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SIR के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों से मिले राहुल गांधी, दिल्ली पुलिस पर मारपीट के आरोप

नई दिल्ली। SIR के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। इसके बाद राहुल गांधी और छात्रों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस पर मारपीट और हिरासत के दौरान दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में NSUI के छात्रों, कार्यकर्ताओं और कंटेंट क्रिएटर्स ने अपने साथ हुई कथित घटनाओं की जानकारी दी। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्रा ने कान पर चोट लगने का लगाया आरोप प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक छात्रा ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान पुलिसकर्मी ने उसके प्राइवेट पार्ट पर लात मारी। वहीं, दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा अदिरा ने दावा किया कि पुलिस की पिटाई के कारण उसके एक कान की सुनने की क्षमता चली गई। प्रदर्शनकारियों ने हिरासत के दौरान कथित ज्यादती और मारपीट से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है। RSS और भाजपा से जुड़े लोगों के कहने पर हिरासत का आरोप एक अन्य प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि पुलिस RSS और भाजपा से जुड़े लोगों के कहने पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले रही थी। यह आरोप भी प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाया गया है। राहुल गांधी ने सबूत सुरक्षित रखने को कहा राहुल गांधी ने छात्रों से घटनाओं से जुड़े वीडियो और अन्य सबूत सुरक्षित रखने को कहा। उन्होंने कहा कि इन सबूतों के आधार पर पुलिसकर्मियों से लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त तक, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। प्रदर्शनकारियों के आरोपों और पुलिस की कार्रवाई को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।
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बांग्लादेश टेस्ट सीरीज से बाहर हुए शाई होप और अल्जारी जोसेफ, केविन विकहम को पहली बार मिला मौका

क्रिकेट न्यूज। वेस्टइंडीज को बांग्लादेश के खिलाफ आगामी दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। टीम के बल्लेबाज शाई होप और तेज गेंदबाज अल्जारी जोसेफ सीरीज से बाहर हो गए हैं। क्रिकेट वेस्टइंडीज (CWI) ने 23 वर्षीय टॉप ऑर्डर बल्लेबाज केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया है। ऑलराउंडर कीमो पॉल को भी टीम में जगह मिली है। CWI के मुताबिक, मेडिकल जांच और विशेषज्ञों की सलाह के बाद अल्जारी जोसेफ को सीरीज से हटाने का फैसला लिया गया। बोर्ड उनके कार्यभार को नियंत्रित कर चोट के जोखिम को कम करना चाहता है। वहीं, तीनों फॉर्मेट में लगातार खेलने के बाद शाई होप को आराम दिया गया है। चोट के खतरे को देखते हुए जोसेफ को आराम क्रिकेट वेस्टइंडीज ने बताया कि अल्जारी जोसेफ को टीम से बाहर रखने का फैसला उनकी सहमति से लिया गया है। बोर्ड के अनुसार, टेस्ट क्रिकेट में तेज गेंदबाजों को लंबे स्पेल में लगातार गेंदबाजी करनी पड़ती है। इससे छोटे फॉर्मेट की तुलना में कार्यभार और चोट का जोखिम बढ़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जोसेफ के वर्कलोड को कम करने का फैसला किया गया है, ताकि उनके स्वास्थ्य और फिटनेस का ध्यान रखा जा सके। शाई होप को भी दिया गया आराम CWI ने कहा कि शाई होप तीनों फॉर्मेट में लगातार खेल रहे थे। ऐसे में उनके कार्यभार और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें टेस्ट सीरीज से आराम दिया गया है। बोर्ड का यह फैसला फरवरी 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप क्वालिफायर्स को ध्यान में रखकर भी लिया गया है। टीम प्रबंधन चाहता है कि खिलाड़ी आगामी महत्वपूर्ण मुकाबलों के लिए फिट रहें। केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में मौका शाई होप की गैरमौजूदगी में 23 वर्षीय टॉप ऑर्डर बल्लेबाज केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। इसके अलावा ऑलराउंडर कीमो पॉल को भी टीम में जगह मिली है। अब देखना होगा कि बांग्लादेश की घरेलू परिस्थितियों में वेस्टइंडीज की टीम नए संयोजन के साथ कैसा प्रदर्शन करती है। कोच डैरेन सैमी ने सीरीज जीत को बताया अहम वेस्टइंडीज के मुख्य कोच डैरेन सैमी ने कहा कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा चक्र की शुरुआत में टीम ने कुछ लक्ष्य तय किए थे। इनमें टेस्ट रैंकिंग के ऊपरी आधे हिस्से में जगह बनाना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज जीतने से टीम अपने लक्ष्य के करीब पहुंच सकती है। सैमी के मुताबिक, बांग्लादेश को उसकी घरेलू परिस्थितियों में हराना चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन टीम इसके लिए तैयार है। 28 अक्टूबर से शुरू होगा पहला टेस्ट बांग्लादेश और वेस्टइंडीज के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी। पहला टेस्ट 28 अक्टूबर से ढाका में शुरू होगा, जबकि दूसरा टेस्ट 5 नवंबर से सिलहट में खेला जाएगा।
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बिलासपुर एयरपोर्ट को 4C श्रेणी में अपग्रेड करने पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से 3 सप्ताह में मांगा जवाब

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट के रनवे विस्तार और हवाई सुविधाओं में बढ़ोतरी को लेकर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) से जवाब मांगा है। मंगलवार को हुई सुनवाई में चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र और जस्टिस संतोष शर्मा की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि बिलासपुर एयरपोर्ट को 4C श्रेणी में अपग्रेड करने के लिए अब तक किए गए प्रयासों की विस्तृत जानकारी तीन सप्ताह के भीतर शपथ पत्र के जरिए पेश की जाए। कोर्ट ने AAI से भी एयरपोर्ट के प्रबंधन, संचालन और विकास की जिम्मेदारी संभालने के संबंध में अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर को होगी। पत्राचार से नहीं चलेगा काम, ठोस कदम उठाने की जरूरत सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा कि बिलासपुर एयरपोर्ट और हवाई सुविधाओं के विस्तार के लिए केंद्र और राज्य सरकार से ठोस कदमों की अपेक्षा है। केवल आपस में पत्राचार करते हुए समय नहीं गंवाया जाना चाहिए। राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि बिलासपुर एयरपोर्ट वर्तमान में 3C श्रेणी में एटीआर विमानों के संचालन के लिए उपयुक्त है। साथ ही, इसे 4C श्रेणी में अपग्रेड करने के लिए राज्य सरकार तैयार है। AAI के जवाब पर याचिकाकर्ताओं ने उठाए सवाल पिछली सुनवाई 29 सितंबर को हुई थी। उस दौरान हाईकोर्ट ने AAI के वरिष्ठ और सक्षम अधिकारी को शपथ पत्र दाखिल कर यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया था कि बिलासपुर एयरपोर्ट के प्रबंधन, विकास और संचालन की जिम्मेदारी AAI को सौंपने के राज्य सरकार के प्रस्ताव पर क्या कार्रवाई की गई है। मंगलवार को याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि AAI की ओर से दाखिल शपथ पत्र ऐसे वरिष्ठ और सक्षम अधिकारी का नहीं है, जैसा कोर्ट ने निर्देश दिया था। याचिकाकर्ताओं के मुताबिक, दस्तावेजों से यह भी सामने आया है कि राज्य सरकार बिलासपुर के साथ अंबिकापुर और जगदलपुर एयरपोर्ट को भी AAI को सौंपने पर विचार कर रही है। जमीन और सुविधाओं की जानकारी मांगने में उलझा मामला याचिकाकर्ताओं ने बताया कि राज्य सरकार के प्रस्ताव पर AAI ने स्पष्ट सहमति या असहमति देने के बजाय एयरपोर्ट की उपलब्ध जमीन, कुल क्षेत्रफल, खसरा-वार विवरण, स्वामित्व और मौजूदा सुविधाओं से जुड़ी जानकारी मांगी है। उनका कहना है कि इस तरह के पत्राचार से एयरपोर्ट को समयबद्ध तरीके से AAI को सौंपने की प्रक्रिया आगे बढ़ती नहीं दिख रही है। बिलासपुर का रनवे अंबिकापुर और जगदलपुर से छोटा याचिकाकर्ताओं के अनुसार, बिलासपुर एयरपोर्ट का रनवे करीब 1,495 मीटर लंबा है। वहीं, अंबिकापुर एयरपोर्ट का रनवे 1,900 मीटर और जगदलपुर का रनवे 1,707 मीटर लंबा बताया गया है। याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि गर्मियों में तापमान बढ़ने के कारण विमान की क्षमता के अनुसार सभी यात्रियों को ले जाना संभव नहीं हो पाता। उनके मुताबिक, 72 यात्रियों की क्षमता वाले विमान में यात्रियों की संख्या घटाकर करीब 52 करनी पड़ती है। इसी वजह से अब तक कोई निजी विमानन कंपनी बिलासपुर से अपना संचालन शुरू नहीं कर पाई है। रनवे विस्तार और नए ATC टावर के प्रस्ताव अटके याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि रनवे विस्तार के लिए 63 करोड़ रुपये और नए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टावर के निर्माण के लिए 41 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बिलासपुर एयरपोर्ट प्रबंधन की ओर से मंत्रालय भेजा जा चुका है। हालांकि, इन कार्यों को AAI करेगी या राज्य सरकार, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसी असमंजस के कारण काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। तीन सप्ताह में शपथ पत्र, 23 नवंबर को अगली सुनवाई हाईकोर्ट ने विमानन विभाग के सचिव को निर्देश दिया है कि बिलासपुर एयरपोर्ट को 4C श्रेणी में अपग्रेड करने के लिए अब तक किए गए प्रयासों का विस्तृत ब्यौरा तीन सप्ताह के भीतर शपथ पत्र के माध्यम से पेश किया जाए। AAI को भी मामले की अद्यतन स्थिति बताते हुए शपथ पत्र दाखिल करना होगा। अब अगली सुनवाई 23 नवंबर को होगी। इस मामले में केंद्र और राज्य सरकार की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर एयरपोर्ट के विस्तार और बेहतर हवाई कनेक्टिविटी की दिशा तय हो सकती है।
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कॉकरोच जनता पार्टी के आशुतोष रांका और सौरव दास तिहाड़ जेल भेजे गए, अजिंक्य शिंदे को मिली जमानत

दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तीन सदस्यों के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। स्पेशल कोर्ट ने आशुतोष रांका और सौरव दास को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया, जबकि अजिंक्य शिंदे को निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया। जानकारी के मुताबिक, तीनों को मंगलवार सुबह जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। बाद में रात करीब 3 बजे उन्हें एहतियातन गिरफ्तार किया गया। बुधवार सुबह तीनों को स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां आशुतोष रांका और सौरव दास को न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला हुआ। राहुल गांधी ने गिरफ्तारी पर उठाए सवाल इस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने युवाओं को जेल भेजे जाने को कायरता बताया और कार्रवाई पर सवाल उठाए। किन आरोपों में हुई कार्रवाई? CJP की लीगल टीम की प्रमुख रत्ना सिंह के मुताबिक, तीनों के खिलाफ बिना अनुमति जंतर-मंतर में प्रवेश करने, बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन करने और सरकारी कामकाज में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि आशुतोष रांका और सौरव दास को इससे पहले 10 अक्टूबर को भी फ्लाइट से हिरासत में लिया गया था। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
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एअर इंडिया की फ्रैंकफर्ट-दिल्ली फ्लाइट की जयपुर में इमरजेंसी लैंडिंग, हाईजैक अलर्ट से मचा हड़कंप

फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI-2030 की बुधवार सुबह जयपुर एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। विमान को यह कदम उस समय उठाना पड़ा, जब अहमदाबाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को फ्लाइट से हाईजैक अलर्ट का सिग्नल मिला। हालांकि, शुरुआती जांच में सिस्टम की गड़बड़ी के कारण यह संदेश जनरेट होने की आशंका जताई गई है। जानकारी के मुताबिक, अहमदाबाद ATC से मिले अलर्ट को जयपुर ATC के साथ साझा किया गया। इसके करीब 45 मिनट बाद विमान को जयपुर में सुरक्षित उतारा गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हाईजैक अलर्ट के पीछे तकनीकी या सिस्टम संबंधी गलती हो सकती है। मामले में विस्तृत जांच की जानकारी सामने आना बाकी है। रात 9:45 बजे फ्रैंकफर्ट से भरी थी उड़ान फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट Flightradar24 के मुताबिक, विमान ने 13 अक्टूबर की रात 9:45 बजे फ्रैंकफर्ट से उड़ान भरी थी। इसे 14 अक्टूबर की सुबह 10:40 बजे दिल्ली पहुंचना था, लेकिन हाईजैक अलर्ट मिलने के बाद विमान को जयपुर की ओर डायवर्ट कर दिया गया। 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भी मिला था हाईजैक सिग्नल इससे पहले 30 सितंबर को इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट से भी हाईजैक कोड 7500 भेजे जाने की खबर सामने आई थी। उस घटना में पायलट द्वारा विमान को हाईजैक करने और क्रैश करने की कोशिश किए जाने का दावा किया गया था। बताया गया कि भारतीय को-पायलट कैप्टन स्मित मच्छर ने स्थिति को संभालते हुए विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश नाकाम कर दी थी।
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इंदौर में प्लॉट बेचने के नाम पर 7.80 लाख की ठगी का आरोप, ब्रोकर समेत दो पर FIR

शहर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में प्लॉट बेचने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि प्लॉट का सौदा करने के बाद ब्रोकर और प्लॉट मालिक ने फरियादी से 7 लाख 80 हजार रुपये ले लिए, लेकिन न तो प्लॉट की रजिस्ट्री कराई और न ही कब्जा दिया। शिकायत की जांच के बाद एरोड्रम थाना पुलिस ने नंदकिशोर मनावत और धर्मेंद्र ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। 9.30 लाख में तय हुआ था प्लॉट का सौदा पुलिस के मुताबिक, नंदबाग कॉलोनी निवासी विजय चौहान ने शिकायत में बताया कि उन्होंने नंदबाग में एक प्लॉट का सौदा 9 लाख 30 हजार रुपये में तय किया था। इस संबंध में एग्रीमेंट भी किया गया था। फरियादी ने आरोप लगाया कि उन्होंने नकद और ऑनलाइन माध्यम से कुल 7 लाख 80 हजार रुपये का भुगतान कर दिया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें प्लॉट का कब्जा नहीं मिला और रजिस्ट्री भी नहीं कराई गई। ब्रोकर ने परिचित बताकर कराया था सौदा विजय चौहान के अनुसार, धर्मेंद्र ठाकुर ने उन्हें बताया था कि नंदकिशोर मनावत उसका परिचित है और वह अपना प्लॉट बेचना चाहता है। इसके बाद धर्मेंद्र ने सौदे में ब्रोकर की भूमिका निभाई और इसके बदले 10 हजार रुपये लिए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि भुगतान के बाद जब उन्होंने रजिस्ट्री कराने और प्लॉट का कब्जा देने की मांग की, तो उन्हें लगातार टालमटोल का सामना करना पड़ा। 25 से ज्यादा केस होने की धमकी देने का आरोप फरियादी ने आरोप लगाया कि रजिस्ट्री और कब्जे के लिए दबाव बनाने पर धर्मेंद्र ठाकुर ने धमकी दी। शिकायत के मुताबिक, उसने कहा कि उसके खिलाफ 25 से ज्यादा मामले चल रहे हैं। साथ ही, उसके या नंदकिशोर मनावत के पास दोबारा आने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दी। 2.80 लाख रुपये लौटाए, 5 लाख बाकी होने का दावा विजय चौहान के मुताबिक, पुलिस में शिकायत करने की बात कहने के बाद नंदकिशोर मनावत ने 2 लाख 50 हजार रुपये नकद और 30 हजार रुपये ऑनलाइन वापस किए। हालांकि, फरियादी का आरोप है कि बाकी 5 लाख रुपये लौटाने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद विजय चौहान ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की। जांच के बाद एरोड्रम थाना पुलिस ने नंदकिशोर मनावत और धर्मेंद्र ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है।
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IMF ने बढ़ाया भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान, 2026 और 2027 में 7% विकास दर रहने की उम्मीद

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने साल 2026 के लिए भारत की आर्थिक विकास दर का अनुमान 6.4% से बढ़ाकर 7% कर दिया है। वैश्विक तनाव, आर्थिक सुस्ती और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का ध्यान खींचा है। मजबूत घरेलू मांग और सर्विसेज सेक्टर के बेहतर प्रदर्शन को भारत की तेज विकास दर की प्रमुख वजह माना गया है। IMF ने अक्टूबर 2026 की अपनी वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में भारत की विकास संभावनाओं को सकारात्मक बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, ऊर्जा आयात पर निर्भर कई उभरती अर्थव्यवस्थाएं जहां दबाव का सामना कर रही हैं, वहीं भारत की आर्थिक गतिविधियों में मजबूती बनी हुई है। 2027 में भी 7% ग्रोथ का अनुमान IMF ने 2026 के लिए भारत की विकास दर के अनुमान में जुलाई के मुकाबले 0.6 प्रतिशत अंक और अप्रैल के मुकाबले 0.5 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी की है। वहीं, 2027 के लिए भी विकास दर का अनुमान बढ़ाकर 7% कर दिया गया है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 2027 का अनुमान जुलाई के मुकाबले 0.3 प्रतिशत अंक और अप्रैल के मुकाबले 0.5 प्रतिशत अंक अधिक है। इससे संकेत मिलता है कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भी भारत में विकास की संभावनाओं को लेकर उम्मीद बनी हुई है। IMF से पहले विश्व बैंक और आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (OECD) जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी भारत की विकास दर के अनुमान में बढ़ोतरी कर चुकी हैं। चीन की सुस्ती के बीच भारत पर नजर रिपोर्ट के मुताबिक, एशिया की अर्थव्यवस्थाओं में मजबूती देखने को मिल रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी गतिविधियों में तेजी ने भी वैश्विक आर्थिक परिदृश्य को प्रभावित किया है। भारत और चीन एशिया की आर्थिक गतिविधियों में अहम भूमिका निभा रहे हैं, हालांकि दोनों देशों की विकास संभावनाओं में अंतर दिखाई दे रहा है। IMF के अनुमान के अनुसार, चीन की विकास दर 2026 में 4.5% और 2027 में 4% रह सकती है। वैश्विक तनाव और ऊर्जा की ऊंची कीमतों को चीन की आर्थिक वृद्धि के सामने चुनौतियों में शामिल किया गया है। दुनिया की आर्थिक विकास दर पर दबाव IMF के मुताबिक, 2028 से 2031 के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था औसतन 3.2% की दर से बढ़ सकती है। यह 2000 से 2019 के बीच महामारी से पहले दर्ज औसत 3.7% की विकास दर से कम है। रिपोर्ट में वैश्विक तनाव, ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता और ऊर्जा आयात पर निर्भर उभरती अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ने वाले दबाव को आर्थिक विकास के लिए चुनौती बताया गया है। ऐसे माहौल में भारत की अनुमानित विकास दर अपेक्षाकृत मजबूत दिखाई देती है। मजबूत घरेलू मांग और जनसांख्यिकी से मिल रहा सहारा भारत की आर्थिक मजबूती के पीछे बढ़ता घरेलू बाजार, मजबूत मांग, अनुकूल जनसांख्यिकी और सुधारों को अहम कारक माना गया है। सर्विसेज सेक्टर का बेहतर प्रदर्शन भी विकास दर को सहारा दे रहा है। हालांकि, बेहतर अनुमान के बावजूद चुनौतियां खत्म नहीं हुई हैं। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारत के आयात बिल और महंगाई पर दबाव डाल सकती हैं। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय तनाव और वैश्विक मांग में कमजोरी का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
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भीलवाड़ा में सरकारी शिक्षक ने फंदा लगाकर दी जान, किराए के कमरे में मिला शव

भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के गंगापुर कस्बे में 28 वर्षीय सरकारी शिक्षक कालूराम मीणा का शव उनके किराए के कमरे में फंदे पर लटका मिला। मंगलवार सुबह कमरे से बदबू आने पर पड़ोसियों ने मकान मालिक को सूचना दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे का गेट तोड़कर अंदर दाखिल हुई। पुलिस के अनुसार, शव करीब दो दिन पुराना होने की आशंका है। कालूराम मीणा टोंक जिले के रहने वाले थे और गंगापुर क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है। फिलहाल उनकी मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है। कमरे से बदबू आने पर हुआ खुलासा थाना प्रभारी पूरण मीणा के मुताबिक, कालूराम गंगापुर कस्बे के वार्ड नंबर 5 में सुरेश सुवलका के मकान में किराए से रहते थे। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे कमरे से बदबू आने पर पड़ोसियों को संदेह हुआ। उन्होंने मकान मालिक को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। कमरे का गेट तोड़कर अंदर देखा गया तो शिक्षक का शव फंदे पर लटका मिला। पुलिस ने घटनास्थल की जांच कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। अगस्त में हुई थी स्कूल में पोस्टिंग जानकारी के अनुसार, कालूराम मीणा की 18 अगस्त 2026 को गंगापुर क्षेत्र की उल्लाई पंचायत के रूपारेल कस्बे स्थित सरकारी स्कूल में पोस्टिंग हुई थी। वह शनिवार को आखिरी बार स्कूल गए थे। रविवार को छुट्टी थी, जबकि सोमवार को वह स्कूल नहीं पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, शव की स्थिति को देखते हुए मौत करीब दो दिन पहले होने की आशंका जताई जा रही है। एक साल पहले हुआ था तलाक बताया गया है कि कालूराम मीणा चार भाइयों में सबसे छोटे थे। रविवार सुबह उनकी अपने बड़े भाई से फोन पर बातचीत हुई थी। जानकारी के अनुसार, करीब एक साल पहले आपसी अनबन के चलते उनका तलाक हो गया था। हालांकि, इन परिस्थितियों का उनकी मौत से कोई संबंध था या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही पुलिस थाना प्रभारी पूरण मीणा ने बताया कि शिक्षक ने किन कारणों से यह कदम उठाया, इसकी फिलहाल जानकारी नहीं मिली है। परिजनों के पहुंचने के बाद मामले से जुड़ी अन्य जानकारियां सामने आ सकती हैं। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
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कैंसर की दवाओं की कीमतों में बड़ा अंतर: ₹538 का इंजेक्शन बाजार में ₹1,500 तक, एक ही दवा की MRP में 16 गुना तक फर्क

रायपुर। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों और उनके परिजनों पर इलाज के खर्च का भारी बोझ पड़ रहा है। दवाओं की कीमतों में बड़े अंतर ने इस परेशानी को और बढ़ा दिया है। एक ही दवा अलग-अलग कंपनियों के ब्रांड में अलग कीमत पर बेची जा रही है। वहीं, सरकारी खरीद दर और बाजार में मिलने वाली कीमत के बीच भी काफी अंतर सामने आया है। कैंसर की दवाओं की कीमतों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी सवाल उठाया है। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए पूछा कि 2,700 रुपये की दवा 27,000 रुपये की कैसे हो सकती है? इसी मुद्दे पर दैनिक भास्कर की पड़ताल में दवाओं की एमआरपी, बाजार में उपलब्ध कीमत और सरकारी खरीद दरों के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। ₹538 का इंजेक्शन बाजार में 1,500 रुपये तक पड़ताल के मुताबिक, एज़ासिटिडाइन (Azacitidine) 100 एमजी इंजेक्शन सरकारी खरीद में 538 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि बाजार में इसकी कीमत करीब 1,200 से 1,500 रुपये तक बताई गई है। एक ही दवा के अलग-अलग ब्रांड की एमआरपी और वास्तविक बिक्री कीमत में भी बड़ा अंतर मिला। एक ब्रांड के इंजेक्शन की एमआरपी 8,888 रुपये दर्ज है, लेकिन कुछ मेडिकल स्टोर पर यह 1,890 रुपये में मिल रहा है। दूसरे ब्रांड की एमआरपी 6,337 रुपये है, जबकि इसकी कीमत 1,100 रुपये बताई गई। वहीं, तीसरे ब्रांड की एमआरपी 5,964.70 रुपये होने के बावजूद यह 800 रुपये में बिक रहा है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि केवल एमआरपी देखकर मरीज के लिए दवा की वास्तविक कीमत का अंदाजा लगाना मुश्किल हो सकता है। 10 में से 8 दवाओं की कीमतों में बड़ा अंतर दैनिक भास्कर की पड़ताल में कैंसर की 10 आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली दवाओं की कीमतों की सरकारी खरीद दरों से तुलना की गई। इसके लिए रायपुर के थोक दवा बाजार, मेडिकल स्टोर, निजी अस्पतालों की फार्मेसी, एम्स की फार्मेसी और सरकारी खरीद के आंकड़े जुटाए गए। कैंसर विशेषज्ञों की मदद से इन कीमतों का विश्लेषण भी किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, 10 में से 2 दवाओं की कीमतों में सरकारी खरीद दर की तुलना में 12 से 16 गुना तक अंतर मिला। वहीं, 6 अन्य दवाओं की कीमतें 2 से 8 गुना तक अधिक पाई गईं। पड़ताल में यह भी सामने आया कि कई दवाओं की एमआरपी काफी ऊंची दर्ज है। ऐसे में मेडिकल स्टोर पर मरीजों को वास्तविक कीमत और उपलब्ध विकल्पों की जानकारी न होने पर अधिक खर्च करना पड़ सकता है। सरकारी अस्पताल में मुफ्त दवा, बिल आयुष्मान कार्ड से रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल स्थित कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट की फार्मेसी में सरकारी दरों पर खरीदी गई दवाओं पर 12 प्रतिशत टैक्स लगाए जाने की जानकारी भी पड़ताल में सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, यहां मरीजों को ये दवाएं मुफ्त दी जाती हैं, जबकि इनका बिल आयुष्मान कार्ड के माध्यम से समायोजित किया जाता है। मरीजों के लिए कीमतों में पारदर्शिता जरूरी कैंसर का इलाज अक्सर लंबे समय तक चलता है और मरीजों को कई महंगी दवाओं की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में सरकारी खरीद दर, दवा की एमआरपी और वास्तविक बिक्री मूल्य के बीच बड़ा अंतर मरीजों के लिए आर्थिक परेशानी बढ़ा सकता है। दवाओं की कीमतों में पारदर्शिता, अलग-अलग ब्रांड की कीमतों की स्पष्ट जानकारी और निर्धारित दरों की निगरानी से मरीजों को राहत मिल सकती है। हालांकि, किसी दवा की वास्तविक कीमत उसके ब्रांड, पैकिंग, उपलब्धता और खरीद की शर्तों के आधार पर अलग हो सकती है।
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भोपाल के केरवा डैम के अतिक्रमणों की होगी जांच, NGT ने कमेटी को दिए निरीक्षण के निर्देश

भोपाल के केरवा डैम की सीमा और उसके आसपास हुए अतिक्रमणों को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने सख्ती दिखाई है। ट्रिब्यूनल ने संबंधित कमेटी को डैम के फुल टैंक लेवल (FTL) और बफर एरिया का अंतिम निर्धारण करने के लिए निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस प्रक्रिया में सरकारी रिकॉर्ड, जल संसाधन विभाग के कंटूर और टोपोग्राफिकल मैप, ड्रोन सर्वे, सैटेलाइट इमेजरी और मौके पर किए जाने वाले भौतिक सत्यापन को आधार बनाया जाएगा। बुधवार को प्रस्तावित ग्राउंड ट्रूथिंग अंतिम समय पर स्थगित कर दी गई। अब गुरुवार को टीम के निरीक्षण करने की संभावना है। NGT ने FTL और बफर एरिया तय करने के दिए निर्देश केरवा डैम के आसपास अतिक्रमणों को लेकर हाल ही में हुई सुनवाई में NGT ने कमेटी को उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर जलाशय की वास्तविक सीमा का निरीक्षण करने को कहा था। ट्रिब्यूनल के निर्देशों के अनुसार, FTL और बफर एरिया का अंतिम निर्धारण ड्रोन सर्वे, सैटेलाइट तस्वीरों, ग्राउंड ट्रूथिंग और सरकारी दस्तावेजों के मिलान के बाद किया जाएगा। कमेटी को इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट अगली सुनवाई में पेश करनी है। मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को निर्धारित है। 108 सीमा-चिह्नों की भी होगी जांच उपलब्ध पुराने रिकॉर्ड के अनुसार, केरवा डैम का जलमग्न क्षेत्र लगभग 462.150 हेक्टेयर है। पहले इसकी सीमा को 1,080 कंक्रीट ब्लॉकों और खंभों से चिह्नित किया गया था। अब भौतिक सत्यापन के दौरान यह भी देखा जाएगा कि इनमें से कितने सीमा-चिह्न मौके पर मौजूद हैं और क्या उनकी स्थिति पुराने रिकॉर्ड से मेल खाती है। इससे जलाशय की वास्तविक सीमा निर्धारित करने में मदद मिलेगी। पहले की जांच में मिले थे 33 अतिक्रमण पूर्व में हुई जांच के दौरान केरवा जलाशय क्षेत्र में कुल 33 अतिक्रमण चिह्नित किए गए थे। इनमें 18 संरचनाएं सरकारी भूमि और 15 निजी भूमि से संबंधित बताई गई थीं। अब ड्रोन सर्वे और जमीनी निरीक्षण के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि पहले चिह्नित अतिक्रमणों में से कितने अभी भी मौके पर मौजूद हैं। साथ ही, उनकी वास्तविक स्थिति और निर्धारित जलाशय सीमा से उनकी दूरी का सत्यापन भी किया जाएगा। तीन सप्ताह में रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश NGT ने कमेटी को FTL और उसके बफर एरिया के अंतिम निर्धारण की प्रक्रिया तीन सप्ताह में पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत टीम को उपलब्ध सरकारी दस्तावेजों और मौके की स्थिति का मिलान करना होगा। निरीक्षण के बाद तैयार रिपोर्ट से केरवा डैम की सीमा और आसपास मौजूद अतिक्रमणों की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। हालांकि, अतिक्रमणों को लेकर आगे क्या कार्रवाई होगी, यह निरीक्षण और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगा।
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किरेन रिजिजू का आरोप- भारत में भी हिंसा भड़काने की रची गई थी साजिश, बोले- सत्ता परिवर्तन सिर्फ चुनाव से होगा

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आरोप लगाया है कि फ्रांस और बांग्लादेश में हुई हिंसक घटनाओं जैसी साजिश भारत में भी रची गई थी। उन्होंने दावा किया कि कुछ नेताओं ने युवाओं को भड़काकर सड़कों पर हिंसा फैलाने की कोशिश की। रिजिजू ने कहा कि ऐसी साजिश रचने वाले यह भूल गए कि भारत न तो बांग्लादेश है और न ही फ्रांस। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव के जरिए ही हो सकता है, किसी बाहरी ताकत के माध्यम से नहीं। राहुल गांधी और नेहा बोरा का वीडियो किया शेयर किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करने के साथ एक वीडियो भी साझा किया। इस वीडियो में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और नेहा बोरा को दिखाया गया है। दरअसल, 14 अक्टूबर को नेहा बोरा का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वह बांग्लादेश में हुए हिंसक प्रदर्शनों के समर्थन में बोलती दिखाई दी थीं। रिजिजू ने इसी संदर्भ में वीडियो साझा करते हुए भारत में हिंसा भड़काने की कथित कोशिशों का आरोप लगाया। बोले- सत्ता परिवर्तन चुनाव से, सोरोस के जरिए नहीं रिजिजू ने अपने बयान में कहा कि भारत में सरकार बदलने का अधिकार जनता के पास है और यह प्रक्रिया चुनावों के माध्यम से पूरी होती है। उन्होंने कहा, “भारत में सत्ता परिवर्तन बिल्कुल हो सकता है, लेकिन केवल चुनावों के जरिए, सोरोस के जरिए नहीं।” केंद्रीय मंत्री के बयान में विदेशी प्रभाव और देश में कथित तौर पर युवाओं को भड़काने की कोशिशों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, भारत में ऐसी किसी साजिश के आरोपों के समर्थन में इस बयान के साथ कोई स्वतंत्र प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है।

ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास भीषण हादसा, ट्रक ने श्रद्धालुओं को कुचला; 15 की मौत, 26 घायल

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शनिवार देर रात शीतला माता मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं पर तेज रफ्तार ट्रक चढ़ गया। हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि दो पुलिसकर्मियों समेत 26 लोग घायल हुए हैं। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायलों को इलाज के लिए जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ढलान पर बेकाबू हुआ धान से भरा ट्रक हादसा देर रात करीब 1:30 बजे चीनौर रोड पर ढलान के पास हुआ। श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने के लिए सड़क किनारे कतार में खड़े थे। इसी दौरान चीनौर की ओर से आ रहा धान से भरा ट्रक ढलान पर बेकाबू हो गया। बताया गया कि ट्रक करीब 90 डिग्री के तीखे ढलान से नीचे उतर रहा था। इस दौरान वह पुलिस चेकपोस्ट को तोड़ते हुए श्रद्धालुओं को कुचलता चला गया। इसके बाद ट्रक मंदिर की बाहरी दीवार और गेट से टकरा गया, जिससे दीवार ढह गई। हादसे में कई लोग मलबे में दब गए। ड्राइवर ने बताया- ब्रेक फेल हो गए थे प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, ट्रक चालक गूगल मैप की मदद से रास्ते पर आगे बढ़ रहा था। हादसे के बाद चालक ने पुलिस को बताया कि ट्रक के ब्रेक फेल हो गए थे। हालांकि, दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। परिजनों ने पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप हादसे के बाद मृतकों के परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। घटना में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। पुलिस ने मामले में ट्रक चालक और ट्रक मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। हादसे के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई की गई है। सिटी एसपी हटाए गए, 8 अफसर-पुलिसकर्मी सस्पेंड हादसे के बाद सरकार ने ग्वालियर के सिटी एसपी को हटा दिया है। इसके अलावा आठ अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। निलंबित किए गए लोगों में चार थाना प्रभारी (टीआई) भी शामिल हैं। फिलहाल हादसे की जांच जारी है। दुर्घटना में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के परिवारों में शोक का माहौल है, जबकि घायल अस्पताल में उपचार करा रहे हैं।
Breast Cancer Alert: 30 और 35 साल की महिलाओं ने गांठ को समझा सामान्य, इलाज के बाद मां बनने की उम्मीद

Breast Cancer Alert: 30 और 35 साल की महिलाओं ने गांठ को समझा सामान्य, इलाज के बाद मां बनने की उम्मीद

कम उम्र में ब्रेस्ट कैंसर का पता चलना कई महिलाओं के लिए बड़ा झटका हो सकता है। 30 और 35 साल की महिलाओं से जुड़ी इन घटनाओं में गांठ को सामान्य समझने की बात सामने आई है। हालांकि, इन दोनों महिलाओं की व्यक्तिगत मेडिकल जानकारी उपलब्ध नहीं है, इसलिए उनके इलाज और आगे की स्थिति के बारे में पक्के दावे करना सही नहीं होगा। डॉक्टरों के मुताबिक, स्तन में होने वाली हर गांठ कैंसर नहीं होती, लेकिन किसी भी नई गांठ या असामान्य बदलाव की जांच कराना जरूरी है। खासकर तब, जब गांठ बनी रहे या स्तन की त्वचा, आकार अथवा निप्पल में बदलाव दिखाई दे। Alcohol और Smoking से कैसे बढ़ सकता है खतरा? शराब का सेवन ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकता है। शोध में यह भी संकेत मिले हैं कि धूम्रपान कई प्रकार के कैंसर का कारण बनता है और ब्रेस्ट कैंसर के साथ इसके संबंध पर भी अध्ययन जारी हैं। हालांकि, किसी व्यक्ति को कैंसर होने के पीछे केवल एक ही कारण हो, यह जरूरी नहीं है। उम्र, पारिवारिक इतिहास, आनुवंशिक बदलाव और दूसरे स्वास्थ्य संबंधी कारक भी भूमिका निभाते हैं। <Cite refs={[“turn391271search0″,”turn391271search1″,”turn687346search1”]}/> क्या ब्रेस्ट कैंसर के इलाज के बाद मां बन सकती हैं महिलाएं? ब्रेस्ट कैंसर का इलाज कराने के बाद भी कुछ महिलाओं के लिए गर्भधारण करना संभव होता है। हालांकि, यह कैंसर के प्रकार, उसकी अवस्था और इलाज में इस्तेमाल की गई दवाओं पर निर्भर करता है। कीमोथेरेपी और कुछ हार्मोनल उपचार प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए जिन महिलाओं को भविष्य में मां बनना है, उन्हें इलाज शुरू करने से पहले अपने कैंसर विशेषज्ञ और फर्टिलिटी विशेषज्ञ से विकल्पों पर चर्चा करनी चाहिए। जरूरत के अनुसार एग फ्रीजिंग या एम्ब्रियो फ्रीजिंग जैसे विकल्पों पर विचार किया जा सकता है। <Cite refs={[“turn391271search2″,”turn687346search2”]}/> ब्रेस्ट कैंसर के लक्षणों को न करें नजरअंदाज स्तन में नई गांठ, बगल में सूजन, त्वचा में बदलाव, निप्पल का अंदर की ओर खिंचना या असामान्य स्राव जैसे लक्षण दिखने पर डॉक्टर से जांच कराएं। इन लक्षणों का मतलब हमेशा कैंसर नहीं होता, लेकिन जांच में देरी नहीं करनी चाहिए।
भोपाल में 12 साल की बच्ची की हत्या से आक्रोश:पिता बोले- बेटी को बचा नहीं सके, आरोपी को हमारे हवाले कर दो

भोपाल में 12 साल की बच्ची की हत्या से आक्रोश:पिता बोले- बेटी को बचा नहीं सके, आरोपी को हमारे हवाले कर दो

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बैरागढ़ इलाके में 12 साल की बच्ची की हत्या के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। बेटी को खोने के गम में परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, स्थानीय लोगों ने पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन कर आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की। बच्ची के पिता का दर्द उनके शब्दों में साफ झलक रहा है। उन्होंने कहा कि वे अपनी बेटी को बचा नहीं सके। अब परिवार आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहता है। खंडहर में मिला बच्ची का शव यह घटना भोपाल के बैरागढ़ इलाके की है। 15 अक्टूबर की रात बच्ची घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिवार ने उसकी तलाश की और पुलिस को सूचना दी। 16 अक्टूबर की सुबह कृष्णा कॉम्प्लेक्स के पीछे एक पुराने खंडहरनुमा भवन में बच्ची का शव मिला। घटना की जानकारी सामने आने के बाद इलाके में शोक और गुस्से का माहौल बन गया। पुलिस ने घटनास्थल की जांच की और मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए। जांच के आधार पर एक 23 वर्षीय संदिग्ध को हिरासत में लिया गया, जिसके बाद आरोपी की गिरफ्तारी की खबर भी सामने आई। थाने के बाहर प्रदर्शन, आरोपी को सौंपने की मांग बच्ची की मौत की खबर फैलने के बाद परिजन और स्थानीय लोग बैरागढ़ थाने के बाहर जुट गए। लोगों ने आरोपी को उनके हवाले करने या उसे कड़ी सजा देने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने थाने में घुसने की कोशिश भी की। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात किया। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। परिवार और स्थानीय लोगों की मांग है कि मामले की गंभीरता से जांच हो और दोषी को कानून के तहत सख्त सजा मिले। पुलिस जांच में जुटी, कार्रवाई पर सबकी नजर पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। बच्ची की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर होना जरूरी है। इस घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार के लिए यह अपूरणीय क्षति है। अब उनकी उम्मीद है कि जांच जल्द पूरी हो और उन्हें न्याय मिले। नोट: आरोपी के खिलाफ आरोपों और जांच के निष्कर्षों को अदालत के अंतिम फैसले से पहले सिद्ध तथ्य के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।
Imran Khan News: भारत छोड़ने के नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे एक्टर, OCI Card रद्द करने पर मांगा गया जवाब

Imran Khan News: भारत छोड़ने के नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे एक्टर, OCI Card रद्द करने पर मांगा गया जवाब

नई दिल्ली: अभिनेता Imran Khan ने भारत छोड़ने के नोटिस को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने इस नोटिस को गैरकानूनी बताया है। यह मामला उनके Overseas Citizen of India (OCI) कार्ड को रद्द करने की प्रक्रिया से भी जुड़ा है। अधिकारियों की ओर से इस संबंध में अभिनेता से जवाब मांगा गया है। क्या है पूरा मामला? इमरान खान को भारत छोड़ने से संबंधित नोटिस जारी किया गया है। अभिनेता ने इस नोटिस पर आपत्ति जताते हुए इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उनका कहना है कि यह नोटिस गैरकानूनी है। इस मामले में उनके OCI कार्ड को रद्द करने को लेकर भी सवाल उठे हैं। संबंधित अधिकारियों ने इस संबंध में उनसे जवाब मांगा है। अब इस मामले में हाईकोर्ट की सुनवाई और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी। क्या होता है OCI Card? OCI यानी Overseas Citizen of India कार्ड भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों को भारत में रहने और कई सुविधाओं का लाभ लेने के लिए दिया जाता है। हालांकि, यह भारतीय नागरिकता नहीं है। कुछ कानूनी परिस्थितियों में OCI कार्ड रद्द भी किया जा सकता है। आगे क्या होगा? इमरान खान की याचिका पर हाईकोर्ट में होने वाली कार्यवाही से इस मामले की आगे की दिशा स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल, अभिनेता ने नोटिस को चुनौती दी है और OCI कार्ड रद्द करने से जुड़े मामले में जवाब मांगे जाने का मुद्दा भी सामने है। इस मामले में अदालत का रुख और संबंधित अधिकारियों की अगली कार्रवाई अहम होगी।

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