देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम ने एक बार फिर अपना रौद्र और विरोधाभासी रूप दिखाया है। मध्य प्रदेश और झारखंड में तेज आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली ने तबाही मचा दी, जबकि उत्तराखंड में लगातार बारिश के चलते भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा के लोग भीषण गर्मी से बेहाल हैं, जहां तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है।
MP और झारखंड में आंधी-बिजली बनी जानलेवा
शुक्रवार को मध्य प्रदेश और झारखंड के कई जिलों में मौसम अचानक बदला। तेज हवाओं के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में कुल 16 लोगों की मौत हो गई। कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से जनजीवन प्रभावित हुआ, जबकि कई लोग घायल भी हुए हैं।
प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों में पहुंच चुकी हैं और राहत एवं बचाव कार्य जारी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।
उत्तराखंड में भारी बारिश से Landslide
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। कई जगहों पर भूस्खलन होने से घरों और स्कूलों में मलबा घुस गया। सड़कें बंद हो गईं और कई वाहन मलबे के नीचे दब गए।
राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय प्रशासन लगातार राहत कार्य में जुटे हैं। संवेदनशील इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है, जबकि बंद मार्गों को खोलने का काम जारी है।
UP, राजस्थान और हरियाणा में नहीं मिली गर्मी से राहत
जहां कुछ राज्यों में बारिश ने मुश्किलें बढ़ाईं, वहीं उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में भीषण गर्मी का दौर जारी है। कई शहरों में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया।
दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम रही। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को धूप से बचने, अधिक पानी पीने और आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है।
IMD ने जारी किया नया Weather Alert
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के दौरान मध्य प्रदेश, झारखंड, उत्तराखंड और आसपास के इलाकों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है।
वहीं उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में गर्मी का असर धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल Heatwave जैसी स्थिति से राहत मिलने के संकेत नहीं हैं। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है।
प्रशासन अलर्ट पर, लोगों से सावधानी बरतने की अपील
सभी प्रभावित राज्यों में जिला प्रशासन, पुलिस, SDRF और अन्य एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। नुकसान का आकलन किया जा रहा है और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम तेजी से बदल रहा है। ऐसे में आधिकारिक मौसम अपडेट पर नजर रखना और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।
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