देश में E20 Fuel को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। सरकार जहां इसे भारत के लिए एक बड़ा Fuel Reform बता रही है, वहीं आम वाहन मालिकों के मन में अपनी पुरानी गाड़ियों को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ऑटो कंपनियों से जवाब मांगा है।
केजरीवाल ने देश की 29 प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों को पत्र लिखकर पूछा है कि अगर E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से पुरानी गाड़ियों में खराबी आती है, इंजन या अन्य पार्ट्स प्रभावित होते हैं या माइलेज कम हो जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? उन्होंने कंपनियों से यह भी पूछा कि ऐसी स्थिति में वाहन मालिकों को Compensation दिया जाएगा या नहीं।
E20 Fuel को लेकर क्यों उठे सवाल?
E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल मिलाया जाता है। सरकार का उद्देश्य एथेनॉल ब्लेंडिंग को बढ़ावा देकर पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करना और पर्यावरण को बेहतर बनाना है।
हालांकि, कई वाहन मालिकों की चिंता है कि जो गाड़ियां E20 Fuel के हिसाब से तैयार नहीं की गई हैं, उनमें लंबे समय तक इसके इस्तेमाल का क्या असर पड़ेगा। खासकर पुराने मॉडल की गाड़ियों में इंजन पर प्रभाव, माइलेज में कमी और मेंटेनेंस खर्च को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
Kejriwal का Auto Companies से सीधा सवाल
अरविंद केजरीवाल ने ऑटो कंपनियों से पूछा है कि यदि E20 पेट्रोल के कारण किसी पुरानी गाड़ी में तकनीकी समस्या आती है, तो क्या कंपनियां उसकी जिम्मेदारी लेंगी।
उन्होंने कंपनियों से यह भी जवाब मांगा है कि:
- पुरानी गाड़ियों के लिए E20 पेट्रोल कितना सुरक्षित है?
- अगर माइलेज कम होता है तो क्या ग्राहक को राहत मिलेगी?
- वाहन के किसी पार्ट को नुकसान पहुंचने पर खर्च कौन उठाएगा?
केजरीवाल का कहना है कि लाखों लोगों ने अपनी गाड़ियां लंबे समय तक इस्तेमाल करने के लिए खरीदी हैं, इसलिए ग्राहकों को स्पष्ट जानकारी और सुरक्षा की गारंटी मिलनी चाहिए।
Government का दावा- E20 से नहीं होगी बड़ी समस्या
वहीं केंद्र सरकार लगातार कह रही है कि E20 पेट्रोल को वैज्ञानिक जांच और विशेषज्ञों की सलाह के बाद लागू किया गया है। सरकार के अनुसार, नए वाहन E20 Fuel के अनुरूप बनाए जा रहे हैं और यह कदम देश की Energy Security के लिए जरूरी है।
सरकार का मानना है कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से कच्चे तेल के आयात में कमी आएगी, विदेशी मुद्रा की बचत होगी और किसानों को भी फायदा मिलेगा।
Auto Industry की भूमिका पर सबकी नजर
E20 पेट्रोल को लेकर अब ऑटो कंपनियों के जवाब का इंतजार किया जा रहा है। वाहन मालिक चाहते हैं कि कंपनियां पुराने वाहनों को लेकर अपनी स्थिति साफ करें और किसी भी संभावित नुकसान की स्थिति में ग्राहकों के हितों की रक्षा करें।
फिलहाल E20 Fuel को लेकर सरकार, विपक्ष और ऑटो इंडस्ट्री के बीच बहस जारी है। आने वाले दिनों में कंपनियों का जवाब इस पूरे विवाद की दिशा तय कर सकता है।
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