राजस्थान के जयपुर-अजमेर हाईवे (Jaipur-Ajmer Highway) पर मंगलवार रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। एक LPG गैस सिलेंडरों से भरा ट्रक और केमिकल से भरा टैंकर आमने-सामने टकरा गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका धमाकों से गूंज उठा। करीब 200 से ज्यादा सिलेंडर एक-एक कर फटने लगे, जिससे 10 किलोमीटर तक धमाकों की आवाज़ सुनाई दी।
हादसा कैसे हुआ?
यह हादसाJaipur के दूदू (Dudu) के पास मोखमपुरा इलाके में हुआ। बताया जा रहा है कि केमिकल टैंकर के ड्राइवर ने RTO की गाड़ी देखकर गाड़ी मोड़ने की कोशिश की, लेकिन वह नियंत्रण खो बैठा और पीछे चल रहे LPG ट्रक में जा टकराया।
टक्कर के बाद टैंकर के केबिन में आग लग गई और थोड़ी ही देर में आग सिलेंडरों तक पहुंच गई। इसके बाद धमाकों की झड़ी लग गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, “धमाके इतने तेज़ थे जैसे कोई मिसाइल फट रही हो। सिलेंडर हवा में उड़कर खेतों में जा गिरे।”
रेस्क्यू ऑपरेशन: 3 घंटे तक आग से जंग
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 12 गाड़ियाँ मौके पर पहुंचीं। टीम ने लगभग 3 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
हादसे के बाद जयपुर-अजमेर हाईवे दोनों ओर से बंद कर दिया गया। देर रात लगभग 4:30 बजे ट्रैफिक को दोबारा शुरू किया गया।
मौत और नुकसान
- हादसे में टैंकर ड्राइवर रामराज मीणा की मौत हो गई, जो जिंदा जल गया।
- 5 से ज्यादा वाहन आग की चपेट में आए।
- आसपास खड़े ट्रक और कारें भी जलकर खाक हो गईं।
- कुछ लोगों को हल्की चोटें आईं, जिन्हें पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रशासन की कार्रवाई
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हादसे पर दुख जताते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए।
उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा और प्रशासनिक अधिकारी रात में ही मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों की निगरानी की।
NHAI ने भी इस घटना की रिपोर्ट मांगी है ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
सुरक्षा पर सवाल
यह हादसा एक बार फिर यह दिखाता है कि
- LPG और केमिकल जैसे खतरनाक पदार्थों को ले जाने वाले वाहनों के लिए अलग समय और रूट तय किए जाने चाहिए।
- ड्राइवरों को सुरक्षा प्रशिक्षण (Safety Training) देना अनिवार्य किया जाना चाहिए।
- हाईवे पर Emergency Response System और चेतावनी संकेत मजबूत करने की जरूरत है।
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