Pune Murder Case की जांच अब बेहद अहम दौर में पहुंच गई है। चर्चित केतन हत्याकांड (Ketan Murder Case) में पुलिस ने मुख्य आरोपी सिया को लेकर रविवार को लोहगढ़ किला (Lohagad Fort) पहुंचकर पूरे घटनाक्रम का Crime Scene Recreation किया। इस दौरान पुलिस ने एक डमी (Dummy) को उसी जगह से नीचे गिराया, जहां से केतन के गिरने की बात सामने आई थी। इसका उद्देश्य यह जांचना था कि आरोपी के बयान और घटनास्थल के हालात एक-दूसरे से मेल खाते हैं या नहीं।
पुलिस को उम्मीद है कि इस प्रक्रिया से हत्या की गुत्थी सुलझाने में मदद मिलेगी और अब तक मिले डिजिटल व फॉरेंसिक सबूतों को और मजबूती मिलेगी।
लोहगढ़ किले पर घंटों चली जांच
रविवार सुबह पुलिस, फॉरेंसिक टीम और क्राइम ब्रांच के अधिकारी कड़ी सुरक्षा के बीच सिया को लेकर लोहगढ़ किले पहुंचे। जांच टीम ने उस स्थान की पहचान कराई, जहां कथित तौर पर केतन को खाई में धक्का दिया गया था।
इसके बाद एक डमी को उसी स्थान से नीचे गिराकर देखा गया कि घटना का क्रम किस प्रकार रहा होगा। अधिकारियों ने मौके की दूरी, ऊंचाई और अन्य परिस्थितियों का भी बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस का कहना है कि यह प्रक्रिया वैज्ञानिक जांच का हिस्सा है और इससे केस के कई सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।
Google Search ने बढ़ाया शक
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल डिवाइस से कई अहम जानकारियां मिली हैं। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि घटना से पहले कथित तौर पर इंटरनेट पर ऐसे स्थानों की तलाश की गई थी, जहां किसी व्यक्ति के गिरने की घटना को हादसे का रूप दिया जा सके।
इसी डिजिटल ट्रेल ने पुलिस का शक और गहरा कर दिया। अब साइबर एक्सपर्ट इन रिकॉर्ड्स का विस्तृत विश्लेषण कर रहे हैं ताकि घटना से पहले की पूरी प्लानिंग स्पष्ट हो सके।
क्या पहले से रची गई थी साजिश?
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह मामला केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश का हिस्सा हो सकता है। इसी वजह से पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), मोबाइल लोकेशन, चैट हिस्ट्री और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि यदि डिजिटल सबूत, फॉरेंसिक रिपोर्ट और क्राइम सीन रीक्रिएशन एक-दूसरे की पुष्टि करते हैं, तो यह चार्जशीट में बेहद मजबूत साक्ष्य साबित होंगे।
Crime Scene Recreation क्यों है अहम?
किसी भी हत्या के मामले में क्राइम सीन रीक्रिएशन जांच की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है। इसके जरिए पुलिस यह परखती है कि आरोपी द्वारा बताए गए घटनाक्रम के अनुसार घटना वास्तव में संभव थी या नहीं। इससे जांच एजेंसियों को बयान, फॉरेंसिक रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले सबूतों का मिलान करने में मदद मिलती है।
क्या है पूरा मामला?
केतन की मौत को शुरुआत में एक हादसा माना गया था, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिन्होंने हत्या की आशंका को मजबूत किया। पुलिस का दावा है कि मामले में पहले से योजना बनाने के संकेत मिले हैं। इसी वजह से डिजिटल सबूत, फॉरेंसिक जांच और घटनास्थल पर रीक्रिएशन जैसी प्रक्रियाओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
चार्जशीट को मजबूत करने की तैयारी
पुलिस अब तक जुटाए गए सभी वैज्ञानिक, डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्यों को एक साथ जोड़कर चार्जशीट तैयार करने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और हर पहलू की पुष्टि के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में कुछ और अहम खुलासे हो सकते हैं।
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