15 अगस्त 2025 को भारत ने अपने 79वें Independence Day का जश्न मनाया। इस अवसर पर PM Modi ने दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले (Red Fort) से राष्ट्र को संबोधित किया। यह उनका प्रधानमंत्री के रूप में 12वां Independence Day Speech था। इस भाषण में उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा, आत्मनिर्भर भारत और सामाजिक विकास पर जोर दिया।
ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान को सख्त संदेश
PM Modi ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले का जिक्र किया। इस हमले में आतंकवादियों ने निर्दोष नागरिकों की हत्या की थी। इसके बाद भारतीय सेना ने “ऑपरेशन सिंदूर” चलाकर आतंकवादियों को जवाब दिया। पीएम मोदी ने कहा:
“भारत ने तय कर लिया है कि खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे।” यह पाकिस्तान के लिए स्पष्ट संदेश था कि आतंकवाद और जल समझौते को एक साथ नहीं सहा जाएगा।
PM Modi ने देशवासियों से “Vokal for Local“ अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत में बनी चीजें खरीदकर देश की Economy को मजबूत बनाना चाहिए।
“भारत के लोगों के पसीने से बनी चीजें ही हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।”
महिला सशक्तिकरण और MSME का समर्थन
मोदी ने महिला स्वयं सहायता समूहों की सराहना की, जिन्होंने खिलौनों का निर्यात शुरू किया। इसके अलावा उन्होंने MSME sector में गुणवत्ता और लागत सुधार पर जोर दिया।
GST सुधार: आम जनता को मिलेगी राहत
PM Modi ने आने वाले GST reforms का संकेत दिया और इसे “दीवाली का बड़ा तोहफा” बताया। इन सुधारों से Common Man को टैक्स में राहत मिलेगी और सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ेगी।
राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख
पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब आतंकवादियों और उनके संरक्षकों को अलग नहीं मानेगा।
“हम न्यूक्लियर ब्लैकमेल सहने वाले नहीं हैं।” उन्होंने कहा कि भारतीय सेना तय करेगी कि कब, कहां और कैसे जवाब देना है।
युवाओं और नवाचार को प्रोत्साहन
प्रधानमंत्री ने युवाओं से कहा कि वे अपने Ideas और Innovations को जीवित रखें। उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में सुधार के लिए सरकार की नीतियों का उल्लेख किया।
यातायात व्यवस्था संभालने के साथ अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले 13 पुलिसकर्मियों को पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सम्मानित किया। इन पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान लावारिस नवजात को अस्पताल पहुंचाया, मोबाइल छीनकर भागने वाले आरोपी को पकड़ा और चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को भी गिरफ्तार कराया। सम्मानित पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार दिया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि यातायात व्यवस्था संभालना पुलिस की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही ड्यूटी के दौरान अपराध या संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल कार्रवाई करना भी जरूरी है। बिना नंबर की बाइक रोकी, मोबाइल छीनने का आरोपी पकड़ा 14 अक्टूबर को बंजारी मंदिर के पास यातायात पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की बाइक को रोका। इस दौरान धनीराम चंद्रा ने बाइक चालक पर मोबाइल और 700 रुपये छीनने का आरोप लगाया। तलाशी के दौरान पुलिस को मोबाइल मिला, जिसके बाद आरोपी करण पाल को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक विजय मार्कण्डेय समेत पांच पुलिसकर्मी शामिल थे। उर्स मेले में चाकू लहराने वाला ई-रिक्शा चालक पकड़ा 8 अक्टूबर को एवरग्रीन चौक पर उर्स मेले के दौरान ड्यूटी कर रहे आरक्षक ललित कुमार साहू ने चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को पीछा कर पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को ई-रिक्शा समेत गोलबाजार पुलिस के हवाले कर दिया गया। नकली शराब की सूचना पर जांच, मिला चोरी का मोबाइल 14 अक्टूबर को पंडरी शराब दुकान के पास नकली शराब बेचने की सूचना मिलने पर यातायात पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास मोबाइल मिला। जांच में मोबाइल चोरी का होने की जानकारी सामने आई। इस कार्रवाई में निरीक्षक अमित पद्मशाली, प्रधान आरक्षक श्रीकांत मिश्रा और आरक्षक रमेंद्र वर्मा शामिल थे। नवजात को छोड़कर भाग रहे व्यक्ति को पकड़ा 13 अक्टूबर को राजेंद्र नगर अंडरब्रिज के पास मदर टेरेसा मिशनरीज के गेट पर एक नवजात को छोड़कर भाग रहे गोंदिया निवासी रफीक शेख को यातायात पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों ने नवजात को नवकार अस्पताल पहुंचाया और आरोपी को टिकरापारा थाने के सुपुर्द कर दिया। इस कार्रवाई में निरीक्षक गोविंद यादव, प्रधान आरक्षक कुलेश्वर राजपूत और आरक्षक सुनील क्षत्रीय, गोपाल सिंह राजपूत व विजय सेन शामिल थे। पुलिस कमिश्नर ने बढ़ाया पुलिसकर्मियों का उत्साह इन सभी मामलों में तत्परता दिखाने वाले कुल 13 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि पुलिसकर्मियों की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।
छत्तीसगढ़ के हरदीबाजार में SECL की दीपका खदान विस्तार परियोजना से प्रभावित भू-विस्थापितों ने अधिग्रहित जमीन की खरीदी-बिक्री के बाद बने मकानों के मुआवजे में कटौती का मुद्दा उठाया है। प्रभावितों ने मांग की है कि 500 रजिस्ट्री धारकों को भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा दिया जाए। इस मामले में अंतिम निर्णय SECL कोल कंपनी का बोर्ड लेगा। एरिया प्रबंधन ने बोर्ड के अधिकारियों से चर्चा कराने का आश्वासन दिया है। मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने से 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव आंदोलन की तैयारी चल रही थी। हालांकि, SECL प्रबंधन के साथ करीब चार घंटे चली त्रिपक्षीय वार्ता में सकारात्मक चर्चा के बाद भू-विस्थापितों ने फिलहाल आंदोलन टाल दिया है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने निर्णय के लिए समय मांगा है। विधायक की मौजूदगी में हुई त्रिपक्षीय वार्ता खदान प्रभावितों और SECL प्रबंधन के बीच पाली SDM रोहित सिंह की मौजूदगी में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने की। 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव की सूचना मिलने के बाद एरिया प्रबंधन ने वार्ता बुलाई थी। SECL दीपका सभागार में हुई बैठक में भू-विस्थापितों ने अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। इससे पहले 21 सितंबर को CMD मुख्यालय में भी मांगों पर चर्चा हुई थी, लेकिन प्रभावितों के मुताबिक उस समय कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसके बाद आंदोलन की चेतावनी दिए जाने पर प्रबंधन दो बार समय मांग चुका था। बैठक में ग्राम पंचायत हरदीबाजार के सरपंच लोकेश्वर कंवर ने भू-विस्थापितों के हित से जुड़े छह बिंदु रखे। सभी मुद्दों पर क्रमवार चर्चा की गई। उपसरपंच रेखा जायसवाल ने बहू के नाम पर नापी किए गए मकानों के लिए भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा देने की मांग उठाई। प्रबंधन ने इस विषय पर चर्चा के बाद सकारात्मक निर्णय लेने का भरोसा दिलाया। 1800 मकानों को छह महीने में हटाने पर सहमति बैठक में हरदीबाजार के विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जानकारी के मुताबिक, प्रभावितों ने बसाहट नहीं लेने पर सहमति जताई है। छह महीने के भीतर नापी किए गए करीब 1800 मकानों को तोड़कर दूसरी जगह बसने वाले प्रभावितों को बसाहट के एवज में 15 लाख रुपये अतिरिक्त देने की बात सामने आई है। वहीं, SECL में नियमित रोजगार के लिए 52 डिसमिल जमीन का कटऑफ तय किया गया है। यानी इससे कम जमीन के मालिकाना हक वाले प्रभावितों को कंपनी में नियमित रोजगार नहीं मिलेगा। इसके अलावा, हरदीबाजार की 212 एकड़ जमीन का अधिग्रहण SECL नहीं कर रही है। कंपनी ने इसकी वजह संबंधित जमीन पर कोयला उपलब्ध नहीं होना बताई है। 2004 और 2010 में दो चरणों में हुआ था अधिग्रहण दीपका खदान के विस्तार के लिए हरदीबाजार गांव की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2004 और 2010 में दो चरणों में किया गया था। आरोप है कि अधिग्रहण के बाद भी तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री के जरिए जमीन की खरीदी-बिक्री होती रही और इसके बाद वहां मकान भी बनाए गए। SECL ने 26 अगस्त 2024 को अंतिम ड्रोन सर्वे कराया था। कंपनी के प्रावधानों के मुताबिक, इस सर्वे से पहले बने मकानों के लिए सोलेशियम सहित मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि ड्रोन सर्वे के बाद बने मकानों के लिए 40 प्रतिशत सिंगल मुआवजे का प्रावधान बताया गया है। इसी अंतर के कारण अधिग्रहण के बाद जमीन खरीदने वाले रजिस्ट्री धारक 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रभावितों का कहना है कि 26 अगस्त 2024 के अंतिम ड्रोन सर्वे को मकानों के मुआवजे के लिए कटऑफ माना जाना चाहिए। अब SECL बोर्ड के फैसले पर टिकी नजर बैठक में SECL के जीएम शरद तिवारी, गेवरा जीएम अशोक कुमार और CMD मुख्यालय के लैंड एक्विजिशन एंड रिहैबिलिटेशन (L&R) विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा ग्राम पंचायत रेंकी के सरपंच तीजराम उर्रे, उपसरपंच शिव यादव, पूर्व जनपद सदस्य अनिल टंडन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मुकेश जायसवाल और अन्य लोग शामिल हुए। फिलहाल 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे पर अंतिम फैसला SECL बोर्ड को लेना है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने समय मांगा है। ऐसे में भू-विस्थापितों को अब कंपनी के अगले निर्णय का इंतजार है।
WhatsApp ने यूजर्स के लिए ‘गेस्ट कॉलिंग’ फीचर पेश किया है। इसकी मदद से अब ऐसे लोगों को भी WhatsApp कॉल में शामिल किया जा सकेगा, जिनके पास न तो WhatsApp अकाउंट है और न ही उनके मोबाइल या कंप्यूटर में ऐप इंस्टॉल है। इसके लिए सिर्फ कॉल का लिंक शेयर करना होगा। गेस्ट यूजर वेब ब्राउजर के जरिए कॉल से जुड़ सकेंगे। इस फीचर से पर्सनल बातचीत के साथ ऑनलाइन मीटिंग करना भी आसान हो सकता है। आइए, सवाल-जवाब के जरिए जानते हैं WhatsApp के गेस्ट कॉलिंग फीचर से जुड़ी जरूरी बातें। सवाल 1. WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर क्या है? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर की मदद से आप ऐसे व्यक्ति को भी WhatsApp कॉल में शामिल कर सकते हैं, जो इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करता। इसके लिए सामने वाले व्यक्ति को न तो ऐप डाउनलोड करना होगा और न ही अकाउंट बनाना पड़ेगा। कॉल शुरू करने वाला यूजर लिंक शेयर करेगा और गेस्ट उस लिंक के जरिए कॉल में शामिल हो सकेगा। सवाल 2. बिना ऐप इंस्टॉल किए कॉल से कैसे जुड़ेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर Google Chrome या Safari जैसे वेब ब्राउजर में कॉल लिंक खोलकर जुड़ सकता है। इसके लिए डिवाइस में WhatsApp ऐप इंस्टॉल होना जरूरी नहीं होगा। हालांकि, कॉल से जुड़ने के लिए जरूरी ब्राउजर और डिवाइस सपोर्ट उपलब्ध होना चाहिए। सवाल 3. गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कौन-कौन से फीचर्स मिलेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कुछ प्रमुख सुविधाएं मिलेंगी। इनमें शामिल हैं: इन सुविधाओं से ऑनलाइन चर्चा और मीटिंग में हिस्सा लेना आसान हो सकता है। सवाल 4. क्या गेस्ट कॉलिंग फीचर सुरक्षित है? जवाब: WhatsApp के मुताबिक, गेस्ट कॉलिंग के जरिए होने वाली कॉल भी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहेंगी। इसका उद्देश्य कॉल में शामिल लोगों के बीच बातचीत को निजी बनाए रखना है, ताकि कोई अनधिकृत तीसरा पक्ष उसे सुन या एक्सेस न कर सके। सवाल 5. क्या कोई भी व्यक्ति लिंक से सीधे कॉल में शामिल हो सकता है? जवाब: नहीं, गेस्ट यूजर को कॉल में शामिल करने के लिए होस्ट की मंजूरी जरूरी होगी। जब कोई व्यक्ति लिंक खोलकर कॉल से जुड़ने की कोशिश करेगा, तो उसे पहले वेटिंग रूम में रखा जाएगा। कॉल शुरू करने वाला होस्ट मंजूरी देने के बाद ही उसे कॉल में शामिल कर सकेगा। सवाल 6. गेस्ट यूजर्स पर क्या पाबंदियां होंगी? जवाब: कॉल की सुरक्षा और निजता बनाए रखने के लिए गेस्ट यूजर्स पर कुछ सीमाएं रहेंगी। वे: इसके अलावा, होस्ट किसी भी समय गेस्ट यूजर को कॉल से बाहर कर सकता है। सवाल 7. इस फीचर से यूजर्स को क्या फायदा होगा? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर से उन लोगों के साथ बातचीत करना आसान होगा, जो WhatsApp इस्तेमाल नहीं करते या अपने डिवाइस में नया ऐप इंस्टॉल नहीं करना चाहते। इसके प्रमुख फायदे हैं: सवाल 8. Google Calendar और Outlook के साथ क्या नया अपडेट आएगा? जवाब: दी गई जानकारी के मुताबिक, Meta ने Google Calendar और Outlook के साथ WhatsApp कॉल इंटीग्रेशन की योजना बताई है। इसके जरिए यूजर्स कैलेंडर इनवाइट के साथ WhatsApp कॉल का लिंक भी साझा कर सकेंगे। इस सुविधा के लिए WhatsApp प्लगइन इंस्टॉल करने और अकाउंट कनेक्ट करने की जरूरत हो सकती है। इसकी उपलब्धता और लॉन्च की तारीख से जुड़ी जानकारी आधिकारिक अपडेट के आधार पर देखनी चाहिए। क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन? एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक सुरक्षा तकनीक है, जिसमें बातचीत को इस तरह सुरक्षित किया जाता है कि उसे केवल अधिकृत प्रतिभागी ही समझ सकें। WhatsApp कॉल में इसका उद्देश्य कॉल करने वाले और कॉल रिसीव करने वाले लोगों की बातचीत को निजी रखना है। इससे सेवा देने वाली कंपनी समेत अन्य पक्षों के लिए बातचीत की सामग्री तक पहुंचना मुश्किल होता है। निष्कर्ष: WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, जिन्हें बिना अकाउंट बनाए किसी कॉल या ऑनलाइन मीटिंग में शामिल होना है। हालांकि, फीचर की उपलब्धता और इससे जुड़ी शर्तों की पुष्टि WhatsApp के आधिकारिक अपडेट से करना बेहतर होगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर अगले करीब 10 दिनों में फैसला ले सकते हैं। अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत को प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं, इसका फैसला भी ट्रम्प ही करेंगे। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने से जुड़े अमेरिकी कानून के बाद भारत पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि, अब तक भारत पर ऐसे प्रतिबंध लगाए जाने की घोषणा नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी संसद ने 16 सितंबर को रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने से जुड़ा विधेयक पारित किया था। ट्रम्प ने 18 सितंबर को इसे मंजूरी दे दी, लेकिन किसी देश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला नहीं किया। कानून के तहत 30 दिनों के भीतर इस संबंध में निर्णय लिया जाना जरूरी बताया गया है। कानून में प्रतिबंध लगाने के तीन आधार सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी संसद ने प्रतिबंधों के लिए तीन श्रेणियां तय की हैं। इनमें तेल खरीदना, गैस खरीदना और प्रतिबंधों से बचने में रूस की मदद करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का निशाना किसी एक देश को बनाना नहीं है। गोर के मुताबिक, संबंधित श्रेणियों में आने वाले देशों और पक्षों की पहचान आंकड़ों के आधार पर की जाती है। भारत भी कई अन्य देशों के साथ इनमें से एक श्रेणी में आता है। भारत को किसी तरह की छूट मिलेगी या नहीं, यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में होगा। अमेरिका में डीजल महंगा, रूस से खरीद की तैयारी रिपोर्ट के अनुसार, ईरान युद्ध के बाद अमेरिका में डीजल की कीमत बढ़कर 6.28 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। युद्ध से पहले इसकी कीमत करीब 3.70 डॉलर प्रति गैलन थी। ईंधन की बढ़ती कीमतें अमेरिकी प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। इसी बीच, ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक को 7 अप्रैल 2027 तक हटाने का फैसला लिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस पहले 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। आगे चलकर आपूर्ति की मात्रा 30 लाख टन तक पहुंचने की बात कही गई है। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईंधन की कीमतें एक अहम मुद्दा बनी हुई हैं। ऐसे में रूस से डीजल खरीदने के फैसले को कीमतों पर दबाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत में प्रगति सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब कुछ छोटे मुद्दों पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों के बीच इस समझौते को लेकर करीब डेढ़ साल से बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ रक्षा, आईटी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। गोर ने भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास के लिए एक बड़ा केंद्र बनने की क्षमता वाला देश बताया। उनके मुताबिक, भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों के बीच साझेदारी से दोनों देशों को लाभ मिल सकता है। भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला? अमेरिका की ओर से 100% टैरिफ लगाए जाने की स्थिति में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर पड़ सकता है। इससे दोनों देशों के बीच चल रही ट्रेड डील की बातचीत भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। फिलहाल भारत को छूट मिलेगी या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय का इंतजार है। आने वाले दिनों में ट्रम्प का फैसला दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों और रूस से भारत की ऊर्जा खरीद को लेकर अहम साबित हो सकता है।
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और BCCI के पूर्व मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के अनुकूल पिचों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से ऐसी पिचें तैयार करने की अपील की, जिन पर गेंदबाजों को भी मदद मिल सके। उनका कहना है कि बल्लेबाजों के पक्ष में ज्यादा झुकी पिचों से बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बिगड़ रहा है। नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान चेतन शर्मा ने कहा, “मैं मानता हूं कि गेंदबाज रन देने के लिए मैदान पर आते हैं, लेकिन उन्हें इतना मत मारिए कि वे दोबारा मैदान पर आना ही न चाहें।” उन्होंने जोर दिया कि इंटरनेशनल क्रिकेट में भी ऐसी पिचें होनी चाहिए, जहां गेंदबाज आक्रामक बल्लेबाजों का मुकाबला कर सकें। चेतन के मुताबिक, घरेलू क्रिकेट में गेंदबाजों को मदद देने वाली पिचें तैयार करने की तरह इंटरनेशनल मैचों में भी इस दिशा में ध्यान दिया जाना चाहिए। भारत-वेस्टइंडीज टी-20 सीरीज में चौकों-छक्कों की बरसात भारत और वेस्टइंडीज के बीच जारी टी-20 सीरीज में अब तक खेले गए चार मुकाबलों में बड़े स्कोर देखने को मिले हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, सीरीज में अब तक 98 छक्के और 104 चौके लग चुके हैं। दोनों टीमों की आठ पारियों में छह बार 200 रन से ज्यादा का स्कोर बना है। सीरीज के दूसरे टी-20 मुकाबले में भारत ने 249 रन बनाए थे। इसके जवाब में वेस्टइंडीज ने नौ गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया था। तीसरे टी-20 में भारतीय टीम ने 223 रन बनाए और वेस्टइंडीज को 209 रन पर रोक दिया। वहीं, चौथे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 247 रन बनाए, जबकि भारतीय टीम जवाब में 223 रन ही बना सकी। पहले मुकाबले में भी भारत ने 172 रन का लक्ष्य 14.4 ओवर में हासिल कर लिया था। लगातार बड़े स्कोर और आक्रामक बल्लेबाजी के बीच चेतन शर्मा की पिचों को लेकर यह टिप्पणी सामने आई है। रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी मानते हैं चेतन शर्मा चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता को स्वीकार किया, लेकिन युवा खिलाड़ियों के विकास के लिए रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा, “मैं पुराने विचारों वाला व्यक्ति हूं। मेरा मानना है कि रेड-बॉल क्रिकेट सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।” चेतन के अनुसार, युवा खिलाड़ियों को रेड-बॉल क्रिकेट में खेलने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात ऐसे कई कोचों से हुई है, जो इस फॉर्मेट पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह दी कि उन्हें जो भी अवसर मिलें, उनका पूरा उपयोग करना चाहिए। पिचों पर संतुलन और खिलाड़ियों के विकास पर जोर चेतन शर्मा की टिप्पणी टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के बढ़ते दबदबे और गेंदबाजों की भूमिका को लेकर बहस के बीच आई है। उनका मानना है कि ऐसी पिचें तैयार करना जरूरी है, जहां बल्लेबाजों को रन बनाने के अवसर मिलें, लेकिन गेंदबाजों के पास भी विकेट लेने और मुकाबले में बने रहने के मौके हों। इसके साथ ही उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट को युवा खिलाड़ियों के तकनीकी विकास के लिए अहम बताया।
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