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8th Pay Commission Update: DA बढ़ने से Salary में होगा इजाफा, 3 महीने का Arrear भी मिलेगा – आसान भाषा में समझें Calculation

8th Pay Commission Update: DA बढ़ने से Salary में होगा इजाफा, 3 महीने का Arrear भी मिलेगा – आसान भाषा में समझें Calculation

सरकारी कर्मचारियों के लिए एक अच्छी खबर सामने आ रही है। 8th Pay Commission को लेकर चर्चाएं तेज हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि महंगाई भत्ता (DA) बढ़ने के साथ ही सैलरी में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। खास बात यह है कि कर्मचारियों को तीन महीने का एरियर (Arrear) भी मिल सकता है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति को काफी राहत मिलेगी। दरअसल, जब भी DA में बढ़ोतरी होती है, उसका सीधा असर कर्मचारियों की बेसिक सैलरी पर पड़ता है। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹30,000 है और DA में 4% की बढ़ोतरी होती है, तो हर महीने उसकी सैलरी में ₹1,200 का इजाफा हो जाएगा। अब अगर यह बढ़ोतरी तीन महीने से लागू मानी जाए, तो कर्मचारी को ₹3,600 का एरियर एक साथ मिल सकता है। यही वजह है कि कर्मचारी DA बढ़ने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद सैलरी स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव की भी उम्मीद है। इससे न सिर्फ सैलरी बढ़ेगी, बल्कि अन्य भत्तों में भी सुधार हो सकता है। हालांकि, अभी तक सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन जिस तरह से चर्चाएं चल रही हैं, उससे साफ है कि आने वाले समय में सरकारी कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिल सकती है। कुल मिलाकर, DA हाइक और एरियर का यह कॉम्बिनेशन कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी साबित हो सकता है, जिसका असर उनके मासिक बजट से लेकर बचत तक पर दिखेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Divyanka Tripathi Pregnancy: 41 की उम्र में ‘Ishita Maa’ ने साड़ी में फ्लॉन्ट किया baby bump, gown look ने भी जीता दिल

Divyanka Tripathi Pregnancy: 41 की उम्र में ‘Ishita Maa’ ने साड़ी में फ्लॉन्ट किया baby bump, gown look ने भी जीता दिल

टीवी की लोकप्रिय एक्ट्रेस Divyanka Tripathi इन दिनों अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं। ‘ये है मोहब्बतें’ में ‘इशिता मां’ के किरदार से घर-घर में पहचान बनाने वाली दिव्यांका 41 साल की उम्र में मां बनने जा रही हैं, और इस खबर ने उनके फैंस को बेहद खुश कर दिया है। हाल ही में Divyanka Tripathi की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिनमें वह बेहद खूबसूरती के साथ अपना बेबी बंप फ्लॉन्ट करती नजर आ रही हैं। खास बात यह है कि उन्होंने ट्रेडिशनल साड़ी से लेकर मॉडर्न गाउन तक, हर लुक में अपनी ग्रेस और एलिगेंस से फैंस का दिल जीत लिया। साड़ी में उनका सादगी भरा अंदाज लोगों को खूब पसंद आया, वहीं गाउन में उनका ग्लैमरस अवतार भी चर्चा का विषय बन गया। फैंस लगातार उनकी तस्वीरों पर प्यार लुटा रहे हैं और कमेंट्स में उन्हें बधाइयां दे रहे हैं। Divyanka Tripathi हमेशा से अपनी पर्सनल लाइफ को प्राइवेट रखने के लिए जानी जाती हैं, लेकिन इस खास मौके पर उनकी झलक पाकर फैंस बेहद उत्साहित हैं। उनकी ये तस्वीरें न सिर्फ उनकी खुशी को दिखाती हैं, बल्कि यह भी बताती हैं कि वह इस नए फेज को पूरी तरह एंजॉय कर रही हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इन तस्वीरों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि दिव्यांका न सिर्फ एक बेहतरीन एक्ट्रेस हैं, बल्कि अपनी ग्रेस और पॉजिटिविटी से लोगों के दिलों पर राज करना भी बखूबी जानती हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rakesh Bedi Apology: ‘Harijan’ शब्द विवाद पर माफी, बोले- नहीं पता था India में बैन है

Rakesh Bedi Apology: ‘Harijan’ शब्द विवाद पर माफी, बोले- नहीं पता था India में बैन है

फिल्म धुरंधर: द रिवेंज में जमील जमाली के किरदार से चर्चा में आए अभिनेता Rakesh Bedi अब एक पुराने बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। मामला ‘Harijan’ शब्द के इस्तेमाल से जुड़ा है, जिस पर सोशल मीडिया पर लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई। विवाद बढ़ने के बाद Rakesh Bedi ने सामने आकर माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि भारत में इस शब्द का इस्तेमाल अब उचित नहीं माना जाता। उन्होंने साफ किया कि उनका इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था। एक बयान में उन्होंने कहा, “अगर मेरे शब्दों से किसी को ठेस पहुंची है तो मैं दिल से माफी मांगता हूं। मुझे सच में नहीं पता था कि यह शब्द अब इस्तेमाल नहीं किया जाता।” गौरतलब है कि ‘Harijan’ शब्द को लेकर लंबे समय से बहस होती रही है और कई सामाजिक संगठनों ने इसे अपमानजनक बताया है। ऐसे में किसी सार्वजनिक व्यक्ति द्वारा इस शब्द के इस्तेमाल पर विवाद खड़ा होना स्वाभाविक माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग उनकी माफी को स्वीकार कर रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि सार्वजनिक मंच पर बोलते समय ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। फिलहाल, Rakesh Bedi का यह बयान चर्चा में बना हुआ है और यह मामला एक बार फिर भाषा और संवेदनशीलता पर बहस छेड़ रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trump Controversy: गाली-गलौज वाली पोस्ट में ‘Allah’ का जिक्र कर घिरे Donald Trump, मुस्लिम उलेमा ने जताई नाराजगी

Trump Controversy: गाली-गलौज वाली पोस्ट में ‘Allah’ का जिक्र कर घिरे Donald Trump, मुस्लिम उलेमा ने जताई नाराजगी

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। इस बार मामला उनके एक सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा है, जिसमें कथित तौर पर गाली-गलौज के साथ ‘Allah’ शब्द का इस्तेमाल किया गया। पोस्ट सामने आने के बाद मुस्लिम समुदाय में नाराजगी बढ़ गई है और कई उलेमा ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बताया जा रहा है कि ट्रंप की इस पोस्ट को कई लोगों ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है। कुछ यूजर्स ने इसे असंवेदनशील बताया, तो कुछ ने ट्रंप के बयान की आलोचना करते हुए माफी की मांग की। मुस्लिम उलेमा ने इस पूरे मामले पर सख्त रुख अपनाया है। उनका कहना है कि किसी भी धर्म या उसके प्रतीकों का इस तरह से इस्तेमाल करना गलत है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है। उन्होंने ट्रंप से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। वहीं, ट्रंप समर्थकों का कहना है कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। हालांकि, विवाद थमता नजर नहीं आ रहा और यह मामला अब अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि चुनावी माहौल के बीच इस तरह के विवाद नेताओं की छवि पर असर डाल सकते हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ट्रंप इस मुद्दे पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या वे अपनी बात स्पष्ट करते हैं या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर
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Divorce के बाद भी Strong Bond! Hardik Pandya की मां संग दिखीं Natasa, Family Love ने किया Fans को Surprise

Divorce के बाद भी Strong Bond! Hardik Pandya की मां संग दिखीं Natasa, Family Love ने किया Fans को Surprise

क्रिकेटर Hardik Pandya और एक्ट्रेस Natasa Stankovic के तलाक की खबरों के बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने फैंस को हैरान कर दिया है। हाल ही में नताशा को हार्दिक की मां के साथ देखा गया, और दोनों के बीच की केमिस्ट्री देखकर हर कोई यही कह रहा है कि रिश्ते भले बदल गए हों, लेकिन दिलों की दूरी नहीं बढ़ी। तलाक के बाद आमतौर पर रिश्तों में खटास देखने को मिलती है, लेकिन यहां तस्वीर बिल्कुल अलग है। नताशा और हार्दिक की मां के बीच जो बॉन्डिंग नजर आई, उसने सोशल मीडिया पर पॉजिटिव चर्चा छेड़ दी है। दोनों को साथ में मुस्कुराते और सहज अंदाज में बातचीत करते देखा गया, जिससे साफ है कि परिवार के रिश्ते अब भी मजबूत हैं। फैंस इस बात से खासे प्रभावित हैं कि पर्सनल लाइफ में आए बदलाव के बावजूद दोनों परिवारों ने आपसी सम्मान और प्यार को बरकरार रखा है। कई यूजर्स ने इसे “मॅच्योर रिलेशनशिप” का बेहतरीन उदाहरण बताया। गौरतलब है कि Hardik Pandya और Natasa Stankovic ने कुछ समय पहले अलग होने का फैसला लिया था। हालांकि उन्होंने अपने बेटे की परवरिश को लेकर हमेशा जिम्मेदारी निभाने की बात कही थी। इस पूरे घटनाक्रम ने यह दिखा दिया कि रिश्ते सिर्फ नाम या स्टेटस से नहीं, बल्कि आपसी समझ और सम्मान से चलते हैं। नताशा और हार्दिक के परिवार की ये तस्वीर उसी की मिसाल बन गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PSL vs IPL: ‘PSL बनेगी No.1 League’, Mohsin Naqvi का बड़ा दावा, IPL को दिया Open Challenge

PSL vs IPL: ‘PSL बनेगी No.1 League’, Mohsin Naqvi का बड़ा दावा, IPL को दिया Open Challenge

पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के बीच तुलना एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन Mohsin Naqvi ने बड़ा बयान देकर बहस को और तेज कर दिया है। मोहसिन नकवी ने दावा किया है कि Pakistan Super League आने वाले समय में दुनिया की नंबर-1 टी20 लीग बनेगी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि PSL, Indian Premier League को कड़ी टक्कर देने के लिए पूरी तरह तैयार है। नकवी का कहना है कि लीग की क्वालिटी, खिलाड़ियों का प्रदर्शन और फैंस का सपोर्ट लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने इसे सिर्फ सपना नहीं, बल्कि एक लक्ष्य बताया, जिसे हासिल करने के लिए PCB लगातार काम कर रहा है। हालांकि क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि IPL अभी भी ब्रांड वैल्यू, ग्लोबल ऑडियंस और बड़े खिलाड़ियों की मौजूदगी के मामले में काफी आगे है। लेकिन PSL भी धीरे-धीरे अपनी पहचान मजबूत कर रही है और इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी जगह बना रही है। फैंस के बीच इस बयान के बाद बहस तेज हो गई है। कुछ लोग इसे आत्मविश्वास मान रहे हैं, तो कुछ इसे महज एक बड़ा दावा बता रहे हैं। फिलहाल इतना तय है कि आने वाले समय में PSL और IPL के बीच यह मुकाबला और दिलचस्प होने वाला है, जिससे क्रिकेट प्रेमियों को और ज्यादा रोमांच देखने को मिलेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Splitsvilla 16 में Afghan Model Sadaf Shankar: Reality Show में टूटा दिल, Mahadev की भक्त बनी चर्चा में

Splitsvilla 16 में Afghan Model Sadaf Shankar: Reality Show में टूटा दिल, Mahadev की भक्त बनी चर्चा में

पॉपुलर रियलिटी शो MTV Splitsvilla 16 में इस बार कई नए चेहरे चर्चा में हैं, लेकिन अफगानी मॉडल Sadaf Shankar ने खास तौर पर दर्शकों का ध्यान खींचा है। शो के दौरान सदफ का इमोशनल सफर देखने को मिला, जहां उनका दिल टूटता नजर आया। रिश्तों के उतार-चढ़ाव के बीच उनकी भावनाएं खुलकर सामने आईं, जिसने दर्शकों को उनसे जोड़ दिया। दिलचस्प बात यह है कि सदफ सिर्फ अपनी पर्सनैलिटी ही नहीं, बल्कि अपनी आस्था को लेकर भी सुर्खियों में हैं। वह भगवान शिव यानी महादेव की गहरी भक्त हैं और अक्सर अपनी श्रद्धा का जिक्र करती नजर आती हैं। शो में उनका अंदाज, उनकी सादगी और भावनात्मक पहलू दर्शकों को काफी पसंद आ रहा है। सोशल मीडिया पर भी फैंस उनके सपोर्ट में खुलकर सामने आ रहे हैं। Splitsvilla 16 में सदफ शंकर का सफर यह दिखाता है कि रियलिटी शो सिर्फ ग्लैमर नहीं, बल्कि असली भावनाओं और रिश्तों की कहानी भी होते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhopal : Sports Minister Vishvas Sarang के सरकारी घर में चोरी, Medals और Certificates ले उड़े चोर

Bhopal : Sports Minister Vishvas Sarang के सरकारी घर में चोरी, Medals और Certificates ले उड़े चोर

मध्य प्रदेश की राजधानी Bhopal से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। राज्य के खेल मंत्री Vishvas Sarang के सरकारी आवास में चोरी हो गई, जहां से चोर मेडल और प्रशस्ति पत्र तक लेकर फरार हो गए। जानकारी के मुताबिक, यह घटना उस समय हुई जब घर में सुरक्षा व्यवस्था सामान्य थी, लेकिन चोरों ने मौके का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया। चोरी की इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर जब मामला एक मंत्री के घर का हो। बताया जा रहा है कि चोरों ने खास तौर पर मेडल और सम्मान से जुड़े दस्तावेजों को निशाना बनाया, जो भावनात्मक और सम्मान की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण थे। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संदिग्धों की तलाश जारी है। प्रशासन का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। स्थानीय लोगों के बीच इस घटना को लेकर चर्चा तेज है और लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trump Warning on Iran: Bridge और Power Plants पर खतरा, अगले 24 घंटे हो सकते हैं Heavy

Trump Warning on Iran: Bridge और Power Plants पर खतरा, अगले 24 घंटे हो सकते हैं Heavy

मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump की हालिया चेतावनी के बाद ईरान में चिंता का माहौल बन गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि अगर हालात नहीं सुधरे, तो ईरान के अहम ब्रिज और पावर प्लांट्स निशाने पर आ सकते हैं। सूत्रों की मानें तो यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब क्षेत्र में पहले से ही अस्थिरता बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के बयान से हालात और बिगड़ सकते हैं और आने वाले 24 घंटे बेहद अहम हो सकते हैं। Iran के लिए यह स्थिति इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि उसकी इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं—जैसे ब्रिज और बिजली उत्पादन केंद्र—देश की अर्थव्यवस्था और आम जनजीवन के लिए बेहद जरूरी हैं। ऐसे किसी भी हमले का सीधा असर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि यह सिर्फ सैन्य रणनीति नहीं, बल्कि दबाव बनाने की एक कूटनीतिक चाल भी हो सकती है। हालांकि, अभी तक किसी भी आधिकारिक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है। सभी देश इस बात की उम्मीद कर रहे हैं कि स्थिति को बातचीत के जरिए संभाला जाएगा, ताकि किसी बड़े टकराव से बचा जा सके। फिलहाल, हालात संवेदनशील हैं और अगले 24 घंटे इस पूरे मामले में बेहद निर्णायक साबित हो सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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India-Russia Relations: Oil से Fertilizer तक बढ़ती दोस्ती, Expert ने बताया Putin का ‘Double Fear’

India-Russia Relations: Oil से Fertilizer तक बढ़ती दोस्ती, Expert ने बताया Putin का ‘Double Fear’

India और रूस के रिश्ते इन दिनों फिर से चर्चा में हैं। तेल (Oil) से लेकर खाद (Fertilizer) तक, दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग यह दिखाता है कि यह दोस्ती सिर्फ कूटनीति नहीं, बल्कि जरूरत और रणनीति का मजबूत मेल है। यूक्रेन युद्ध के बाद रूस पर पश्चिमी देशों के कई प्रतिबंध लगे, जिसके चलते उसे नए भरोसेमंद साझेदारों की तलाश थी। ऐसे में भारत एक बड़े और स्थिर बाजार के रूप में सामने आया। भारत ने भी सस्ते कच्चे तेल और उर्वरकों के लिए रूस की ओर रुख किया, जिससे दोनों देशों को फायदा मिला। एक्सपर्ट्स का मानना है कि Vladimir Putin के इस बढ़ते झुकाव के पीछे ‘डबल फियर’ काम कर रहा है। पहला डर है पश्चिमी देशों के लगातार बढ़ते दबाव और प्रतिबंधों का, और दूसरा डर वैश्विक बाजार में अपनी पकड़ कमजोर पड़ने का। रूस के लिए भारत न सिर्फ एक बड़ा खरीदार है, बल्कि एक ऐसा साझेदार भी है जो मुश्किल समय में साथ खड़ा दिखाई देता है। वहीं भारत के लिए रूस ऊर्जा सुरक्षा और कृषि जरूरतों को पूरा करने का एक अहम स्रोत बन चुका है। हालांकि, इस बढ़ती नजदीकी के बीच भारत संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है, ताकि पश्चिमी देशों के साथ उसके संबंधों पर कोई नकारात्मक असर न पड़े। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में India-Russia partnership और मजबूत हो सकती है, लेकिन इसके पीछे की रणनीति और वैश्विक दबाव दोनों ही अहम भूमिका निभाते रहेंगे।
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Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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