उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ सपा नेता आज़म खान (Azam Khan) और उनके बेटे अब्दुल्लाह आज़म के खिलाफ दो पैन कार्ड मामलों में 17 नवंबर 2025 को रैपुर की एमपी/एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सजा और जुर्माना का फैसला सुनाया। कोर्ट ने दोनों को दोषी पाया और उन्हें 7 साल की जेल और ₹50,000 का जुर्माना लगाया। दोनों को सीधे कोर्ट में हिरासत में ले लिया गया।
मामला क्या था?
2019 में आकाश सक्सेना द्वारा दर्ज शिकायत में बताया गया कि अब्दुल्लाह आज़म के पास दो अलग पैन कार्ड हैं:
- पहला कार्ड: जन्मतिथि 1 जनवरी 1993
- दूसरा कार्ड: जन्मतिथि 30 सितंबर 1990
शिकायत में आरोप था कि दूसरा पैन कार्ड आयकर दाखिल करने और चुनावी उम्र की पात्रता छुपाने के लिए इस्तेमाल किया गया।
आरोप और धाराएँ
Azam Khan और उनके बेटे के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज था:
- धारा 420 – धोखाधड़ी
- धारा 467, 468, 471 – जालसाज़ी/फर्जी दस्तावेज़
- धारा 120B – आपराधिक साजिश
Verdict और सजा
कोर्ट ने सभी सबूतों की जांच के बाद दोनों को दोषी पाया। सजा:
- 7 साल की जेल
- ₹50,000 का जुर्माना प्रत्येक
दोनों को तुरंत कोर्ट से हिरासत में लिया गया।
राजनीतिक और कानूनी प्रभाव
- यह फैसला Azam Khan और उनके बेटे के लिए बड़ा झटका है।
- सपा की राजनीतिक स्थिति और प्रतिष्ठा रैपुर में प्रभावित हो सकती है।
- अदालत ने स्पष्ट किया कि चुनावी धोखाधड़ी और दस्तावेज़ फर्जीवाड़ा गंभीर अपराध हैं।
- अब दोनों के पास अपील करने का अधिकार है, लेकिन फिलहाल जेल में रहेंगे।
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