मध्य पूर्व में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। IRAN ने अब NATO देशों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। ईरान का कहना है कि अमेरिका के साथ मिलकर युद्ध में सहयोग करने वाले NATO देशों को भी इस संघर्ष के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
ईरानी अधिकारियों ने कहा कि केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि जिन देशों ने उसे सैन्य और राजनीतिक समर्थन दिया है, उन्हें भी इस युद्ध के परिणामों की जिम्मेदारी उठानी होगी। ईरान का यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस क्षेत्र में हमले बढ़ते हैं तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कच्चे तेल की सप्लाई पर भी पड़ सकता है।
बढ़ सकती है वैश्विक चिंता
ईरान के ताजा बयान और होर्मुज में हुई घटना ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे तो इसका असर वैश्विक सुरक्षा, तेल बाजार और समुद्री व्यापार पर देखने को मिल सकता है।
दुनिया की कई सरकारें इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और स्थिति सामान्य करने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं।
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