भोपाल के एमपी नगर स्थित डीबी मॉल के सामने मंगलवार को जिला न्यायालय के आदेश पर विशेष मजिस्ट्रेट वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। अभियान का नेतृत्व चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (सीजीएम) आग्नीध्र कुमार द्विवेदी ने किया। इस दौरान तीन अन्य मजिस्ट्रेट, चार थानों की पुलिस और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने वाहनों की सघन जांच की।
इस विशेष अभियान में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई की गई। पुलिस अधिकारियों, मंत्रियों, प्रशासनिक अधिकारियों, महामंडलेश्वरों, जनप्रतिनिधियों और छिंदवाड़ा के महापौर के वाहन भी जांच के दायरे में आए और नियम तोड़ने पर उनके चालान किए गए।
नियम तोड़ने वालों को नहीं मिली कोई राहत
अभियान के दौरान अधिकारियों ने साफ कर दिया कि वाहन मालिक का पद या प्रभाव कार्रवाई में बाधा नहीं बनेगा। जिस वाहन में नियमों का उल्लंघन पाया गया, उसके खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।
ब्लैक फिल्म, हूटर और सायरन पर विशेष नजर
जांच के दौरान पुलिस ने विशेष रूप से उन वाहनों की जांच की जिनमें—
- ब्लैक फिल्म लगी हुई थी।
- नंबर प्लेट नहीं थी।
- अवैध रूप से हूटर, सायरन या लाल-नीली बत्ती का उपयोग किया जा रहा था।
कार्रवाई के दौरान कई वाहनों से मौके पर ही अवैध हूटर और सायरन हटाकर जब्त किए गए।
101 वाहनों से जब्त किए गए अवैध हूटर और सायरन
एसीपी ट्रैफिक देवेंद्र सिंह यादव ने बताया कि यह अभियान जिला न्यायालय के आदेश के तहत चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के दौरान किसी वाहन मालिक की पहचान या पद नहीं देखा जाता।
उन्होंने जानकारी दी कि अब तक 101 वाहनों से अवैध हूटर और सायरन जब्त किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि चाहे वाहन किसी मंत्री, अधिकारी या जनप्रतिनिधि का हो, कानून सभी के लिए समान है और आगे भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।
लोगों से की गई अपील
यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में अवैध हूटर, सायरन, ब्लैक फिल्म या अन्य प्रतिबंधित उपकरणों का इस्तेमाल न करें। नियमों का पालन करने से न केवल चालान से बचा जा सकता है, बल्कि सड़क सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है।
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