छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हाईकोर्ट के वकील राहुल अग्रवाल की रहस्यमयी मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस इसे आत्महत्या या हादसा बता रही है, लेकिन परिवार और साथी वकील इसे संदिग्ध मान रहे हैं। अब वकीलों ने कलेक्टर और एसएसपी से मिलकर विशेष जांच टीम (Special Investigation Team) बनाने की मांग की है।
घटना की रात घर नहीं लौटे राहुल, 22 घंटे बाद नदी में मिला शव
जानकारी के अनुसार, 30 वर्षीय वकील राहुल अग्रवाल 10 नवंबर की रात करीब एक बजे अपने साथी वकील के घर से निकले थे, लेकिन घर नहीं पहुंचे। अगले दिन उनकी बाइक पुराने अरपा पुल के पास संदिग्ध हालत में खड़ी मिली। इसके करीब 22 घंटे बाद राहुल की लाश अरपा नदी से बरामद हुई। उनके शरीर पर चोट के निशान पाए गए, जिससे मामला और भी रहस्यमय बन गया।
वकीलों ने जताई हत्या की आशंका
वकीलों का कहना है कि यह न तो आत्महत्या है और न ही कोई साधारण हादसा। उनके अनुसार, यह किसी “संदेहास्पद या अप्राकृतिक कारण” से हुई मौत है। अधिवक्ताओं ने कहा कि पुलिस की जांच कई सवालों के जवाब नहीं दे पा रही है, जिससे परिवार और कानूनी समुदाय दोनों ही असंतुष्ट हैं।
स्पेशल टीम से जांच की मांग
अधिवक्ताओं के एक दल ने कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों का गहराई से विश्लेषण किया जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
घटना से पहले क्या हुआ था
राहुल अग्रवाल, जो मूल रूप से भाटापारा के रहने वाले थे, पिछले 7-8 साल से बिलासपुर के मंगला स्थित ग्रीन गार्डन कॉलोनी में रह रहे थे। 6 नवंबर को वे हाईकोर्ट में प्रेक्टिस के लिए गए थे। शाम को नेहरू चौक पर अपने दोस्त मुकेश राठिया से मिले, फिर दोनों सिरगिट्टी स्थित महिंद्रा शोरूम से कार लेकर ट्रांसपोर्ट नगर पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी की। इसके बाद वे मुकेश के मोपका स्थित घर गए, जहां एक और दोस्त अभिषेक आचार्य भी थोड़ी देर के लिए आया। इसके बाद राहुल घर नहीं लौटे, और अगली सुबह उनकी लाश नदी में मिली।
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