मध्य प्रदेश के 4.50 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (DA) को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, कई राज्यों में महंगाई भत्ता 58% से बढ़ाकर 60% किए जाने के बाद मध्य प्रदेश में कर्मचारियों को अब भी 58% DA मिल रहा है। ऐसे में 2 प्रतिशत का अंतर कर्मचारियों की मासिक आय पर असर डाल रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात, बिहार, तमिलनाडु, हरियाणा और ओडिशा समेत कई राज्यों में 60% DA लागू हो चुका है। वहीं, मध्य प्रदेश में अगली बढ़ोतरी का इंतजार किया जा रहा है।
जुलाई 2025 से बढ़ा था DA, अप्रैल 2026 से मिला लाभ
मध्य प्रदेश सरकार ने जुलाई 2025 से महंगाई भत्ता 55% से बढ़ाकर 58% किया था। कर्मचारियों को इसका भुगतान अप्रैल 2026 से शुरू हुआ। जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक की बकाया राशि छह किस्तों में देने का निर्णय लिया गया था।
कर्मचारी मामलों के जानकारों के मुताबिक, DA के भुगतान में देरी के कारण कर्मचारियों को संशोधित महंगाई भत्ते का लाभ संबंधित अवधि में नहीं मिल पाता। अब 58% और 60% के बीच का अंतर भी उनकी आय पर असर डाल रहा है।
हर महीने कितनी राशि का अंतर?
दिए गए आंकड़ों के अनुसार, मूल वेतन के आधार पर 2% DA का अंतर अलग-अलग श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए इस प्रकार है:
| कर्मचारी श्रेणी | हर महीने का अनुमानित अंतर |
|---|---|
| प्रथम श्रेणी | ₹1,598 से ₹2,820 |
| द्वितीय श्रेणी | ₹1,122 से ₹1,274 |
| तृतीय श्रेणी | ₹390 से ₹982 |
| चतुर्थ श्रेणी | ₹310 से ₹360 |
यह अंतर कर्मचारियों के मूल वेतन के अनुसार बदलता है। वास्तविक राशि संबंधित कर्मचारी के वेतन और लागू नियमों पर निर्भर करेगी।
सात महीने में कितना बनता है अंतर?
जनवरी से जुलाई 2026 तक सात महीने के हिसाब से 2% DA के अंतर की अनुमानित राशि इस प्रकार बताई गई है:
| कर्मचारी श्रेणी | सात महीने का अनुमानित अंतर |
|---|---|
| प्रथम श्रेणी | ₹11,186 से ₹19,740 |
| द्वितीय श्रेणी | ₹7,854 से ₹8,918 |
| तृतीय श्रेणी | ₹2,730 से ₹6,874 |
| चतुर्थ श्रेणी | ₹2,170 से ₹2,520 |
रिपोर्ट में यह भी अनुमान जताया गया है कि सात महीनों तक 2% DA/DR का अतिरिक्त लाभ नहीं दिए जाने से सरकारी खजाने में करीब ₹420 करोड़ की राशि बची। इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।
मुद्दा सिर्फ 2% का नहीं, भुगतान के समय का भी
महंगाई भत्ते का उद्देश्य बढ़ती कीमतों के असर को कम करने में कर्मचारियों की मदद करना है। ऐसे में संशोधित DA के भुगतान में देरी होने पर कर्मचारियों को उस अवधि में बढ़ी हुई राहत नहीं मिलती, जब महंगाई का असर उनके घरेलू बजट पर पड़ रहा होता है।
खासकर कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों के लिए हर महीने ₹300 से ₹500 का अंतर भी जरूरी घरेलू खर्चों को प्रभावित कर सकता है। फिलहाल, मध्य प्रदेश के कर्मचारियों के लिए 60% DA लागू करने को लेकर सरकार की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
नोट: इस खबर में दिए गए राज्यवार DA, कर्मचारियों की संख्या और ₹420 करोड़ के अनुमान को आधिकारिक सरकारी आदेशों से सत्यापित करना जरूरी है।
