रियो डी जेनेरियो में BRICS सम्मेलन 2025: भारत का बड़ा प्रभाव
ब्राज़ील के रियो डी जेनेरियो में 6–7 जुलाई को आयोजित हुए 17वें BRICS Summit 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की वैश्विक भूमिका को मजबूती से प्रस्तुत किया। उन्होंने ग्लोबल साउथ की आवाज बुलंद करते हुए आतंकवाद, AI गवर्नेंस और ग्लोबल संस्थाओं में सुधार जैसे अहम मुद्दों पर दुनिया का ध्यान खींचा।
Modi का बड़ा बयान: “Global South की आवाज दबाई नहीं जा सकती”
PM मोदी ने BRICS मंच से कहा कि आज की वैश्विक संस्थाएँ — जैसे UN, IMF, WTO — 20वीं सदी की संरचनाएं हैं और ये 21वीं सदी की आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर पा रहीं। उन्होंने कहा:
“Global institutions बिना Global South के ऐसे हैं जैसे mobile बिना network।”
उन्होंने इन संस्थाओं में व्यापक और समावेशी सुधार की ज़रूरत बताई।
Addressed the BRICS Summit Plenary session on ‘Strengthening Multilateralism, Economic-Financial Affairs, and Artificial Intelligence.’ Focused on how to make the BRICS platform even more effective in this increasingly multipolar world. Also gave a few suggestions which are… pic.twitter.com/zRqyEa9q2v
— Narendra Modi (@narendramodi) July 7, 2025
Terrorism पर Zero Tolerance की मांग
मोदी ने जम्मू-कश्मीर के Pahalgam Terror Attack का ज़िक्र करते हुए देशों से अपील की कि वे आतंकवाद को “convenience-based” नहीं बल्कि “principle-based” तरीके से देखें। उन्होंने कहा कि आतंकवादी संगठनों के funding sources और safe havens पर एकजुट कार्रवाई ज़रूरी है।
Climate Finance और Environmental Protection
BRICS देशों ने विकसित राष्ट्रों से climate finance के लिए जवाबदेही तय करने की मांग की। Brazil द्वारा पेश की गई Tropical Forests Forever Facility को China और UAE ने निवेश देने की इच्छा जताई।
इंडिया ने भी स्वच्छ ऊर्जा व पर्यावरण संरक्षण में साझेदारी को प्राथमिकता देने पर बल दिया।
AI और Technology पर Modi की पहल
PM Modi ने एक AI Impact Summit की मेज़बानी का ऐलान किया, जिसमें BRICS देश तकनीकी सहयोग और एथिकल AI frameworks पर चर्चा करेंगे। उन्होंने एक Science & Innovation Repository बनाने का प्रस्ताव भी रखा।
Protectionism के खिलाफ एकजुट BRICS
नेताओं ने वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (WTO) की spirit के खिलाफ बढ़ रहे trade barriers और tariffs का विरोध किया। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा BRICS देशों पर 10% extra tariff लगाने की धमकी को भी कड़ी प्रतिक्रिया मिली।
BRICS Expansion और Missing Leaders
इस बार Indonesia को BRICS का नया सदस्य बनाया गया, जबकि पिछले साल ही Saudi Arabia, UAE, Egypt, Iran और Ethiopia जुड़ चुके थे। हालांकि, इस सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की गैरमौजूदगी से ब्लॉक की एकता पर सवाल उठे।
हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
