सावन की आखिरी सोमवारी पर भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए मधेपुरा (Madhepura) के प्रसिद्ध सिंहेश्वरनाथ मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी थी। भक्तों की संख्या बढ़ते-बढ़ते हालात ऐसे हो गए कि मंदिर परिसर में कुछ देर के लिए धक्का-मुक्की शुरू हो गई। बैरिकेडिंग पर भीड़ का दबाव पड़ने से कुछ लोग गिर पड़े और कई श्रद्धालु घायल हो गए।
जलाभिषेक के लिए उमड़ी भारी भीड़
सावन के अंतिम सोमवार को शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ आम दिनों के मुकाबले काफी ज्यादा रहती है। सिंहेश्वरनाथ धाम में भी रात से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। सुबह होते-होते मंदिर के बाहर और परिसर में लंबी कतारें लग गईं।
श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, इसी दौरान भीड़ का दबाव बढ़ गया। आगे जाने की कोशिश में अचानक धक्का-मुक्की होने लगी। कुछ ही पलों में स्थिति बिगड़ती नजर आई और लोगों में अफरा-तफरी फैल गई।
बैरिकेडिंग पर गिरी महिला, सिर में लगी चोट
धक्का-मुक्की के दौरान बैरिकेडिंग का एक हिस्सा दबाव में आ गया। इसी दौरान एक महिला श्रद्धालु गिरकर बैरिकेडिंग से टकरा गई और उसके सिर में चोट लग गई। अन्य श्रद्धालुओं को भी चोटें आईं।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस घटना में करीब 8 लोग घायल हुए हैं। इनमें महिलाएं और बुजुर्ग श्रद्धालु भी शामिल बताए जा रहे हैं। भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश में ड्यूटी पर मौजूद एक पुलिसकर्मी के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।
पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही सुरक्षाकर्मियों और पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश शुरू कर दी। लोगों को अलग-अलग कतारों में व्यवस्थित किया गया और अतिरिक्त सुरक्षा बल की मदद ली गई।
घायल श्रद्धालुओं को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। कुछ देर की मशक्कत के बाद मंदिर परिसर में स्थिति सामान्य हुई और श्रद्धालुओं का जलाभिषेक फिर शुरू कराया गया।
अंतिम सोमवारी के कारण पहले से थी भारी भीड़
सिंहेश्वरनाथ मंदिर में सावन की अंतिम सोमवारी को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान पहले से था। इसी वजह से प्रशासन की ओर से सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के इंतजाम किए गए थे। इसके बावजूद सुबह अचानक बढ़े भीड़ के दबाव से परेशानी पैदा हो गई।
मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं का कहना था कि अंतिम सोमवारी होने के कारण भीड़ काफी ज्यादा थी। ऐसे में कतार को नियंत्रित रखना सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन गया।
श्रद्धालुओं से धैर्य रखने की अपील
घटना के बाद प्रशासन ने श्रद्धालुओं से जल्दबाजी और धक्का-मुक्की से बचने की अपील की। अधिकारियों का कहना है कि भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सावन की आखिरी सोमवारी पर पूजा के लिए उमड़ी इस भीड़ ने एक बार फिर बड़े धार्मिक आयोजनों में Crowd Management और सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत सामने ला दी है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और मंदिर में जलाभिषेक जारी है।
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