अमेरिका में H-1B Visa को लेकर एक बड़ी जांच शुरू होने के बाद भारतीय आईटी सेक्टर में हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी श्रम विभाग (US Department of Labor) ने H-1B और PERM Visa से जुड़े संभावित फ्रॉड और श्रम कानूनों के उल्लंघन की जांच शुरू की है। इस जांच के दायरे में आईटी दिग्गज Cognizant समेत कई कंपनियां आई हैं।
हालांकि, फिलहाल किसी भी कंपनी को दोषी नहीं ठहराया गया है। जांच अभी शुरुआती चरण में है और अधिकारी सभी जरूरी दस्तावेजों व भर्ती प्रक्रियाओं की समीक्षा कर रहे हैं। इसके बावजूद अमेरिका में नौकरी कर रहे भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स और H-1B वीजा के लिए आवेदन करने वाले युवाओं के मन में कई सवाल उठने लगे हैं।
क्या है पूरा मामला?
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कहीं कुछ कंपनियां H-1B और PERM Visa Program का गलत इस्तेमाल तो नहीं कर रहीं। जांच में यह देखा जा रहा है कि विदेशी कर्मचारियों की भर्ती के दौरान अमेरिकी श्रम कानूनों का पालन किया गया या नहीं, कर्मचारियों को तय वेतन मिला या नहीं और कहीं अमेरिकी नागरिकों की जगह कम लागत पर विदेशी कर्मचारियों को प्राथमिकता तो नहीं दी गई।
बताया जा रहा है कि इस मामले में कई कंपनियों को समन (Subpoena) भेजे गए हैं और भर्ती से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
Cognizant का नाम क्यों आया सामने?
भारतीय मूल की वैश्विक आईटी कंपनी Cognizant का नाम भी जांच में शामिल कंपनियों की सूची में है। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि अभी तक कंपनी के खिलाफ किसी तरह की अनियमितता साबित नहीं हुई है। जांच का उद्देश्य केवल तथ्यों की पुष्टि करना और यह सुनिश्चित करना है कि सभी कंपनियों ने अमेरिकी नियमों का पालन किया है।
Indian IT Professionals पर क्या पड़ सकता है असर?
H-1B Visa Approval में हो सकती है देरी
यदि अमेरिकी एजेंसियां जांच के दौरान वीजा प्रक्रिया को और सख्त करती हैं, तो नए H-1B आवेदनों की जांच पहले से अधिक विस्तार से हो सकती है। इससे वीजा मंजूरी में अतिरिक्त समय लग सकता है।
कंपनियों की Hiring Policy बदल सकती है
भविष्य में आईटी कंपनियां वीजा नियमों को देखते हुए अमेरिका में स्थानीय कर्मचारियों की भर्ती बढ़ा सकती हैं। इससे विदेशी कर्मचारियों के लिए अवसरों की रणनीति बदल सकती है।
वैध H-1B Holders को फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं
जो भारतीय प्रोफेशनल्स पहले से वैध H-1B Visa पर अमेरिका में काम कर रहे हैं और जिनके सभी दस्तावेज नियमों के अनुरूप हैं, उन्हें फिलहाल चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। केवल जांच शुरू होने से किसी कर्मचारी का वीजा प्रभावित नहीं होता।
Compliance पर रहेगा ज्यादा फोकस
अब कंपनियों को भर्ती प्रक्रिया, वेतन भुगतान और इमिग्रेशन नियमों का पालन पहले से अधिक सख्ती से करना पड़ सकता है। इससे पूरी H-1B प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनने की संभावना है।
क्या H-1B Visa पर पड़ेगा बड़ा असर?
फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं है कि अमेरिका H-1B Visa Program को बंद करने जा रहा है। यह कार्रवाई केवल कथित धोखाधड़ी और नियमों के उल्लंघन की जांच के लिए की जा रही है। हालांकि, यदि जांच में बड़े स्तर पर अनियमितताएं सामने आती हैं, तो भविष्य में H-1B और PERM Visa से जुड़े नियम और सख्त किए जा सकते हैं।
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