भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद (Dhar Bhojshala Dispute) मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अहम अंतरिम आदेश दिया है। अदालत ने विवादित परिसर के अंदर शुक्रवार की नमाज की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। हालांकि, मुस्लिम पक्ष को राहत देते हुए कोर्ट ने नमाज के लिए विवादित स्थल के बाहर अलग खुली जगह उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद भोजशाला परिसर में धार्मिक गतिविधियों को लेकर चल रही बहस एक बार फिर तेज हो गई है। अदालत ने साफ किया है कि यह व्यवस्था फिलहाल अंतरिम है और मामले के अंतिम फैसले का असर इस पर निर्भर करेगा।
Supreme Court Order: विवादित परिसर में नहीं होगी नमाज
सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की उस याचिका पर सुनवाई की, जिसमें भोजशाला परिसर में शुक्रवार की नमाज की अनुमति बहाल करने की मांग की गई थी। कोर्ट ने फिलहाल इस मांग को स्वीकार नहीं किया और कहा कि विवादित स्थल के अंदर नमाज की अनुमति नहीं दी जाएगी।
हालांकि, अदालत ने मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए शुक्रवार की नमाज अदा करने हेतु अलग खुली जगह उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। यह व्यवस्था दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक नमाज के लिए लागू रहेगी।
क्या है Bhojshala विवाद?
धार की भोजशाला देश के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों में से एक है, जिसको लेकर लंबे समय से हिंदू और मुस्लिम पक्षों के बीच विवाद चल रहा है।
हिंदू पक्ष का दावा है कि भोजशाला मां सरस्वती (वाग्देवी) का प्राचीन मंदिर है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद से जुड़ा धार्मिक स्थल मानता है। यह पूरा परिसर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षण में आता है।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद पहुंचा मामला Supreme Court
भोजशाला विवाद में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के बाद मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद विवादित परिसर में नमाज को लेकर पहले से चली आ रही व्यवस्था में बदलाव हुआ था।
मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर शुक्रवार की नमाज की अनुमति फिर से देने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल अंतरिम व्यवस्था बनाए रखने का फैसला लिया।
ASI को भी दिए गए निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला परिसर की स्थिति को बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा है कि मामले की सुनवाई पूरी होने तक स्थल पर ऐसा कोई बड़ा बदलाव नहीं किया जाएगा, जिससे विवाद की स्थिति प्रभावित हो।
कोर्ट ने दोनों पक्षों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील भी की है, क्योंकि यह मामला धार्मिक भावनाओं से जुड़ा हुआ है।
आगे क्या होगा?
अब सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई पर है। अदालत दोनों पक्षों की दलीलों और संबंधित तथ्यों पर विचार करने के बाद आगे का फैसला सुनाएगी।
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के अनुसार भोजशाला परिसर में नमाज की अनुमति नहीं होगी, जबकि मुस्लिम पक्ष को शुक्रवार की नमाज के लिए अलग स्थान उपलब्ध कराया जाएगा।
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