मध्य प्रदेश के गुना में खिलौना व्यापारी के बेटे के अपहरण के मामले में कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 12 घंटे के भीतर युवक को सकुशल मुक्त करा लिया। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात में इस्तेमाल की गई अर्टिगा कार भी जब्त कर ली है।
उधारी के बहाने बुलाकर किया अपहरण
पुलिस के अनुसार महालक्ष्मी नगर निवासी वीर सिंह रजक ने 21 जुलाई को कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनका 24 वर्षीय बेटा नीतेश रजक खिलौनों का कारोबार करता है और राजस्थान के धौलपुर स्थित एक फैक्ट्री से माल मंगाता था। इसी सिलसिले में उसका धौलपुर निवासी शिवम शर्मा से पैसों का लेनदेन था।
आरोप है कि 20 जुलाई की रात शिवम शर्मा ने उधारी का हिसाब चुकाने के बहाने नीतेश को जयस्तंभ चौराहे पर बुलाया। वहां शिवम और उसके साथी ने उसे जबरन कार में बैठाकर अपहरण कर लिया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 140(3) के तहत मामला दर्ज किया।
एसपी के निर्देश पर बनी विशेष टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी हितिका वासल ने तत्काल विशेष टीम का गठन किया। कोतवाली थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से तलाश शुरू की।
सटीक सूचना मिलने पर पुलिस ने 21 जुलाई की रात ही कार्रवाई कर नीतेश रजक को सकुशल बरामद कर लिया।
दो आरोपी गिरफ्तार, कार जब्त
पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धौलपुर (राजस्थान) निवासी शिवम शर्मा (28) और गंजबासौदा (विदिशा) निवासी यशवंत सिंह दांगी (35) के रूप में हुई है।
आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई अर्टिगा कार (एमपी-07-सीजे-6951) भी जब्त कर ली गई है। पुलिस मामले में आगे की पूछताछ कर रही है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा, एएसआई हरिचरण मीना, प्रधान आरक्षक दिलीप सेन तथा आरक्षक अजय सिकरवार और हाकिम सिंह की अहम भूमिका रही।


