पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) के फ्रांस दौरे से लौटने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर रोके जाने का मामला चर्चा में है। आम आदमी पार्टी (AAP) का दावा है कि मुख्यमंत्री को करीब तीन घंटे तक एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा और 50 हजार रुपये की राशि का चालान लगाया गया। इस घटना के बाद पार्टी ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं।
वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स में कस्टम जांच के दौरान सामान से जुड़ी जानकारी सामने आई है। ऐसे में इस पूरे मामले में दो पहलू चर्चा में हैं—एक तरफ AAP के राजनीतिक आरोप और दूसरी तरफ कस्टम ड्यूटी लगाए जाने की खबर। आइए जानते हैं कि भगवंत मान के फ्रांस दौरे से लौटने के बाद क्या हुआ और विवाद क्यों बढ़ा।
France Visit के बाद Delhi Airport पर क्या हुआ?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भगवंत मान 19 अक्टूबर 2026 को फ्रांस से भारत लौटे थे। वह पंजाब के प्रतिनिधिमंडल के साथ पेरिस में आयोजित SIAL Paris 2026 फूड ट्रेड शो में शामिल होने गए थे। इस दौरे का मकसद पंजाब के कृषि और खाद्य उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ावा देना था।
AAP के पंजाब मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने आरोप लगाया कि दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री को करीब तीन घंटे तक रोका गया। उनके मुताबिक, शुरुआत में अधिकारियों ने सामान आने और उसकी जांच होने की बात कही। बाद में 50 हजार रुपये का चालान लगाए जाने की जानकारी सामने आई।
पार्टी ने इस घटनाक्रम पर नाराजगी जताते हुए सवाल किया कि मुख्यमंत्री को इतनी देर तक इंतजार क्यों करना पड़ा। हालांकि, एयरपोर्ट पर हुई पूरी कार्रवाई और देरी के कारणों को लेकर आधिकारिक जानकारी स्पष्ट होना अभी बाकी है।
₹50,000 की Customs Duty पर क्यों उठे सवाल?
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा 50 हजार रुपये की राशि को लेकर हो रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में कस्टम विभाग के सूत्रों के हवाले से बताया गया कि सामान की जांच के दौरान कुछ ऐसी वस्तुएं मिलीं, जिनकी जानकारी कथित तौर पर अधिकारियों को नहीं दी गई थी। इसी वजह से कस्टम ड्यूटी लगाए जाने की बात सामने आई।
हालांकि, सामान की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि 50 हजार रुपये की राशि केवल कस्टम ड्यूटी थी या इसमें किसी तरह का जुर्माना भी शामिल था।
इसलिए इस मामले में AAP के आरोपों और कस्टम जांच से जुड़ी रिपोर्टों को अलग-अलग समझना जरूरी है। आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने के बाद ही कार्रवाई की वजह को लेकर स्थिति साफ हो सकेगी।
AAP ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
एयरपोर्ट पर हुई इस घटना के बाद आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार की आलोचना की। पार्टी नेताओं का आरोप है कि भगवंत मान के विदेशी दौरे से जुड़े मामलों में लगातार बाधाएं पैदा की जा रही हैं।
AAP ने कहा कि मुख्यमंत्री फ्रांस में पंजाब के कारोबार और खाद्य उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गए थे। ऐसे में उनके साथ हुए घटनाक्रम पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
पार्टी ने इस मामले को पंजाब के सम्मान से जोड़ते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। हालांकि, एयरपोर्ट पर हुई कार्रवाई के पीछे राजनीतिक दबाव होने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
France जाने की अनुमति पर भी हुआ था विवाद
भगवंत मान के फ्रांस दौरे से पहले भी उनकी यात्रा को लेकर विवाद सामने आया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्र सरकार ने शुरुआत में उनके दौरे के लिए राजनीतिक मंजूरी नहीं दी थी। इसके बाद पंजाब सरकार ने इस फैसले पर आपत्ति जताई।
मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट तक पहुंचा। रिपोर्टों के मुताबिक, अदालत ने 16 अक्टूबर को मान को फ्रांस जाने की अनुमति दी। इसके बाद मुख्यमंत्री पेरिस में आयोजित SIAL Paris 2026 कार्यक्रम में शामिल हुए।
यह दौरा पंजाब के कृषि और खाद्य कारोबार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा था। ऐसे में वापसी के बाद एयरपोर्ट पर रोके जाने की खबर ने राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया।
अब किन सवालों के जवाब का इंतजार?
भगवंत मान से जुड़े इस मामले में फिलहाल कुछ सवालों पर स्थिति साफ होना बाकी है।
- मुख्यमंत्री को दिल्ली एयरपोर्ट पर करीब तीन घंटे तक क्यों रोका गया?
- 50 हजार रुपये की राशि किस आधार पर लगाई गई?
- क्या यह रकम केवल कस्टम ड्यूटी थी या इसमें जुर्माना भी शामिल था?
- क्या इस कार्रवाई का केंद्र और पंजाब सरकार के बीच चल रहे विवाद से कोई संबंध था?
इन सवालों के जवाब संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक बयान से ही स्पष्ट हो सकेंगे।
फिलहाल, AAP ने इस घटना को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं, जबकि मीडिया रिपोर्ट्स में कस्टम जांच को कार्रवाई की संभावित वजह बताया गया है। पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आने के लिए आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
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