महाराष्ट्र के पुणे में स्थित लोहगढ़ किले (Lohagad Fort) पर ट्रैकिंग के दौरान हुई केतन (Ketan) की मौत का मामला लगातार नया मोड़ ले रहा है। बीते कुछ दिनों में सामने आई कथित WhatsApp चैट, ट्रैकिंग प्लान को लेकर उठे सवाल और अब सिया गोयल की मां के भावुक बयान ने इस केस को फिर सुर्खियों में ला दिया है।
परिवार का कहना है कि सिया को बिना जांच पूरी हुए सोशल मीडिया पर दोषी ठहराया जा रहा है, जबकि पुलिस अभी हर पहलू की पड़ताल कर रही है।
क्या हुआ था लोहगढ़ किले पर?
जानकारी के मुताबिक, केतन अपने दोस्तों के साथ पुणे के प्रसिद्ध लोहगढ़ किले पर ट्रैकिंग के लिए गया था। इसी दौरान वह गहरी खाई में गिर गया और उसकी मौत हो गई। शुरुआत में इसे एक हादसा माना गया, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, कई ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने इस घटना को संदेह के घेरे में ला खड़ा किया।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह केवल एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई और वजह भी हो सकती है।
WhatsApp Chat से उठे कई सवाल
मामले की जांच के दौरान सामने आई कथित WhatsApp चैट ने कई नई चर्चाओं को जन्म दिया है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ट्रैकिंग पर जाने का फैसला किसका था।
कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि ट्रिप का आइडिया चेतन का था, जबकि कुछ अन्य जानकारियों में कहा गया कि केतन खुद ट्रैकिंग पर जाने की जिद कर रहा था। हालांकि इन दावों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस डिजिटल सबूतों की जांच में जुटी हुई है।
‘सिया मदद के लिए चिल्ला रही थी’— मां का दावा
सिया गोयल की मां ने मीडिया से बातचीत में कहा कि घटना के बाद उनकी बेटी बेहद घबराई हुई थी और लगातार लोगों को मदद के लिए बुला रही थी।
उनका कहना है कि अगर सिया ने कोई अपराध किया होता तो वह मौके से भागने की कोशिश करती, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। परिवार का दावा है कि सिया को सोशल मीडिया पर गलत तरीके से निशाना बनाया जा रहा है।
‘अगर मेरी बेटी दोषी है तो उसे भी नीचे फेंक दो’
अपनी बेटी का बचाव करते हुए सिया की मां ने बेहद भावुक शब्दों में कहा,
“अगर जांच में मेरी बेटी दोषी साबित हो जाए तो उसे भी उसी किले से नीचे फेंक दो। हमें कानून और पुलिस की जांच पर पूरा भरोसा है।”
उनके इस बयान के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है।
पुलिस किन पहलुओं की जांच कर रही है?
पुणे पुलिस फिलहाल इस केस में कई अहम बिंदुओं पर काम कर रही है। जांच टीम मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन हिस्ट्री, WhatsApp चैट और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि घटना से पहले सभी लोगों के बीच क्या बातचीत हुई थी और हादसे के समय मौके पर वास्तव में क्या हुआ।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और अंतिम रिपोर्ट आने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
सोशल मीडिया पर अफवाहों से बचने की अपील
इस हाई-प्रोफाइल मामले को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की अपुष्ट जानकारियां वायरल हो रही हैं। ऐसे में पुलिस और परिवार दोनों ने लोगों से अपील की है कि आधिकारिक जांच पूरी होने तक किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें।
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