजफायर पर सहमत हो जाए।
ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि अगर ईरान तेल निर्यात नहीं कर पाया, तो उसकी पाइपलाइन पर गंभीर खतरा मंडरा सकता है। दबाव बढ़ने से तकनीकी कारणों से विस्फोट हो सकता है, जिससे भारी नुकसान होगा।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स
- अब्बास अराघची ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और आर्मी चीफ से मुलाकात की
- ओमान में सुल्तान के साथ शांति वार्ता पर चर्चा हुई
- ईरान और फ्रांस के विदेश मंत्रियों के बीच फोन पर बातचीत
- डोनाल्ड ट्रम्प और ब्रिटिश पीएम के बीच कॉल, होर्मुज में शिपिंग पर चर्चा
- जापान को अमेरिका से कच्चे तेल का टैंकर मिला

