अमेरिका की एक बड़ी अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा लगाए गए कुछ अंतरराष्ट्रीय टैरिफ (Import Tariffs) को गैरकानूनी करार दिया है। इस फैसले से भारत को व्यापारिक मोर्चे पर बड़ी राहत मिली है। अब भारत को अमेरिकी टैरिफ के भारी दबाव से कुछ हद तक छुटकारा मिल गया है।
क्या है मामला?
अमेरिका की Court of International Trade ने फैसला सुनाते हुए कहा कि ट्रंप ने International Emergency Economic Powers Act (IEEPA) के तहत जो “Retaliatory”, “Worldwide” और “Trafficking” टैरिफ लगाए थे, वे कानून के दायरे से बाहर हैं। कोर्ट ने इन्हें अवैध घोषित कर दिया।
इस फैसले के बाद अमेरिका अब भारत जैसे देशों पर उन Tariff के आधार पर दबाव नहीं बना सकता, जो कि IEEPA के अंतर्गत नहीं आते हैं। पहले भारत पर 26% तक का अतिरिक्त टैरिफ लगाने की धमकी दी गई थी, जिससे भारत पर संवेदनशील सेक्टर जैसे एग्रीकल्चर (Agriculture) को खोलने का दबाव बनाया जा रहा था।
किन टैरिफ पर रहेगा असर और किन पर नहीं?
इस फैसले का असर केवल उन्हीं टैरिफ पर पड़ेगा जो IEEPA के तहत लगाए गए थे। स्टील, एल्युमिनियम और ऑटो पार्ट्स पर जो 25% ड्यूटी लगाई गई थी, वह अब भी बरकरार है। इसका मतलब यह है कि इन क्षेत्रों के भारतीय निर्यातकों को अभी कोई राहत नहीं मिलेगी।
व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया
व्हाइट हाउस ने कहा है कि सरकार राष्ट्रीय आपात स्थितियों से निपटने के लिए सभी उपलब्ध Executive Powers का इस्तेमाल करती रहेगी। इससे साफ है कि आने वाले समय में अमेरिका इस फैसले को चुनौती दे सकता है या नई रणनीति बना सकता है।
भारत को क्या फायदा होगा?
इस फैसले से भारत को अमेरिका के साथ व्यापारिक वार्ता में बेहतर स्थिति मिली है। अब भारत पर तत्काल टैरिफ लगाने का खतरा नहीं है और वह अपने हितों के अनुसार रणनीति बना सकता है। यह कदम भारत के लिए ट्रेड पॉलिसी (Trade Policy) को लेकर एक पॉजिटिव संकेत है।
हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
