हथिनीकुंड बैराज (Hathnikund Barrage) में सेना की ट्रेनिंग के दौरान हुए दर्दनाक नाव हादसे के बाद लापता दो जवानों को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। करीब 35 घंटे तक चले Search Operation के बाद दोनों जवानों के शव मिलने का दावा किया जा रहा है। एक जवान का शव उत्तर प्रदेश में मिला, जबकि दूसरे के हरियाणा के जींद तक पहुंचने की बात सामने आई है।
हालांकि, शवों की पहचान और घटनाक्रम से जुड़े कुछ अहम विवरणों पर सेना की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। ऐसे में सामने आई जानकारी को फिलहाल रिपोर्ट के तौर पर ही देखा जा रहा है।
Training के दौरान अचानक पलटी थी मोटर बोट
हादसा हथिनीकुंड बैराज के पास उस समय हुआ, जब 1 पैरा स्पेशल फोर्स के जवान ट्रेनिंग एक्सरसाइज कर रहे थे। इसी दौरान जवानों को लेकर चल रही मोटर बोट में तकनीकी दिक्कत आने की जानकारी सामने आई।
तेज पानी के बहाव के बीच नाव अपना संतुलन खो बैठी और बैराज के पास पलट गई। नाव में मौजूद जवानों ने किसी तरह खुद को संभालने की कोशिश की। कई जवान सुरक्षित बाहर निकल आए, लेकिन दो जवान तेज धारा की चपेट में आकर लापता हो गए।
हादसे की खबर मिलते ही सेना और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया। इसके बाद बड़े स्तर पर Rescue Operation शुरू किया गया।
रात-दिन चला Search Operation
लापता जवानों की तलाश के लिए सेना के साथ SDRF, NDRF, पुलिस और प्रशासन की टीमें मैदान में उतरीं। यमुना के तेज बहाव को देखते हुए सर्च ऑपरेशन को बैराज से आगे के इलाकों तक बढ़ाया गया।
रेस्क्यू टीमों ने नदी के अलावा उससे जुड़ी नहरों में भी जवानों की तलाश की। हेलिकॉप्टर और अन्य संसाधनों की मदद से भी Search Operation को आगे बढ़ाया गया।
तेज बहाव और पानी के बदलते रास्ते ने बचाव दल के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी थी।
UP में मिला एक जवान का शव
तलाशी अभियान के दौरान उत्तर प्रदेश के सहारनपुर क्षेत्र में एक शव मिलने की जानकारी सामने आई। रिपोर्टों के अनुसार, शव एक मछुआरे के जाल में फंसा मिला।
इसके बाद अधिकारियों और जांच टीमों ने शव की पहचान से जुड़ी प्रक्रिया शुरू की। यह माना जा रहा है कि यमुना की तेज धारा के कारण शव काफी दूर तक बह गया था।
Jind में मिला दूसरा शव, 200 Km तक बहने की चर्चा
दूसरे जवान की तलाश भी लगातार जारी रही। बाद में हरियाणा के जींद जिले में हांसी ब्रांच नहर के पास एक शव मिलने की सूचना सामने आई।
रिपोर्टों में दावा किया गया कि यह शव घटनास्थल से करीब 200 किलोमीटर दूर मिला। शव के साथ डाइविंग सूट होने की बात भी कही जा रही है, जिससे उसके सेना के जवान होने का अनुमान लगाया गया।
हालांकि, शव की पहचान और घटनास्थल से जींद तक बहने की दूरी सहित इन विवरणों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
हादसे के बाद कई सवाल भी उठे
हथिनीकुंड बैराज का इलाका तेज पानी के बहाव के लिए जाना जाता है। ऐसे में यहां ट्रेनिंग के दौरान मोटर बोट में तकनीकी खराबी आना गंभीर स्थिति में बदल गया।
हादसे के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर नाव में ऐसी क्या तकनीकी समस्या आई और तेज बहाव वाले इलाके में जवानों की ट्रेनिंग के दौरान सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए थे।
इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेंगे।
सेना की Official Confirmation का इंतजार
दोनों जवानों के शव मिलने की खबर सामने आने के बाद परिवारों और साथियों के बीच चिंता और बढ़ गई है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक शवों की पहचान तथा पूरे घटनाक्रम को लेकर सेना की तरफ से विस्तृत आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
फिलहाल Rescue Teams और संबंधित अधिकारी हादसे से जुड़े जरूरी दस्तावेजी और पहचान संबंधी औपचारिकताओं को पूरा कर रहे हैं।
हथिनीकुंड बैराज का यह हादसा बेहद दुखद है। ट्रेनिंग के दौरान हुई इस घटना ने एक बार फिर तेज बहाव वाले जलक्षेत्र में सुरक्षा इंतजामों और सावधानियों की अहमियत को सामने ला दिया है।
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