आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलकिरेन रिजिजू का आरोप- भारत में भी हिंसा भड़काने की रची गई थी साजिश, बोले- सत्ता परिवर्तन सिर्फ चुनाव से होगा◆BREAKINGदेश-हरपलग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास भीषण हादसा, ट्रक ने श्रद्धालुओं को कुचला; 15 की मौत, 26 घायल◆BREAKINGहेल्थBreast Cancer Alert: 30 और 35 साल की महिलाओं ने गांठ को समझा सामान्य, इलाज के बाद मां बनने की उम्मीद◆BREAKINGप्रदेशभोपाल में 12 साल की बच्ची की हत्या से आक्रोश:पिता बोले- बेटी को बचा नहीं सके, आरोपी को हमारे हवाले कर दो◆BREAKINGBreaking NewsImran Khan News: भारत छोड़ने के नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे एक्टर, OCI Card रद्द करने पर मांगा गया जवाब◆BREAKINGBreaking NewsWeather Update: केदारनाथ में बर्फबारी से बढ़ी ठंड, राजस्थान-महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में बारिश; यूपी में बाढ़ जैसे हालात◆BREAKINGBreaking NewsFrance Protest: महंगाई के खिलाफ फ्रांस में सड़कों पर उतरे लाखों लोग, पेरिस समेत कई शहरों में आगजनी और लूटपाट◆BREAKINGBreaking NewsKolkata Stampede: कोलकाता भगदड़ में 19 लोगों की मौत, 5 ICU में भर्ती; शाह अस्पताल पहुंचे◆BREAKINGदेश-हरपलकिरेन रिजिजू का आरोप- भारत में भी हिंसा भड़काने की रची गई थी साजिश, बोले- सत्ता परिवर्तन सिर्फ चुनाव से होगा◆BREAKINGदेश-हरपलग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास भीषण हादसा, ट्रक ने श्रद्धालुओं को कुचला; 15 की मौत, 26 घायल◆BREAKINGहेल्थBreast Cancer Alert: 30 और 35 साल की महिलाओं ने गांठ को समझा सामान्य, इलाज के बाद मां बनने की उम्मीद◆BREAKINGप्रदेशभोपाल में 12 साल की बच्ची की हत्या से आक्रोश:पिता बोले- बेटी को बचा नहीं सके, आरोपी को हमारे हवाले कर दो◆BREAKINGBreaking NewsImran Khan News: भारत छोड़ने के नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे एक्टर, OCI Card रद्द करने पर मांगा गया जवाब◆BREAKINGBreaking NewsWeather Update: केदारनाथ में बर्फबारी से बढ़ी ठंड, राजस्थान-महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में बारिश; यूपी में बाढ़ जैसे हालात◆BREAKINGBreaking NewsFrance Protest: महंगाई के खिलाफ फ्रांस में सड़कों पर उतरे लाखों लोग, पेरिस समेत कई शहरों में आगजनी और लूटपाट◆BREAKINGBreaking NewsKolkata Stampede: कोलकाता भगदड़ में 19 लोगों की मौत, 5 ICU में भर्ती; शाह अस्पताल पहुंचे◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Latest Posts

इंदौर में वर्ल्ड स्पाइन डे पर डॉक्टरों ने निकाली साइक्लोथॉन, सर्जरी के बाद मरीजों ने भी चलाई साइकिल

इंदौर: वर्ल्ड स्पाइन डे के अवसर पर शुक्रवार को इंदौर में रीढ़ की हड्डी के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए डॉक्टरों ने साइक्लोथॉन निकाली। इंदौर स्पाइन सर्जन एसोसिएशन (ISSA) की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में 70 से 80 वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन, स्पाइन सर्जन और एनेस्थेटिस्ट शामिल हुए। साइक्लोथॉन के जरिए लोगों को नियमित व्यायाम, फिटनेस और रीढ़ की हड्डी की देखभाल का संदेश दिया गया। साथ ही, स्पाइन सर्जरी को लेकर लोगों के मन में मौजूद डर और भ्रांतियों को दूर करने की अपील की गई। स्पाइन सर्जरी करा चुके मरीजों ने भी लिया हिस्सा इस साइक्लोथॉन की खास बात यह रही कि हाल ही में स्पाइन सर्जरी करा चुके एक-दो मरीज भी डॉक्टरों के साथ साइकिल चलाते नजर आए। उनकी भागीदारी के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि उचित इलाज और डॉक्टर की सलाह के अनुसार रिकवरी के बाद मरीज दोबारा सक्रिय जीवनशैली अपना सकते हैं। ISSA के सचिव डॉ. अविनाश जैन ने बताया कि समाज में रीढ़ की हड्डी की सर्जरी को लेकर कई तरह की भ्रांतियां हैं। कुछ लोग ऑपरेशन के बाद सामान्य जीवन नहीं जी पाने की आशंका के कारण इलाज कराने से हिचकते हैं। ऐसे में सर्जरी के बाद मरीजों का साइकिल चलाना लोगों का भरोसा बढ़ाने वाला संदेश है। वरिष्ठ स्पाइन सर्जनों ने किया नेतृत्व साइक्लोथॉन का नेतृत्व ISSA के अध्यक्ष डॉ. एसके लूनावत, उपाध्यक्ष डॉ. प्रसाद पटगांवकर और सचिव डॉ. अविनाश जैन ने किया। एसोसिएशन ऑफ ऑर्थोपेडिक सर्जन्स ऑफ इंदौर (AOSI) के सचिव डॉ. प्रणव महाजन भी आयोजन में शामिल हुए। वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ. मसंद और डॉ. मनचंदा सहित अन्य चिकित्सकों ने भी साइक्लोथॉन में भाग लेकर जागरूकता अभियान को समर्थन दिया। साइकिल राइडर्स के साथ यातायात पुलिस ने दिया सहयोग कार्यक्रम में शहर के सक्रिय साइकिल राइडर्स ने भी हिस्सा लिया। डॉक्टरों ने नियमित शारीरिक गतिविधि को स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया और लोगों से अपनी दिनचर्या में व्यायाम को शामिल करने की अपील की। साइक्लोथॉन के सुरक्षित और सुचारू संचालन में इंदौर यातायात पुलिस ने सहयोग किया। आयोजन के अंत में ISSA की ओर से इसमें शामिल चिकित्सकों, एनेस्थीसिया क्लब के सदस्यों, साइकिल राइडर्स और प्रशासन का आभार जताया गया।
Read more

भोपाल के हलालपुरा पटाखा मार्केट पर प्रशासन का एक्शन, 15 दुकानदारों को 13 शर्तों का पालन करने के आदेश

भोपाल: हलालपुरा पटाखा मार्केट को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। बैरागढ़ एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव ने मार्केट की 15 आतिशबाजी दुकानों के संचालकों के खिलाफ आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि हाईकोर्ट से स्थगन हटते ही पटाखा मार्केट को दूसरी जगह शिफ्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। तब तक दुकानदारों को सुरक्षा से जुड़ी 13 शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा। एसडीएम ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 152 के तहत इन दुकानों को जन सुरक्षा के लिए खतरा मानते हुए लोक न्यूसेंस घोषित किया है। प्रशासन का उद्देश्य पटाखा कारोबार के दौरान आग, विस्फोट और भीड़ से जुड़े संभावित जोखिमों को नियंत्रित करना है। हाईकोर्ट में 12 रिट याचिकाएं और 8 अवमानना प्रकरण लंबित हलालपुरा पटाखा मार्केट से संबंधित मामला जबलपुर हाईकोर्ट में विचाराधीन है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस मामले में 12 रिट याचिकाएं और 8 अवमानना प्रकरण लंबित हैं। हाईकोर्ट ने इन मामलों में स्थगन दिया है और आदेश सुरक्षित रखा है। प्रशासन के मुताबिक, कोर्ट से स्थगन हटने के बाद दुकानों को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की तैयारी है। तब तक मौजूदा मार्केट में सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। नियम तोड़ने पर छह महीने तक की सजा का प्रावधान एसडीएम के आदेश में हाईकोर्ट का फैसला आने तक पटाखा कारोबारियों के लिए 13 शर्तें तय की गई हैं। आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ छह महीने तक के कारावास की कार्रवाई का प्रावधान बताया गया है। नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए तहसीलदार, नगर निगम के उपायुक्त और संबंधित थाना प्रभारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अग्नि सुरक्षा से लेकर भीड़ नियंत्रण तक के नियम आदेश के अनुसार, सभी दुकानदारों को विस्फोटक अधिनियम के प्रावधानों का पालन करना होगा। इसके साथ ही अग्नि सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा, ट्रैफिक मैनेजमेंट और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के निर्देशों का पालन भी अनिवार्य होगा। तय ध्वनि सीमा से अधिक आवाज करने वाले पटाखों और कार्बाइड गन जैसे प्रतिबंधित सामान की बिक्री पर रोक रहेगी। फायर और इलेक्ट्रिकल सेफ्टी के दस्तावेज जमा करना जरूरी प्रशासन ने दुकानदारों को अग्नि सुरक्षा से संबंधित मॉक ड्रिल कराने और विद्युत सुरक्षा के इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा फायर एनओसी और विद्युत सुरक्षा से जुड़े जरूरी दस्तावेज एसडीएम कोर्ट में प्रस्तुत करने होंगे। फिलहाल हलालपुरा पटाखा मार्केट में कारोबार जारी रहने के दौरान इन शर्तों का पालन कराना प्रशासन के सामने अहम चुनौती है। हाईकोर्ट के अगले आदेश के बाद मार्केट को दूसरी जगह शिफ्ट करने की प्रक्रिया पर आगे निर्णय लिया जाएगा।
Read more

रायपुर में 13 पुलिसकर्मियों का सम्मान, नवजात को बचाने से लेकर मोबाइल लुटेरे को पकड़ने तक की कार्रवाई

यातायात व्यवस्था संभालने के साथ अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले 13 पुलिसकर्मियों को पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सम्मानित किया। इन पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान लावारिस नवजात को अस्पताल पहुंचाया, मोबाइल छीनकर भागने वाले आरोपी को पकड़ा और चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को भी गिरफ्तार कराया। सम्मानित पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार दिया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि यातायात व्यवस्था संभालना पुलिस की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही ड्यूटी के दौरान अपराध या संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल कार्रवाई करना भी जरूरी है। बिना नंबर की बाइक रोकी, मोबाइल छीनने का आरोपी पकड़ा 14 अक्टूबर को बंजारी मंदिर के पास यातायात पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की बाइक को रोका। इस दौरान धनीराम चंद्रा ने बाइक चालक पर मोबाइल और 700 रुपये छीनने का आरोप लगाया। तलाशी के दौरान पुलिस को मोबाइल मिला, जिसके बाद आरोपी करण पाल को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक विजय मार्कण्डेय समेत पांच पुलिसकर्मी शामिल थे। उर्स मेले में चाकू लहराने वाला ई-रिक्शा चालक पकड़ा 8 अक्टूबर को एवरग्रीन चौक पर उर्स मेले के दौरान ड्यूटी कर रहे आरक्षक ललित कुमार साहू ने चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को पीछा कर पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को ई-रिक्शा समेत गोलबाजार पुलिस के हवाले कर दिया गया। नकली शराब की सूचना पर जांच, मिला चोरी का मोबाइल 14 अक्टूबर को पंडरी शराब दुकान के पास नकली शराब बेचने की सूचना मिलने पर यातायात पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास मोबाइल मिला। जांच में मोबाइल चोरी का होने की जानकारी सामने आई। इस कार्रवाई में निरीक्षक अमित पद्मशाली, प्रधान आरक्षक श्रीकांत मिश्रा और आरक्षक रमेंद्र वर्मा शामिल थे। नवजात को छोड़कर भाग रहे व्यक्ति को पकड़ा 13 अक्टूबर को राजेंद्र नगर अंडरब्रिज के पास मदर टेरेसा मिशनरीज के गेट पर एक नवजात को छोड़कर भाग रहे गोंदिया निवासी रफीक शेख को यातायात पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों ने नवजात को नवकार अस्पताल पहुंचाया और आरोपी को टिकरापारा थाने के सुपुर्द कर दिया। इस कार्रवाई में निरीक्षक गोविंद यादव, प्रधान आरक्षक कुलेश्वर राजपूत और आरक्षक सुनील क्षत्रीय, गोपाल सिंह राजपूत व विजय सेन शामिल थे। पुलिस कमिश्नर ने बढ़ाया पुलिसकर्मियों का उत्साह इन सभी मामलों में तत्परता दिखाने वाले कुल 13 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि पुलिसकर्मियों की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।
Read more

SECL दीपका खदान प्रभावितों की मांगों पर बोर्ड लेगा फैसला, 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे का मामला अटका

छत्तीसगढ़ के हरदीबाजार में SECL की दीपका खदान विस्तार परियोजना से प्रभावित भू-विस्थापितों ने अधिग्रहित जमीन की खरीदी-बिक्री के बाद बने मकानों के मुआवजे में कटौती का मुद्दा उठाया है। प्रभावितों ने मांग की है कि 500 रजिस्ट्री धारकों को भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा दिया जाए। इस मामले में अंतिम निर्णय SECL कोल कंपनी का बोर्ड लेगा। एरिया प्रबंधन ने बोर्ड के अधिकारियों से चर्चा कराने का आश्वासन दिया है। मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने से 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव आंदोलन की तैयारी चल रही थी। हालांकि, SECL प्रबंधन के साथ करीब चार घंटे चली त्रिपक्षीय वार्ता में सकारात्मक चर्चा के बाद भू-विस्थापितों ने फिलहाल आंदोलन टाल दिया है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने निर्णय के लिए समय मांगा है। विधायक की मौजूदगी में हुई त्रिपक्षीय वार्ता खदान प्रभावितों और SECL प्रबंधन के बीच पाली SDM रोहित सिंह की मौजूदगी में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने की। 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव की सूचना मिलने के बाद एरिया प्रबंधन ने वार्ता बुलाई थी। SECL दीपका सभागार में हुई बैठक में भू-विस्थापितों ने अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। इससे पहले 21 सितंबर को CMD मुख्यालय में भी मांगों पर चर्चा हुई थी, लेकिन प्रभावितों के मुताबिक उस समय कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसके बाद आंदोलन की चेतावनी दिए जाने पर प्रबंधन दो बार समय मांग चुका था। बैठक में ग्राम पंचायत हरदीबाजार के सरपंच लोकेश्वर कंवर ने भू-विस्थापितों के हित से जुड़े छह बिंदु रखे। सभी मुद्दों पर क्रमवार चर्चा की गई। उपसरपंच रेखा जायसवाल ने बहू के नाम पर नापी किए गए मकानों के लिए भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा देने की मांग उठाई। प्रबंधन ने इस विषय पर चर्चा के बाद सकारात्मक निर्णय लेने का भरोसा दिलाया। 1800 मकानों को छह महीने में हटाने पर सहमति बैठक में हरदीबाजार के विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जानकारी के मुताबिक, प्रभावितों ने बसाहट नहीं लेने पर सहमति जताई है। छह महीने के भीतर नापी किए गए करीब 1800 मकानों को तोड़कर दूसरी जगह बसने वाले प्रभावितों को बसाहट के एवज में 15 लाख रुपये अतिरिक्त देने की बात सामने आई है। वहीं, SECL में नियमित रोजगार के लिए 52 डिसमिल जमीन का कटऑफ तय किया गया है। यानी इससे कम जमीन के मालिकाना हक वाले प्रभावितों को कंपनी में नियमित रोजगार नहीं मिलेगा। इसके अलावा, हरदीबाजार की 212 एकड़ जमीन का अधिग्रहण SECL नहीं कर रही है। कंपनी ने इसकी वजह संबंधित जमीन पर कोयला उपलब्ध नहीं होना बताई है। 2004 और 2010 में दो चरणों में हुआ था अधिग्रहण दीपका खदान के विस्तार के लिए हरदीबाजार गांव की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2004 और 2010 में दो चरणों में किया गया था। आरोप है कि अधिग्रहण के बाद भी तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री के जरिए जमीन की खरीदी-बिक्री होती रही और इसके बाद वहां मकान भी बनाए गए। SECL ने 26 अगस्त 2024 को अंतिम ड्रोन सर्वे कराया था। कंपनी के प्रावधानों के मुताबिक, इस सर्वे से पहले बने मकानों के लिए सोलेशियम सहित मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि ड्रोन सर्वे के बाद बने मकानों के लिए 40 प्रतिशत सिंगल मुआवजे का प्रावधान बताया गया है। इसी अंतर के कारण अधिग्रहण के बाद जमीन खरीदने वाले रजिस्ट्री धारक 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रभावितों का कहना है कि 26 अगस्त 2024 के अंतिम ड्रोन सर्वे को मकानों के मुआवजे के लिए कटऑफ माना जाना चाहिए। अब SECL बोर्ड के फैसले पर टिकी नजर बैठक में SECL के जीएम शरद तिवारी, गेवरा जीएम अशोक कुमार और CMD मुख्यालय के लैंड एक्विजिशन एंड रिहैबिलिटेशन (L&R) विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा ग्राम पंचायत रेंकी के सरपंच तीजराम उर्रे, उपसरपंच शिव यादव, पूर्व जनपद सदस्य अनिल टंडन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मुकेश जायसवाल और अन्य लोग शामिल हुए। फिलहाल 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे पर अंतिम फैसला SECL बोर्ड को लेना है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने समय मांगा है। ऐसे में भू-विस्थापितों को अब कंपनी के अगले निर्णय का इंतजार है।
Read more

WhatsApp का नया फीचर: बिना अकाउंट और ऐप के भी कर सकेंगे कॉल, जानें कैसे करेगा काम

WhatsApp ने यूजर्स के लिए ‘गेस्ट कॉलिंग’ फीचर पेश किया है। इसकी मदद से अब ऐसे लोगों को भी WhatsApp कॉल में शामिल किया जा सकेगा, जिनके पास न तो WhatsApp अकाउंट है और न ही उनके मोबाइल या कंप्यूटर में ऐप इंस्टॉल है। इसके लिए सिर्फ कॉल का लिंक शेयर करना होगा। गेस्ट यूजर वेब ब्राउजर के जरिए कॉल से जुड़ सकेंगे। इस फीचर से पर्सनल बातचीत के साथ ऑनलाइन मीटिंग करना भी आसान हो सकता है। आइए, सवाल-जवाब के जरिए जानते हैं WhatsApp के गेस्ट कॉलिंग फीचर से जुड़ी जरूरी बातें। सवाल 1. WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर क्या है? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर की मदद से आप ऐसे व्यक्ति को भी WhatsApp कॉल में शामिल कर सकते हैं, जो इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करता। इसके लिए सामने वाले व्यक्ति को न तो ऐप डाउनलोड करना होगा और न ही अकाउंट बनाना पड़ेगा। कॉल शुरू करने वाला यूजर लिंक शेयर करेगा और गेस्ट उस लिंक के जरिए कॉल में शामिल हो सकेगा। सवाल 2. बिना ऐप इंस्टॉल किए कॉल से कैसे जुड़ेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर Google Chrome या Safari जैसे वेब ब्राउजर में कॉल लिंक खोलकर जुड़ सकता है। इसके लिए डिवाइस में WhatsApp ऐप इंस्टॉल होना जरूरी नहीं होगा। हालांकि, कॉल से जुड़ने के लिए जरूरी ब्राउजर और डिवाइस सपोर्ट उपलब्ध होना चाहिए। सवाल 3. गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कौन-कौन से फीचर्स मिलेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कुछ प्रमुख सुविधाएं मिलेंगी। इनमें शामिल हैं: इन सुविधाओं से ऑनलाइन चर्चा और मीटिंग में हिस्सा लेना आसान हो सकता है। सवाल 4. क्या गेस्ट कॉलिंग फीचर सुरक्षित है? जवाब: WhatsApp के मुताबिक, गेस्ट कॉलिंग के जरिए होने वाली कॉल भी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहेंगी। इसका उद्देश्य कॉल में शामिल लोगों के बीच बातचीत को निजी बनाए रखना है, ताकि कोई अनधिकृत तीसरा पक्ष उसे सुन या एक्सेस न कर सके। सवाल 5. क्या कोई भी व्यक्ति लिंक से सीधे कॉल में शामिल हो सकता है? जवाब: नहीं, गेस्ट यूजर को कॉल में शामिल करने के लिए होस्ट की मंजूरी जरूरी होगी। जब कोई व्यक्ति लिंक खोलकर कॉल से जुड़ने की कोशिश करेगा, तो उसे पहले वेटिंग रूम में रखा जाएगा। कॉल शुरू करने वाला होस्ट मंजूरी देने के बाद ही उसे कॉल में शामिल कर सकेगा। सवाल 6. गेस्ट यूजर्स पर क्या पाबंदियां होंगी? जवाब: कॉल की सुरक्षा और निजता बनाए रखने के लिए गेस्ट यूजर्स पर कुछ सीमाएं रहेंगी। वे: इसके अलावा, होस्ट किसी भी समय गेस्ट यूजर को कॉल से बाहर कर सकता है। सवाल 7. इस फीचर से यूजर्स को क्या फायदा होगा? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर से उन लोगों के साथ बातचीत करना आसान होगा, जो WhatsApp इस्तेमाल नहीं करते या अपने डिवाइस में नया ऐप इंस्टॉल नहीं करना चाहते। इसके प्रमुख फायदे हैं: सवाल 8. Google Calendar और Outlook के साथ क्या नया अपडेट आएगा? जवाब: दी गई जानकारी के मुताबिक, Meta ने Google Calendar और Outlook के साथ WhatsApp कॉल इंटीग्रेशन की योजना बताई है। इसके जरिए यूजर्स कैलेंडर इनवाइट के साथ WhatsApp कॉल का लिंक भी साझा कर सकेंगे। इस सुविधा के लिए WhatsApp प्लगइन इंस्टॉल करने और अकाउंट कनेक्ट करने की जरूरत हो सकती है। इसकी उपलब्धता और लॉन्च की तारीख से जुड़ी जानकारी आधिकारिक अपडेट के आधार पर देखनी चाहिए। क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन? एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक सुरक्षा तकनीक है, जिसमें बातचीत को इस तरह सुरक्षित किया जाता है कि उसे केवल अधिकृत प्रतिभागी ही समझ सकें। WhatsApp कॉल में इसका उद्देश्य कॉल करने वाले और कॉल रिसीव करने वाले लोगों की बातचीत को निजी रखना है। इससे सेवा देने वाली कंपनी समेत अन्य पक्षों के लिए बातचीत की सामग्री तक पहुंचना मुश्किल होता है। निष्कर्ष: WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, जिन्हें बिना अकाउंट बनाए किसी कॉल या ऑनलाइन मीटिंग में शामिल होना है। हालांकि, फीचर की उपलब्धता और इससे जुड़ी शर्तों की पुष्टि WhatsApp के आधिकारिक अपडेट से करना बेहतर होगा।
Read more

भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर 10 दिन में फैसला ले सकते हैं ट्रम्प, अमेरिकी दूत का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर अगले करीब 10 दिनों में फैसला ले सकते हैं। अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत को प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं, इसका फैसला भी ट्रम्प ही करेंगे। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने से जुड़े अमेरिकी कानून के बाद भारत पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि, अब तक भारत पर ऐसे प्रतिबंध लगाए जाने की घोषणा नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी संसद ने 16 सितंबर को रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने से जुड़ा विधेयक पारित किया था। ट्रम्प ने 18 सितंबर को इसे मंजूरी दे दी, लेकिन किसी देश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला नहीं किया। कानून के तहत 30 दिनों के भीतर इस संबंध में निर्णय लिया जाना जरूरी बताया गया है। कानून में प्रतिबंध लगाने के तीन आधार सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी संसद ने प्रतिबंधों के लिए तीन श्रेणियां तय की हैं। इनमें तेल खरीदना, गैस खरीदना और प्रतिबंधों से बचने में रूस की मदद करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का निशाना किसी एक देश को बनाना नहीं है। गोर के मुताबिक, संबंधित श्रेणियों में आने वाले देशों और पक्षों की पहचान आंकड़ों के आधार पर की जाती है। भारत भी कई अन्य देशों के साथ इनमें से एक श्रेणी में आता है। भारत को किसी तरह की छूट मिलेगी या नहीं, यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में होगा। अमेरिका में डीजल महंगा, रूस से खरीद की तैयारी रिपोर्ट के अनुसार, ईरान युद्ध के बाद अमेरिका में डीजल की कीमत बढ़कर 6.28 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। युद्ध से पहले इसकी कीमत करीब 3.70 डॉलर प्रति गैलन थी। ईंधन की बढ़ती कीमतें अमेरिकी प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। इसी बीच, ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक को 7 अप्रैल 2027 तक हटाने का फैसला लिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस पहले 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। आगे चलकर आपूर्ति की मात्रा 30 लाख टन तक पहुंचने की बात कही गई है। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईंधन की कीमतें एक अहम मुद्दा बनी हुई हैं। ऐसे में रूस से डीजल खरीदने के फैसले को कीमतों पर दबाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत में प्रगति सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब कुछ छोटे मुद्दों पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों के बीच इस समझौते को लेकर करीब डेढ़ साल से बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ रक्षा, आईटी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। गोर ने भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास के लिए एक बड़ा केंद्र बनने की क्षमता वाला देश बताया। उनके मुताबिक, भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों के बीच साझेदारी से दोनों देशों को लाभ मिल सकता है। भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला? अमेरिका की ओर से 100% टैरिफ लगाए जाने की स्थिति में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर पड़ सकता है। इससे दोनों देशों के बीच चल रही ट्रेड डील की बातचीत भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। फिलहाल भारत को छूट मिलेगी या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय का इंतजार है। आने वाले दिनों में ट्रम्प का फैसला दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों और रूस से भारत की ऊर्जा खरीद को लेकर अहम साबित हो सकता है।
Read more

चेतन शर्मा बोले- गेंदबाजों को भी मिले मददगार पिचें, बोले- इतना मत मारिए कि मैदान पर लौटना ही न चाहें

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और BCCI के पूर्व मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के अनुकूल पिचों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से ऐसी पिचें तैयार करने की अपील की, जिन पर गेंदबाजों को भी मदद मिल सके। उनका कहना है कि बल्लेबाजों के पक्ष में ज्यादा झुकी पिचों से बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बिगड़ रहा है। नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान चेतन शर्मा ने कहा, “मैं मानता हूं कि गेंदबाज रन देने के लिए मैदान पर आते हैं, लेकिन उन्हें इतना मत मारिए कि वे दोबारा मैदान पर आना ही न चाहें।” उन्होंने जोर दिया कि इंटरनेशनल क्रिकेट में भी ऐसी पिचें होनी चाहिए, जहां गेंदबाज आक्रामक बल्लेबाजों का मुकाबला कर सकें। चेतन के मुताबिक, घरेलू क्रिकेट में गेंदबाजों को मदद देने वाली पिचें तैयार करने की तरह इंटरनेशनल मैचों में भी इस दिशा में ध्यान दिया जाना चाहिए। भारत-वेस्टइंडीज टी-20 सीरीज में चौकों-छक्कों की बरसात भारत और वेस्टइंडीज के बीच जारी टी-20 सीरीज में अब तक खेले गए चार मुकाबलों में बड़े स्कोर देखने को मिले हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, सीरीज में अब तक 98 छक्के और 104 चौके लग चुके हैं। दोनों टीमों की आठ पारियों में छह बार 200 रन से ज्यादा का स्कोर बना है। सीरीज के दूसरे टी-20 मुकाबले में भारत ने 249 रन बनाए थे। इसके जवाब में वेस्टइंडीज ने नौ गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया था। तीसरे टी-20 में भारतीय टीम ने 223 रन बनाए और वेस्टइंडीज को 209 रन पर रोक दिया। वहीं, चौथे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 247 रन बनाए, जबकि भारतीय टीम जवाब में 223 रन ही बना सकी। पहले मुकाबले में भी भारत ने 172 रन का लक्ष्य 14.4 ओवर में हासिल कर लिया था। लगातार बड़े स्कोर और आक्रामक बल्लेबाजी के बीच चेतन शर्मा की पिचों को लेकर यह टिप्पणी सामने आई है। रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी मानते हैं चेतन शर्मा चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता को स्वीकार किया, लेकिन युवा खिलाड़ियों के विकास के लिए रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा, “मैं पुराने विचारों वाला व्यक्ति हूं। मेरा मानना है कि रेड-बॉल क्रिकेट सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।” चेतन के अनुसार, युवा खिलाड़ियों को रेड-बॉल क्रिकेट में खेलने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात ऐसे कई कोचों से हुई है, जो इस फॉर्मेट पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह दी कि उन्हें जो भी अवसर मिलें, उनका पूरा उपयोग करना चाहिए। पिचों पर संतुलन और खिलाड़ियों के विकास पर जोर चेतन शर्मा की टिप्पणी टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के बढ़ते दबदबे और गेंदबाजों की भूमिका को लेकर बहस के बीच आई है। उनका मानना है कि ऐसी पिचें तैयार करना जरूरी है, जहां बल्लेबाजों को रन बनाने के अवसर मिलें, लेकिन गेंदबाजों के पास भी विकेट लेने और मुकाबले में बने रहने के मौके हों। इसके साथ ही उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट को युवा खिलाड़ियों के तकनीकी विकास के लिए अहम बताया।
Read more
Abhijeet Dipke

Abhijeet Dipke Detained: दिल्ली में CJP मार्च से पहले अभिजीत दिपके हिरासत में

दिल्ली में CJP के प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके (Abhijeet Dipke) को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर पहले से ही तनाव का माहौल था। पुलिस की कार्रवाई के बाद CJP के प्रदर्शन और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। CJP ने इस मार्च के जरिए राष्ट्रीय ध्वज के साथ अपनी बात रखने और अपने नेताओं की हिरासत का विरोध करने की योजना बनाई थी। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था, यातायात और सार्वजनिक सुरक्षा का हवाला देते हुए कार्यक्रम को लेकर प्रतिबंध लागू किए थे। Latest Update: मार्च से पहले अभिजीत दिपके हिरासत में 16 अक्टूबर को प्रस्तावित मार्च से पहले दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दिपके के आवास पर पहुंचकर उन्हें कार्यक्रम में शामिल नहीं होने के संबंध में नोटिस दिया। इसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। पुलिस की कार्रवाई ऐसे समय हुई, जब CJP ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च आयोजित करने की घोषणा की थी। पार्टी की योजना राष्ट्रीय ध्वज के साथ जुटकर अपनी मांगों को सामने रखने की थी। इस घटनाक्रम के बाद सवाल उठने लगे हैं कि प्रस्तावित मार्च को लेकर आगे क्या कार्रवाई होगी और CJP अपने प्रदर्शन की रणनीति में कोई बदलाव करेगी या नहीं। हिरासत के बाद की कानूनी स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट होगी। CJP के ‘Lehra Do Tiranga’ मार्च पर विवाद क्यों? CJP ने 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा मार्च आयोजित करने का ऐलान किया था। पार्टी ने समर्थकों से राष्ट्रीय ध्वज के साथ कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की थी। इस मार्च का उद्देश्य अपने नेताओं की हिरासत के खिलाफ आवाज उठाना और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को आगे बढ़ाना बताया गया था। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इलाके में लागू प्रतिबंधों और संभावित भीड़ को देखते हुए कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी। प्रशासन की चिंता थी कि बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने से यातायात और आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। Delhi High Court में भी उठा था मार्च का मुद्दा CJP के प्रस्तावित मार्च को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में भी मामला पहुंचा था। अदालत के सामने कार्यक्रम से जुड़े प्रतिबंधों और सार्वजनिक व्यवस्था को लेकर सवाल रखे गए थे। अदालती कार्यवाही में पुलिस की जिम्मेदारी, सार्वजनिक स्थान पर कार्यक्रम आयोजित करने और स्थानीय लोगों की सुविधाओं जैसे मुद्दे सामने आए। अदालत की ओर से मार्च पर रोक लगाने का आदेश नहीं दिए जाने और कार्यक्रम की स्पष्ट अनुमति मिलने के बीच अंतर समझना जरूरी है। ऐसे मामलों में किसी प्रदर्शन की वैधता और उसके आयोजन की शर्तें संबंधित आदेशों तथा प्रशासनिक प्रतिबंधों पर निर्भर करती हैं। Saurav Das और Ashutosh Ranka की हिरासत का मामला CJP के प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में पार्टी के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत का मामला भी शामिल है। पार्टी ने अपने नेताओं के खिलाफ हुई कार्रवाई का विरोध किया था और उनके समर्थन में तिरंगा मार्च निकालने की घोषणा की थी। CJP का कहना है कि वह अपने मुद्दों को सार्वजनिक रूप से उठाना चाहती है। वहीं, पुलिस की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और लागू प्रतिबंधों का पालन कराने की बात कही गई है। इसी घटनाक्रम के बीच अभिजीत दिपके को हिरासत में लिए जाने से पार्टी के प्रदर्शन को लेकर विवाद और बढ़ गया है। Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग क्यों कर रही है CJP? CJP के विरोध प्रदर्शन का एक प्रमुख मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है। पार्टी और कुछ अन्य प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मतदाता सूची में नाम हटाए जाने की प्रक्रिया से पात्र मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। इस मुद्दे पर निष्कर्ष निकालने के लिए आधिकारिक आंकड़ों, निर्वाचन आयोग की जानकारी और संबंधित मामलों के तथ्यों को देखना जरूरी है। CJP की मांग और प्रशासन की कार्रवाई के बीच यह विवाद अब दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के अधिकार और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी से भी जुड़ गया है। कनॉट प्लेस में सुरक्षा व्यवस्था सख्त प्रस्तावित मार्च को देखते हुए कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात सुचारु रखने के लिए कदम उठाए। सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर को बंद रखे जाने की जानकारी भी सामने आई थी। इस फैसले से आम लोगों की आवाजाही और कार्यक्रम के आयोजन को लेकर सवाल उठे। प्रशासन के सामने सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने की चुनौती है, जबकि CJP अपने मुद्दों को लोगों तक पहुंचाना चाहती है। ऐसे में आगे की कार्रवाई इस मामले में महत्वपूर्ण होगी। Abhijeet Dipke की हिरासत के बाद अब क्या होगा? अभिजीत दिपके की हिरासत के बाद अब CJP के अगले कदम पर नजर रहेगी। पार्टी अपने नेताओं की हिरासत और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर आगे भी आवाज उठा सकती है। फिलहाल, हिरासत के बाद की कानूनी स्थिति और प्रस्तावित मार्च को लेकर आगे का फैसला महत्वपूर्ण है। इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल सामने रखा है कि सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शन की अनुमति और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताने के अधिकार के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more

भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 सीरीज का पहला मैच आज, स्मृति मंधाना की कप्तानी में उतरेगी टीम इंडिया

रायपुर: भारतीय महिला क्रिकेट टीम आज जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी-20 इंटरनेशनल सीरीज का पहला मुकाबला खेलेगी। मैच रायपुर में शाम 7 बजे से शुरू होगा। महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत और जिम्बाब्वे की टीमें पहली बार आमने-सामने होंगी। रायपुर में भी पहली बार महिला इंटरनेशनल क्रिकेट मैच खेला जाएगा। स्मृति मंधाना के नियमित कप्तान बनने के बाद भारतीय टीम पहली बार मैदान पर उतरेगी। टीम इंडिया की कोशिश अपनी जीत की लय बरकरार रखने और सीरीज में बढ़त बनाने की होगी। जिम्बाब्वे की टीम इस साल एक भी टी-20 नहीं जीती जिम्बाब्वे की महिला टीम के लिए इस साल टी-20 इंटरनेशनल में प्रदर्शन चुनौतीपूर्ण रहा है। टीम ने 2026 में अब तक 18 मुकाबले खेले हैं और सभी में उसे हार का सामना करना पड़ा है। जिम्बाब्वे की पिछली टी-20 इंटरनेशनल जीत सितंबर 2025 में नामीबिया के खिलाफ आई थी। दूसरी ओर, भारतीय महिला टीम लगातार आठ टी-20 इंटरनेशनल मुकाबले जीत चुकी है। टीम ने हाल ही में एशिया कप का खिताब जीता था और एशियन गेम्स में भी गोल्ड मेडल हासिल किया था। ऐसे में भारतीय टीम का पलड़ा मजबूत माना जा रहा है। उपकप्तान शेफाली वर्मा पर रहेंगी नजरें भारतीय टीम की उपकप्तान शेफाली वर्मा अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से मैच का रुख बदल सकती हैं। उन्होंने इस साल 24 टी-20 मैचों में 162.83 के स्ट्राइक रेट से 863 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर नाबाद 100 रन रहा। शेफाली से उम्मीद होगी कि वह टीम को तेज शुरुआत दिलाएं और बड़े स्कोर की नींव रखें। गेंदबाजी में श्री चरणी से उम्मीदें गेंदबाजी में श्री चरणी भारतीय टीम के लिए अहम भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने इस साल 23 मैचों में 47 विकेट लिए हैं और उनकी इकोनॉमी 5.67 रही है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, वह इस साल टी-20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज हैं। भारतीय टीम को उम्मीद होगी कि श्री चरणी अपनी गेंदबाजी से जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी पर दबाव बनाएं। पहले मैच में भारत की नजर जीत पर भारत और जिम्बाब्वे के बीच यह पहली महिला टी-20 इंटरनेशनल भिड़ंत होगी। घरेलू मैदान पर खेलने और लगातार जीत के रिकॉर्ड के कारण भारतीय टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। वहीं, जिम्बाब्वे की टीम लगातार हार के सिलसिले को तोड़ने की कोशिश करेगी। तीन मैचों की इस सीरीज का पहला मुकाबला दोनों टीमों के लिए अहम रहेगा। भारत जहां जीत के साथ शुरुआत करना चाहेगा, वहीं जिम्बाब्वे उलटफेर करने के इरादे से मैदान पर उतरेगा।
Read more

विप्रो का रेवेन्यू 9.1% बढ़ा, लेकिन मुनाफा 1.4% घटा; 2026 में अब तक 35% टूट चुका है शेयर

देश की प्रमुख आईटी कंपनियों में शामिल विप्रो ने 15 अक्टूबर को जुलाई-सितंबर तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी किए। कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 9.1% बढ़कर ₹24,752.7 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹22,697.3 करोड़ था। हालांकि, रेवेन्यू में बढ़ोतरी के बावजूद कंपनी के मुनाफे में गिरावट दर्ज की गई। जुलाई-सितंबर तिमाही में विप्रो को ₹3,200.6 करोड़ का मुनाफा हुआ, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह ₹3,246.2 करोड़ था। यानी कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर करीब 1.4% घटा। इन आंकड़ों से पता चलता है कि कंपनी की कुल कमाई बढ़ी है, लेकिन खर्चों और अन्य वित्तीय कारकों के कारण अंतिम मुनाफे में मामूली कमी आई है। विप्रो के तिमाही नतीजों पर एक नजर वित्तीय आंकड़ा जुलाई-सितंबर 2025 जुलाई-सितंबर 2026 रेवेन्यू ₹22,697.3 करोड़ ₹24,752.7 करोड़ मुनाफा ₹3,246.2 करोड़ ₹3,200.6 करोड़ रेवेन्यू में सालाना बदलाव — 9.1% की बढ़ोतरी मुनाफे में सालाना बदलाव — 1.4% की गिरावट शेयर बाजार में 1.83% की तेजी तिमाही नतीजों की घोषणा से पहले गुरुवार को विप्रो के शेयर में तेजी देखने को मिली। कंपनी का शेयर 1.83% बढ़कर ₹174.05 पर बंद हुआ। हालांकि, साल 2026 में अब तक विप्रो के शेयर में करीब 34.9% की गिरावट आ चुकी है। इसी अवधि में निफ्टी 50 में लगभग 12% की गिरावट दर्ज की गई। इस तरह विप्रो के शेयर का प्रदर्शन प्रमुख बाजार सूचकांक के मुकाबले कमजोर रहा है। कंपनी का बाजार पूंजीकरण यानी मार्केट कैप करीब ₹1.72 लाख करोड़ बताया गया है। वित्तीय नतीजों से जुड़े शब्दों का आसान मतलब Q2 FY27: वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही, यानी जुलाई से सितंबर 2026। Q1 FY27: वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही, यानी अप्रैल से जून 2026। Q2 FY26: वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही, यानी जुलाई से सितंबर 2025। रेवेन्यू: कंपनी को अपनी सेवाओं और कारोबार से मिलने वाली कुल आय। प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT): खर्च, ब्याज और टैक्स सहित संबंधित मदों को घटाने के बाद बचने वाला मुनाफा। EBITDA: ब्याज, टैक्स और मूल्यह्रास-अमूर्तकरण जैसे खर्चों से पहले की कमाई का एक वित्तीय माप। EPS: प्रति शेयर कमाई। इससे पता चलता है कि कंपनी ने प्रत्येक शेयर के हिसाब से कितनी कमाई की। आगे निवेशकों की नजर किन बातों पर रहेगी? विप्रो के नतीजों में रेवेन्यू की बढ़ोतरी और मुनाफे में गिरावट दोनों महत्वपूर्ण संकेत हैं। निवेशक आगे कंपनी की लागत, नए प्रोजेक्ट्स, आईटी सेवाओं की मांग और भविष्य के कारोबार संबंधी अनुमानों पर नजर रख सकते हैं। हालांकि, केवल एक तिमाही के नतीजों या शेयर की हालिया गिरावट के आधार पर निवेश का फैसला करना उचित नहीं है। निवेश से पहले कंपनी के आधिकारिक वित्तीय नतीजों और अन्य प्रासंगिक जानकारियों की समीक्षा करना जरूरी है।
Read more
1 2 3 4 5 … 111

Trending News

Editor's Picks

किरेन रिजिजू का आरोप- भारत में भी हिंसा भड़काने की रची गई थी साजिश, बोले- सत्ता परिवर्तन सिर्फ चुनाव से होगा

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आरोप लगाया है कि फ्रांस और बांग्लादेश में हुई हिंसक घटनाओं जैसी साजिश भारत में भी रची गई थी। उन्होंने दावा किया कि कुछ नेताओं ने युवाओं को भड़काकर सड़कों पर हिंसा फैलाने की कोशिश की। रिजिजू ने कहा कि ऐसी साजिश रचने वाले यह भूल गए कि भारत न तो बांग्लादेश है और न ही फ्रांस। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव के जरिए ही हो सकता है, किसी बाहरी ताकत के माध्यम से नहीं। राहुल गांधी और नेहा बोरा का वीडियो किया शेयर किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करने के साथ एक वीडियो भी साझा किया। इस वीडियो में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और नेहा बोरा को दिखाया गया है। दरअसल, 14 अक्टूबर को नेहा बोरा का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वह बांग्लादेश में हुए हिंसक प्रदर्शनों के समर्थन में बोलती दिखाई दी थीं। रिजिजू ने इसी संदर्भ में वीडियो साझा करते हुए भारत में हिंसा भड़काने की कथित कोशिशों का आरोप लगाया। बोले- सत्ता परिवर्तन चुनाव से, सोरोस के जरिए नहीं रिजिजू ने अपने बयान में कहा कि भारत में सरकार बदलने का अधिकार जनता के पास है और यह प्रक्रिया चुनावों के माध्यम से पूरी होती है। उन्होंने कहा, “भारत में सत्ता परिवर्तन बिल्कुल हो सकता है, लेकिन केवल चुनावों के जरिए, सोरोस के जरिए नहीं।” केंद्रीय मंत्री के बयान में विदेशी प्रभाव और देश में कथित तौर पर युवाओं को भड़काने की कोशिशों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, भारत में ऐसी किसी साजिश के आरोपों के समर्थन में इस बयान के साथ कोई स्वतंत्र प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है।

ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास भीषण हादसा, ट्रक ने श्रद्धालुओं को कुचला; 15 की मौत, 26 घायल

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शनिवार देर रात शीतला माता मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं पर तेज रफ्तार ट्रक चढ़ गया। हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि दो पुलिसकर्मियों समेत 26 लोग घायल हुए हैं। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायलों को इलाज के लिए जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ढलान पर बेकाबू हुआ धान से भरा ट्रक हादसा देर रात करीब 1:30 बजे चीनौर रोड पर ढलान के पास हुआ। श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने के लिए सड़क किनारे कतार में खड़े थे। इसी दौरान चीनौर की ओर से आ रहा धान से भरा ट्रक ढलान पर बेकाबू हो गया। बताया गया कि ट्रक करीब 90 डिग्री के तीखे ढलान से नीचे उतर रहा था। इस दौरान वह पुलिस चेकपोस्ट को तोड़ते हुए श्रद्धालुओं को कुचलता चला गया। इसके बाद ट्रक मंदिर की बाहरी दीवार और गेट से टकरा गया, जिससे दीवार ढह गई। हादसे में कई लोग मलबे में दब गए। ड्राइवर ने बताया- ब्रेक फेल हो गए थे प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, ट्रक चालक गूगल मैप की मदद से रास्ते पर आगे बढ़ रहा था। हादसे के बाद चालक ने पुलिस को बताया कि ट्रक के ब्रेक फेल हो गए थे। हालांकि, दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। परिजनों ने पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप हादसे के बाद मृतकों के परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। घटना में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। पुलिस ने मामले में ट्रक चालक और ट्रक मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। हादसे के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई की गई है। सिटी एसपी हटाए गए, 8 अफसर-पुलिसकर्मी सस्पेंड हादसे के बाद सरकार ने ग्वालियर के सिटी एसपी को हटा दिया है। इसके अलावा आठ अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। निलंबित किए गए लोगों में चार थाना प्रभारी (टीआई) भी शामिल हैं। फिलहाल हादसे की जांच जारी है। दुर्घटना में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के परिवारों में शोक का माहौल है, जबकि घायल अस्पताल में उपचार करा रहे हैं।
Breast Cancer Alert: 30 और 35 साल की महिलाओं ने गांठ को समझा सामान्य, इलाज के बाद मां बनने की उम्मीद

Breast Cancer Alert: 30 और 35 साल की महिलाओं ने गांठ को समझा सामान्य, इलाज के बाद मां बनने की उम्मीद

कम उम्र में ब्रेस्ट कैंसर का पता चलना कई महिलाओं के लिए बड़ा झटका हो सकता है। 30 और 35 साल की महिलाओं से जुड़ी इन घटनाओं में गांठ को सामान्य समझने की बात सामने आई है। हालांकि, इन दोनों महिलाओं की व्यक्तिगत मेडिकल जानकारी उपलब्ध नहीं है, इसलिए उनके इलाज और आगे की स्थिति के बारे में पक्के दावे करना सही नहीं होगा। डॉक्टरों के मुताबिक, स्तन में होने वाली हर गांठ कैंसर नहीं होती, लेकिन किसी भी नई गांठ या असामान्य बदलाव की जांच कराना जरूरी है। खासकर तब, जब गांठ बनी रहे या स्तन की त्वचा, आकार अथवा निप्पल में बदलाव दिखाई दे। Alcohol और Smoking से कैसे बढ़ सकता है खतरा? शराब का सेवन ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकता है। शोध में यह भी संकेत मिले हैं कि धूम्रपान कई प्रकार के कैंसर का कारण बनता है और ब्रेस्ट कैंसर के साथ इसके संबंध पर भी अध्ययन जारी हैं। हालांकि, किसी व्यक्ति को कैंसर होने के पीछे केवल एक ही कारण हो, यह जरूरी नहीं है। उम्र, पारिवारिक इतिहास, आनुवंशिक बदलाव और दूसरे स्वास्थ्य संबंधी कारक भी भूमिका निभाते हैं। <Cite refs={[“turn391271search0″,”turn391271search1″,”turn687346search1”]}/> क्या ब्रेस्ट कैंसर के इलाज के बाद मां बन सकती हैं महिलाएं? ब्रेस्ट कैंसर का इलाज कराने के बाद भी कुछ महिलाओं के लिए गर्भधारण करना संभव होता है। हालांकि, यह कैंसर के प्रकार, उसकी अवस्था और इलाज में इस्तेमाल की गई दवाओं पर निर्भर करता है। कीमोथेरेपी और कुछ हार्मोनल उपचार प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए जिन महिलाओं को भविष्य में मां बनना है, उन्हें इलाज शुरू करने से पहले अपने कैंसर विशेषज्ञ और फर्टिलिटी विशेषज्ञ से विकल्पों पर चर्चा करनी चाहिए। जरूरत के अनुसार एग फ्रीजिंग या एम्ब्रियो फ्रीजिंग जैसे विकल्पों पर विचार किया जा सकता है। <Cite refs={[“turn391271search2″,”turn687346search2”]}/> ब्रेस्ट कैंसर के लक्षणों को न करें नजरअंदाज स्तन में नई गांठ, बगल में सूजन, त्वचा में बदलाव, निप्पल का अंदर की ओर खिंचना या असामान्य स्राव जैसे लक्षण दिखने पर डॉक्टर से जांच कराएं। इन लक्षणों का मतलब हमेशा कैंसर नहीं होता, लेकिन जांच में देरी नहीं करनी चाहिए।
भोपाल में 12 साल की बच्ची की हत्या से आक्रोश:पिता बोले- बेटी को बचा नहीं सके, आरोपी को हमारे हवाले कर दो

भोपाल में 12 साल की बच्ची की हत्या से आक्रोश:पिता बोले- बेटी को बचा नहीं सके, आरोपी को हमारे हवाले कर दो

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बैरागढ़ इलाके में 12 साल की बच्ची की हत्या के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। बेटी को खोने के गम में परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, स्थानीय लोगों ने पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन कर आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की। बच्ची के पिता का दर्द उनके शब्दों में साफ झलक रहा है। उन्होंने कहा कि वे अपनी बेटी को बचा नहीं सके। अब परिवार आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहता है। खंडहर में मिला बच्ची का शव यह घटना भोपाल के बैरागढ़ इलाके की है। 15 अक्टूबर की रात बच्ची घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिवार ने उसकी तलाश की और पुलिस को सूचना दी। 16 अक्टूबर की सुबह कृष्णा कॉम्प्लेक्स के पीछे एक पुराने खंडहरनुमा भवन में बच्ची का शव मिला। घटना की जानकारी सामने आने के बाद इलाके में शोक और गुस्से का माहौल बन गया। पुलिस ने घटनास्थल की जांच की और मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए। जांच के आधार पर एक 23 वर्षीय संदिग्ध को हिरासत में लिया गया, जिसके बाद आरोपी की गिरफ्तारी की खबर भी सामने आई। थाने के बाहर प्रदर्शन, आरोपी को सौंपने की मांग बच्ची की मौत की खबर फैलने के बाद परिजन और स्थानीय लोग बैरागढ़ थाने के बाहर जुट गए। लोगों ने आरोपी को उनके हवाले करने या उसे कड़ी सजा देने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने थाने में घुसने की कोशिश भी की। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात किया। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। परिवार और स्थानीय लोगों की मांग है कि मामले की गंभीरता से जांच हो और दोषी को कानून के तहत सख्त सजा मिले। पुलिस जांच में जुटी, कार्रवाई पर सबकी नजर पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। बच्ची की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर होना जरूरी है। इस घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार के लिए यह अपूरणीय क्षति है। अब उनकी उम्मीद है कि जांच जल्द पूरी हो और उन्हें न्याय मिले। नोट: आरोपी के खिलाफ आरोपों और जांच के निष्कर्षों को अदालत के अंतिम फैसले से पहले सिद्ध तथ्य के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।
Imran Khan News: भारत छोड़ने के नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे एक्टर, OCI Card रद्द करने पर मांगा गया जवाब

Imran Khan News: भारत छोड़ने के नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे एक्टर, OCI Card रद्द करने पर मांगा गया जवाब

नई दिल्ली: अभिनेता Imran Khan ने भारत छोड़ने के नोटिस को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने इस नोटिस को गैरकानूनी बताया है। यह मामला उनके Overseas Citizen of India (OCI) कार्ड को रद्द करने की प्रक्रिया से भी जुड़ा है। अधिकारियों की ओर से इस संबंध में अभिनेता से जवाब मांगा गया है। क्या है पूरा मामला? इमरान खान को भारत छोड़ने से संबंधित नोटिस जारी किया गया है। अभिनेता ने इस नोटिस पर आपत्ति जताते हुए इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उनका कहना है कि यह नोटिस गैरकानूनी है। इस मामले में उनके OCI कार्ड को रद्द करने को लेकर भी सवाल उठे हैं। संबंधित अधिकारियों ने इस संबंध में उनसे जवाब मांगा है। अब इस मामले में हाईकोर्ट की सुनवाई और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी। क्या होता है OCI Card? OCI यानी Overseas Citizen of India कार्ड भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों को भारत में रहने और कई सुविधाओं का लाभ लेने के लिए दिया जाता है। हालांकि, यह भारतीय नागरिकता नहीं है। कुछ कानूनी परिस्थितियों में OCI कार्ड रद्द भी किया जा सकता है। आगे क्या होगा? इमरान खान की याचिका पर हाईकोर्ट में होने वाली कार्यवाही से इस मामले की आगे की दिशा स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल, अभिनेता ने नोटिस को चुनौती दी है और OCI कार्ड रद्द करने से जुड़े मामले में जवाब मांगे जाने का मुद्दा भी सामने है। इस मामले में अदालत का रुख और संबंधित अधिकारियों की अगली कार्रवाई अहम होगी।

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.