रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin ने एक अहम बयान देते हुए भारत की विदेश नीति की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा अपने फैसले खुद लेता है और कभी भी किसी दूसरे देश के दबाव या फरमान को स्वीकार नहीं करता।
यह बयान ऐसे समय पर आया है जब वैश्विक राजनीति में अमेरिका, रूस और यूरोप के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है।
क्या कहा पुतिन ने?
पुतिन ने अपने संबोधन में संकेत दिया कि दुनिया के कई देश बाहरी दबाव में अपनी नीतियां बदल लेते हैं, लेकिन भारत ने हमेशा स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति अपनाई है।
उनका यह बयान सीधे तौर पर अमेरिका के रुख और पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump की नीतियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
भारत को लेकर खास टिप्पणी
पुतिन ने कहा कि भारत जैसे देश अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हैं और किसी भी वैश्विक दबाव में आकर निर्णय नहीं लेते। इसे भारत की बढ़ती रणनीतिक ताकत और स्वतंत्र विदेश नीति के रूप में देखा जा रहा है।
वैश्विक राजनीति में क्या मायने?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान रूस और भारत के बीच मजबूत संबंधों का संकेत है। साथ ही यह भी दिखाता है कि वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।
