मध्य प्रदेश में सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा देने और निवेश आकर्षित करने के लिए दो दिवसीय समिट आयोजित की जा रही है। इसमें सेमीकंडक्टर पैकेजिंग एवं टेस्टिंग, चिप डिजाइन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), विनिर्माण और आपूर्ति शृंखला जैसे विषयों पर चर्चा होगी। आयोजन का उद्देश्य उद्योग, शिक्षण संस्थानों और अनुसंधान केंद्रों के बीच सहयोग बढ़ाना है।
पहले दिन सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम पर चर्चा
समिट के पहले दिन मध्य प्रदेश को सेमीकंडक्टर पैकेजिंग एवं टेस्टिंग हब के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा। इसके साथ ही फैबलेस इकोसिस्टम, चिप विनिर्माण और आपूर्ति शृंखला को मजबूत बनाने पर चर्चा होगी।
कार्यक्रम में AI इंफ्रास्ट्रक्चर, बौद्धिक संपदा और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में शिक्षण संस्थानों की भूमिका जैसे विषय भी शामिल रहेंगे।
दूसरे दिन AI, चिप टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप पर मंथन
समिट के दूसरे दिन चिप टेक्नोलॉजी, AI, इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों के निर्माण, डिजाइन सेवाओं, अनुसंधान एवं विकास और तकनीकी प्रतिभाओं को तैयार करने पर चर्चा होगी।
इसके अलावा फोटोनिक्स, क्वांटम टेक्नोलॉजी और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) से जुड़ी बैठकें भी आयोजित की जाएंगी।
कार्यक्रम के समापन समारोह में ‘मध्य प्रदेश सेमीकॉन स्टार्टअप प्रतियोगिता’ के अंतिम चरण में चयनित विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा। प्रतियोगिता का उद्देश्य सेमीकंडक्टर क्षेत्र में काम कर रहे स्टार्टअप और नए तकनीकी समाधानों को प्रोत्साहित करना है।
सेमीकंडक्टर नीति-2025 में 25% सब्सिडी का प्रावधान
राज्य सरकार ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए ‘मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2025’ को मंजूरी दी है। नीति के तहत 25% सब्सिडी और 10 साल तक 2 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराने का प्रावधान बताया गया है।
सरकार को उम्मीद है कि इन प्रोत्साहनों से प्रदेश में सेमीकंडक्टर उद्योग से जुड़ी परियोजनाओं को आकर्षित करने में मदद मिलेगी।
पारस सेमीकंडक्टर्स का 6,200 करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश की दिशा में पारस सेमीकंडक्टर्स ने 6,200 करोड़ रुपए के प्रस्तावित निवेश से उन्नत सेमीकंडक्टर असेंबली एवं टेस्टिंग (OSAT) सुविधा स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
प्रस्तावित परियोजना से प्रदेश में सेमीकंडक्टर पैकेजिंग और टेस्टिंग से जुड़ी औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की संभावना है। हालांकि, परियोजना का वास्तविक क्रियान्वयन आगे की प्रक्रियाओं और निवेश संबंधी निर्णयों पर निर्भर करेगा।
निवेश के साथ कौशल विकास पर भी जोर
समिट के जरिए उद्योग जगत, शिक्षण संस्थानों और अनुसंधान केंद्रों के बीच साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। इसके तहत तकनीकी अधोसंरचना, नवाचार, अनुसंधान और कुशल मानव संसाधन विकसित करने जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा।
आयोजन में निवेशकों को प्रदेश की सेमीकंडक्टर नीति और उपलब्ध अवसरों से परिचित कराने की भी योजना है। इससे मध्य प्रदेश में चिप टेक्नोलॉजी, AI और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।


