रांची: झारखंड में छात्रों का आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है। सरकार के साथ हुई बातचीत में छात्रों की करीब 50 प्रतिशत मांगों पर सहमति बनने की बात सामने आई है। JPSC-PT को रद्द करने की मांग पर सहमति बनी, लेकिन JSSC-CGL को लेकर सरकार और छात्रों के बीच बात नहीं बन सकी।
छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी सभी प्रमुख मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इसी क्रम में छात्रों ने कल विधानसभा घेराव का ऐलान किया है।
JPSC-PT रद्द करने पर बनी सहमति
सरकार और आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत में JPSC-PT को लेकर महत्वपूर्ण सहमति बनी। छात्रों की ओर से परीक्षा रद्द करने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी।
इस मांग पर सरकार की सहमति को छात्रों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। हालांकि, बाकी मांगों को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हुई है।
JSSC-CGL पर नहीं बनी बात
छात्रों की एक बड़ी मांग JSSC-CGL परीक्षा से भी जुड़ी है। बातचीत के दौरान इस मुद्दे पर सरकार और छात्रों के बीच सहमति नहीं बन सकी।
यही वजह है कि छात्रों ने आंदोलन वापस लेने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि केवल कुछ मांगें मान लिए जाने से आंदोलन खत्म नहीं होगा।
50 प्रतिशत मांगों पर सहमति का दावा
छात्र संगठनों के मुताबिक, सरकार ने उनकी करीब 50 प्रतिशत मांगें मान ली हैं। इसके बावजूद कई अहम मुद्दे अभी बाकी हैं।
छात्रों का कहना है कि जब तक सभी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट और लिखित समाधान नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
कल विधानसभा घेराव की तैयारी
आंदोलन के अगले चरण में छात्रों ने विधानसभा घेराव का कार्यक्रम तय किया है। इसके लिए अलग-अलग जिलों से छात्रों के पहुंचने की बात कही जा रही है।
छात्रों के विधानसभा घेराव के ऐलान के बाद प्रशासन के सामने भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती होगी।

