मेलबर्न में PM Modi का संबोधन भारतीय समुदाय के लिए एक यादगार पल बन गया। करीब 30 हजार भारतीयों की मौजूदगी में पीएम मोदी ने कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीय अपनी मेहनत, प्रतिभा और संस्कारों से न सिर्फ भारत का नाम रोशन कर रहे हैं, बल्कि भारत और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के रिश्तों को भी नई मजबूती दे रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान भारतीय समुदाय में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। लोगों ने भारतीय संस्कृति, परंपराओं और देश के प्रति अपने जुड़ाव को प्रदर्शित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया।
Indian Diaspora की भूमिका को पीएम मोदी ने सराहा
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में बसे भारतीय भारत की पहचान को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में रहने वाला भारतीय समुदाय दोनों देशों के बीच एक मजबूत कड़ी की तरह काम कर रहा है।
उन्होंने भारतीयों की मेहनत और उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रवासी भारतीय जहां भी जाते हैं, वहां अपनी मेहनत और ईमानदारी से विश्वास पैदा करते हैं।
India-Australia Relations में भारतीयों का बड़ा योगदान
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार, शिक्षा, तकनीक, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि इन रिश्तों को मजबूत बनाने में भारतीय समुदाय की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय दोनों देशों की संस्कृति और अवसरों को जोड़ने का काम कर रहे हैं।
Melbourne में दिखी भारतीय संस्कृति की झलक
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग पहुंचे। माहौल में भारत की संस्कृति और देशभक्ति की झलक देखने को मिली। लोगों ने भारतीय संगीत, परंपराओं और उत्साह के साथ पीएम मोदी का स्वागत किया।
30 हजार भारतीयों की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को खास बना दिया। कई लोगों ने इसे भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मजबूत होते रिश्तों का प्रतीक बताया।
पीएम मोदी का संदेश- भारतीयों की मेहनत है देश की पहचान
पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय समुदाय दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रहा है। विदेशों में रहने वाले भारतीय अपनी उपलब्धियों से भारत की सकारात्मक छवि को मजबूत कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीयों की वजह से भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं और आने वाले समय में दोनों देशों के बीच सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे।
मेलबर्न में हुआ यह कार्यक्रम सिर्फ एक राजनीतिक संबोधन नहीं, बल्कि भारत और भारतीय समुदाय के बीच मजबूत भावनात्मक जुड़ाव का भी उदाहरण बना। 30 हजार भारतीयों की भागीदारी ने दिखाया कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले भारतीय आज भी अपनी जड़ों और भारत की प्रगति से जुड़े हुए हैं।
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