Cockroach Party Protest को लेकर देश में सियासी हलचल तेज हो गई है। आंदोलन के बीच आज सरकार और CJP (Cockroach Justice Platform) के प्रतिनिधियों के बीच महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है। इस बातचीत को गतिरोध खत्म करने की दिशा में अहम माना जा रहा है, लेकिन बैठक से पहले ही CJP ने साफ कर दिया है कि केवल बातचीत से आंदोलन खत्म नहीं होगा।
संगठन का कहना है कि उनकी मुख्य मांगों पर ठोस फैसला होने और संबंधित प्रधान के इस्तीफे तक प्रदर्शन जारी रहेगा। ऐसे में आज की बैठक पर प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों की भी नजर बनी हुई है।
CJP का दावा- बढ़ते दबाव के बाद बदला सरकार का रुख
बैठक से पहले CJP ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा देर रात जारी किया गया वीडियो संदेश बढ़ते जनदबाव का परिणाम है। संगठन के नेताओं का कहना है कि यदि सरकार पहले ही प्रदर्शनकारियों की बात सुन लेती, तो हालात इतने तनावपूर्ण नहीं होते।
CJP का आरोप है कि लंबे समय तक उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया। अब जब आंदोलन को देश के कई हिस्सों में समर्थन मिलने लगा है, तब सरकार बातचीत के लिए आगे आई है।
PM के देर रात वीडियो पर उठे सवाल
प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश को लेकर भी CJP ने सवाल उठाए हैं। संगठन का कहना है कि वीडियो ऐसे समय जारी किया गया, जब आंदोलन लगातार चर्चा में था और सरकार पर जवाब देने का दबाव बढ़ रहा था।
हालांकि सरकार की ओर से इस दावे की पुष्टि नहीं की गई है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि सरकार बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की कोशिश कर रही है और सभी पक्षों की बात गंभीरता से सुनी जाएगी।
बातचीत होगी, लेकिन आंदोलन नहीं रुकेगा
CJP ने स्पष्ट किया है कि वह सरकार के साथ बातचीत में शामिल होगा, लेकिन इससे आंदोलन समाप्त नहीं माना जाएगा। संगठन का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर लिखित और ठोस निर्णय नहीं लिया जाता तथा संबंधित प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारी भी अपने रुख पर कायम हैं और उनका कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
आज की बैठक से क्या निकल सकता है?
सरकार और CJP के बीच होने वाली बैठक से किसी सकारात्मक समाधान की उम्मीद जरूर जताई जा रही है। यदि दोनों पक्ष कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमत होते हैं तो आंदोलन की दिशा बदल सकती है। हालांकि फिलहाल CJP अपने रुख में किसी तरह की नरमी के संकेत नहीं दे रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि बातचीत सफल रहती है तो गतिरोध कम हो सकता है, लेकिन यदि कोई ठोस निर्णय नहीं निकलता, तो आंदोलन और तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल स्थिति क्या है?
- आज सरकार और CJP के बीच अहम बैठक होगी।
- CJP ने दावा किया कि प्रधानमंत्री का देर रात जारी वीडियो बढ़ते दबाव का नतीजा था।
- संगठन ने प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।
- सरकार बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश में जुटी है।
- बैठक के नतीजे पर आगे की रणनीति तय होने की संभावना है।
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