संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session) का सोमवार का दिन काफी हंगामेदार रहा। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने Rule 267 के तहत चर्चा कराने की मांग करते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने छात्रों से जुड़े हालिया घटनाक्रम और कथित पुलिस कार्रवाई को बेहद गंभीर बताते हुए इसे “रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस” करार दिया। विपक्ष ने मांग की कि सदन की सामान्य कार्यवाही रोककर इस मुद्दे पर तुरंत चर्चा कराई जाए, लेकिन इस पर सहमति नहीं बन सकी और सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला।
Rule 267 को लेकर क्यों गरमाई Rajya Sabha?
संसद की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने Rule 267 के तहत नोटिस देकर छात्रों के विरोध प्रदर्शन, कथित पुलिस कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मामलों पर विशेष चर्चा की मांग की। विपक्ष का कहना था कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि देश के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला है, इसलिए इसे प्राथमिकता के साथ उठाया जाना चाहिए।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने सदन में कहा कि ऐसे मामलों पर संसद में खुलकर चर्चा होनी चाहिए ताकि सरकार अपना पक्ष रख सके और विपक्ष अपनी चिंताओं को सामने ला सके।
खड़गे ने सरकार पर साधा निशाना
चर्चा की मांग करते हुए खड़गे ने कहा कि छात्रों के साथ जो घटनाएं सामने आई हैं, वे बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि संसद ऐसे विषयों पर चर्चा से पीछे नहीं हट सकती।
विपक्षी दलों का आरोप है कि छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश की गई, जबकि सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।
सरकार ने क्या कहा?
सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि वह किसी भी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा से पीछे नहीं हट रही है, लेकिन संसद की कार्यवाही तय नियमों और प्रक्रिया के अनुसार ही चलेगी। सरकार ने विपक्ष पर अनावश्यक हंगामा कर सदन का समय बर्बाद करने का आरोप भी लगाया।
सत्ता पक्ष का कहना है कि यदि सभी दल निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें तो हर महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा संभव है।
हंगामे की वजह से प्रभावित हुई कार्यवाही
विपक्ष के विरोध और नारेबाजी के चलते राज्यसभा की कार्यवाही कई बार बाधित हुई। कुछ समय तक सदन में शोर-शराबा जारी रहा, जिसके बाद कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। लोकसभा में भी विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
क्या है Rule 267?
राज्यसभा का Rule 267 ऐसा प्रावधान है, जिसके तहत किसी अत्यंत महत्वपूर्ण और तात्कालिक जनहित के मुद्दे पर सदन की निर्धारित कार्यवाही रोककर तुरंत चर्चा कराई जा सकती है। हालांकि, इस नियम के तहत चर्चा की अनुमति देना पूरी तरह सभापति के अधिकार क्षेत्र में आता है। यदि सभापति को मामला पर्याप्त महत्वपूर्ण लगता है, तभी इस नियम के तहत चर्चा की अनुमति दी जाती है।
आगे भी जारी रह सकता है टकराव
मानसून सत्र के शुरुआती दिनों से ही कई मुद्दों पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। माना जा रहा है कि छात्रों से जुड़े मामलों, शिक्षा व्यवस्था और अन्य राजनीतिक मुद्दों को लेकर आने वाले दिनों में भी संसद का माहौल गर्म रह सकता है। विपक्ष ने संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वह सदन के भीतर अपना विरोध जारी रखेगा।
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