आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलPM Modi Ladakh Visit: लद्दाख की नई पीढ़ी पर फोकस, ₹3,350 करोड़ के Projects शुरू◆BREAKINGमध्य प्रदेशभोपाल न्यू मार्केट आग मामले में छोले-भटूरे दुकान संचालक पर FIR, आज से हॉकर्स की शिफ्टिंग◆BREAKINGस्पोर्ट्सभारत की हार पर भड़के सुनील गावस्कर, बोले- पिच नहीं, खराब गेंदबाजी जिम्मेदार◆BREAKINGस्पोर्ट्ससंजू सैमसन ने तिलक वर्मा के विकेट को बताया टर्निंग पॉइंट, बोले- हम अच्छी स्थिति में थे◆BREAKINGछत्तीसगढ़बिलासपुर में 7-8 मिनट में हो रही वाहनों की फिटनेस जांच पर सवाल, 800 की फीस के बदले 5 हजार मांगने का आरोप◆BREAKINGदेश-हरपलAnti-CEC Protest: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज, 16 अक्टूबर को Tiranga March◆BREAKINGदेश-हरपलCNAP Service: अब अनजान नंबर से कॉल आने पर दिखेगा नाम, 1 नवंबर से नया नियम◆BREAKINGदेश-हरपलजर्मनी में रिहायशी इमारत में आग से 3 भारतीयों की मौत, हत्या के शक में रोमानियाई नागरिक गिरफ्तार◆BREAKINGदेश-हरपलPM Modi Ladakh Visit: लद्दाख की नई पीढ़ी पर फोकस, ₹3,350 करोड़ के Projects शुरू◆BREAKINGमध्य प्रदेशभोपाल न्यू मार्केट आग मामले में छोले-भटूरे दुकान संचालक पर FIR, आज से हॉकर्स की शिफ्टिंग◆BREAKINGस्पोर्ट्सभारत की हार पर भड़के सुनील गावस्कर, बोले- पिच नहीं, खराब गेंदबाजी जिम्मेदार◆BREAKINGस्पोर्ट्ससंजू सैमसन ने तिलक वर्मा के विकेट को बताया टर्निंग पॉइंट, बोले- हम अच्छी स्थिति में थे◆BREAKINGछत्तीसगढ़बिलासपुर में 7-8 मिनट में हो रही वाहनों की फिटनेस जांच पर सवाल, 800 की फीस के बदले 5 हजार मांगने का आरोप◆BREAKINGदेश-हरपलAnti-CEC Protest: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज, 16 अक्टूबर को Tiranga March◆BREAKINGदेश-हरपलCNAP Service: अब अनजान नंबर से कॉल आने पर दिखेगा नाम, 1 नवंबर से नया नियम◆BREAKINGदेश-हरपलजर्मनी में रिहायशी इमारत में आग से 3 भारतीयों की मौत, हत्या के शक में रोमानियाई नागरिक गिरफ्तार◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

CNAP Service: अब अनजान नंबर से कॉल आने पर दिखेगा नाम, 1 नवंबर से नया नियम

Table of Content

अब अनजान नंबर से फोन आने पर यह जानना आसान हो सकता है कि कॉल किसके नाम पर रजिस्टर्ड है। केंद्र सरकार की नई व्यवस्था के तहत 1 नवंबर 2026 से मोबाइल स्क्रीन पर कॉल करने वाले का नाम दिखाने की सुविधा शुरू करने की तैयारी है। इस सिस्टम का नाम Calling Name Presentation (CNAP) है। इसका मकसद अनजान कॉल की पहचान आसान बनाना और लोगों को स्पैम व धोखाधड़ी वाली कॉल के प्रति सतर्क करना है।

इस व्यवस्था के तहत अगर आपके फोन पर किसी ऐसे नंबर से कॉल आती है, जो कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव नहीं है, तो स्क्रीन पर केवल नंबर ही नहीं, बल्कि टेलीकॉम रिकॉर्ड में दर्ज नाम भी दिखाई दे सकता है। वहीं, विदेश से आने वाली कॉल के लिए स्क्रीन पर ‘International Call’ लिखा दिख सकता है।

Caller Name Display: कैसे काम करेगी नई सुविधा?

अभी तक अनजान नंबर से कॉल आने पर ज्यादातर लोगों को यह पता लगाने के लिए Truecaller जैसे ऐप या दूसरी सेवाओं की मदद लेनी पड़ती है कि फोन किसने किया है। CNAP सुविधा लागू होने के बाद कॉल करने वाले की पहचान दिखाने के लिए टेलीकॉम कंपनियों के रिकॉर्ड का इस्तेमाल किया जाएगा।

इसमें कॉल करने वाले के मोबाइल कनेक्शन के साथ दर्ज नाम दिखाया जा सकता है। यानी नंबर सेव नहीं होने पर भी आपको कॉल करने वाले की पहचान का अंदाजा लगाने में मदद मिलेगी।

दूरसंचार विभाग के निर्देश के अनुसार, 1 नवंबर 2026 से 4G और उससे नई तकनीक वाले मोबाइल नेटवर्क पर यह सुविधा शुरू की जानी है। हालांकि, अलग-अलग नेटवर्क पर इसकी उपलब्धता और शुरुआत की स्थिति अलग हो सकती है।

विदेशी नंबर से फोन आया तो स्क्रीन पर क्या दिखेगा?

नई व्यवस्था का एक अहम हिस्सा इंटरनेशनल कॉल की पहचान करना है। अगर विदेश से किसी अनजान नंबर पर कॉल आती है, तो स्क्रीन पर ‘International Call’ लिखा दिखाई दे सकता है। इससे यूजर को यह समझने में मदद मिलेगी कि कॉल अंतरराष्ट्रीय नंबर से आ रही है।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि विदेश से आने वाली हर कॉल फर्जी होती है। विदेश में रहने वाले रिश्तेदार, दोस्त या कारोबारी संपर्क भी कॉल कर सकते हैं। इसलिए केवल इस संदेश को देखकर किसी कॉल को धोखाधड़ी मान लेना सही नहीं होगा।

क्या फर्जी कॉल और साइबर फ्रॉड पर लगेगी लगाम?

आजकल बैंक अधिकारी, सरकारी कर्मचारी या दूसरी संस्थाओं का प्रतिनिधि बनकर लोगों को फोन करने के मामले सामने आते रहते हैं। कई बार लोग कॉल करने वाले की बातों में आकर अपनी निजी जानकारी साझा कर देते हैं।

CNAP सुविधा से कॉल करने वाले की पहचान समझने में मदद मिल सकती है। लेकिन यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि स्क्रीन पर नाम दिखने का मतलब यह नहीं है कि कॉल पूरी तरह सुरक्षित है। किसी भी अनजान व्यक्ति को OTP, बैंकिंग पासवर्ड या संवेदनशील जानकारी न बताएं। बैंक या सरकारी संस्था के नाम पर कॉल आने पर आधिकारिक माध्यम से जानकारी की पुष्टि करना बेहतर है।

क्या 4G और 5G यूजर्स को मिलेगा फायदा?

CNAP को 4G और उससे नई तकनीक वाले मोबाइल नेटवर्क पर लागू करने की योजना है। इसमें 5G नेटवर्क भी शामिल हैं। हालांकि, शुरुआत में सभी यूजर्स को एक साथ या एक ही तरीके से यह सुविधा मिले, यह जरूरी नहीं है।

पुराने 2G और 3G नेटवर्क के लिए व्यवस्था को लेकर अलग से निर्णय लिया जा सकता है। यूजर्स को सुविधा मिलने की स्थिति उनके टेलीकॉम ऑपरेटर और नेटवर्क सपोर्ट पर भी निर्भर करेगी।

Privacy को लेकर क्या है व्यवस्था?

कॉलर का नाम दिखाने की सुविधा के साथ यूजर्स की निजता का ध्यान रखना भी जरूरी है। CNAP में पहचान से जुड़ी जानकारी टेलीकॉम रिकॉर्ड के आधार पर दिखाई जाती है। जिन यूजर्स ने नियमानुसार Calling Line Identification Restriction (CLIR) सुविधा ली है, उनके लिए नाम छिपाने से जुड़े प्रावधान भी लागू हो सकते हैं।

बिजनेस कनेक्शन के मामले में सत्यापन के बाद कंपनी या कारोबार का नाम दिखाने की सुविधा भी दी जा सकती है। इससे ग्राहकों को आधिकारिक बिजनेस कॉल पहचानने में मदद मिल सकती है।

1 नवंबर से मोबाइल यूजर्स को क्या फायदा होगा?

नई Caller Name Display सुविधा का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अनजान नंबर से कॉल आने पर यूजर को कॉल करने वाले के बारे में अतिरिक्त जानकारी मिल सकती है। विदेश से आने वाली कॉल के लिए ‘International Call’ का संकेत भी उपयोगी हो सकता है।

हालांकि, यह सुविधा हर फर्जी कॉल को रोकने का पक्का समाधान नहीं है। कॉल उठाने से पहले पहचान पर ध्यान देना, संदिग्ध लिंक से बचना और निजी जानकारी साझा न करना अब भी जरूरी रहेगा।

कुल मिलाकर, CNAP सुविधा मोबाइल कॉल की पहचान को पहले से आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है। अगर इसे प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है, तो आम लोगों को अनजान कॉल समझने और संभावित धोखाधड़ी से सतर्क रहने में मदद मिल सकती है।

हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

Yukta

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

PM Modi

PM Modi Ladakh Visit: लद्दाख की नई पीढ़ी पर फोकस, ₹3,350 करोड़ के Projects शुरू

लद्दाख में विकास को नई रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने 15 अक्टूबर 2026 को लद्दाख में करीब ₹3,350 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लद्दाख का विकास केंद्र सरकार की प्राथमिकता है और यहां की नई पीढ़ी का भविष्य सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इन परियोजनाओं का सीधा संबंध लद्दाख की कनेक्टिविटी, बिजली, पानी, पर्यटन और स्थानीय लोगों की सुविधाओं से है। सरकार का जोर सिर्फ बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर नहीं, बल्कि युवाओं को शिक्षा, खेल और रोजगार के बेहतर अवसर देने पर भी है। लद्दाख के युवाओं के लिए क्या है सरकार का Plan? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में लद्दाख के युवाओं की क्षमता और उनके भविष्य पर जोर दिया। उनका कहना है कि क्षेत्र के युवाओं को बेहतर शिक्षा, आधुनिक तकनीक और खेलों में आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए। लद्दाख में पर्यटन के विस्तार, विंटर टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं। इससे होटल, परिवहन, स्थानीय कारोबार और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। सरकार ग्रीनहाउस खेती को भी बढ़ावा दे रही है। लद्दाख जैसे ठंडे क्षेत्र में खेती करना आसान नहीं है, इसलिए ग्रीनहाउस तकनीक किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। Leh Airport पर ₹640 करोड़ का बड़ा Investment लद्दाख में पर्यटन और हवाई यात्रा को बेहतर बनाने के लिए लेह के कुशोक बकुला रिम्पोछे एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया गया। इस परियोजना पर करीब ₹640 करोड़ खर्च किए गए हैं। लगभग 23,800 वर्ग मीटर में बने इस टर्मिनल की सालाना यात्री क्षमता 35 लाख बताई गई है। यहां आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ लद्दाख की स्थानीय संस्कृति और वास्तुकला की झलक भी देखने को मिलेगी। टर्मिनल में ऊर्जा की खपत कम करने के लिए जियोथर्मल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। बेहतर एयरपोर्ट से पर्यटकों को सुविधा मिलने के साथ लद्दाख के पर्यटन कारोबार को भी बढ़ावा मिल सकता है। Nimmu-Padum-Darcha Road से आसान होगा सफर लद्दाख की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए 298 किलोमीटर लंबी निमू-पदुम-दरचा सड़क भी महत्वपूर्ण है। यह मार्ग लेह के निमू को हिमाचल प्रदेश के दरचा से जोड़ता है और जांस्कर घाटी से होकर गुजरता है। इस सड़क का सबसे बड़ा फायदा यह है कि लद्दाख पहुंचने के लिए एक अतिरिक्त मार्ग उपलब्ध होगा। इससे स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों और सुरक्षा बलों की आवाजाही भी आसान हो सकती है। इस क्षेत्र में बेहतर सड़क संपर्क का मतलब सिर्फ कम समय में सफर पूरा करना नहीं है। इससे दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और जरूरी सामान तक पहुंच बनाने में भी मदद मिल सकती है। Power Projects से मजबूत होगी बिजली की व्यवस्था लद्दाख में बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए हाइड्रोपावर और ट्रांसमिशन से जुड़ी परियोजनाओं पर भी ध्यान दिया गया है। 9 मेगावाट क्षमता वाला हानू स्मॉल हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट स्थानीय स्तर पर बिजली उत्पादन बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है। वहीं, 66 केवी की दाह-हानू-खाल्त्सी ट्रांसमिशन लाइन बिजली नेटवर्क को मजबूत करने में मदद करेगी। इन परियोजनाओं से बिजली की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। इससे घरों के साथ स्थानीय कारोबार और दूसरी जरूरी सेवाओं को भी फायदा मिल सकता है। लद्दाख की ऐतिहासिक विरासत को मिलेगा संरक्षण विकास परियोजनाओं के बीच लद्दाख की प्राचीन विरासत को सुरक्षित रखने पर भी ध्यान दिया गया है। लेह के सिंधु घाट पर पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क का उद्घाटन किया गया। पेट्रोग्लिफ ऐसी प्राचीन आकृतियां होती हैं, जिन्हें चट्टानों पर उकेरा जाता है। इनमें उस दौर के लोगों के जीवन, जानवरों और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारियां मिल सकती हैं। ऐसी ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी है। इससे लद्दाख के इतिहास को समझने और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने में भी मदद मिल सकती है। Project Him Sarovar: 40 गांवों में बने जल निकाय लद्दाख में पानी की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती है। खासकर खेती के मौसम में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी जुटाना कई इलाकों में मुश्किल हो सकता है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए Project Him Sarovar के तहत 40 गांवों में 40 जल निकाय विकसित किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य पानी को संरक्षित करना और जरूरत के समय उसका इस्तेमाल आसान बनाना है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए मदद मिल सकती है। साथ ही, जल संरक्षण की बेहतर व्यवस्था क्षेत्र की दीर्घकालिक जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी हो सकती है। Tourism और रोजगार पर भी रहेगा जोर लद्दाख अपनी प्राकृतिक सुंदरता, बौद्ध मठों, पहाड़ों और एडवेंचर गतिविधियों के लिए जाना जाता है। बेहतर एयरपोर्ट और सड़क संपर्क से यहां आने वाले पर्यटकों की यात्रा आसान हो सकती है। पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए गाइड, होटल, होमस्टे, परिवहन और स्थानीय उत्पादों से जुड़े काम के अवसर भी बढ़ सकते हैं। हालांकि, पर्यटन का विस्तार पर्यावरण और स्थानीय संस्कृति को ध्यान में रखकर करना जरूरी होगा। लद्दाख जैसे संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती है। लद्दाख के लिए क्यों अहम हैं ₹3,350 करोड़ के Projects? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से घोषित और शुरू की गई इन परियोजनाओं का महत्व केवल बड़ी रकम तक सीमित नहीं है। इनका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है। बेहतर सड़कें और एयरपोर्ट सफर को आसान बना सकते हैं। बिजली परियोजनाएं ऊर्जा व्यवस्था मजबूत कर सकती हैं, जबकि जल निकाय खेती में मदद कर सकते हैं। दूसरी ओर, शिक्षा, खेल और पर्यटन पर ध्यान देने से युवाओं के लिए नए अवसर तैयार हो सकते हैं। निष्कर्ष: लद्दाख में ₹3,350 करोड़ की विकास परियोजनाएं क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाएं देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। अब इनकी सफलता इस बात से तय होगी कि इनका लाभ स्थानीय लोगों, किसानों, कारोबारियों और युवाओं तक कितनी प्रभावी तरीके से पहुंचता है। प्रधानमंत्री का लद्दाख की नई पीढ़ी पर जोर इस बात को रेखांकित करता है कि विकास...

भोपाल न्यू मार्केट आग मामले में छोले-भटूरे दुकान संचालक पर FIR, आज से हॉकर्स की शिफ्टिंग

भोपाल। न्यू मार्केट में 8 अक्टूबर को लगी भीषण आग के मामले में पुलिस ने बालाजी छोले-भटूरे दुकान के संचालक दीप उर्फ दीपू अग्रवाल के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस की जांच में सामने आया कि दुकान में भट्टी के पास रखे कपड़े में आग लगी थी, जिसके बाद लपटें फैल गईं। हादसे में आसपास की चार अन्य दुकानों और 12 से ज्यादा रेहड़ियों को नुकसान पहुंचा था। आग से करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है। घटना के बाद नगर निगम ने न्यू मार्केट को नो-हॉकर्स जोन बनाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। गुरुवार से हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास हाट बाजार में शिफ्ट करने की तैयारी है। निगम ने चेतावनी दी है कि तय स्थान पर नहीं जाने वाले हॉकर्स का सामान जब्त किया जा सकता है। भट्टी के पास रखे कपड़े में लगी थी आग पुलिस की जांच के मुताबिक, बालाजी छोले-भटूरे दुकान में भट्टी जल रही थी। इसके पास रखे कपड़े में आग लगने के बाद लपटें फैल गईं और आसपास की दुकानें भी इसकी चपेट में आ गईं। हादसे में आम्रपाली रेस्टोरेंट, विजय स्टोर, एक कैफे और मोबाइल दुकान को नुकसान पहुंचा था। घटना के बाद आम्रपाली रेस्टोरेंट के संचालक पवन अग्रवाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के आधार पर टीटी नगर पुलिस ने दुकान संचालक के खिलाफ लापरवाही और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। टीटी नगर थाना प्रभारी गौरव सिंह दोहर के मुताबिक, आग भट्टी के पास रखे कपड़े से शुरू हुई थी। वहीं, दुकान में अग्नि सुरक्षा के जरूरी इंतजाम मौजूद थे या नहीं, इसकी जांच नगर निगम कर रहा है। न्यू मार्केट में दमकल की पहुंच जांचने के लिए मॉकड्रिल आग की घटना के बाद नगर निगम ने न्यू मार्केट में दमकल की पहुंच और रास्तों में आने वाली बाधाओं की जांच शुरू की है। बुधवार को करीब तीन घंटे तक मॉकड्रिल की गई। इस दौरान दो दमकल वाहनों को पूरे मार्केट में घुमाया गया। जहां दमकल को रुकना पड़ा, वहां से निगम ने सामान जब्त किया। 8 अक्टूबर को आग लगने के दौरान दुकानों के सामने रखा सामान दमकल वाहनों के रास्ते में बाधा बना था। इसी को देखते हुए निगम ने बाजार में अतिक्रमण हटाने और रास्ते खाली रखने की कार्रवाई तेज की है। टीटी नगर स्टेडियम के पास शिफ्ट होंगे हॉकर्स नगर निगम ने बुधवार को पूरे दिन मुनादी कराकर हॉकर्स को गुरुवार से निर्धारित स्थान पर जाने की सूचना दी। अतिक्रमण अधिकारी शैलेंद्र सिंह भदौरिया के मुताबिक, न्यू मार्केट के नो-व्हीकल जोन में रेहड़ी लगाकर व्यवसाय करने वाले हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास स्थित हाट बाजार में विस्थापित किया जाएगा। निगम की योजना न्यू मार्केट को नो-हॉकर्स जोन बनाने की है, ताकि बाजार के रास्ते खुले रहें और आपात स्थिति में दमकल वाहनों को पहुंचने में परेशानी न हो। दुकानों के सामने पीली लाइन की दोबारा मार्किंग नगर निगम दुकानों के सामने पीली लाइन की दोबारा मार्किंग भी कर रहा है। बुधवार से यह प्रक्रिया शुरू की गई। दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि पीली लाइन से आगे सामान रखने पर जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। निगम का उद्देश्य दुकानों के सामने का रास्ता खाली रखना है, ताकि आग या किसी अन्य आपात स्थिति में बचाव कार्य प्रभावित न हो। आग वाली जगह से 100 फीट दूर भी जलती हैं भट्टियां आग लगने वाली जगह से करीब 100 फीट की दूरी पर छोले-भटूरे की दो अन्य दुकानें भी संचालित हो रही हैं। आसपास दो से तीन नमकीन की दुकानें भी हैं, जहां सुबह से रात तक भट्टियां जलती हैं। ऐसे में आग से बचाव के इंतजामों और भट्टियों के आसपास रखे सामान की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दुकानों में अग्नि सुरक्षा के नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी नियमित जांच जरूरी मानी जा रही है। चौक बाजार में 22 लाख का फायर हाइड्रेंट सिस्टम भी सवालों में शहर के पुराने बाजारों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंताएं सामने आई हैं। जानकारी के मुताबिक, चौक बाजार और इब्राहिमपुरा की 10 से 12 फीट चौड़ी गलियों में आग बुझाने के लिए नगर निगम ने करीब 22 लाख रुपये की लागत से अंडरग्राउंड फायर हाइड्रेंट सिस्टम लगाया था। जुलाई 2026 में नेमा डिजाइनर स्टूडियो में आग लगने के दौरान इस सिस्टम के काम नहीं करने की बात सामने आई थी। इसके बाद सिस्टम की प्रेशर टेस्टिंग और रखरखाव को लेकर सवाल उठे। जुमेराती, इब्राहिमपुरा, नदीम रोड और घोड़ा नक्कास समेत शहर के आठ प्रमुख बाजारों में भी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच और रखरखाव की जरूरत बताई जा रही है। बैरागढ़ के फायर सेफ्टी सिस्टम के रखरखाव पर भी सवाल 17 दिसंबर 2017 को बैरागढ़ के संत हिरदाराम शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में भीषण आग लगी थी, जिसमें 100 से ज्यादा कपड़े की दुकानें जलकर खाक हो गई थीं। घटना के बाद होज-रील पाइप, ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर और फायर वाटर पंप लगाने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सिस्टम लगाने के बाद उसके रखरखाव में कमी और उपकरणों पर जंग लगने जैसी समस्याएं सामने आई हैं। मेन कॉरिडोर में अतिक्रमण और मॉकड्रिल नहीं होने की बात भी कही गई है। न्यू मार्केट की आग के बाद अब सवाल केवल अतिक्रमण हटाने का नहीं, बल्कि बाजारों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच, रखरखाव और आपातकालीन रास्ते खुले रखने का भी है।

भारत की हार पर भड़के सुनील गावस्कर, बोले- पिच नहीं, खराब गेंदबाजी जिम्मेदार

हैदराबाद। वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे टी-20 मुकाबले में भारतीय टीम की 24 रन से हार के बाद पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने गेंदबाजों के प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने साफ कहा कि भारत की हार की वजह पिच नहीं, बल्कि खराब गेंदबाजी थी। गावस्कर के मुताबिक, भारतीय गेंदबाजों ने कई फुलटॉस और खराब लेंथ की गेंदें डालीं, जिससे वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को बड़ा स्कोर बनाने का मौका मिला। गावस्कर ने कहा कि अगर गेंदबाज अपनी रणनीति को सही तरीके से लागू नहीं कर पाते, तो इसके लिए पिच को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी माना कि गेंदबाजी में तय योजनाओं को सही तरीके से लागू नहीं कर पाना टीम पर भारी पड़ा। गावस्कर बोले- फुलटॉस डालकर पिच को दोष नहीं दे सकते गावस्कर ने जियोहॉटस्टार पर कहा कि भारतीय गेंदबाजों की कमियों के कारण वेस्टइंडीज बड़ा स्कोर बनाने में सफल रहा। उन्होंने कहा कि अक्सर पिच को लेकर शिकायत की जाती है और कहा जाता है कि वह गेंदबाजों की मदद नहीं कर रही, लेकिन फुलटॉस डालने पर पिच को दोष देना सही नहीं है। उन्होंने गेंदबाजों को सलाह दी कि परिस्थितियों का फायदा उठाने के लिए सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करना जरूरी है। फुलटॉस और बल्लेबाजों के लिए अनुकूल लेंथ पर गेंद डालने से उन्हें आसानी से रन बनाने का मौका मिलता है। गावस्कर के मुताबिक, वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने बाद में सही लेंथ और यॉर्कर का इस्तेमाल किया, जिससे भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाया जा सका। दोबारा बिछाई गई पिच पर गेंद रुककर आने की शिकायत हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम की दोबारा बिछाई गई पिच से गेंदबाजों को कुछ मदद मिलने की बात सामने आई। खिलाड़ियों ने बताया कि कुछ मौकों पर गेंद पिच पर रुककर आई और उछाल में भी बदलाव देखने को मिला। हालांकि, गावस्कर का मानना था कि गेंदबाजों को इन परिस्थितियों का बेहतर इस्तेमाल करना चाहिए था। उनके अनुसार, पिच से मिलने वाली संभावित मदद तभी उपयोगी साबित होती है, जब गेंदबाज सही जगह गेंद डालें। इससे पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर भी ऐसी पिचों की जरूरत पर जोर दे चुके हैं, जिन पर बल्लेबाज और गेंद के बीच बेहतर मुकाबला देखने को मिले। शमार जोसेफ की गेंदबाजी पर भी उठाए सवाल गावस्कर ने वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज शमार जोसेफ की गेंदबाजी के तरीके पर भी सवाल उठाए। मैच के दौरान जोसेफ की एक बाउंसर भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह के कंधे पर लगी। इसके बाद अर्शदीप विकेट छोड़कर बल्लेबाजी करने लगे, लेकिन जोसेफ ने उनके खिलाफ बॉडीलाइन पर गेंदबाजी जारी रखी और एक और बाउंसर डाल दी। इस पर कमेंट्री के दौरान गावस्कर ने कहा कि जोसेफ स्टंप्स पर गेंदबाजी करने के बजाय अर्शदीप को निशाना बना रहे थे, जबकि उस समय स्टंप्स असुरक्षित थे। दूसरी बार चोटिल होने से बाल-बाल बचने के बाद अर्शदीप आगे बल्लेबाजी जारी नहीं रख सके और 5 रन पर रिटायर हर्ट हो गए। 24 रन से हारा भारत बुधवार को हैदराबाद में खेले गए चौथे टी-20 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने भारत को 24 रन से हराया। मैच के बाद भारतीय गेंदबाजी की रणनीति और पिच की भूमिका पर चर्चा तेज हो गई है। गावस्कर की टिप्पणी ने साफ कर दिया कि उनके मुताबिक, हार के लिए परिस्थितियों से ज्यादा गेंदबाजों का प्रदर्शन जिम्मेदार था।

संजू सैमसन ने तिलक वर्मा के विकेट को बताया टर्निंग पॉइंट, बोले- हम अच्छी स्थिति में थे

हैदराबाद। भारतीय ओपनर संजू सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ हार के बाद तिलक वर्मा के विकेट को मैच का टर्निंग पॉइंट बताया। बुधवार को हैदराबाद में खेले गए मुकाबले में भारत को 24 रन से हार का सामना करना पड़ा। सैमसन के मुताबिक, तिलक और नीतीश कुमार रेड्डी की साझेदारी के दौरान भारतीय टीम रन चेज में अच्छी स्थिति में थी, लेकिन तिलक के आउट होते ही मैच का रुख बदल गया। मैच के बाद सैमसन ने कहा, “मैच का टर्निंग पॉइंट वह था, जब तिलक आउट हुए। हम अच्छी स्थिति में थे। हम 10-20 रन आसानी से बना रहे थे। रेड्डी और तिलक दबाव संभाल रहे थे और दोनों बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे।” रेड्डी और तिलक ने 32 गेंदों में जोड़े 70 रन भारत ने 130 रन के स्कोर पर पांच विकेट गंवा दिए थे। उस समय टीम को जीत के लिए 50 गेंदों में 118 रन बनाने थे। मुश्किल परिस्थिति में नीतीश कुमार रेड्डी और तिलक वर्मा ने छठे विकेट के लिए 32 गेंदों में 70 रन की साझेदारी कर टीम की वापसी कराई। दोनों की बल्लेबाजी से भारत की जीत की उम्मीदें फिर मजबूत हुईं। हालांकि, जब जीत के लिए 19 गेंदों में 48 रन की जरूरत थी, तब रोमारियो शेफर्ड ने तिलक वर्मा को गलत शॉट खेलने पर मजबूर किया और उनका विकेट हासिल कर लिया। इसके बाद भारतीय पारी लड़खड़ा गई और टीम मुकाबला 24 रन से हार गई। सैमसन ने कहा कि पांच विकेट गिरने के बाद भी टीम के पास मैच में वापसी का मौका था। दो युवा खिलाड़ियों ने दबाव में अच्छी बल्लेबाजी की और वेस्टइंडीज के गेंदबाजी आक्रमण का सामना किया। उन्होंने माना कि निचले क्रम के बल्लेबाजों को अंत में बड़ी भूमिका निभानी थी। सैमसन ने कहा कि क्रिकेट में गलतियां होती हैं, लेकिन टीम को सकारात्मक रहकर आगे बढ़ना होगा। ईशान किशन और अभिषेक शर्मा का किया बचाव ईशान किशन और अभिषेक शर्मा के प्रदर्शन पर भी सैमसन ने प्रतिक्रिया दी। ईशान ने तीन गेंदों में छह रन बनाए, जबकि अभिषेक शर्मा 24 गेंदों पर 29 रन ही बना सके। सैमसन ने दोनों खिलाड़ियों का बचाव करते हुए कहा कि एक मैच में खराब प्रदर्शन होना सामान्य है। उन्होंने अभिषेक की पिछली मैच में खेली गई 70 रन की पारी का जिक्र किया और कहा कि ईशान भी लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं। सैमसन के मुताबिक, दोनों खिलाड़ी दुनिया के शीर्ष बल्लेबाजों में शामिल हैं और एक खराब मैच के आधार पर उनके प्रदर्शन का आकलन नहीं किया जाना चाहिए। सैमसन ने 23 गेंदों में बनाए 56 रन संजू सैमसन ने खुद आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 23 गेंदों में 56 रन बनाए। ईशान किशन के जल्दी आउट होने के बाद उन्होंने तेज गति से रन बनाकर भारतीय टीम को मुकाबले में बनाए रखा। हालांकि, टीम की हार से वह निराश नजर आए। सैमसन ने कहा, “हारने वाली टीम में होने का एहसास अलग होता है। इस समय मैं काफी निराश हूं। मेरा योगदान जीत में आना चाहिए था।” अपनी बल्लेबाजी के बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें मैदान पर बल्लेबाजी करने में मजा आया। उनके मुताबिक, बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय ज्यादा सोचने का समय नहीं होता और परिस्थितियों के अनुसार तेजी से खेलना पड़ता है। आखिरी मुकाबले को लेकर सैमसन आश्वस्त सीरीज बराबर होने के बाद सैमसन ने कहा कि भारतीय टीम अगले मुकाबले के लिए तैयार है। उन्होंने आखिरी मैच को फाइनल जैसा बताते हुए कहा कि अब देखना होगा कि टीम आगे कैसा प्रदर्शन करती है। अर्शदीप सिंह की चोट पर भी दिया अपडेट सैमसन ने तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह की चोट को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अर्शदीप अपने कंधे पर बर्फ लगा रहे हैं। सैमसन ने उम्मीद जताई कि गेंद लगने से घायल हुए अर्शदीप जल्द ठीक हो जाएंगे और टीम में वापसी कर सकेंगे।

बिलासपुर में 7-8 मिनट में हो रही वाहनों की फिटनेस जांच पर सवाल, 800 की फीस के बदले 5 हजार मांगने का आरोप

बिलासपुर। मटियारी-बेलतरा बाईपास स्थित निजी वाहन फिटनेस सेंटर में व्यावसायिक वाहनों की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। मौके पर एक वाहन की फिटनेस जांच महज 7 से 8 मिनट में पूरी होती दिखाई दी। जांच के बाद बाहर निकली एक बस गेट पर दस्तावेज लेते समय ही बंद हो गई। चालक ने दोबारा इंजन स्टार्ट करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। आखिरकार लोगों को धक्का लगाकर बस को हटाना पड़ा। घटना ने फिटनेस जांच की गुणवत्ता और प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सेंटर के बाहर सुबह से ही बसों और ट्रकों की कतार लगी थी। कई वाहन मालिक जांच से पहले इंडिकेटर, हेडलाइट और दूसरी लाइटों की खराबियां ठीक कराते नजर आए। कुछ वाहनों पर रेडियम पट्टियां भी लगाई जा रही थीं। कमियां दूर करने के बाद वाहनों को जांच के लिए अंदर भेजा जा रहा था। ढाई साल पहले निजी संस्था को सौंपी गई व्यवस्था करीब ढाई साल पहले तक व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच आरटीओ परिसर में होती थी। बाद में यह व्यवस्था निजी संस्था रोविंग आई सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड को सौंप दी गई। इसके बाद फिटनेस सेंटर को मटियारी-बेलतरा बाईपास पर स्थानांतरित कर दिया गया। अब वाहन मालिकों को लगरा स्थित आरटीओ कार्यालय से करीब पांच किलोमीटर दूर इस सेंटर तक जाना पड़ता है। व्यवस्था निजी हाथों में जाने के बाद जांच प्रक्रिया, समय और खर्च को लेकर वाहन मालिकों की शिकायतें सामने आ रही हैं। 29 बिंदुओं की जांच 7-8 मिनट में कैसे? बिलासपुर बस मालिक परिवहन संघ के महासचिव नितिन जुनेजा ने कहा कि फिटनेस जांच निजी हाथों में जाने के बाद वाहन मालिकों की परेशानियां बढ़ी हैं। उनके मुताबिक, कुछ लोग संपर्कों के जरिए जल्दी काम करा लेते हैं, जबकि अन्य वाहन मालिकों को चार-चार घंटे तक इंतजार करना पड़ता है। इससे उनका समय और पैसा दोनों प्रभावित होते हैं। जुनेजा के अनुसार, फिटनेस जांच के दौरान करीब 29 बिंदुओं की जांच की जानी होती है। इसमें ब्रेक, सस्पेंशन, स्टीयरिंग, लाइट, टायर, उत्सर्जन मानक और अन्य सुरक्षा उपकरणों की स्थिति शामिल है। संबंधित वाहन श्रेणियों में स्पीड गवर्नर और जीपीएस उपकरणों की जांच भी जरूरी हो सकती है। ऐसे में मौके पर 7 से 8 मिनट में जांच पूरी होते दिखाई देने से यह सवाल उठ रहा है कि सभी जरूरी तकनीकी बिंदुओं की जांच किस तरह की जा रही है। हालांकि, जांच की गुणवत्ता और नियमों के पालन की वास्तविक स्थिति रिकॉर्ड और प्रक्रिया की विस्तृत पड़ताल के बाद ही स्पष्ट होगी। 800 रुपये की फीस के बदले 5 हजार मांगने का आरोप कुछ वाहन मालिकों ने आरोप लगाया कि करीब 800 रुपये की निर्धारित सरकारी फीस वाले काम के लिए उनसे 5 हजार रुपये तक मांगे जाते हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वाहन मालिकों के मुताबिक, सेंटर के बाहर एजेंट सक्रिय रहते हैं। उनका दावा है कि आरटीओ कार्यालय के पास एजेंटों से बातचीत के बाद उन्हें फिटनेस सेंटर भेजा जाता है। वहीं, सेंटर में दलालों के प्रवेश पर प्रतिबंध होने की बात भी कही जा रही है। इन आरोपों के संबंध में शुल्क का आधिकारिक विवरण, भुगतान की रसीदें और संबंधित रिकॉर्ड सामने आने पर ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। सेंटर प्रबंधन का दावा- जांच प्रक्रिया सही फिटनेस सेंटर के मैनेजर नवीन ने बताया कि एक वाहन की जांच में 7 से 8 मिनट लगते हैं। उनके मुताबिक, वाहनों की फिटनेस जांच सही तरीके से की जाती है और जांच क्षेत्र में किसी को प्रवेश नहीं दिया जाता। उन्होंने बताया कि सेंटर में निगरानी के लिए 36 कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा, वाहन चालकों के लिए पीने के पानी और बैठने की व्यवस्था भी की गई है। फिलहाल, कम समय में फिटनेस जांच पूरी होने और अतिरिक्त रकम मांगे जाने के आरोपों की निष्पक्ष जांच से ही व्यवस्था की पारदर्शिता और सुरक्षा मानकों के पालन की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.